प्रवक्ता न्यूज़ ईश्वर सभी मनुष्यों द्वारा वेदमन्त्रों सहित उनमे निहित भावों से स्तुति व उपासना का पात्र January 7, 2019 / January 7, 2019 | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य ईश्वर संसार के सभी लोगों द्वारा स्तुति का पात्र है। ऐसा क्यों है? इसका उत्तर है कि उसने जीवों को सुख देने के लिये बिना कोई मूल्य लिए यह सुन्दर सुखों से भरपूर संसार को बनाया है। संसार को ही उसने नहीं बनाया अपितु मनुष्यों द्वारा संसार में सुखों का भोग […] Read more »
धर्म-अध्यात्म जाने चले जाते हैं कहां दुनिया से जाने वाले January 6, 2019 / January 6, 2019 | 1 Comment on जाने चले जाते हैं कहां दुनिया से जाने वाले -मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य संसार में जन्म लेता है, शिशु से किशोर, युवा, प्रौढ़ व वृद्ध होकर किसी रोग व अचानक दुर्घटना आदि से मृत्यु को प्राप्त हो जाता है। वैदिक ग्रन्थों में मृत्यु का कारण जन्म को बताया गया है। यदि हमारा जन्म ही न हो तो हमारी मृत्यु नहीं हो सकती। यदि […] Read more »
धर्म-अध्यात्म महाभारतकाल के बाद ऋषि दयानन्द ही ने सर्वप्रथम सर्वांगीण सद्धर्म का प्रचार किया January 6, 2019 / January 6, 2019 | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य धर्म सत्याचरण को कहते हैं। इसके लिए मनुष्य को व्यापक रूप से सत्य व असत्य का ज्ञान होना आवश्यक है। सत्य वह है जिसकी यथार्थ सत्ता है। सत्ता वाली वस्तु के सत्य गुणों को जानना व मानना तथा उसके विपरीत जो गुण उस पदार्थ व सत्ता में नहीं हैं, उनको न मानना […] Read more »
धर्म-अध्यात्म सत्यार्थप्रकाश का आर्य हिन्दू धर्म की रक्षा में महत्व व योगदान January 2, 2019 / January 2, 2019 | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। सनातन वैदिक धर्म का अज्ञान, अन्धविश्वासों, अनेक सामाजिक विकृतियों सहित वेद विरुद्ध मान्यताओं को अंगीकृत कर लेने से बना परवर्तित रूप ही हिन्दू धर्म है। महाभारत काल तक न केवल आर्यावर्त-भारत में अपितु समस्त विश्व में सनातन वैदिक धर्म ही सभी मनुष्यों का अविद्या व अन्धविश्वासों से सर्वथा रहित एकमात्र […] Read more »
धर्म-अध्यात्म पराधीन भारत में आर्यसमाज पर ब्रिटिश सरकार का कोप January 2, 2019 / January 2, 2019 | Leave a Comment ओ -मनमोहन कुमार आर्य स्वामी श्रद्धानन्द जी का आर्यसमाज के इतिहास में गौरवपूण स्थान है। आर्यसमाज में उनके जीवन से संबंधित आत्मकथा, जीवनचरित एवं इस प्रकार के अन्य ग्रन्थ उपलब्ध हैं। हमें पं. सत्यदेव विद्यांलकार जी द्वारा सन् 1933 व उससे कुछ समय पूर्व लिखा गया उनका जीवनचरित ‘स्वामी श्रद्धानन्द’ सर्वात्तम प्रतीत होता है। […] Read more »
धर्म-अध्यात्म जीवात्मा का पूर्वजन्म, वर्तमान और पुनर्जन्म होना सत्य सिद्धान्त है January 1, 2019 / January 1, 2019 | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, हम प्रतिदिन मनुष्य व पशुओं आदि को जन्म लेते हुए देखते हैं। यदि हम इन प्राणियों के जन्मों पर विचार करें तो अनेक प्रश्न उत्पन्न होते हैं जिनके उत्तर हमें साधारणतः नहीं मिलते। मनुष्य व उसके बच्चे का जो शरीर एवं उसमें चेतन जीवात्मा होता है, वह माता के शरीर में […] Read more » पुनर्जन्म
धर्म-अध्यात्म ऋषि दयानन्द की स्वदेश सहित विश्व के सभी मनुष्यों को देन December 30, 2018 / December 30, 2018 | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य महाभारत काल के बाद से लेकर वर्तमान समय तक यदि हम संसार के महापुरुषों पर दृष्टि डालें तो हमें ऋषि दयानन्द सबसे महान महापुरुष दिखाई देते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण उनके द्वारा संसार के सबसे प्राचीन धर्म वेद और संस्कृति का पुनरुत्थान करना था। क्या इसकी आवश्यकता थी? इसका उत्तर है […] Read more » ऋषि दयानन्द
समाज वैदिक धर्म ही धर्म है और इतर विचारधारायें मत-मतान्तर, पंथ व सम्प्रदाय हैं December 30, 2018 / December 30, 2018 | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य संसार में अनेक मत-मतान्तर हैं परन्तु सब अपने आप को धर्म की संज्ञा देते हैं। अंग्रेजी भाषा में धर्म का पर्यायवाची शब्द नहीं अतः अंग्रेजी में धर्म व मत-मतान्तरों सबको रिलीजन कहा जाता है। रिलीजन में मत, पन्थ व सम्प्रदाय सभी मत आते हैं परन्तु धर्म इनसे भिन्न सत्ता है। अंग्रेजी […] Read more »
धर्म-अध्यात्म “ईश्वर जीवात्मा के कल्याण के लिये उसे शरीर में भेजते हैं तथा समय आने पर उसका शरीर बदल देते हैं : डॉ. वागीश शास्त्री” December 24, 2018 / December 24, 2018 | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। आर्यसमाज धामावाला, देहरादून के 139वे वार्षिकोत्सव के दूसरे दिन प्रातःकालीन सत्र के आरम्भ में आर्यसमाज के पुरोहित पं. विद्यापति शास्त्री जी के ब्रह्मत्व में यज्ञ हुआ। यज्ञ के बाद जलपान एवं उसके बाद बिजनौर से पधारे प्रसिद्ध भजनोपदेशक श्री कुलदीप आर्य एवं श्री अश्विनी आर्य के भजन एवं वरिष्ठ आर्य […] Read more » अश्विनी आर्य आचार्य डॉ. वागीश शास्त्री जी श्री कुलदीप आर्य
धर्म-अध्यात्म परमात्मा ने पशु-पक्षियों की भांति मनुष्यों को जीवनयापन का ज्ञान नहीं दिया, इसका कारण पता नहीं चलता : डॉ. वागीश शास्त्री December 24, 2018 / December 24, 2018 | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। महर्षि दयानन्द द्वारा सन् 1879 में स्थापित आर्यसमाज-धामावाला, देहरादून का तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव आज दिनांक 21 दिसम्बर, 2018 को आरम्भ हुआ। आज अपरान्ह द्वितीय सत्र में बिजनौर से पधारे भजनोपदेशक श्री कुलदीप आर्य तथा तबला वादक श्री अश्विनी आर्य जी की टीम के भजन तथा आर्यसमाज के शीर्ष विद्वान डॉ. […] Read more » आर्यसमाज पीले मधुर घूंट श्री कुलदीप आर्य
धर्म-अध्यात्म “ऋषि दयानन्द ने अपने गुरु को दिया वचन प्राणपण से निभाया” December 21, 2018 / December 21, 2018 | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। ऋषि दयानन्द (1825-1883) गुजरात राज्य के मोरवी जिले के टंकारा नामक ग्राम में एक शिवभक्त पौराणिक परिवार में जन्में थे। उनके पिता श्री कर्शनजी तिवाड़ी कट्टर शिवभक्त थे। 14 वें वर्ष में शिवरात्रि के दिन स्वामी दयानन्द जी को बोध हुआ था। वह सच्चे शिव और मृत्यु पर विजय पाने सहित […] Read more » आर्याभिविनय आर्योद्देश्यरत्नमाला ऋग्वेदादिभाष्यभूमिका गोकरुणानिधि पंचमहायज्ञविधि पूना-प्रवचन व्यवहारभानुः संस्कारविधि
न्यूज़ -गुरुकुल गौतमनगर दिल्ली का वार्षिकोत्सव सोल्लास सम्पन्न- यज्ञ से पर्यावरण की शुद्धि सहित आत्मा की उन्नति व तृप्ति भी होती हैः स्वामी आर्यवेश December 19, 2018 / December 19, 2018 | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, गुरुकुल गौतमनगर दिल्ली का 85वां वार्षिकोत्सव एवं 39वां चतुर्वेद ब्रह्म पारायण यज्ञ 3 दिसम्बर, 2018 से आरम्भ होकर 16 दिसम्बर 2018 को सोल्लास सम्पन्न हुआ। हमें इस उत्सव के समापन समारोह में सम्मिलित होने का अवसर मिला। समापन समारोह का आरम्भ दिनांक 16 दिसम्बर, 2018 को प्रातः 8.00 बजे चतुर्वेद पारायण यज्ञ […] Read more » का वार्षिकोत्सव सोल्लास सम्पन्न- यज्ञ से गुरुकुल गौतमनगर दिल्ली पर्यावरण की शुद्धि सहित आत्मा की उन्नति व तृप्ति भी होती हैः स्वामी आर्यवेश