प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में रोचक तथ्य

Posted On by & filed under राजनीति, शख्सियत

परिचय:- नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितम्बर 1950 को हुआ था. मोदी पहले ऐसे प्रधानमंत्री है जो आजादी के बाद पैदा हुए हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार उनकी कुंडली काफी हद तक बाल गंगाधर तिलक से मिलती हैं.1958 में दिवाली के दिन गुजरात में कुछ बच्चों ने बाल स्वयंसेवक की शपथ ली थी. उनमें से… Read more »

राजनीतिक स्वार्थ की शिकार हमारी भाषाएँ

Posted On by & filed under विविधा

हिंदी पर स्वार्थ का हथोड़ा…..! दुनिया में एकमात्र स्वाधीन भारत राष्ट्र-राज्य है,  जहाँ पर सत्तर साल बीत जाने पर भी  राजनीति का इतना अधिक पराभव हुआ है कि इसकी अपनी राष्ट्रभाषा तक घोषित  नहीं हो सकी है। इतिहास गवाह रहेगा कि राजनैतिक स्वार्थ ने भारत को जोड़ने वाली, उसकी एकता की वाहक, जन-जन के ह्रदय… Read more »

ट्रंप युग का आगमन

Posted On by & filed under विश्ववार्ता

दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति की सत्ता अब औपचारिक तौर पर डोनाल्ड ट्रंप के हाथों में आ गयी है| अमेरिकी राजनीति के शिखर पर एक ऐसा व्यक्ति काबिज हुआ है जो न तो देश के प्रबुद्ध मीडिया वर्ग को स्वीकार्य है और न ही बड़ी पढ़ी-लिखी और गंभीर आबादी को| डोनाल्ड ट्रंप की अस्पष्ट नीतियाँ,… Read more »

आरक्षण का प्रश्न

Posted On by & filed under राजनीति

 रा.स्व.सं. के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख श्री मनमोहन वैद्य जी द्वारा जयपुर लिटरेरी फेस्टिवल में मुस्लिमों को आरक्षण पर एक सवाल के जवाब में देश में आरक्षण के बारे में कुछ बोला और मीडिया तथा भाजपा विरोधी दलों के बयानों की बाढ़ आ गयी! और दोबारा से बिहार चुनावों के दौरान संघ के सरसंघचालक जी… Read more »

वोट के नाम पर धर्म और जाति के उलझे धागे

Posted On by & filed under राजनीति

सभी राजनीतिक दल भले ही जातिवाद एवं धार्मिक राजनीति के खिलाफ बयानबाजी करते रहें, लेकिन चुनावी तैयारी जाति एवं धर्म के कार्ड को आधार बनाने के अलावा कोई रास्ता उन्हें दिखाई ही नहीं देता है। सच यह भी है कि यदि कोई भी दल परोक्ष रूप से जातिगत निर्णयों से बचना चाहे तो भी वह कुछ जातियों को नजरंदाज करने के आरोप से बच नहीं सकते, जैसे भाजपा में केशव प्रसाद मौर्य को प्रदेश अध्यक्ष बनाने पर यह कहा गया कि वहां पिछड़ी जातियों को आकर्षित करने के लिये यह कदम उठाया गया है और कांग्रेस द्वारा शीला दीक्षित को चुनावी चेहरा बनाने पर पार्टी के ऊपर ब्राह्मणों को रिझाने का आरोप लगा।

पंजाब का सबसे बड़ा मुद्दा शराब और नशीले पदार्थों का खात्मा है !

Posted On by & filed under प्रवक्ता न्यूज़

तथ्य यह है कि हर चुनाव में मुसलमानों का वोट अत्यंत महत्व रखने के कारण चर्चा में रहता है। देश के सभी छोटे और बड़े राजनीतिक दल मुसलमानों के वोट हासिल करने के विभिन्न तरीके से संघर्ष करते हैं। मुसलमानों के वोट जिस पार्टी या उम्मीदवार को मिलने की उम्मीद हो जाए, उसकी सफलता लगभग तय है। इसके… Read more »

रायसीना संवाद में संप्रभुता के सम्मान पर जोर

Posted On by & filed under विविधा

संदर्भः रायसीना डायलाॅग में पड़ोसी देशों को नसीहत प्रमोद भार्गव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘रायसीना संवाद‘ में बोलते हुए कहा है कि भारत अपने पड़ोसी देशों से अच्छे संबंध बनाए रखना चाहता है। इस नाते मोदी ने न सिर्फ पाकिस्तान को उसकी बेजा हरकतों के लिए चेताय, बल्कि चीन को भी नसीहत देते हुए कहा… Read more »

टाप जासूस ‘ब्लैक टाइगर’ के कुरबानी की कहानी

Posted On by & filed under विविधा

डा. राधेश्याम द्विवेदी यह एक भारतीय जासूस एवं बीर की सच्ची कहानी है जो रॉ का जासूस होकर ‘रविन्द्र कौशिक से अपना नाम बदलकर ‘नवी अहमद शाकिर’ रख लिया था और सरकार ने उसे ‘ब्लैक टाइगर’ की उपाधि से सम्मानित कर रखा था। जिसकी सूचनाओं के कारण भारत पाकिस्तान के हर कदम पर भारी पड़ता… Read more »

अभिनव गुप्त की आहट और रविशंकर की ललकार

Posted On by & filed under विविधा

डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री बेंगलुरू में दो दिन श्री श्री रविशंकर जी के अन्तर्राष्ट्रीय आश्रम में ६-७ जनवरी को ठहरने का अवसर प्राप्त हुआ । आश्रम में अभिनवगुप्त सहस्रावदी समारोहों का समापन कार्यक्रम था । अभिनव गुप्त दार्शनिक , तान्त्रिक, काव्यशास्त्र के आचार्य, संगीतज्ञ, कवि, नाट्यशास्त्र के मर्मज्ञ , तर्कशास्त्री, योगी और औघड क़िस्म के… Read more »

विष-वृक्ष की जडों के पोषण और पत्तों के डिजिटलाइजेशन की त्रासदी

Posted On by & filed under विविधा

मनोज ज्वाला भारत में ‘काला धन’ और ‘काली कमाई’ वस्तुतः दुनिया भर से सारे धन बटोर लेने-हडप लेने को आतुर युरोपीय उपनिवेशवाद के साम्राज्यवादी षड्यंत्रों की बाड के तौर पर अंग्रेजों द्वारा रोपे गए ‘विष-वृक्षों’ के फल-फूल हैं । अंग्रेजों के चले जाने के बाद भी हम उन्हीं विष-वृक्षों को सिंचने-उगाने में और भी ज्यादा… Read more »