राजनीति हर हिन्दुस्तानी के दिल में दहक रही आग मांग रही पाकिस्तान से बदला February 17, 2019 / February 17, 2019 | Leave a Comment पूरे हिन्दुस्तान को हमेशा से अपनी सेना और अपने वीर सैनिकों के शौर्य और वीरता पर गर्व है। जब भी हमारी सेना और हमारे सैनिकों पर कोई भी आंच आती है तो पूरा देश रोता है। ऐसा ही दृश्य पुलवामा के आतंकी हमले के बाद पूरे हिन्दुस्तान में देखने को मिला। जब पुलवामा के आतंकी […] Read more »
विविधा ऊंच-नीच की भावना से ऊपर उठने का दिन है गणतंत्र दिवस January 25, 2019 / January 25, 2019 | Leave a Comment (70वें गणतंत्र दिवस पर विशेष आलेख) गणतंत्र दिवस हर वर्ष जनवरी महीने की 26 तारीख को पूरे देश में देश प्रेम की भावना से ओत-प्रोत होकर मनाया जाता है। भारत के लोग हर साल 26 जनवरी का बेसब्री से इंतजार करते हैं, क्योंकि 26 जनवरी को ही 1950 में भारतीय संविधान को एक लोकतांत्रिक प्रणाली […] Read more »
राजनीति नए साल 2019 में अनेक उपलब्धियां गढ़ने का अवसर है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास January 1, 2019 / January 1, 2019 | Leave a Comment नया वर्ष हर व्यक्ति के लिए बीते हुए वर्ष की सफलताओं और उपलब्धियों के साथ-साथ कमियों और गलतियों का मूल्यांकन करने का समय है। यह हमें अपने आप को भावी वर्ष के लिए योजना बनाने, कार्य करने तथा आगामी वर्ष के लिए नये लक्ष्य तय करने का अवसर प्रदान करता है। नए साल की शुरुआत […] Read more » धानमंत्री जन-धन योजना
राजनीति भारतीय राजनीति के भीष्म पितामह थे अटल बिहारी वाजपेयी जी December 24, 2018 / December 24, 2018 | Leave a Comment ब्रह्मानंद राजपूत, भारत माँ के सच्चे सपूत, राष्ट्र पुरुष, राष्ट्र मार्गदर्शक, सच्चे देशभक्त ना जाने कितनी उपाधियों से पुकार जाता था भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी को वो सही मायने में भारत रत्न थे। इन सबसे भी बढ़कर पंडित अटल बिहारी वाजपेयी जी एक अच्छे इंसान थे। जिन्होंने जमीन से जुड़े रहकर राजनीति की […] Read more » कलकत्ता कोमलहृदय संवेदनशील मनुष्य चेन्नई मुम्बई दिल्ली पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय जयललिता युगपुरुष राष्ट्र पुरुष राष्ट्र मार्गदर्शक वज्रबाहु राष्ट्रप्रहरी श्रेष्ठ राजनीतिज्ञ सच्चे देशभक्त सपूत संयुक्त राष्ट्र
समाज देश की आजादी और शिक्षा के क्षेत्र में अहम् योगदान रहा परमपूज्य स्वामी ब्रह्मानंद जी का December 3, 2018 / December 3, 2018 | Leave a Comment ब्रह्मानंद राजपूत स्वामी ब्रह्मानंद का व्यक्तित्व महान था। उन्होंने समाज सुधार के लिए काफी कार्य किएदेश की स्वतंत्रता के लिए उन्होंने जहां स्वयं को समर्पितकर कई आंदोलनों में जेल काटी।आजादी के बाद देश की राजनीति में भी उनका भावी योगदान रहा हैस्वामी जी ने शिक्षा के क्षेत्र में बहुत ही कार्यकिए।समाज के लोगों को शिक्षा की ओर ध्यान देने का आहवान किया। स्वामी ब्रह्मानंद महाराज का जन्म 04 दिसंबर 1894 को उत्तर प्रदेश केहमीरपुर जिले की राठ तहसील के बरहरा नामक गांव में साधारण किसान परिवार में हुआ था।स्वामी ब्रह्मानंद महाराज जी के पिता का नाममातादीन लोधी तथा माता का नाम जशोदाबाई था। स्वामी ब्रह्मानंद के बचपन का नाम शिवदयाल था। स्वामी ब्रह्मानंद ने बचपन से ही समाज मेंफैले हुए अंधविश्वास और अशिक्षा जैसी कुरूतियों का डटकर विरोध किया। स्वामी ब्रह्मानंद जी की प्रारम्भिक शिक्षा हमीरपुर में ही हुई। इसकेपश्चात् स्वामी ब्रह्मानंद जी ने घर पर ही रामायण, महाभारत, गीता, उपनिषद और अन्य शास्त्रों का अध्ययन किया। इसी समय से लोग उन्हेंस्वामी ब्रह्मानंद से बुलाने लगे। कहा जाता है कि बालक शिवदयाल के बारे में संतों ने भविष्यवाणी कि थी कि यह बालक या तो राजा होगा याप्रख्यात सन्यासी। बालक शिवदयाल का रुझान आध्यात्मिकता कि तरफ ज्यादा होने के कारण पिता मातादीन लोधी को डर सताने लगा कि कहीं वेसाधु न बन जाए। इस डर से मातादीन लोधी ने स्वामी ब्रह्मानंद जी का विवाह 7 वर्ष की उम्र में हमीरपुर के ही गोपाल महतो कि पुत्री राधाबाई सेकरा दिया। आगे चलकर राधाबाई ने एक पुत्र और एक पुत्री को जन्म दिया। लेकिन स्वामी जी का चित्त अब भी आध्यात्मिकता कि तरफ था। स्वामीब्रह्मानंद जी ने 24 वर्ष की आयु में पुत्र और पत्नी का मोह त्याग गेरूए वस्त्र धारण कर परम पावन तीर्थ स्थान हरिद्वार में भागीरथी के तट पर‘‘हर कि पेड़ी’’ पर सन्यास कि दीक्षा ली। संन्यास के बाद शिवदयाल लोधी संसार में ‘‘स्वामी ब्रह्मानंद’’ के रूप में प्रख्यात हुए। संन्यास ग्रहण करनेके बाद स्वामी ब्रह्मानंद ने सम्पूर्ण भारत के तीर्थ स्थानों का भ्रमण किया। इसी बीच उनका अनेक महान साधु संतों से संपर्क हुआ। इसी बीच उन्हेंगीता रहस्य प्राप्त हुआ। पंजाब के भटिंडा में स्वामी ब्रह्मानंद जी की महात्मा गाँधी जी से भेट हुई। गाँधी जी ने उनसे मिलकर कहा कि अगर आपजैसे 100 लोग आ जायें तो स्वतंत्रता अविलम्ब प्राप्त की जा सकती है। गीता रहस्य प्राप्त कर स्वामी ब्रह्मानंद ने पंजाब में अनेक हिंदी पाठशालाएंखुलवायीं और गौबध बंदी के लिए आंदोलन चलाये। इसी बीच स्वामी जी ने अनेक सामजिक कार्य किये 1956 में स्वामी ब्रह्मानंद को अखिलभारतीय साधु संतों के अधिवेशन में आजीवन सदस्य बनाया गया और उन्हें कार्यकारिणी में भी शामिल किया गया। इस अवसर पर देश के प्रथम राष्ट्रपति स्वर्गीय डॉ. राजेंद्र प्रसाद जी सम्मिलित हुए। स्वामी जी सन् 1921 में गाँधी जी के संपर्क में आकर स्वतंत्रता आंदोलन में कूद पड़े। स्वतंत्रताआन्दोलन में भी स्वामी ब्रह्मानंद जी ने बढ चढकर हिस्सा लिया। 1928 में गाँधी जी स्वामी ब्रह्मानंद के प्रयासों से राठ पधारे। 1930 में स्वामी जीने नमक आंदोलन में हिस्सा लिया। इस बीच उन्हें दो वर्ष का कारावास हुआ। उन्हें हमीरपुर, हरदोई और कानपूर कि जेलों में रखा गया। उन्हें पुनःफिर जेल जाना पड़ा। स्वामी ब्रह्मानंद जी ने पूरे उत्तर भारत में उन्होने अग्रेजों के खिलाफ लोगों में अलख जगाई। स्वतंत्रता आन्दोलन के समयस्वामी जी का नारा था उठो! वीरो उठो!! दासता की जंजीरों को तोड फेंको। उखाड़ फेंको इस शासन को एक साथ उठो आज भारत माता बलिदानचाहती है। उन्होने कहा था की दासता के जीवन से म्रत्यु कही श्रेयस्कर है। बरेली जेल में स्वामी ब्रह्मानंद की भेट पंडित जवाहर लाल नेहरू जी से हुई। जेल से छूटकर स्वामी ब्रह्मानंद शिक्षा प्रचार में जुट गए। 1942 में स्वामी जी को पुनः भारत छोडो आंदोलन में जेल जाना पड़ा। स्वामी जी नेसम्पूर्ण बुन्देलखंड में शिक्षा की अलख जगाई आज भी उनके नाम से हमीरपुर में डिग्री कॉलेज चल रहा है। जिसकी नीव स्वामी ब्रह्मानंद जी ने 1938में ब्रह्मानंद विद्यालय के रूप में रखी। 1966 में गौहत्या निषेध आंदोलन में स्वामी ब्रह्मानंद ने 10-12 लाख लोगों के साथ संसद के सामने आंदोलनकिया। गौहत्या निषेध आंदोलन में स्वामी ब्रह्मानंद को गिरप्तार कर तिहाड़ जेल भेज दिया गया। तब स्वामी ब्रह्मानंद ने प्रण लिया कि अगली बारचुनाव लड़कर ही संसद में आएंगे। स्वामी जी 1967 से 1977 तक हमीरपुर से सांसद रहे।जेल से मुक्त होकर स्वामी जी ने हमीरपुर लोकसभा सीटसे जनसंघ से 1967 में चुनाव लड़ा और भारी मतों से जीतकर संसद भवन पहुंचे देश की संसद में स्वामी ब्रह्मानंद जी पहले वक्ता थे जिन्होनेगौवंश की रक्षा और गौवध का विरोध करते हुए संसद में करीब एक घंटे तक अपना ऐतहासिक भाषण दिया था। 1972 में स्वामी जी पूर्व प्रधानमंत्रीइंदिरा गाँधी के आग्रह पर कांग्रेस से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे। पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी और राष्ट्रपति वीवी गिरि से स्वामी ब्रह्मानंद केकाफी निकट संबंध थे। स्वामी जी की निजी संपत्ति नहीं थीसन्यास ग्रहण करने के बाद उन्होने पैसा न छूने का प्रण लिया था और इस प्रण कापालन मरते दम तक किया। स्वामी ब्रह्मानंद अपनी पेंशन छात्रछात्राओं के हित में दान कर दिया करते थे।समाज सुधार और शिक्षा के प्रसार केलिए उन्होने अपना जीवन अर्पित कर दिया। वह कहा करते थे मेरी निजी संपत्ति नहीं है, यह तो सब जनता Read more » डॉ. राजेंद्र प्रसाद डॉ. राजेंद्र प्रसाद पंडित जवाहर लाल नेहरू महात्मा गांधी संन्यास स्वामी ब्रह्मानंद जी
शख्सियत विश्व के सबसे लोकप्रिय राजनेता हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी September 17, 2018 | Leave a Comment ब्रह्मानंद राजपूत, नरेंद्र मोदी ऐसी शख्सियत का नाम है जो कभी भी आलोचनाओं से घबराता नहीं है। बल्कि अपनी आलोचनाओं का आत्म मूल्यांकन कर अपनी कमियों को सुधारने की कोशिश करता है। यही खूबी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दूसरे राजनीतिज्ञों से अलग बनाती है। अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता की बात की जाए तो […] Read more » कश्मीर गुजरात नरेंद्र मोदी पर्यटन पाकिस्तान
साहित्य हिंदी बिना हिंदुस्तान अधूरा September 13, 2018 | Leave a Comment ब्रह्मानंद राजपूत, हिंदी शब्द है हमारी आवाज का हमारे बोलने का जो कि हिन्दुस्तान में बोली जाती है। आज देश में जितनी भी क्षेत्रीय भाषाएँ हैं, उन सबकी जननी हिंदी है। और हिंदी को जन्म देने वाली भाषा का नाम संस्कृत है। जो कि आज देश में सिर्फ प्रतीकात्मक रूप से हिंदी माध्यम के स्कूलों […] Read more » अधूरा इंस्टाग्राम गूगल प्लस ट्विटर फेसबुक हिंदी बिना हिन्दुस्तान राष्ट्रकवि मैथिली शरण गुप्त
समाज शिक्षा का व्यवसायीकरण और बाजारीकरण देश के समक्ष बड़ी चुनौती September 5, 2018 | Leave a Comment ब्रह्मानंद राजपूत, शिक्षक समाज में उच्च आदर्श स्थापित करने वाला व्यक्तित्व होता हैकिसी भी देश या समाज के निर्माण में शिक्षा की अहम् भूमिका होती है, कहा जाए तो शिक्षक समाज का आइना होता है। हिन्दू धर्म में शिक्षक के लिए कहा गया है कि आचार्यदेवो भवः यानी कि शिक्षक या आचार्य ईश्वर के समान होता है। यह दर्जा एक शिक्षक को उसके द्वारा समाज में दिए गए योगदानों के बदले स्वरुप दिया जाता है। शिक्षक का दर्जा समाज में हमेशा से ही पूज्यनीय रहा है। कोई उसे गुरु कहता है, कोई शिक्षक कहता है, कोई आचार्य कहता है, तो कोई अध्यापक या टीचर कहता है ये सभी शब्द एक ऐसे व्यक्ति को चित्रित करते हैं, जो सभी को ज्ञान देता है, सिखाता है और जिसका योगदान किसी भी देश या राष्ट्र के […] Read more » Featured बाजारीकरण राष्ट्र राष्ट्रपति शिक्षा स्कूल
राजनीति राजनीति के महायोध्दा का महाप्रयाण August 17, 2018 / August 17, 2018 | Leave a Comment ब्रह्मानंद राजपूत भारत माँ के सच्चे सपूत, राष्ट्र पुरुष, राष्ट्र मार्गदर्शक, सच्चे देशभक्त ना जाने कितनी उपाधियों से पुकार जाता था भारत रत्न पंडित अटल बिहारी वाजपेयी जी को वो सही मायने में भारत रत्न थे। इन सबसे भी बढ़कर पंडित अटल बिहारी वाजपेयी जी एक अच्छे इंसान थे। जिन्होंने जमीन से जुड़े रहकर राजनीति […] Read more » Featured अटल बिहारी वाजपेयी ईमानदारी कलकत्ता चेन्नई व मुम्बई दिल्ली पाँचजन्य भाजपा राष्ट्रधर्म राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शालीनता सादगी
समाज स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के संघर्ष को याद करने का दिन है स्वतंत्रता दिवस August 14, 2018 / August 14, 2018 | Leave a Comment ब्रह्मानंद राजपूत, 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर हिन्दुस्तान में जगह -जगह हवा में लहराता झंडा हमें स्वतंत्र भारत का नागरिक होने का अहसास कराता है। स्वतंत्रता दिवस हमारा राष्ट्रीय पर्व है, इसी दिन हमारा हिन्दुस्तान आज से 71 साल पहले 15 अगस्त 1947 को अंग्रेजों से स्वतंत्र हुआ था। इसी दिन हमारे वीर स्वतंत्रता संग्राम […] Read more » Featured ईमानदारी उदारता धार्मिक स्वतंत्रता पारदर्शिता बलिदान भक्ति भारतीय नागरिकों शालीनता शिक्षा शिष्टता सदभाव समानता सेनानियों के संघर्ष स्वतंत्रता संग्राम
धर्म-अध्यात्म भगवान शिव की आराधना के लिये प्रसिध्द है आगरा का कैलाश मेला August 13, 2018 / August 13, 2018 | Leave a Comment ब्रह्मानंद राजपूत, हमारे भारत देश में एक समृद्ध आध्यात्मिक और धार्मिक विरासत के साथ, कई धर्मों का पालन किया जाता है। नतीजतन धार्मिक त्योहारों की एक बड़ी संख्या को मनाया जाता है। ऐसा ही एक त्यौहार आगरा का सुप्रसिध्द कैलाश मेला है। आगरा का यह सुप्रसिध्द कैलाश मेला हर वर्ष सावन महीने के तीसरे सोमवार […] Read more » Featured ऋषि जयदग्नि कैलाश महादेव मंदिर जुड़वा ज्योर्तिलिंग भगवान् विष्णु श्रीमद्भागवत गीता समृद्ध आध्यात्मिक
धर्म-अध्यात्म भगवान शिव की आराधना के लिये प्रसिध्द है आगरा का कैलाश मेला August 11, 2018 / August 11, 2018 | Leave a Comment ब्रह्मानंद राजपूत हमारे भारत देश में एक समृद्ध आध्यात्मिक और धार्मिक विरासत के साथ, कई धर्मों का पालन किया जाता है। नतीजतन धार्मिक त्योहारों की एक बड़ी संख्या को मनाया जाता है। ऐसा ही एक त्यौहार आगरा का सुप्रसिध्द कैलाश मेला है। आगरा का यह सुप्रसिध्द कैलाश मेला हर वर्ष सावन महीने के तीसरे सोमवार […] Read more » Featured आगरा का कैलाश मेला आराधना के लिये प्रसिध्द भगवान शिव महर्षि परशुराम शिवलिंगों को महर्षि हजारों कांवड़िये