यौन कर्मी
अश्वनी कुमार दिल्ली का चांदनी चौक रोज की तरह आज भी कुछ सनसनीखेज करने के चाह अपने अंतस में छिपाए...
अश्वनी कुमार दिल्ली का चांदनी चौक रोज की तरह आज भी कुछ सनसनीखेज करने के चाह अपने अंतस में छिपाए...
इंतज़ार... इंतज़ार इंतज़ार बाक़ी है. तुझे मिलने की ललक और खुमार बाक़ी है. यूँ तो बीती हैं सदियाँ...
-अश्वनी कुमार कॉलेज ख़त्म होने का आखिरी दिन, सभी लोग एक दूसरे से विदा ले रहे हैं. गले मिल रहे...
अश्वनी कुमार बंगलौर... सुबह के लगभग 8 बज रहे होंगे... शर्मा जी रोज़ की ही तरह आज भी अपने बैंक...
-अश्वनी कुमार- आज हमें आज़ादी मिले 68 वर्ष हो गए हैं. बहुत लम्बी लड़ाइयां लड़ी हैं, हमारी जनता ने, हमारी...
-अश्वनी कुमार- मध्य प्रदेश का एक छोटा सा गांव... सोहना..! गांव के मुख्य चबूतरे पर बैठे चार लोग आपसे में...
-अश्वनी कुमार- जाड़ों का समय है सूरज के किरणों ने समुद्र की कोख में जाने का मन बना लिया है....
अश्विनी कुमार हर कदम पर मुझे दबाने का प्रयास किया जा रहा है फिर भी मुझे स्त्री होने का गर्व...
जहां है त्याग, समर्पण, जहां है धैर्य बेहिसाब यही है रूप-ओ-नारी, जिसे आता है यहां प्यार कभी मां-बाप, कभी भाई,...
-अश्वनी कुमार- कड़ाके की सर्दी पड़ रही थी। पैरों से चढ़ती ठण्ड हाथों के कम्पन से होती हुई, दांतों...
अश्वनी कुमार अगर विकास कि बात करें तो कागज़ी तौर पर भारत निरंतर विकास की ओर अग्रसर है। और...