पर्यावरण लेख मुझसे बोलती और बतियाती प्रकृति August 22, 2023 / August 22, 2023 | Leave a Comment प्रकृति किसी से कुछ लेती नहीं वह सिर्फ देती है। शायद इसी सिद्धांत का पालन नदी और फलों से लदे वृक्ष करते हैं। वृक्ष कबहुँ न फल भखै, नदी न संचय नीर, परमार्थ के कारने साधुन धरा शरीर। प्रकृति मुझसे कुछ लेती नहीं है। वह अपना सब कुछ मुझे लौटाना चाहती है। फल के रुप […] Read more »
राजनीति कदम -कदम बढ़ाए जा तिरंगा हाथ में उठाए August 14, 2023 / August 14, 2023 | Leave a Comment राष्ट्रीय ध्वज हमारे गौरव और स्वाभिमान का प्रतीक है। दुनिया का कोई भी देश अपने राष्ट्रीय ध्वज को जान से भी अधिक सम्मान देता है। राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान के लिए लाखों लोग बलिदान हो चुके हैं। भारत में राष्ट्रीय ध्वज विशेष अवसरों पर फहराया जाता है। बचपन में जब हम स्कूली शिक्षा ग्रहण कर […] Read more »
कविता आओ ! थोड़ा मुस्कुरा लेते हैं August 2, 2023 / August 2, 2023 | Leave a Comment प्रभुनाथ शुक्ल देखो ! दुनिया कितनी बदल गई है ना सबको तो बस ! अपनी ही पड़ी है दूसरे की कोई सुनता ही नहीं कोई दूसरे को पढ़ता नहीं दूसरे को कोई जानता नहीं आओ ! हम-तुम मन की बातें करते हैं थोड़ा मुस्कुरा और खिलखिला लेते हैं जब ! फुर्सत […] Read more »
व्यंग्य खीर-पूड़ी नहीं वे हरी नोट खाते हैं August 2, 2023 / August 2, 2023 | Leave a Comment प्रभुनाथ शुक्ल हम खाने के शौकीन हैं। एक से बढ़कर एक लजीज व्यंजन खाते हैं। हमारे खाने के तरीके के सामने जंगल का अजगर भी शर्मा जाता है। हमारे आसपास कुछ लोग ऐसे भी रहते हैं जो सिर्फ खाने के लिए जीते हैं। खाते-खाते जब […] Read more » They eat green notes
कविता मणिपुर July 24, 2023 / July 24, 2023 | Leave a Comment प्रभुनाथ शुक्ल द्रौपदी भीड़ में है नग्न हमारी ! कौरव कुल करता यह नर्तन है!! सत्ता की मौन साधना करता ! धृतराष्ट्र बांध आँखों पर पट्टी !! मध्यसभा में बिखल रहीं द्रौपदी! क्या सब गूंगे-बहरे और अंधे हैं !! कुल श्रेष्ठ पिताम्ह, आचार्य द्रोण! सब हारे हैं बेचारे बन मौन खड़े […] Read more » manipur incident
व्यंग्य छोड़ न जाओ दिल अभी भरा नहीं July 13, 2023 / July 13, 2023 | Leave a Comment प्रभुनाथ शुक्ल रसोई से मुझे कुछ गुनगुनाने की आवाज आ रही थी। मैं सुनने की कोशिश कर रहा था। अंदर श्रीमती जी साठ के दशक का गीत…मुझे न जाओ छोड़ कर दिल अभी भरा नहीं गुनगुना रहीं थीं। गीत को सुनकर माथा ठनक गया। […] Read more »
लेख सार्थक पहल युवा सपनों की उड़ान ‘ग्राम ज्ञानालय’ July 5, 2023 / July 5, 2023 | Leave a Comment कल्पनाएं जब सजती और संवरती हैं तो उम्मीदों को पंख लग जाते हैं। इरादे और हौसले मजबूत हो जाते हैं। मंजिल खुद-ब-खुद तय हो जाती है। पूर्वांचल के भदोही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ग्रामीण विकास की सोच जमीन पर उतरती दिखती है। भदोही कालीन का हब है यहां कालीन तैयार […] Read more » Flight of youth dreams 'Village School'
पुस्तक समीक्षा मैं जहाज़ी हूं समंदर मेरी पाठशाला है June 23, 2023 / June 23, 2023 | Leave a Comment सात समंदर पार सिंगापुर में हिंदी की अलख जगा रहे विनोद दुबे का हालिया प्रकाशित कविता संग्रह ‘जहाज़ी’ बेहद चर्चित हो रहा है। लोगों यानी पाठकों को खूब पसंद आ रहा है। कविता संग्रह जहाज़ी में कुल 52 कविताएं संकलित हैं। सभी कविताएं जीवन के 52 आयामों को करीने और संजीदगी से जीती हैं। सहज, […] Read more »
लेख स्वास्थ्य-योग योग से होगा सेहतमंद भारत का निर्माण June 20, 2023 / June 20, 2023 | Leave a Comment प्रभुनाथ शुक्ल भगवान कृष्ण ने गीता में कहा है-‘योगः कर्मसु कौशलम’ यानी हमारे कर्मों में सर्वश्रेष्ठ योग है। योग यज्ञ है और यज्ञ कर्म है। योग जीवात्मा और परमेश्वर के मिलन का साधन मात्र ही नहीं बल्कि ईश साधना का भी साध्य भी है। […] Read more » Yoga will build a healthy India
राजनीति अदालतों की सुरक्षा और अपराध बनता चुनौती ? June 9, 2023 / June 9, 2023 | Leave a Comment प्रभुनाथ शुक्ल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश में स्वयं माफियाराज खत्म करने का दावा करते हैं। सरकार यह ढिंढोरा पीटती है कि राज्य से अपराध का समूल सफाया हो गया है। लेकिन तस्वीर इसके उलट है। अदालतें और जेल भी सुरक्षित नहीं है। लखनऊ के कौसरबाग़ […] Read more » crime in court Security of courts and crime becoming a challenge?
पर्यावरण लेख आओ हम सब पेड़ लगाएं June 5, 2023 / June 5, 2023 | Leave a Comment पर्यावरण दिवस 05 जून पर विशेष बालकथा) मंटू भाई आज बहुत गर्मी हैं। आसमान से आग बरस रही है। बिजली की कटौती से जीना मुश्किल हो गया है। लो-वोल्ट की वजह से देखो घर में लगा एसी और कूलर भी नहीं चल रहा है। कल ही अख़बार में एक खबर हमने पढ़ी थीं कि इस […] Read more » आओ हम सब पेड़ लगाएं
कहानी कुल्हाड़ी June 5, 2023 / June 5, 2023 | Leave a Comment लघुकथा : पर्यावरण दिवस 05 जून पर विशेष प्रभुनाथ शुक्ल देखिए ! हमने इस पेड़ को खरीद लिया है। इसे काटने का अधिकार मेरा बनता है। क्योंकि, यह आम का पेड़ मोंगाराम का है उन्होंने इस पेड़ को मुझे बेंच दिया है। आप […] Read more » पर्यावरण दिवस 05 जून