स्वास्थ्य-योग शहरीकरण और स्वास्थ्य स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां May 24, 2010 / December 23, 2011 | Leave a Comment -ए एन खान तेजी से बढ़ता हुआ शहरीकरण और शहरों की जनसंख्या में हो रही बढ़ोतरी को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के समाधान की दिशा में प्रमुख चुनौतियों के रूप में देखा जाता रहा है। अनुमान है कि 1990 और 2025 के बीच विकासशील देशों में शहरी आबादी में तीन गुनी वृध्दि हो चुकी होगी और […] Read more » Urbanization शहरीकरण
राजनीति अकेला चना भी भाड़ फोड़ सकता है …. May 22, 2010 | 1 Comment on अकेला चना भी भाड़ फोड़ सकता है …. (गुजरात की स्वर्ण जयंती पर विशेष) -वीरेन्द्र सिंह परिहार बहुत पुरानी कहावत है कि ”अकेला चना भाड़ नही फोड़ सकता।” कहने का आशय यह कि एक नेता या शासक चाहे वह कितना भी शक्तिशाली और सक्षम क्यो न हो, अकेले कोई बुनियादी परिवर्तन नही कर सकते, जब तक कि जनता उक्त परिवर्तन के लिए मानसिक […] Read more » गुजरात नरेन्द्र मोदी भाजपा मुस्लिम
पर्यावरण हीट स्ट्रोक के मामलों में इज़ाफ़ा, अहतियात बरतने की सलाह May 19, 2010 / December 23, 2011 | 1 Comment on हीट स्ट्रोक के मामलों में इज़ाफ़ा, अहतियात बरतने की सलाह –चांदनी नई दिल्ली. भीषण गर्मी के कारण देश में हीट स्ट्रोक के मामलों में इज़ाफ़ा में इज़ाफ़ा हो रहा है. हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया ने गर्मी में मरीजों द्वारा की जाने वाली गलतियों और प्रबंध के बारे में दिशा-निर्देश जारी किए हैं. हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. के के अग्रवाल और […] Read more » Hot गर्मी हीट स्ट्रोक
समाज अविवाहित सहजीवन का विषाद ! विवाह का प्रसाद – हृदयनारायण दीक्षित May 19, 2010 / December 23, 2011 | 7 Comments on अविवाहित सहजीवन का विषाद ! विवाह का प्रसाद – हृदयनारायण दीक्षित सुप्रीम कोर्ट ने अविवाहित सहजीवन को वैध ठहराया है। कोर्ट की अपनी सीमा है। उसने मौलिक अधिकार (अनुच्छेद 21) की ही व्याख्या की है। उसने विवाह नामक संस्था को अवैध नहीं ठहराया लेकिन भारतीय शील, मर्यादा और संस्कृति के विरोधी बम हैं। टिप्पणीकार इसे आधुनिकता की जरूरत बता रहे हैं। लेकिन ऐसे अति आधुनिक (उनकी […] Read more » Marrige विवाह सहजीवन
आर्थिकी खेत-खलिहान अनुसंधान से आर्थिक उन्नति संभव – मुलख राज विरमानी May 19, 2010 / December 23, 2011 | 1 Comment on अनुसंधान से आर्थिक उन्नति संभव – मुलख राज विरमानी भारत के उद्योगपति अनुसंधान में इतनी रुचि नहीं लेते जितना संपन्न हुए देशों के उद्योगपति। यह कड़वा सत्य भारत की सबसे बड़ी कमजोरी है। कुछ थोड़े से उद्योगपतियों ने इस ओर ध्यान दिया वह आज अपने उद्योग के क्षेत्र में विश्व के उद्योगपतियों के बराबर हैं या उनसे भी आगे निकल गए। उदाहरणतया कुछ भारतीय […] Read more » Dairy कृषि गाय डेरी
कविता कविता : पूर्णिमा May 19, 2010 / December 23, 2011 | 1 Comment on कविता : पूर्णिमा हीरक नीलाम्बर आवेष्टित, विहॅस रही राका बाला। शुभ सुहाग सिन्दूरी टीका, सोहत है मंगल वाला॥1॥ अलंकृता कल कला प्रेय संग, पहुँची मानो मधुशाला। छिन्न भिन्न छकि छकि क्रीड़ा में, विखरत मोती की माला॥2॥ -डॉ0 महेन्द्र प्रताप पाण्डेय ”नन्द” Read more » Poems पूर्णिमा
कविता कविता: माँ May 19, 2010 / December 23, 2011 | 8 Comments on कविता: माँ -ललित गिरी प्यारी जीवन दायिनी माँ!, जब मैनें इस जीवन में किया प्रवेश पाया तेरे ऑंचल का प्यारा-सा परिवेश मेरे मृदुल कंठ से निकला पहला स्वर माँ! पूस की कॅंपी-कॅपी रात में, तूने मुझे बचाया। भीगे कम्बल में स्वयं सोकर, सूखे में मुझे सुलाया॥ तब भी नहीं निकली तेरी कंठ से, एक भी आह। क्योंकि […] Read more » Maa माँ
राजनीति फिर 50 निर्दोष लोगों के लाशों के ढेर लगा दिए नक्सलियों ने May 17, 2010 / December 23, 2011 | 1 Comment on फिर 50 निर्दोष लोगों के लाशों के ढेर लगा दिए नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में फिर भीषण नक्सली हमला। नक्सलियों ने एक बस को बम से उडाकर पचास निर्दोष लोगों को मौत के घाट उतार दिया। इसमें ज़्यादातर स्थानीय लोग ही सवार थे। यह विस्फोट सुकमा राजमार्ग पर हुआ है। सुकमा दंतेवाड़ा से महज 35 किलोमीटर दूर है, जबकि जिस जगह यह घटना घटी है वहां […] Read more » Naxalism नक्सलवाद माओवाद
राजनीति शेखावत की अंतिम यात्रा में उम़डा जनसैलाब May 17, 2010 / December 23, 2011 | Leave a Comment जयपुर। पूर्व उपराष्ट्रपति भैरोसिंह शेखावत को जयपुर में अश्रुपूरित नेत्रों से अंतिम विदाई दी गई। उनकी शवयात्रा रविवार सुबह 10:35 बजे सिविल लाइंस स्थिति उनके सरकारी आवास से रवाना हुई, जिसमें सभी दलों के वरिष्ठ नेता, कई राज्यों के मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री, सांसद, विधायक और उनके हजारों प्रशंसक एवं परिजन शामिल थे। शेखावत का पार्थिव […] Read more » Bhairosingh Shekhawat भैरोसिंह शेखावत
खेत-खलिहान जैविक खेती, प्राकृतिक ऊर्जा और लघु उद्योगों से खुशहाल होंगे गांव May 15, 2010 / December 23, 2011 | 2 Comments on जैविक खेती, प्राकृतिक ऊर्जा और लघु उद्योगों से खुशहाल होंगे गांव – श्री कुप्.सी.सुदर्शन, निवर्तमान सरसंघचालक, रा.स्व.संघ खेती में रासायनिक खाद का प्रयोग बंद करना समय की मांग है, क्योंकि वह भूमि एवं मनुष्य दोनों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। रासायनिक खाद से उपजी चीजें खाने से साल भर में हम 100 मिलीग्राम तक रासायनिक जहर भोजन के साथ पचा जाते हैं। यही 100 मिलीग्राम जहर […] Read more » Organic Farming गांव जैविक खेती प्राकृतिक ऊर्जा लघु उद्योग
साहित्य मार्कण्डेय : जिनके पास अंतर को पढ़ लेने की एक्सरे जैसी आंखें थी May 14, 2010 / December 23, 2011 | Leave a Comment -सरला माहेश्वरी पिछले वर्ष दो अक्तुबर को पिताजी हमें छोड़ कर चले गये। पिताजी की शब्दावली में, शहरीले जंगल में सांसों की हलचल अचानक थम सी गयी। कोलाहल के आंगन में जैसे सन्नाटा पसर गया। इस सन्नाटे को कोई कैसे स्वराए? किससे बात करे एकाकी मन ? सागर जैसा एकाकीपन, नीले जल सा खारा तन–मन, […] Read more » Markanday मार्कण्डेय
विश्ववार्ता माओवाद से जनता ऊब चुकी है नेपाल हो या छत्तीसगढ़ May 12, 2010 / December 23, 2011 | 1 Comment on माओवाद से जनता ऊब चुकी है नेपाल हो या छत्तीसगढ़ -सूबेदार आज के माओवादी लेनिन और माओ क़ा स्वप्न देख रहे हैं। वे यह अच्छी तरह जानते है कि मार्क्सवाद क़ा विचार आज लोकतान्त्रिक युग में प्रासंगिक नहीं रह गया है। रूस, चीन जैसे देश में यह प्रयोग फेल हो चुका है। रूस और चीन में भी करोडों की हत्या के पश्चात् सत्ता प्राप्त की […] Read more » Maoist नक्सलवाद माओवाद