राजनीति प्रधानमंत्री हैं राष्ट्रमंडल खेलों में भ्रष्टाचार के जिम्मेदार October 21, 2010 / December 20, 2011 | 13 Comments on प्रधानमंत्री हैं राष्ट्रमंडल खेलों में भ्रष्टाचार के जिम्मेदार -नितिन गडकरी हमारे खिलाड़ियों ने हाल ही में सम्पन्न हुए 19वें राष्ट्रमंडल खेलों – दिल्ली 2010 में विभिन्न क्षेत्रों में अपने शानदार प्रदर्शन से भारत को गौरवांवित किया है। खेल संस्कृति पैदा करने की भारत की क्षमता और एक खेल प्रधान देश बनने के बारे में सभी प्रकार की अनिश्चिताएं उस समय समाप्त हो गई […] Read more » Commonwealth Games Scam राष्ट्रमंडल खेल घोटाला
खेत-खलिहान किसान आत्महत्या के निहितार्थ October 21, 2010 / December 20, 2011 | 3 Comments on किसान आत्महत्या के निहितार्थ – मुलखराज विरमानी भारत के छोटे किसानों का बुरा हाल है। हमारी सरकार ने आत्महत्या करने वाले किसानों के परिवारों को राहत देने के लिए कानून तो बनाया परंतु उस कानून का पालन न करने के लिए सरकार के ही अधिकारी ऐसी दलीलें देते हैं कि जिससे आत्महत्या करनेवाले किसान के परिवार को क्षति की […] Read more » Farmer Suicide किसान आत्महत्या
विविधा अयोध्या निर्णय : टुकडों में बांट कर शांति October 21, 2010 / December 20, 2011 | 2 Comments on अयोध्या निर्णय : टुकडों में बांट कर शांति – डॉ. सूर्य प्रकाश अग्रवाल 30 सितंबर, 2010 की सांय 3.30 बजे के बाद से ही 60 वर्ष से अधिक चले रामजन्म भूमि व बाबरी मस्जिद प्रकरण पर दायर हुए मुकदमें का उच्च न्यायालय इलाहाबाद की लखनऊ पीठ के तीन न्यायमूर्तियों के द्वारा दिये गये ऐतिहासिक, अभूतपूर्व तथा कानूनी व कुछ आस्था में पगे अपना […] Read more » Decision अयोध्या निर्णय
प्रवक्ता न्यूज़ मनोरंजन पंजाबी फ़िल्म तेरे इश्क नचाया October 21, 2010 / December 20, 2011 | Leave a Comment इरोज इंटरनेशनल व पर्ल्स इंटरटेनमेंट की पंजाबी फीचर फ़िल्म ”तेरे इश्क नचाया” के निर्माता हैं केसर सिंह व निर्देशक है रविंदर रवि. ”तेरे इश्क नचाया” की कहानी है कमल नाम की एक चुलबुली युवती की. उसके तीन भाई हैं जो अपनी बेटी की तरह उसे प्यार करते हैं. अभी भी वो बच्चों के साथ ही […] Read more » Punjabi Film पंजाबी फ़िल्म
विविधा सरसंघचालक मोहन भागवत के विजयादशमी भाषण का सारांश October 20, 2010 / December 20, 2011 | 3 Comments on सरसंघचालक मोहन भागवत के विजयादशमी भाषण का सारांश अश्विन शु.दशमी युगाब्द 5112 (17 अक्टूबर, 2010) श्री रामजन्मभूमि न्यायिक निर्णयः एक शुभ संकेत प्राचीन समय से अपने देश में धर्म की विजय यात्रा के प्रारम्भ दिवस के रूप में सोत्साह व सोल्लास मनाये जानेवाला यह विजयदशमी का पर्व इस वर्ष संपूर्ण राष्ट्र के जनमन में, 30 सितंबर 2010 को श्री रामजन्मभूमि के विषय को […] Read more » RSS मोहन राव भागवत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
समाज रामजन्मभूमि विवाद, राजनीति के बांझपन का नतीजा ? October 19, 2010 / December 20, 2011 | 3 Comments on रामजन्मभूमि विवाद, राजनीति के बांझपन का नतीजा ? -भरतचंद्र नायक राजनीति को लोकनीति बनाना श्रेष्ठ स्थिति मानी गयी है, लेकिन आजादी के बाद सियासत सकरे दायरे में कैद हुई है, उससे वह बांझ बनकर रह गयी है। राम जन्म भूमि विवाद को पाल पोसकर रखा जाना फिरंगी शासन की बांटो और राज करो की कुशल रणनीति का हिस्सा माना जा सकता था। लेकिन […] Read more » Ram Birthplace अयोध्या आंदोलन श्रीरामजन्मभूमि
विविधा बिहार हाशिए पर क्यों ? October 19, 2010 / December 20, 2011 | 1 Comment on बिहार हाशिए पर क्यों ? -अनिल दत्त मिश्र बिहार का अतीत गौरवशाली रहा है। मौर्य साम्राज्य, कौटिल्य का ‘अर्थशास्त्र’, नालंदा विश्वविद्यालय, विक्रमशिला विश्वविद्यालय, जैन-बौद्ध धर्म का उदय, स्वतंत्रता संग्राम में राजेन्द्र प्रसाद, सच्चिदानंद सिन्हा, मौलाना मजरूल हक आदि अग्रणी नेता इसी प्रांत से आते हैं। महात्मा गांधी ने चंपारण आंदोलन बिहार से शुरू करके स्वतंत्रता का सुत्रपात किया। जयप्रकाश नारायण, आजादी […] Read more » bihar बिहार
टेक्नोलॉजी इंटरनेट का मायाजाल October 19, 2010 / December 20, 2011 | 2 Comments on इंटरनेट का मायाजाल -गुंजन भारती पिछले दो-तीन वर्षों पूर्व सुषमा स्वराज जी का एक वक्तव्य सुना, तब वे सूचना-प्रसारण मंत्री नहीं थीं। लेकिन जब वे सूचना- प्रसारण मंत्री थीं तब की स्मृतियाँ वे टटोल रहीं थीं अपने वक्तव्य में। विषय था मातृत्व। माँ द्वारा बच्चे को संस्कार। भारत में अंतरताने इंटरनेट सर्फिंग की मँजूरी उन्हीं के समय में […] Read more » Internet इंटरनेट
धर्म-अध्यात्म ऋग्वेद प्राचीन भारतीय समाज का गीत दर्पण October 18, 2010 / December 20, 2011 | Leave a Comment – हृदयनारायण दीक्षित सभी जीवधारी शरीर और प्राण का संयोग हैं। लेकिन मनुष्य विशिष्ट है। मनुष्य जिज्ञासु है। बाकी प्राणी शारीरिक जरूरतों में सीमित हैं। जिज्ञासा की प्यास मनुष्य को प्रकृति का सर्वोत्तम उपहार है। जिज्ञासा जानकारी की इच्छा है। दुनिया के सभी भूखंडों के मनुष्य में जिज्ञासा थी लेकिन इसका प्रामाणिक इतिहास नहीं मिलता। […] Read more » Indian ऋग्वेद
विविधा भूख के खिलाफ संगठित प्रयास October 17, 2010 / December 21, 2011 | 1 Comment on भूख के खिलाफ संगठित प्रयास -देवेन्द्र उपाध्याय विश्व खाद्य दिवस हर साल 16 अक्तूबर को मनाया जाता है। इस दिन संयुक्त राष्ट्रसंघ के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफ ए ओ) की 65 वर्ष पूर्व स्थापना हुई थी। पिछले 29 वर्ष से विश्व खाद्य दिवस मनाया जा रहा है। इस वर्ष का विषय है-भूख के खिलाफ संगठित हों यह विषय इसलिए […] Read more » hunger भूख
खेत-खलिहान ग्रामीण क्षेत्रों में शहरी सुविधाओं के माध्यम से शहरी-ग्रामीण अंतर को दूर करने का प्रयास October 17, 2010 / December 21, 2011 | 1 Comment on ग्रामीण क्षेत्रों में शहरी सुविधाओं के माध्यम से शहरी-ग्रामीण अंतर को दूर करने का प्रयास -अतुल कुमार तिवारी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा था कि वास्तविक भारत गांवों में बसता है। सभी प्रयासों के बावजूद आजादी के छह दशक बाद भी देश के आश्चर्यजनक पहलुओं में एक है- सुविधाओं के दृष्टि से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बहुत बड़ा अंतर। शहरी भारत और ग्रामीण भारत के बीच के इस अंतर […] Read more » village ग्रामीण क्षेत्र
आर्थिकी उत्सर्जन व्यापार October 17, 2010 / December 21, 2011 | Leave a Comment -कल्पना पालखीवाला उत्सर्जन व्यापार, यानी उत्सर्जन की अंतिम सीमा निर्धारित करना और व्यापार प्रदूषण को नियंत्रित करने का बाजार आधारित दृष्टिकोण है जिसके तहत उत्सर्जन में कटौती करने वालों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। कोई केंद्रीय प्राधिकरण या नियामक वह सीमा/हद तय करता है जितनी मात्रा तक कोई प्रदूषक उर्त्सजन कर सकता है, […] Read more » Profession उत्सर्जन व्यापार