मैं आया हूं उन राजद्रोही चरणों पर फूल चढ़ाने

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फूल चढ़ाने मैं आया हूं उन राजद्रोही चरणों पर फूल चढ़ाने राकेश कुमार आर्य आज भारतवर्ष अपना 71वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस पावन अवसर पर अपने नाम-अनाम स्वतंत्रता सेनानियों को पूरा देश नमन कर रहा है। ‘उगता भारत’ अपने इन नाम-अनाम स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए उनके विषय में कवियों की कविताओं… Read more »

वंदेमातरम् पर संग्राम

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प्रमोद भार्गव उत्तर प्रदेश सरकार ने आदेश दिया है कि स्वतंत्रा दिवस के अवसर पर सभी मदरसों में ध्वजारोहण और राष्ट्रगान हो। साथ ही प्रमाणित करने के लिए वीडियोग्राफी कराई जाए। देशभक्ति के रूप में देश के किसी नागरिक से सबूत मांगना गलत है। हां, यदि राष्ट्रिय पर्व के दिन झंडावंदन और राष्ट्रगान गाने की… Read more »

कोविन्द के वक्तव्य में नये भारत का संकल्प

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ललित गर्ग भारत के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम संबोधन नये भारत को निर्मित करने के संकल्प को बल देता है, अपने इस सशक्त एवं जीवंत भाषण में उन्होंने उन मूल्यों एवं आदर्शों की चर्चा की, जिन पर नये भारत के विकास का सफर तय किया… Read more »

कर्मयोगी श्रीकृष्ण

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लोक में कृष्ण की छवि ‘कर्मयोगी’ के रूप में कम और ‘रास-रचैय्या’ के रूप में अधिक है। उन्हें विलासी समझा जाता है और उनकी सोलह हजार एक सौ आठ रानियाँ बताकर उनकी विलासिता प्रमाणित की जाती है। चीर-हरण जैसी लीलाओं की परिकल्पना द्वारा उनके पवित्र-चरित्र को लांछित किया जाता है। राधा को ब्रज में तड़पने… Read more »

मोदी सरकार में आर्थिक विकास से सामाजिक विकास

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ऐसे ही स्वीडन की कंपनियाँ मानती हैं कि भारत में भारतीय जनता पार्टी की केंद्र में सरकार आने तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बनने के बाद से लगातार यहाँ का व्‍यापारिक माहौल अच्‍छा हुआ है। यही कारण है कि पिछले साल में स्वीडिश कंपनियों और निवेशकों के रोजगार में 20 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। स्वीडिश चैंबर ऑफ कामर्स का भारत-स्‍वीडन व्यावसायिक माहौल सर्वे जिसमें कि कुल 170 कंपनियों में से 160 ने भाग लिया, सभी एक स्‍वर में कहती हैं कि प्रधानमंत्री मोदी बहुत अच्‍छा कार्य कर रहे हैं। स्वीडन को भारत में उर्जा, पर्यावरण, स्मार्ट सिटी, दूरसंचार, सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटाइजेशन, स्वास्थ्य और जीव विज्ञान के क्षेत्र में काम रही कंपनियों के लिये काफी संभावनाएं दिखाई देतीं हैं। दूसरी तरफ नीति आयोग के अपने आंकड़े हैं, जो आज यह बता रहे हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था 2030 तक 7 हजार 250 अरब डॉलर या कहें कि 469 लाख करोड़ रुपए की हो जाएगी। यह आंकलन उसने देश में 8 प्रतिशत सालाना वृद्धि दर के हिसाब से किया है।

सावर्जनिक संवाद में गिरावटः सनक में बदलती उत्तेजना

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 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने आप में एक समर्थ और ताकतवर नेता हैं। मुझे नहीं लगता कि किसी सोशल मीडिया एक्टिविस्ट को उनकी मदद की दरकार है लेकिन लोग हैं कि मोदी जी की मदद के लिए मैदान में उतरकर उनकी भी छवि खराब करते हैं। हर बात पर प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री न दोषी हो सकता है न ही उन्हें दोष दिया जाना चाहिए। किंतु अगर लोग किन्हीं कारणों से अपने नेता से सवाल पूछ रहे हैं तो उनसे यह हक नहीं छीना जाना चाहिए। लोग अपने चुने गए प्रधानमंत्री और अन्य जनप्रतिनिधियों से सवाल कर सकते हैं, यह उनका जायज हक है। आप उन्हें ‘ट्रोलिंग’ करके खामोश करना चाहते हैं तो यह अलोकतांत्रिक आचरण है। एक लोकतंत्र में रहते हुए संवाद-विवाद की अनंत धाराएं बहनी ही चाहिए, भारत तो संवा

 सत्ता-हस्तान्तरण की त्रासदी बनाम आजादी

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सिंगापुर में  नेहरू की ब्रिटिश-भक्ति का परीक्षण और दिल्ली में सत्ता-हस्तान्तरण की त्रासदी बनाम आजादी मनोज ज्वाला १४ अगस्त १९४७ की आधी रात को ब्रिटेन की महारानी के परनाती ने जब जवाहर लाल नेहरू के हाथों भारत की सत्ता हस्तान्तरित की थी , तब नेहरू न तो कांग्रेस के निर्वाचित अध्यक्ष थे और न  ही देश… Read more »

जम्मू-कश्मीर, लौहपुरुष और संघ 

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पाकिस्तान नेयुद्ध का सहारा लेकर कबाइलियोंको कश्मीर पर आक्रमण करने के लिए उकसाना शुरू कर दिय​|​अब महाराजा खुद को बड़ी मुश्किल में फंसा हुआ पा रहे थे ​|
ऐसे नाजुक दौर में महाराजा की सहायता के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघसामने आया और महाराज को यह समझाने का सफल प्रयास किया कि भारत केसाथ राज्य का विलय करने में भी उनकी और राज्य की जनता की भलाई है।राज्य की स्थिति बेहद नाजुक हो चुकी थी।सरदार पटेल और महात्मा गांधी ने भीमहाराजा को मनाने का प्रयास किया, पर महाराजा नेहरू की अधिसत्ता को माननेके लिए तैयार नहीं थे।

सावधान! कन्‍हैया निशाने पर हैं…

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जन्‍माष्‍टमी को दो दिन बचे हैं और मथुरा के मंदिरों-घाटों-आश्रमों-गेस्‍ट हाउसों में भारी  भीड़ है। इस भीड़ में अधिकांशत: पूर्वी प्रदेश के दर्शनार्थी ही हैं, इसके बाद क्रमश: अगले  नंबरों पर पंजाब, दिल्‍ली, हरियाणा और राजस्थान व पश्‍चिम बंगाल के लोग आते हैं। हर  बार की तरह इस बार भी शहर के वाशिदों को आशंका… Read more »

अंसारी साहब…शहर के कुछ बुत ख़फ़ा हैं इसलिये, चाहते हैं हम उन्हें सज़दा करें

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बुद्धिमत्‍ता जब अपने ही व्‍यूह में फंस जाए और पाखंड से ओवरलैप कर दी जाए तो वही स्‍थिति हो जाती है जो आज निवर्तमान उपराष्‍ट्रपति मोहम्‍मद हामिद अंसारी की हो रही है। ”देश के मुस्लिम समुदाय में घबराहट व असुरक्षा का माहौल है” कहकर आज से निवर्तमान उपराष्‍ट्रपति का टैग लगाकर चलने वाले हामिद अंसारी… Read more »