कविता/ करीब से देखा मैंने…..

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चीख पुकार का वो मौत का मंज़र, उस मनहूस रात को करीब से देखा मैंने … न जाने कितने गुनहगारों को लील गयी वो अपने ही हाथों से मौत को फिसलते हुए, करीब से देखा मैंने… धरती कों प्यासा छोड़ गयी वो भूख से तडपते हुओ को करीब से देखा मैंने … शहर का हर… Read more »

मुर्दों का शहर हो गया भोपाल एक दिन

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-केशव आचार्य तेग मुंसिफ हो जहां दारो रसन हो शाहिद बेगुनाह कौन है इस शहर में कातिल के सिवा…..? एक तरफ आंसूओं से डबडबाई आंखें……पिछले २५ सालों के जख्मों को महसूस कर रही होगीं….तो दूसरी तरफ सत्तासीन कहीं दूर शादी के जश्न मे डूबे तमाम लोग……..ये दो चेहरे हैं एक हैं अपने हक के लिए… Read more »

भोपाल गैस कांड में अर्जुन सिंह आखिर साबित क्या करना चाहते हैं?

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-लिमटी खरे बीसवीं सदी के अंतिम तीन दशकों में कांग्रेस की राजनीति के चाणक्या का अघोषित तमगा मिल चुका है पूर्व केंद्रीय मंत्री कुंवर अर्जुन सिंह को। कुंवर अर्जुन सिंह के जहर बुझे तीरों के चलने के बाद जब घाव रिसने लगते हैं, तब लोगों को पता चल पाता है कि कुंवर साहब ने घाव… Read more »

अर्जुन सिंह ने राज को और गहरा दिया?

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-अशोक बजाज भोपाल गैस त्रासदी के मुख्य आरोपी यूनियन कार्बाईड के प्रमुख वारेन एंडरसन को भारत से सुरक्षित व बाईज्जत भगाने के मामले में तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिह ने लंबे समय बाद राज्यसभा में जब चुप्पी तोड़ी तो लगा कि वे राज से पर्दा हटायेंगे लेकिन उन्होंने पर्दा हटाने के बजाय राज को और गहरा… Read more »

इंडिया क्लब में एंडरसन

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– आशुतोष वॉरेन एंडरसन। गोरी चमड़ी और भूरी आंखों वाला अमेरिकी बूढ़ा। उम्र 89 वर्ष। 2-3 दिसम्बर 1984 की रात को गैस रिसाव ने भोपाल में जिस त्रासदी को जन्म दिया उसकी गुनहगार अमेरिकी यूनियन कार्बाइड कंपनी का तत्कालीन चेयरमैन। राज्य की तत्कालीन अर्जुन सिंह सरकार ने जिसे औपचारिक गिरफ्तारी के बाद अपने सरकारी विमान… Read more »

ये है दिल्ली मेरी जान/मंहगाई से दम तोडा ”गैस कांड” ने

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-लिमटी खरे 26 साल घिसटने के उपरांत भोपाल गैस कांड का जो फैसला आया उसने 2 और 3 दिसंबर 1984 को भोपाल में रिसी गैस से ज्यादा दम घोंटा है पीडितों और मृतकों के परिवारों का। जैसे तैसे इस मामले की आग को हवा मिली और यह पूरी तरह सुलगने लगा। मीडिया, स्वयंसेवी संगठनों ने… Read more »

क्या हो गया नेहरू गांधी की कांग्रेस को!

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-लिमटी खरे ”भारत की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका किसने निभाई? भारत गणराज्य को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सत्तर के दशक तक ईमानदारी तक किसने प्रयास किया? देश को विकास के पथ पर कौन ले जाने प्रयासरत रहा है? भारत पर जान न्योछावर करने वाले सच्चे वीर सपूत किस दल से संबध्द थे?” इन सारे जवाबों… Read more »

दम घोंटती व्यवस्था

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-अतुल तारे यूनियन कार्बाइड से 2 दिसम्बर 1984 की रात में जिस जहरीली गैस का रिसाव हुआ, वह आज भी दम घोट रही है। बल्कि यूं कहें तो ज्यादा सही होगा कि कारखाने से निकली गैस तो कम जहरीली थी, देश की समूची व्यवस्था से जो सडांध आ रही हैं, वह वाकई दम तोडने वाली… Read more »

गैस कांड के वक्त सियार रहे नौकरशाह अब बन रहे शेर

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-लिमटी खरे 1984 में 2 और 3 दिसंबर की दरम्यानी रात भोपाल में तांडव मचाने वाली यूनियन कार्बाईड से रिसी गैस के वक्त मध्य प्रदेश में जिम्मेदार पदों पर रहने वाले नौकरशाह अब एक दूसरे पर लानत मलानत भेजकर क्या साबित करना चाह रहे हैं यह बात समझ से परे है, किन्तु इस पूरे घटनाक्रम… Read more »

बड़ी देर कर दी मेहरबां आते-आते

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संदर्भः भोपाल गैस त्रासदी पर न्याय -राजेश त्रिपाठी भोपाल गैस पीड़ितों को अब राहत की सांस लेनी चाहिए क्योंकि उनकी करुण पुकार सत्ता के शीर्ष तक पहुंच गयी है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आनन- फानन फरमान जारी कर दिया है कि भोपाल गैस त्रासदी के मामले में जो मंत्रियों का समूह गठित किया गया है… Read more »