लेखक परिचय

लिमटी खरे

लिमटी खरे

हमने मध्य प्रदेश के सिवनी जैसे छोटे जिले से निकलकर न जाने कितने शहरो की खाक छानने के बाद दिल्ली जैसे समंदर में गोते लगाने आरंभ किए हैं। हमने पत्रकारिता 1983 से आरंभ की, न जाने कितने पड़ाव देखने के उपरांत आज दिल्ली को अपना बसेरा बनाए हुए हैं। देश भर के न जाने कितने अखबारों, पत्रिकाओं, राजनेताओं की नौकरी करने के बाद अब फ्री लांसर पत्रकार के तौर पर जीवन यापन कर रहे हैं। हमारा अब तक का जीवन यायावर की भांति ही बीता है। पत्रकारिता को हमने पेशा बनाया है, किन्तु वर्तमान समय में पत्रकारिता के हालात पर रोना ही आता है। आज पत्रकारिता सेठ साहूकारों की लौंडी बनकर रह गई है। हमें इसे मुक्त कराना ही होगा, वरना आजाद हिन्दुस्तान में प्रजातंत्र का यह चौथा स्तंभ धराशायी होने में वक्त नहीं लगेगा. . . .

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नई दिल्ली। विजन 2020 को साकार करने की दिशा में भारत सरकार काफी हद तक गंभीर दिखाई दे रही है। देश के हर जिले को ई डिस्ट्रिक्ट बनाने के लिए संचार मंत्रालन द्वारा आरंभ की गई ई डिस्ट्रिक्ट योजना को देश के 35 जिलों से बढाकर ज्यादा करने की पहल की जा रही है। इस योजना के लागू होने से आम नागरिकों को अनेक सुविधाएं कम्पयूटर की बस एक क्लिक पर ही मुहैया हो सकेंगी।

संचार मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि मंत्रालय का यह प्रयास है कि 2010 के अंत तक देश के सभी जिलों को ई डिस्ट्रिक्ट योजना से जोड दिया जाए। जिलों के इससे जुडने से 33 सरकारी सेवाओं का लाभ नागरिकों द्वारा तत्काल ही उठाया जा सकेगा। वर्तमान में यह योजना देश के 14 राज्यों में चल रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार यूपी के 6, मध्य प्रदेश और तमिलनाडू के पांच पांच, महाराष्ट्र और बिहार के तीन तीन, असम, पंजाब, केरल, पश्चिम बंगाल के दो दो एवं मिजोरम, उडीसा, उत्तराखण्ड, झारखण्ड एवं हरियाणा के एक एक जिलों को ई डिस्ट्रिक्ट योजना से जोडा गया है।

सूत्रों ने बताया कि ई डिस्ट्रिक्ट योजना के लागू होने के उपरांत जाति, आय, मूलनिवासी प्रमाणपत्र बनवाने के लिए लोगों को यत्र तत्र भटकना नहीं पडेगा। इसमें आवेदन देने के महज 48 से 72 घंटों के अंदर ही उन्हें प्रमाणपत्र मिल जाएंगे। वर्तमान में इन प्रमाणपत्रों को बनवाने के लिए लोगों को लम्बी एवं उलझाउ प्रक्रिया का सामना करना पडता है, जिससे उनके समय और धन दोनों ही की बर्बादी होती है। इसके अलावा अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के माध्यम से बच्चों के लिए कम्पयूटर आधारिक शिक्षा और बिजली के बिल के भुगतान की सुविधा भी इसमें उपलब्ध होगी।

उधर इस योजना को लागू करने में आने वाली कानूनी पेचीदगियों और व्यवहारिक कठिनाईयों के समाधान के लिए मंत्रालय ने एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। यह समिति मैदानी इलाकों में जाकर इसमें आने वाली तकलीफों का अध्ययन करने के बाद इसके समाधान का रास्ता सुझाएगी। इस समिति के प्रतिवेदन के आधार पर ही मंत्रालय अपने कानून में संशोधन के विधेयक का मसौदा तैयार करेगा। अनेक जिलों में कनेक्टिविटी की समस्या इसके मार्ग की सबसे बडी बाधा बनकर उभर रही है।

-लिमटी खरे

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1 Comment on "अब सब कुछ होगा बस एक क्लिक पर"

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sunil patel
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वर्तमान में सहरो के पढ़े लिखे लोगो को भी छोटा सा सरकारी कम करवाने में हफ्तों लग जाते है और गरीब अनपढ़ लोगो के लिए तो यह लंका को पार करने के जैसे असंभव है. इसका एक ही कारन भ्रष्टाचार है.

इ डिस्ट्रिक्ट बन्ने के बाद भ्रष्टाचार की जगह ही नहीं बचेगी और काम आसान होगा. हम आशा करते है ऐसा हो पर लगता तो नहीं ……….. “हर शाख ……… …………. ………… ……… ……… .

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