धर्म-अध्यात्म ज्ञान सर्वोच्च लब्धि है – हृदयनारायण दीक्षित April 15, 2010 / December 24, 2011 | Leave a Comment विश्व तनावग्रस्त है, सब तरफ अशांति है। अशांति और तनाव आधुनिक विश्व मानवता की समस्या है। इसके उपचार भारतीय अध्यात्म व दर्शन में हैं। भारतीय अध्यात्म ईश्वर आस्था नहीं है। यह किसी ईश्वर प्रतिनिधि या ईश्वर पुत्र की घोषणा नहीं है। सिर्फ ज्ञान और श्रद्धा की प्रीति है। श्रद्धा और ज्ञान का मिथुन है। यह […] Read more » geeta उपनिषद गीता ज्ञान वेद
धर्म-अध्यात्म बज्रयानी सिद्ध आदि कवि सहरपाद का जन्म सहरसा में – मुक्तेश्वर मुकेश April 15, 2010 / December 24, 2011 | 1 Comment on बज्रयानी सिद्ध आदि कवि सहरपाद का जन्म सहरसा में – मुक्तेश्वर मुकेश जब बौद्ध धर्म 8वीं शताब्दी में बज्रयान के रूप में विकसित हुआ तब धीरे-धीरे इसमें तंत्रयान का समा वेश हो गया। तंत्रयान में बौद्ध भिक्षुणियाँ गुह्य गुफा में तांत्रिक क्रिया में रहने लगे। उस समय जनमानस में अपने दैहिक रोग मुक्ति के लिए तंत्रयानी भिक्षुकों का सहारा लेना अनिवार्य दिखने लगा। वे लोग तांत्रिक होम […] Read more » Brajyani बज्रयानी सिद्ध आदि कवि सहरपाद
विविधा फूलों की चिकित्सा – पुनीता बिरिंग April 15, 2010 / December 24, 2011 | 1 Comment on फूलों की चिकित्सा – पुनीता बिरिंग कुदरत ने मनुष्य के लिए बहुत से खजाने इकट्ठे कर रखे हैं। प्राकृतिक चिकित्सा उनमें से एक है। आज के युग में इसकी विशेषता बढ़ गयी है। ये शक्तिवर्धन, तरल वनस्पति पदार्थ, फूल की अंतरात्मा को हम तक पहुंचा सकते हैं। अग्नि, जल, पृथ्वी और वायु, ये तत्व जिंदगी के अटूट हिस्से हैं। ये दवाईयां […] Read more » Flowers फूलों की चिकित्सा
प्रवक्ता न्यूज़ लिमटी खरे को संवाद सम्मान 2009 April 13, 2010 / December 24, 2011 | 1 Comment on लिमटी खरे को संवाद सम्मान 2009 नई दिल्ली 10 अप्रेल। ब्लाग जगत में सक्रिय योगदान के लिए संवाद डॉट काम द्वारा दिए जाने वाले संवाद सम्मान 2009 के लिए लिमटी खरे का चयन किया गया है। उन्हें सामाजिक चेतना श्रेणी में नामित किया गया है। एमआरडी लाईफ साईंस द्वारा प्रायोजित इस सम्मान को ब्लाग जगत में योगदान के लिए दिया जाता […] Read more » Limti Khare
राजनीति कुपोषित अमीरी April 13, 2010 / December 24, 2011 | Leave a Comment मशहूर शायर अदम गौढ़ ने ठीक ही कहा हैं, कि ”कोठियों से मुल्क की मैयार को मत आंकियें, असली हिन्दुस्तान तो फुटपात पर आबाद है” आज के संदर्भ में ये बात और स्पष्ट होती हैं जब देखते हैं कि भारत में हर वर्ष 31 लाख बच्चें की मृत्यु पांच वर्ष से कम उम्र में ही […] Read more » Rich अमीर
राजनीति आतंकवाद की समस्या का समाधान April 13, 2010 / December 24, 2011 | 4 Comments on आतंकवाद की समस्या का समाधान आतंकवाद से सारी दुनिया जुझ रही है| आतंकवाद एक विश्व व्यापी समस्या बन गयी है और इसकी जड़े सारे ससार में फैलती जा रही हैं| दरअसल आतंकवाद प्राचीन काल से ही इस संसार में एक बड़ी समस्या के रूप में विद्यमान रहा है| इस समस्या के निदान के लिए भगवान राम का चरित्र याद आता […] Read more » terrorism आतंकवाद
मनोरंजन बेगाने की शादी, और अब्दुल्ला दीवाना April 13, 2010 / December 24, 2011 | Leave a Comment भारतीय और पाकिस्तानी मीडिया में इन दिनों सानिया मिर्जा और क्रिकेटर शोएब मलिक के निकाह की खबर खूब सुर्खियां बटोर रही है…ऐसा नहीं है कि केवल मीडिया ही इस खबर को कवरेज दे रहा है…राजनीतिक दल और धर्म के रखवाले भी चुप बैठने की मुद्रा में नहीं हैं.. बिना सलाह मांगे लोग मीडिया के सामने […] Read more » Abdulla अब्दुल्ला
विविधा अब पुरुष विमर्श पर हो विचार – सुजाता मिश्र April 13, 2010 / December 24, 2011 | Leave a Comment पिछले काफी समय से भारत में नहीं अपितु संपूर्ण विश्व में महिला जाग्रति को लेकर क्रान्तिकारी कदम उठाये गये हैं जिनके कई मामलो में बहुत अच्छे परिणाम भी देखने को मिले हैं, और देखा जाये तो आज महिलाये पुरुषों से बराबर नहीं बल्कि कहीं आगे ही है, हालाँकि इसमें समाज की हर महिला को शामिल नहीं […] Read more » Man पुरुष विमर्श सुजाता मिश्र
धर्म-अध्यात्म कोई सीता मैया को फूल चढ़ायेगा? April 6, 2010 / December 24, 2011 | 2 Comments on कोई सीता मैया को फूल चढ़ायेगा? इन दिनों श्रीलंका में पर्यटक के रूप में भी भावुक न होना कठिन है। एक राहत की सांस अब भी सरसराती है, क्षितिज को चूमते समुद्र से लेकर व्यस्त नगरों और हरे भरे देहात तक। युद्ध खत्म हो चुका है और पूरी दुनिया मदद करने को आतुर है- सड़कें, पुल, अस्पताल, स्कूल उद्योग यहां तक […] Read more » Sri Lanka श्रीलंका सीता
आर्थिकी बजट, महंगाई और आम आदमी April 3, 2010 / December 24, 2011 बजट की सही समीक्षा बजट पेश किये जाने के कुछ दिनों बाद ही हो सकती है। तत्काल प्रतिक्रियाएं तो क्षणिक होती हैं तथा सही आकलन के बगैर होती हैं इसीलिए प्रतिक्रिया में बस इतना ही कहा जाता है कि बजट अच्छा है या बुरा। दरअसल बजट के पहले मीडिया द्वारा ऐसा उन्माद पैदा कर दिया […] Read more » Inflation बजट महंगाई
धर्म-अध्यात्म देवी उपासना वैदिक काल से भी प्राचीन – हृदयनारायण दीक्षित April 3, 2010 / December 24, 2011 | 1 Comment on देवी उपासना वैदिक काल से भी प्राचीन – हृदयनारायण दीक्षित माँ सृष्टि के अणु परमाणु की जननी है। माँ प्रत्येक जीव की आदि अनादि अनुभूति है। माँ की देह का विस्तार ही हम सबकी काया है। हम सबका अस्तित्व माँ के कारण ही है। माँ न होती तो हम न होते। माँ स्वाभाविक ही दिव्य हैं, देवी हैं, पूज्य हैं, वरेण्य हैं, नीराजन और आराधन […] Read more » Devi देवी उपासना
विविधा भोगवाद का चक्रवात और मुक्ति – डॉ. रामजी सिंह April 2, 2010 / December 24, 2011 | Leave a Comment सत्ता, संपत्ति एवं ज्ञान के भोग के त्रिदोष हैं। जो आधुनिक सभ्यता के भी प्रतीक हैं। इसी के कारण असीम हिंसा, अखंड सत्ता और अनंत भोग के लिए ज्ञान और विज्ञान प्रकृति का अनुचित दोहन और फलस्वरूप भयानक प्रदूषण अपने चरम सीमा पर पहुंच चुका है। औद्योगिक सभ्यता के श्रीगणेश भोगवाद का यह चक्रवात 20वीं […] Read more » भोगवाद