राष्ट्रमंडल पर टिकी हैं नजरें………

Posted On by & filed under खेल जगत

-अमल कुमार श्रीवास्तव चारों ओर राष्ट्रमंडल खेलों का बोलबाला है जिसे देखों बस खेलों की ही बात कर रहा है। माना जा रहा है कि राष्ट्रमंडल खेलों के बाद भारत विश्व में तीसरी सबसे बडी शक्ति के रूप में उभर कर सामने आयेगा। अभी कुछ दिन पूर्व तक ही यह कयास लगाए जा रहे थे… Read more »

अय्यर उवाच: शैतान ही पैसे की बरबादी का कर सकते समर्थन

Posted On by & filed under खेल जगत

-लिमटी खरे एक तरफ कांग्रेसनीत केंद्र और कांग्रेस की ही दिल्ली सरकार द्वारा भारत की प्रतिष्ठा का प्रश्न बन चुके राष्ट्रमण्डल खेलों के लिए माकूल माहौल तैयार करने में दिन रात एक की जा रही है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के ही वरिष्ठ नेता और पिछले दरवाजे (बरास्ता राज्य सभा) संसद में अपनी आमद देने… Read more »

राष्ट्रमण्डल खेल बनाम भ्रष्टाचार का महाकुंभ

Posted On by & filed under खेल जगत

-लिमटी खरे आजादी के बासठ सालों बाद भी भारत गणराज्य आत्मनिर्भर नहीं बन पाया है। सवा सौ साल पुरानी और भारत पर आधी सदी से ज्यादा शासन करने वाली कांग्रेस के नेताओं ने देश को आत्मनिर्भर बनाने का बेहद प्रयास किया किन्तु उनके प्रयासों में संजीदगी न होने का नतीजा आज सामने ही है कि… Read more »

राष्ट्रमंडल खेल और दिल्ली को सुसभ्य बनाने की कवायद

Posted On by & filed under खेल जगत

-निर्मल रानी देश की राजधानी दिल्ली में राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारी इन दिनों अपने चरम पर र्है। इसी वर्ष 3 अक्तूबर से लेकर 14 अक्तूबर तक होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों में हजारों विदेशी सैलानियों की दिल्ली पहुंचने की संभावना है। भारत में 1982 में हुए एशियाई देशों के खेलों के आयोजन एशियाड 82 के पश्चात… Read more »