समाज रोजा इफ्तार और साम्प्रदायिक सौहार्द July 2, 2017 / July 2, 2017 | Leave a Comment “रोजा इफ्तार” जो केवल मुस्लिम सम्प्रदाय का मज़हबी कार्यक्रम होता है जिसमें पूरे दिन का उपवास (रोजा) रखा जाता है और फिर शाम को भोजन सामग्री ग्रहण करना आरंभ किया जाता है, इसको इफ्तार (रोजा खोलना) कहते है। जब यह कार्यक्रम सामुहिक रुप से विभिन्न नेताओं व अधिकारियों द्वारा बड़े स्तर से आयोजित किया जाता […] Read more » Featured रोजा इफ्तार साम्प्रदायिक सौहार्द
राजनीति अंततः आतंकवाद °इस्लामिक” हो गया ….. June 28, 2017 | Leave a Comment निसंदेह मोदी जी अमरीकी राष्ट्रपति के इस साहसिक वक्तव्य पर कोई टिप्पणी करने से अपने को अलग रखने को राजनैतिक कारणों से विवश होगें ? परन्तु उनके इस सतत प्रयास से उनके करोडों राष्ट्रवादी समर्थकों को अवश्य संतोष मिला होगा। उन्होंने भी आतंकियों की शरणस्थली व आतंकवादी संगठनों के प्रति कठोर कार्यवाही करके इस (इस्लामिक) आतंकवाद को जड़ से समाप्त करने का अमरीका के साथ संयुक्त अभियान चलाने के लिये अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया है | उन्होनें स्पष्ट किया है कि आतंकवाद का सर्वनाश हमारी शीर्ष प्राथमिकताओं में एक है। Read more » अलकायदा आतंकवाद इस्लामिक स्टेट कट्टरवादी इस्लामिक विचारधारा जैश-ए-मोहम्मद लश्कर-ए-तोइबा हिजबुल मुजाहीदीन
राजनीति पोस्टरबॉय एनकाउंटर के बाद ….. June 26, 2017 | Leave a Comment यह बहुत कष्टकारी व पीडादायक है कि लगभग एक वर्ष से कश्मीर घाटी व सीमाओं पर आतंकियों व पाक सेनाओं के निरन्तर आक्रमणों से सुरक्षाबलों और सामान्य नागरिकों के हो रहे बलिदानों का सिलसिला रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है। यह ठीक है कि सीमापार से घुसपैठ में कुछ कमी आयी है परन्तु सीमाओं के दोनों ओर आतंकियों को मारने में सफलता मिलने के बाद भी हम उनको नियंत्रित नहीं कर पा रहें है ? Read more » Featured कश्मीर का इस्लामीकरण कश्मीरी आतंक कश्मीरी आतंकियों का पोस्टरबॉय बुरहानबानी पोस्टरबॉय बुरहानबानी बुरहानबानी
राजनीति मुसलमानों का सशक्तिकरण क्यों ? June 21, 2017 | Leave a Comment यह भी समझना होगा कि कुल मुसलमानों की संख्या की तुलना में भी हिंदुओं की संख्या अधिक है जो पिछड़ी हुई है और संसाधनों की कमियों को झेल रही है।सुरेश तेंदुलकर समिति की संभवतः 2012-13 में आई एक रिपोर्ट के अनुसार भारत की कुल जनसंख्या का लगभग 37.2 % भाग गरीबी रेखा (बीपीएल) से नीचे रहता है। अतः इसके अनुसार बीपीएल के नीचे रहने वाले हिंदुओं की संख्या उस समय लगभग 35-36 करोड़ थी जोकि अधिकांशतः ग्रामीण क्षेत्रो व नगरों में झुग्गी - झोपड़ियों में रहने को विवश है। Read more » Featured अल्पसंख्यक मंत्रालय अल्पसंख्यक मंत्रालय के मुस्लिम मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी मुख्तार अब्बास नकवी मुस्लिम तुष्टिकरण मुस्लिम मंत्री मुस्लिम सशक्तिकरण
राजनीति क्रिकेट और राष्ट्रवाद June 7, 2017 | Leave a Comment यह एक सुखद संकेत है कि राष्ट्रीय समाचार चैनल “जी न्यूज” ने आईसीसी के चैंपियन ट्रॉफी क्रिकेट टूर्नामेंट में भारत-पाक मैच का विरोध करके राष्ट्रवाद की सर्वोपरिता का परिचय कराया है । बर्मिंघम ( इंग्लैंड ) में 4 जून को खेलें गये दो चिरप्रतिद्वंदी टीमों के मैच का अपनी सभी चैनलो पर सीधा प्रसारण न […] Read more » Featured आईसीसी क्रिकेट चैंपियन ट्रॉफी क्रिकेट टूर्नामेंट जी न्यूज भारत-पाक मैच राष्ट्रवाद
समाज धार्मिक आस्था पर आघात की घृणित राजनीति June 5, 2017 | Leave a Comment भारतीय संस्कृति को नष्ट-भ्रष्ट करके भूमि पुत्र बहुसंख्यक हिंदुओं की आस्थाओं पर निरंतर प्रहार करते रहने की मुगलकालीन परंपरा अभी जीवित है। आज केंद्र में राष्ट्रवादी भाजपानीत राजग सरकार के सशक्त शासन में भी देशद्रोहियों व भारतविरोधियों के षड्यंत्रो पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। यह कितना विचित्र है कि जिस “कांग्रेस” ने आरंभ […] Read more » Featured कत्लगाह गाय गाय को "राष्ट्रीय पशु" धार्मिक आस्था बूचड़खाने बैल व बछड़े स्लाटर हाउस
शख्सियत समाज “मेरा गीत मुझे गाने दो”…..स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर….. May 27, 2017 | 1 Comment on “मेरा गीत मुझे गाने दो”…..स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर….. आज राष्ट्र चेतना के धधकते अंगारे, हिन्दू राष्ट्र के प्रचंड परंतु सर्वाधिक प्रताड़ित योद्धा स्वातंत्र्यवीर विनायक दमोदर सावरकर जी को उनके 135 वें जन्मोत्सव पर अधिकांश राष्ट्रवादी समाज स्मरण कर रहा है। प्रतिवर्ष आने वाली यह तिथि (28 मई) हिन्दुत्वनिष्ठ समाज को एकजुट व संगठित करके संगोष्ठी व वार्ताओं के विभिन्न कार्यक्रमों द्वारा वीर सावरकर […] Read more » Featured vinayak damodar savarkar विनायक दामोदर सावरकर स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर
समाज अल्पसंख्यकवाद ….”सबके विकास” का रोड़ा…. May 24, 2017 | Leave a Comment अखंड भारत के मुगल व ब्रिटिश शासन में देश के मूल निवासियों (भूमि पुत्रो) के शोषण व अत्याचारों का इतिहास भरा पड़ा है। देश के लगभग 800 वर्षो के इस परतंत्रता काल में भारत के भूमि पुत्रो के मानवीय मूल्यों का घोर हनन हुआ था। आज भी वही बहुसंख्यक या हिन्दू विरोधी मानसिकता की भूमिका […] Read more » अल्पसंख्यकवाद
विविधा राष्ट्रीय सुरक्षा की अवहेलना क्यों ? May 12, 2017 | Leave a Comment हमारी ढुलमुल शत्रु नीति व समझौतावादी प्रवृति का ही दुष्परिणाम है कि सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भी सीमाओं पर अनेक दर्दनाक घटनाऐं राष्ट्रीय सुरक्षा की पोल खोलने के लिए पर्याप्त है। इस पर भी आज राष्ट्र में पूर्णकालिक रक्षा मंत्री का न होना हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति सतर्कता व गंभीरता के अभाव का बोध करा रही है। कहा गये वो "आंख में आंख डाल कर उसी की भाषा में उत्तर देने वाले " साहसिक नारे और कहां गई वह "एक के बदले दस सिर " लाने के उत्साहवर्धक वक्तव्य ? क्या यह सब चुनावी लुभावने थोथे नारे थे या कुछ धरातल पर कर दिखाने की वास्तविक इच्छा ? Read more » Featured National security Day राष्ट्रीय सुरक्षा राष्ट्रीय सुरक्षा की अवहेलना
विविधा आतंकियों का पुनर्वास व मुस्लिम घुसपैठ….. May 6, 2017 | Leave a Comment जम्मू-कश्मीर की एक और संवेदनशील समस्या विचार करने योग्य है कि पीओके के नागरिकों को कश्मीर में अपने बिछुड़े हुए परिवार से मिलने व स्वास्थ्य सम्बंधित सेवाओं के लिये पहले केवल एक माह तक रहने की छूट थी । परंतु पिछली सोनिया गांधी /मनमोहन सिंह की सरकार ने मार्च 2011 में इस अवधि को छह माह तक बढ़ा दिया और उसपर भी मल्टीपल एंट्री की छूट और दे दी। इस प्रकार पीओके से आने वाले विभिन्न लोग कश्मीर में छह माह तक रह सकते है और इन अवधि में वे कितनी ही बार पीओके व कश्मीर के मध्य आना जाना कर सकते है। जब यह वर्षो से सर्वविदित ही था और है कि पीओके में अनेक आतंकवादियों के अड्डे बने हुए है और उनका कश्मीर के रास्ते भारत मे आतंक फैलाने ही मुख्य मिशन है तो यह आत्मघाती निर्णय किस राजनीति का भाग है ? Read more » Featured muslim infiltration rehabilition of terrorist आतंकियों का पुनर्वास पुनर्वास बंग्ला देशी मुस्लिम घुसपैठिये बंग्ला देशी व रोहिंग्या मुस्लिम घुसपैठिये मुस्लिम घुसपैठ मुस्लिम घुसपैठिये रोहिंग्या मुस्लिम घुसपैठिये लियाक़त अली
विविधा देवभूमि कश्मीर का अहिंदुकरण May 5, 2017 | Leave a Comment कश्मीरी हिन्दुओं को पुनः कश्मीर में बसाने के लिये व पाकिस्तान से आये शरणार्थी हिन्दुओं को वहां के सामान्य नागरिक अधिकार दिलवाने के लिये अनेक कठोर उपाय करने होंगे।अलगाववादियों व आतंकवादियों के कश्मीर व पीओके आदि के सभी ठीकानों व प्रशिक्षण केंद्रों को नष्ट करना होगा। बंग्ला देशी ,म्यंमार, पाकिस्तान,अफगानिस्तान आदि के मुस्लिम घुसपैठियों व आतंकियों को कठोरता से बाहर निकालना होगा। वहां के आतंकियो के स्लीपिंग सेलो व ओवर ग्राउंड वर्कर्स को भी चिन्हित करके उनको बंदी बनाना होगा। Read more » 1947 की शरणार्थी समस्या Featured कश्मीर समस्या कश्मीरी हिन्दु देवभूमि कश्मीर का अहिंदुकरण विस्थापित कश्मीरी हिन्दुओं की वापसी
विविधा कश्मीर का बिना शर्त भारत में पूर्ण विलय , फिर अनुच्छेद 370 का क्या औचित्य…❔ May 4, 2017 | Leave a Comment इस अनुच्छेद का अधिकांश लाभ सामान्य जनता को नही केवल वहां के सत्ताधारियों व अलगाववादियों को ही मिल रहा है । इसके कारण अलगाववादियों, आतंकियों एवं भारतीय ध्वज व संविधान का अपमान करने वालो पर कठोर कार्यवाही भी नही हो पाती । सन 2002 में पूरे देश मे लोकसभा क्षेत्रो का पुनर्गठन हुआ था पर इस विवादित अनुच्छेद के चलते यह जम्मू-कश्मीर में नही हो सका। क्या ऐसे में भारतीय संसद की भूमिका वहां अप्रसांगिक नही हो गई ? अतः यह विचार करना होगा कि अनुच्छेद 370 के होते वहां के सामान्य नागरिको को क्या लाभ हुआ और अगर देश के अन्य कानून वहां लागू होते तो उन्हें कितना लाभ होता ? Read more » ▶कश्मीर का भारत में विलय Featured विभाजनकारी 'अनुच्छेद 370'