लेखक परिचय

गिरीश पंकज

गिरीश पंकज

सुप्रसिद्ध साहित्‍यकार गिरीशजी साहित्य अकादेमी, दिल्ली के सदस्य रहे हैं। वर्तमान में, रायपुर (छत्तीसगढ़) से निकलने वाली साहित्यिक पत्रिका 'सद्भावना दर्पण' के संपादक हैं।

आनंदीसहाय शुक्ल: टूट गया सांसों का इकतारा

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गिरीश पंकज पं.आनंदी सहाय शुक्ल हम सब को रोता बिलखता छोड़ कर चले गए। उनके निधन की खबर सुनते ही मुझे उनकी ही कविता याद आ गई, जिसमें वे कहते हैं उधो सांसों का इकतारा बजता रहे तार मत टूटे गाता मन बंजारा बाणों की शैया पर लेटा, फिर भी मत्यु न चाहे इस इच्छा इस आकर्षण… Read more »

गौविरोधी बातें कहना इन दिनों फैशन भी

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पिछले कुछ दिनों से मीडिया में बौद्धिक जुगाली करते अनेक स्वयंभू किस्म के प्रगतिशील तत्व नज़र आ रहे हैं. इनका काम और कुछ नहीं,  केवल सनसनी फैलाकर सस्ती लोकप्रियता अर्जित करना  है. ये लोग  अनेक कारणों से लोकप्रिय होते भी रहे हैं.उनको यह पता है कि  हमारे किस बयांन पर या ‘ट्वीट’ पर हंगामा हो सकता है,  इसलिए बीच-बीच में… Read more »



अभिव्यक्ति पर आतंकी हमला

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गिरीश पंकज  पेरिस से प्रकाशित होने वाले साप्ताहिक ”चार्ली हेब्दो” पर हुआ आतंकी हमला एक बार फिर सोचने पर विवश कर गया कि  आखिर कब तक पूरी दुनिया दहशत के साये में जीती रहेगी. इस्लामिक आतंकी संगठन आईएसआईएस के हौसले बुलंद है. इसको तोड़ना बहुत ज़रूरी है।  ये आतंकी लोग ही सिडनी में लोगो को… Read more »

पं. बेनीमाधव तिवारी: जैसा मैंने देखा

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गिरीश पंकज मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में अपनी विशेष सामाजिक-राजनीतिक छवि के लिए मशहूर रहे पंडित बेनीमाधव तिवारी जी का 19 अगस्त, 2014 को निधन हो गया। अपने जीवन में ईमानदारी, समर्पण और निष्ठा के पर्याय पं. तिवारी का जाना समाज से एक और भले इंसान का चला जाना है। वैसे भी अब भले लोगों की… Read more »

क्यों कर रहे हैं नक्सली आत्मसमर्पण ?

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-गिरीश पंकज- नक्सलवाद अब धीरे-धीरे दम तोड़ रहा है. यह भी कहा जा सकता है कि खुद नक्सलियों का अपने आप से मोहभंग होता जा रहा है. पिछले एक महीने में छत्तीसगढ़ में लगभग पचास नक्सलियों ने अलग-अलग स्थानों में आत्म समर्पण किये। कहीं दो ने, तो कहीं पांच ने.. आंध्र प्रदेश में भी कुछ… Read more »

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान करें

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-गिरीश पंकज- मध्यप्रदेश ही नहीं देश के यशस्वी पत्रकार, लेखक, मीडिया शिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता संजय द्विवेदी को लेकर मप्र कांग्रेस के एक प्रवक्ता की टिप्पणी बेहद शर्मनाक है। कांग्रेस ने उनके एक लेख पर आपत्ति जताते हुए उन्हें नौकरी से निकालने की मांग की है। यह घटना बताती है राजनीति किस स्तर पर पहुंचकर… Read more »

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान करें

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गिरीश पंकज माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के प्राध्यापक और सुपरिचित सामाजिक-राजनीतिक लेखक संजय द्विवेदी के लेख पर कांग्रेस के कुछ नेताओं की बौखलाहट देख कर मैंने भी संजय द्विवेदी के लेख को ध्यान से पढ़ा और सिर पीटने लगा कि श्री द्विवेदी ने ऐसा कुछ निंदनीय नहीं लिखा है कि उनकी बर्खास्तगी की मांग कर… Read more »

बलात्कारियों द्वारा नेताजी का अभिनन्दन

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गिरीश पंकज कुछ भूतपपूर्व और कुछ अभूतपूर्व बलात्कारी एक जगह एकत्र हो कर एक नेता जी का अभिनन्दन कर रहे थे. नेता जी ने काम ही ऐसा कर दिया था की  उनका अभिनन्दन किया जाये.  नेता जी ने पिछले दिनों युवा बलात्कारियों की हौसलाआफ़ज़ाई  के लिए अद्भुत बयान दिया था, उन्होंने राष्ट्र के नाम सम्बोधन… Read more »

नक्सल हिंसा पर चैनलों की चुप्पी क्यों?

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शर्म इनको मगर नहीं आती -गिरीश पंकज- बस्तर की धरती 11 मार्च को एक बार फिर लाल आतंक के कारण लाल हो गयी. 25 मई 2013 को नक्सलियों ने 32 लोगों का कत्लेआम किया था. दस महीने बाद उन्होंने फिर 16 लोगों की बर्बर हत्या कर दी. विभिन्न चैनलों पर प्रसारित नहीं किया और न… Read more »

मीडिया को फुर्सत नहीं कि इस ओर झांके?

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दिल्ली में गौ भक्त फैज़ और साथियों का आमरण अनशन गिरीश पंकज भारत में गो-हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध हेतु दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर 10 नवम्बर से 9 लोग आमरण अनशन कर रहे हैं. ये लोग अपना जीवन होम करने का संकल्प ले कर बैठे हैं, मगर धन्य है इस देश का मीडिया जिसे फुरसत नहीं… Read more »