लोकेन्द्र सिंह राजपूत

युवा साहित्यकार लोकेन्द्र सिंह माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल में पदस्थ हैं। वे स्वदेश ग्वालियर, दैनिक भास्कर, पत्रिका और नईदुनिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। देशभर के समाचार पत्र-पत्रिकाओं में समसाययिक विषयों पर आलेख, कहानी, कविता और यात्रा वृतांत प्रकाशित। उनके राजनीतिक आलेखों का संग्रह 'देश कठपुतलियों के हाथ में' प्रकाशित हो चुका है।

राष्ट्रवाद से जुड़े विमर्शों को रेखांकित करती ” राष्ट्रवाद, भारतीयता और पत्रकारिता” किताब 

पुस्तक समीक्षा राष्ट्रवाद से जुड़े विमर्शों को रेखांकित करती एक किताब :  राष्ट्रवाद, भारतीयता और पत्रकारिता लोकेन्द्र सिंह देश में राष्ट्रवाद से...

न्यायपालिका को कठघरे में खड़ा मत करो महाराज

- लोकेन्द्र सिंह देश में राजनीतिक विरोध का ऐसा माहौल पहले कभी नहीं देखा गया है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता के...

प्रार्थनाएं धर्म की नहीं, भारतीयता की प्रचारक

- लोकेन्द्र सिंह देश के लगभग एक हजार केंद्रीय विद्यालयों में पढऩे वाले विद्यार्थियों को संस्कृत और हिंदी में प्रार्थना कराई...

ध्रुवीकरण का ओछा प्रयास है पादरी थॉमस मैकवान की चिट्ठी

- लोकेन्द्र सिंह गुजरात चुनाव में चर्च ने सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का सीधा प्रयास किया है। गांधीनगर के आर्चबिशप (प्रधान पादरी) थॉमस...

सज्जनशक्ति को जगाने का ‘जामवन्ती’ प्रयास

विजयादशमी उत्सव के उद्बोधन में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि निर्भयतापूर्वक सज्जनशक्ति को आगे आना होगा, समाज को निर्भय, सजग...

ममता सरकार के तुष्टीकरण को न्यायालय ने दिखाया आईना

- लोकेन्द्र सिंह माननीय न्यायालय में एक बार फिर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तुष्टीकरण की नीति का सच...

गौरी लंकेश हत्याकाण्ड : विरोध या सियासत

 लोकेन्द्र सिंह वामपंथी पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के बाद देश में जिस प्रकार का वातावरण बनाया गया है, वह आश्चर्यचकित...

पत्रकारिता में भी ‘राष्ट्र सबसे पहले’ जरूरी

- लोकेन्द्र सिंह मौजूदा दौर में समाचार माध्यमों की वैचारिक धाराएं स्पष्ट दिखाई दे रही हैं। देश के इतिहास में यह...

राष्ट्रगीत के सम्मान में न्यायालय का निर्णय

- लोकेन्द्र सिंह भारतीय संविधान में 'वंदेमातरम्' को राष्ट्रगान 'जन-गण-मन' के समकक्ष राष्ट्रगीत का सम्मान प्राप्त है। 24 जनवरी, 1950 को संविधान सभा ने 'वन्देमातरम्' गीत को देश का राष्ट्रगीत...

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