मनमोहन आर्य

स्वतंत्र लेखक व् वेब टिप्पणीकार

“भाषा, भाषा से बनती है और आदि व मूल भाषा ईश्वर से प्राप्त होती है”

आज संसार में जितनी भी भाषायें हैं इनका अस्तित्व अपनी पूर्व भाषा में अपभ्रंशों, विकारों,