धर्म-अध्यात्म “सत्यार्थ प्रकाश क्यों पढ़े?” July 2, 2018 / July 2, 2018 | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य अच्छी ज्ञानवर्धक पुस्तकें सभी मनुष्यों को पढ़नी चाहियें। अनेक पुस्तकों को धार्मिक ग्रन्थों की संज्ञा दी जाती है। धार्मिक का अर्थ होता है जिसमें धर्म के विषय में जानकारी दी गई हो। धर्म शब्द संस्कृत का शब्द है। हमारे विचार से यह न उर्दू में, न अरबी में, न अंग्रेजी में और […] Read more » Featured ईश्वर का अस्तित्व ईश्वर के ज्ञान का प्रकार ईश्वर स्तुति प्रार्थना उपासना ऋषि दयानन्द सत्यार्थप्रकाश ग्रन्थ समुल्लास में ईश्वर
धर्म-अध्यात्म “सृष्टि रचना, उसका पालन एवं सृष्टि की अपौरुषेय रचनाएँ ईश्वर के अस्तित्व के प्रमाण” June 30, 2018 / June 30, 2018 | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, हम संसार में अनेक रचनायें देखते हैं। रचनायें दो प्रकार की होती हैं। एक पौरुषेय और दूसरी अपौरुषेय। पौरुषेय रचनायें वह होती हैं जिन्हें मनुष्य बना सकते हैं। हम भोजन में रोटी का सेवन करते हैं। यह रोटी आटे से बनती है। इसे मनुष्य अर्थात् स्त्री वा पुरुष बनाते हैं। मनुष्य द्वारा […] Read more » Featured ईश्वर ईश्वरोपासना ऋषि दयानन्द कम्प्यूटर कार खाद घड़ी जल टेलीफोन पुस्तक फर्नीचर बीज भूमि मकान यज्ञ-अग्निहोत्र रेलगाड़ी वस्त्र वायु विमान सृष्टि रचना स्कूटर
धर्म-अध्यात्म “आदर्श ऐतिहासिक वैदिक शिक्षण संस्था गुरुकुल कांगड़ी की स्थापना का रोचक वृतान्त” June 29, 2018 / June 29, 2018 | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, गुरुकुल कांगड़ी की स्थापना 2 मार्च सन् 1902 को 116 वर्ष पूर्व हुई थी। सन् 1916 में गुरुकुल का चौदहवां वार्षिकोत्सव मनाया गया था। उत्सव में गुरुकुल के लिए अपील करते हुए इसके प्रमुख संस्थापक महात्मा मुंशीराम जी ने गुरुकुल स्थापना दिवस के दृश्य का उत्साहप्रद वर्णन किया था। उस दिन […] Read more » Featured आचार्य रामदेव आदर्श ऐतिहासिक वैदिक शिक्षण संस्था गुरुकुल कांगड़ी की स्थापना का रोचक वृतान्त गुरुकुल स्वामी श्रद्धानन्द स्वामी श्रद्धानन्द
धर्म-अध्यात्म गुरुकुल को यदि स्कूल बनाते हैं तो आप बेईमानी करते हैं, उसका दुर्भाग्य करते हैं : डा. धर्मवीर” June 28, 2018 / June 28, 2018 | Leave a Comment “गुरूकुल होता है आर्ष पाठविधि के होने से अन्यथा आप धोखाधड़ी करते हैं। गुरुकुल को यदि स्कूल बनाते हैं तो आप बेईमानी करते हैं, उसका दुर्भाग्य करते हैं : डा. धर्मवीर” –मनमोहन कुमार आर्य, श्रीमद्दयानन्द आर्ष गुरुकुल, पौन्धा-देहरादून के दशम् वार्षिकोत्सव (जून 2010) के दूसरे दिन सायंकालीन सत्र में गुरुकुल सम्मलेन का आयोजन किया […] Read more » Featured आर्यसमाज गुरूकुल डा. रवीन्द्र आर्य ब्रह्मचारियों श्रीमद्दयानन्द आर्ष स्वामी प्रणवानन्द सरस्वती
धर्म-अध्यात्म “वैदिक धर्म का समग्रता से ज्ञान व प्रचार गुरुकुलीय शिक्षा से ही सम्भव” June 27, 2018 / June 27, 2018 | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, गुरुकुल एक लोकप्रिय शब्द है। यह वैदिक शिक्षा पद्धति का द्योतक शब्द है। वैदिक धर्म व संस्कृति का आधार ग्रन्थ वेद है। वेद चार हैं जिनके नाम ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद हैं। यह चार वेद सृष्टि के आरम्भ में सच्चिदानन्दस्वरूप, निराकार, सर्वव्यापक, सर्वशक्तिमान, सर्वज्ञ, अनादि, अनन्त, न्यायकारी, सृष्टिकर्ता और जीवों के […] Read more » “वैदिक धर्म का समग्रता से ज्ञान व प्रचार गुरुकुलीय Featured अनन्त अनादि ऋग्वेद निराकार न्यायकारी यजुर्वेद शिक्षा से ही सम्भव” सच्चिदानन्दस्वरूप सर्वज्ञ सर्वव्यापक सर्वशक्तिमान सामवेद सृष्टिकर्ता
धर्म-अध्यात्म “ईश्वर के उपकारों के लिए सन्ध्या द्वारा धन्यवाद करना मनुष्य का मुख्य कर्तव्य” June 26, 2018 / June 26, 2018 | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, हम मनुष्य हैं। हमारा अस्तित्व सत्य व यथार्थ है। हमारी आत्मा अनादि, अनुत्पन्न, अल्पज्ञ, एकदेशी, ससीम, जन्म-मरण धर्मा और शुभ व अशुभ करने वाली व ईश्वरीय व्यवस्था से उसका फल भोगने वाली है। आत्मा की दो अवस्थायें कह सकते हैं जो बन्धन व मोक्ष हैं। बन्धन का तात्पर्य है कि आत्मा के […] Read more » “ईश्वर के उपकारों के लिए सन्ध्या द्वारा धन्यवाद करना Featured अर्थ ओ३म् व गायत्री काम धर्म मनुष्य मनुष्य का मुख्य कर्तव्य”
धर्म-अध्यात्म ‘ईश्वर का अवतार क्यों नहीं होता?’ June 25, 2018 / June 25, 2018 | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य ईश्वर क्या है? ईश्वर एक सच्चिदानन्दस्वरुप, सर्वशक्तिमान, निराकार, सर्वज्ञ, सर्वव्यापक, सर्वान्तर्यामी, अनादि, अजर, अमर, अनन्त, नित्य एवं सृष्टिकर्ता आदि असंख्य गुण, कर्म व स्वभाव से युक्त दयालु व धर्म में स्थित सत्ता है। हमारे देश में पाषाण व धातुओं की मूर्ति बनाकर उसकी पूजा करने की परम्परा विगत दो या ढ़ाई हजार […] Read more » ‘ईश्वर का अवतार क्यों नहीं होता?’ Featured चन्द्र निराकार पृथिवी महर्षि दयानन्द महर्षि वेदव्यास राम व कृष्ण ईश्वर सच्चिदानन्दस्वरुप सर्वज्ञ सर्वव्यापक सर्वशक्तिमान सर्वान्तर्यामी सूर्य
धर्म-अध्यात्म “ईश्वरीय ज्ञान वेद की मान्यतायें ही विज्ञान की भांति सार्वभौमिक व सार्वकालिक मनुष्यमात्र का धर्म” June 23, 2018 / June 23, 2018 | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, हमारी इस सृष्टि की रचना सर्वव्यापक ईश्वर ने की है जो सच्चिदानन्दस्वरूप, अनादि, अमर, निराकार, सर्वशक्तिमान, सर्वज्ञ व सर्वव्यापक है। उसके गुण, कर्म, स्वभाव व अन्य सभी नियम सत्य हैं व सर्वव्यापक भी हैं। ऐसा नहीं है कि ईश्वर के नियम भारत में कुछ और हों और अमेरिका व किसी अन्य देश […] Read more » “ईश्वरीय ज्ञान वेद की मान्यतायें ही विज्ञान की भांति सार्वभौमिक व सार्वकालिक Featured ईश्वर और सर्वशक्तिमान निराकार मनुष्यमात्र का धर्म” सच्चिदानन्दस्वरूप सर्वज्ञ सर्वव्यापक
धर्म-अध्यात्म “शरीर से ही नहीं, गुण-कर्म-स्वभाव से भी हमें मनुष्य बनना है” June 22, 2018 / June 22, 2018 | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, जिस किसी प्राणी के पास दो हाथ, दो पैर और मनुष्याकृति होने सहित मन, बुद्धि आदि ज्ञानियों, योगियों व ऋषियों के समान हो, उसे वास्वविक व आदर्श मनुष्य कहते हैं। मनुष्याकृति वाले सभी प्राणी मनुष्य अवश्य हैं परन्तु वह आकृति से ही मनुष्य हैं। आकृति के आधार पर उन्हें उत्तम व आदर्श […] Read more » “शरीर से ही नहीं Featured ऋषि दयानन्द गुण-कर्म- बुद्धि आदि ज्ञानियों मन योगियों व ऋषियों स्वभाव से भी हमें मनुष्य बनना है” स्वामी विरजानन्द सरस्वती जी की पुण्य तिथि
धर्म-अध्यात्म “धन और विद्या में विद्यार्जन अधिक महत्वपूर्ण है” June 21, 2018 / June 21, 2018 | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, मनुष्य को अपने जीवन का निर्वाह करने के धन की आवश्यकता होती है। यदि किसी के पास धन नहीं है तो वह अपना भोजन, वस्त्र, निवास व घर तथा मान सम्मान को सुरक्षित रखते हुए इन सभी पदार्थों को प्राप्त नहीं कर सकता। इसके विपरीत यदि किसी के पास विद्या नहीं है […] Read more » “धन और विद्या में विद्यार्जन Featured अधिक महत्वपूर्ण है” निवास व घर भोजन वस्त्र
धर्म-अध्यात्म “क्या बिना ईश्वर सृष्टि का बनना व संचालन सम्भव है?” June 20, 2018 / June 20, 2018 | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, हम जिस सृष्टि में रहते हैं वह विशाल ब्रह्माण्ड का एक सौर्य-मण्डल है। इस सौर्यमण्डल में मुख्यतः एक सूर्य, हमारी पृथ्वी और ऐसे व इससे भी बड़े अनेक ग्रह तथा हमारी पृथ्वी का एक चन्द्र व अन्य ग्रहों के चन्द्र के समान अनेक छोटे व बड़े उपग्रह हैं। वैदिक गणना के अनुसार […] Read more » “क्या बिना ईश्वर सृष्टि का बनना व Featured अनादि अनुत्पन्न ईश्वर धार्मिक नित्य व अविनाशी निराकार संचालन सम्भव है?” सच्चिदानन्दस्वरूप सत्य सर्वज्ञ सर्वव्यापक सर्वान्तर्यामी
समाज २७ बार रक्तदान कर आदर्श उपस्थित करने वाले आदर्श व्यक्ति-“आर्यसमाज धामावाला- डा. विनीत कुमार” June 18, 2018 / June 18, 2018 | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, आर्यसमाज धामावाला-देहरादून ऋषि दयानन्द के कर कमलों से स्थापित आर्यसमाज है। विश्व में किसी मुस्लिम बन्धु की उसके पूरे परिवार सहित पहली शुद्धि ऋषि दयानन्द जी ने इसी आर्यसमाज में की थी और उसका नाम अलखधारी रखा था। आर्यसमाज धामावाला से अतीत में अनेक प्रसिद्ध विद्वान व नेता जुड़े रहे हैं जिन्होंने […] Read more » २७ बार रक्तदान कर Featured आदर्श उपस्थित करने वाले आदर्श व्यक्ति आर्यनेता श्री ओम्प्रकाश त्यागी गुरुकुल डा. भवानीलाल भारतीय पं. प्रकाशवीर शास्त्री मेश्वरानन्द सरस्वती लाला राम गोपाल शालवाले शायद गुरुकुल वृन्दावन शास्त्रार्थ महारथी पं. ओम् प्रकाश शास्त्री - खतौली स्वामी अमर स्वामी सरस्वती स्वामी डा. सत्यप्रकाश जी स्वामी मुनीश्वरानन्द सरस्वती स्वामी सत्यपति जी