लेखक परिचय

विपिन किशोर सिन्हा

विपिन किशोर सिन्हा

जन्मस्थान - ग्राम-बाल बंगरा, पो.-महाराज गंज, जिला-सिवान,बिहार. वर्तमान पता - लेन नं. ८सी, प्लाट नं. ७८, महामनापुरी, वाराणसी. शिक्षा - बी.टेक इन मेकेनिकल इंजीनियरिंग, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय. व्यवसाय - अधिशासी अभियन्ता, उ.प्र.पावर कारपोरेशन लि., वाराणसी. साहित्यिक कृतियां - कहो कौन्तेय, शेष कथित रामकथा, स्मृति, क्या खोया क्या पाया (सभी उपन्यास), फ़ैसला (कहानी संग्रह), राम ने सीता परित्याग कभी किया ही नहीं (शोध पत्र), संदर्भ, अमराई एवं अभिव्यक्ति (कविता संग्रह)

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विपिन किशोर सिन्हा

हम सेक्युलर हैं, क्योंकि —

१. हम भारत के संविधान में निहित प्रावधानों का उल्लंघन करके अल्पसंख्यकों को आरक्षण देते हैं।

२. हम बांग्लादेश के घुसपैठी मुसलमानों का हिन्दुस्तान में सिर्फ़ स्वागत ही नहीं करते, बल्कि राशन कार्ड और मतदाता पहचान पत्र बनवाकर भारत की नागरिकता भी देते हैं।

३. हम हिन्दू-तीर्थस्थलों की यात्रा के लिए एक पैसा भी नहीं देते, उल्टे टिकट और अन्य सुविधाओं के लिए सर्विस टैक्स भी वसूलते हैं।

४. हम सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले को दरकिनार करके हज़ यात्रियों को हिन्दुओं पर जाजिया टैक्स लगाकर भारी सब्सिडी देते हैं।

५. हम हिन्दुओं के लिए एक पत्नी रखने का कानून बनाते हैं और मुसलमानों के चार पत्नियां रखने के अधिकार को जायज ठहराते हैं।

६. हम हिन्दू लड़कियों के घटते वस्त्र को नारी स्वातंत्र्य का जीवन्त उदाहरण मानते हैं और मुसलमानों की बुर्का प्रथा का समर्थन करते हैं।

७. हम भारत माता और हिन्दू देवी-देवताओं की नंगी तस्वीर बनाने वाले को सर्वश्रेष्ठ पेन्टर का खिताब देते हैं।

८. हम भारत माता को सार्वजनिक रूप से डायन कहने वाले को कैबिनेट मंत्री के पद से सम्मानित करते हैं।

९. हम राष्ट्रगीत “वन्दे मातरम” को अपमानित करने वालों को राज्य और केन्द्र सरकार में ऊंचे ओहदे देते हैं।

१०. हम १५ अगस्त के दिन पाकिस्तानी झंडा फ़हराने वालों और तिरंगा जलानेवालों को दिल्ली में बुलाकर बिरयानी खिलाकर वार्त्ता करते हैं।

११. हम कश्मीर घाटी से हिन्दुओं को जबरन खदेड़े जाने पर चुप्पी साध लेते हैं और असम के कोकराझार के बांग्लादेशियों के विस्थापन को राष्ट्रीय शर्म (शेम) मानते हैं।

१२.हम अमेरिका में बनी फ़िल्म “इनोसेन्स आफ़ मुस्लिम्स” के खिलाफ़ हिन्दुस्तान में हर तरह के प्रदर्शन, हिंसा, दंगा, तोड़फ़ोड़ और आगजनी को जायज मानते हैं।

१३.हम गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस की बोगियों में आग लगाकर हिन्दुओं को ज़िन्दा जला देने की घटना पर चुप्पी साध लेते हैं और प्रतिक्रिया में उपजी हिंसा को दुनिया की सबसे बड़ी सांप्रदायिक घटना मानते हैं।

१४.हम देश के बंटवारे के लिए जिम्मेदार मुस्लिम लीग से केरल और केन्द्र में सत्ता की साझेदारी करते हैं और राष्ट्रवादी संगठन आरएसएस पर बार-बार प्रतिबंध लगाते हैं।

१५ हम बाबरी ढांचा गिराने के अपराध में यूपी, एमपी, राजस्थान और सुदूर हिमाचल प्रदेश की सरकारें पलक झपकते बर्खास्त करते हैं तथा कश्मीर में मन्दिरों को तोड़नेवालों के साथ सत्ता की साझेदारी करते हैं।

१६.हम मदरसों में आतंकवाद की शिक्षा देनेवालों को सरकारी अनुदान देते हैं एवं सरस्वती शिशु मन्दिरों पर नकेल लगाते हैं।

१७. हम भारतीय नरेन्द्र मोदी को राष्ट्रीय खलनायक मानते हैं और इटालियन को राजमाता – Long live our queen.

१८. हम भारत के प्रथम राष्ट्रपति डा. राजेन्द्र प्रसाद, सरदार पटेल और कन्हैया लाल माणिक लाल मुन्शी के प्रयासों से सोमनाथ मन्दिर के पुनर्निर्माण को सेक्युलर मानते हैं और राम मन्दिर निर्माण को घोर सांप्रदायिक।

१९.हम रामसेतु तोड़कर जलमार्ग बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और बाबरी निर्माण के लिए भी कृतसंकल्प हैं।

२०. हम १९८४ के सिक्खों के कत्लेआम को इन्दिरा गांधी की मृत्यु से उत्पन्न सामान्य प्रतिक्रिया मानते हैं और गुजरात की हिंसा को महानतम सांप्रदायिक घटना।

२१.हम मज़हब के आधार पर देश के विभाजन को मिनारे पाकिस्तान पर जाकर मान्यता देते हैं और अन्यों को भी भविष्य में इसी घटना की पुनरावृत्ति के लिए प्रोत्साहन देते हैं।

२२. हम देश की प्राकृतिक संपदा पर मूल निवासी होने के कारण मुसलमानों का पहला हक मानते हैं और हिन्दुओं (आर्यों) को बाहर से आया हुआ बताते हैं।

२३. हम मस्जिदों में जमा अकूत आग्नेयास्त्रों की खुफ़िया जानकारी प्राप्त होने के बाद भी छापा नहीं मारते हैं और हिन्दू मन्दिरों की संपत्ति छापा डालकर रातोरात ज़ब्त कर लेते हैं।

२४. हम मन्दिरों की संपत्ति और रखरखाव के लिए सरकारी ट्रस्ट बना देते हैं और अज़मेर शरीफ़, ज़ामा मस्ज़िद की संपत्ति से नज़रें फेर लेते हैं।

२५. हम हिन्दुओं के शादी-ब्याह, जन्म-मृत्यु, उत्तराधिकार, जीवन शैली, पूजा-पाठ के लिए सैकड़ों कानून बना देते हैं लेकिन मुस्लिम पर्सनल ला की चर्चा करना भी अपराध मानते हैं।

२६. हम मुसलमानों को रास्ता रोककर नमाज़ पढ़ने की इज़ाज़त देते हैं और मन्दिर प्रांगण में एकत्रित श्राद्धालुओं पर लाठी चार्ज करते हैं।

२७. हम “वीर शिवाजी” पर आधारित टी.वी. सिरीयल पर प्रतिबंध लगाते हैं और “मुगले आज़म” को राष्ट्रीय पुरस्कार देते हैं।

२८. हम मुसलमानों को अपना व्यवसाय खोलने के लिए आसान किश्तों पर ५ लाख रुपए का ऋण कभी न चुकाने के आश्वासन के साथ देते हैं और हिन्दू किसानों को ऋण न चुकाने के कारण आत्महत्या के लिए प्रेरित करते हैं।

२९. हम रमज़ान के महीने में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अन्य गण्यमान व्यक्तियों द्वारा सरकारी पैसों से रोज़ा अफ़्तार का आयोजन करते हैं तथा होली-दिवाली पर एक पैसा भी खर्च नहीं करते।

३०. हम हज़रत मोहम्मद पर डेनमार्क में बने कार्टून पर बलवा करनेवालों पर लाठी के बदले फूल बरसाते हैं और राम-कृष्ण को गाली देनेवालों को पद्म पुरस्कार देते हैं।

३१. हम म्यामार और कोकराझार की घटना पर पूरी मुंबई के यातायात और संपत्ति को उग्र मुस्लिम प्रदर्शनकारियों के हवाले कर देते हैं और हिन्दुओं की बारात पर भी लाठी चार्ज करते हैं।

३२. हम पाकिस्तान से आए हिन्दुओं को ज़बरन भेड़ियों के हवाले कर देते हैं और बांग्लादेशियों के लिए स्वागत द्वार बनाते हैं।

३३. हम जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में “गोमांस पार्टी” का आयोजन करते हैं और बाबा रामदेव के शहद को प्रतिबंधित करते हैं।

३४. हम अलीगढ़ मुस्लिम युनिवर्सिटी की शाखाएं देश के कोने-कोने में खोलने के लिए सरकारी पैकेज देते हैं और काशी हिन्दू विश्वविद्यालय का अनुदान रोक देते हैं।

३५. हम आतंकवादियों के घर (आज़मगढ़) जाकर आंसू बहाते हैं और शहीद जवानों की विधवाओं और बच्चों को भगवान भरोसे छोड़ देते हैं।

३६.हम आतंकवादियों से मुठभेड़ को फ़र्ज़ी एनकाउंटर कहते हैं और हिन्दू साधु-सन्तों को आतंकवादी।

३७. हम सलमान रश्दी को भारत आने की अनुमति नहीं देते, तसलीमा नसरीन को भारत में रहने की इज़ाज़त नहीं देते लेकिन वीना मलिक को अनिश्चित काल के लिए सरकारी मेहमान बनाते हैं।

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5 Comments on "हम सेक्युलर हैं, क्योंकि —"

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Mohammad Athar Khan, Faizabad Bharat
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Mohammad Athar Khan, Faizabad Bharat
लेखक महोदय, अब आपने भी नफरत फैलाना शुरू कर दिया. संविधान ने तो भारत को सेकुलर ही बनाया था लेकिन आप संघियों ने इसे सेकुलर नहीं रहने दिया. देश में आप लोग ज़हर घोल रहे हो. १.आप भारत के संविधान में निहित प्रावधानों का उल्लंघन करके भारत को हिंदू राष्ट्र कहते हैं। २.बंगलादेश से आने वाले मुसलमानों को घुसपैठी कहा जाता है और पाकिस्तान से आने वाले हिंदुओं को नागरिकता दी जाती है. ३.कुम्भ मेला और दुसरे मेलों पर सरकार हजारों करोड खर्च करती है. हज सब्सिडी से सरकार और एयरलाइंस कंपनियों को फ़ायदा होता है, सब्सिडी चिल्लाने से पहले… Read more »
santanu arya
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आपके सारे प्रश्न ऐसे ही है जैसे किसी मछली से पूछा जाये की तू पानी में क्यों रहती है वास्तव में हिन्दू अपने आप में सेकुलर ही होते है परन्तु आज जो सेकुलर की परिभाषा है उसके अनुसार सिर्फ मुस्लिम हित ही सेकुरिज्म है इस देश के सारे निवासी हिन्दू ही है ऐसा संघ मानता है जिसमे सारे धर्म और सम्प्रदाय आ जाते है परन्तु कुछ लोगो ने अधर्म का रास्ता पकड़ लिया है तो इसमें संघ का क्या दोष इसलिए ये राष्ट्र हिन्दू राष्ट्र ही है आपके सारे प्रशन कंग्रेशियो से जुड़ते है और कांग्रेस इसाइयों के द्वारा संचालित… Read more »
mahendra gupta
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संक्षेप में हिन्दू का विरोध,मुस्लमान का घोर समर्थन, ही सेकुलर होना है,यह हमारे वोते बैंक को पक्का करता है,यह बात अलग है कि जरा सा भी मुसलमानों के खिलाफ होते ही, या होने कि सम्भावना पर यह सर्कार के सिरमें ऐसी गली करते हैं कि संदेह होता है कि यह कैसा लोकतंत्र है,कैसा सेकुलरिज्म है,बहुसंख्यक को दबा कर अलाप्संख्यक वर्ग को बढ़ावा देना भारतीय लोकतंत्र में ही संभव है.अन्य किसी भी सेकुलर देश में यह आपको नहीं मिलेगा.

narendrasingh
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जब तक देश हित की सोचने वाले घर में बेठे रहेंगे सेक्युलर के शैतान अपना नंगा नाच करते रहेंगे ! देश को चाहने वालो !!!!!! बातो से कुछ नहीं होगा क्योंकि इन सेक्युलारो का दिमाग अंग्रेजी और मुघ्ली गुलामी से बहार नहीं आया ? अब इनको आज़ाद करना होगा ??????? या हमें भगतसिंह और चंद्रशेखर आज़ाद बनना होगा ?? आज माँ भारती की नजरे धुंध रही है कहाँ गए उसके लाल !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!! बहोत ही सटीक विवेचना के लिए धन्यवाद —-नमश्कार
एल. आर गान्धी
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मगर ये सेकुलर शैतान तो मुस्लिम तुष्टिकरण को ही धरमनिर्पेक्षता मानते हैं. गाँधी जी भी जिन्ना को खुश करने को १४ बार मिले, कायदे आज़म के खुशामदी अलंकारं से भी नवाज़ा …मगर …..सटीक विवेचना के लिए साधुवाद…. उतिष्ठकौन्तेय

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