धर्म-अध्यात्म रामचरितमानस में लोक मंगल की कामना – राजीव मिश्र February 19, 2010 / December 24, 2011 | 1 Comment on रामचरितमानस में लोक मंगल की कामना – राजीव मिश्र राम की कथा गोस्वामी तुलसीदास से पहले देववाणी संस्कृत में ही लिखीर् गई थी और जन साधारण के लिए यह केवल ‘श्रवणीय’ थी क्योंकि वह भाषा जिसमें रामकथा लिखि गयी थी, उसके लिए सहज ग्राह्य नहीं थी और भाषा की क्लिष्टता के कारण उसकी पठनीयता बाधित थी। बड़े ही साहस के साथ गोस्वामी तुलसीदास ने […] Read more » Ramcharitmanas रामचरितमानस
विविधा भारतीय शिक्षा का स्वर्णिम अतीत- हृदयनारायण दीक्षित February 19, 2010 / December 24, 2011 | Leave a Comment प्राचीन भारत की शिक्षा मुक्ति का मार्ग थी। गांधी जी भारतीय शिक्षा के सत्य-आग्रही थे। प्राचीन भारत के विद्यालय आचार्य परिवार थे, सो गुरूकुल कहलाते थे। दुनिया के किसी भी राष्ट्र में निःशुल्क शिक्षा व्यवस्था का भारत जैसा आदर्श नहीं मिलता। संविधान संशोधन के बावजूद छोटे बच्चों की निःशुल्क शिक्षा व्यवस्था का भारत जैसा आदर्श […] Read more » Education शिक्षा
विविधा भारत के लिये जिये जयानन्द भारती- शाक्त ध्यानी February 19, 2010 / December 24, 2011 | 2 Comments on भारत के लिये जिये जयानन्द भारती- शाक्त ध्यानी सन् 1857 के संग्राम में सदियों से सोया भारत जैसे जाग उठा था। इस संग्राम की भूमिका बांधने वाले अनेक विचारक, संत, कवि जिस तरह वर्षों से भारतीय समाज को खटखटाते रहे। उसी का परिणाम था कि साढे तीन लाख भारतीयों ने अपनी स्वतन्त्रता के लिए आत्मोत्सर्ग किया। अंग्रेज शासक इस दमन के अन्दर सुलगती […] Read more » Jayanand Bharti जयानन्द भारती
राजनीति भाजपा की राष्ट्रीय परिषद् बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन गडकरी द्वारा दिए गए अध्यक्षीय भाषण का पूरा पाठ February 18, 2010 / December 24, 2011 | 7 Comments on भाजपा की राष्ट्रीय परिषद् बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन गडकरी द्वारा दिए गए अध्यक्षीय भाषण का पूरा पाठ गत 18 फरवरी, 2010 को इंदौर(मध्यप्रदेश) में आयोजित भाजपा की राष्ट्रीय परिषद् बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन गडकरी द्वारा दिए गए अध्यक्षीय भाषण का पूरा पाठ- मेरे प्यारे भाइयों, बहनों और प्रतिनिधि बंधुओं भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की इस बैठक में आपके समक्ष मैं अत्यंत हर्ष, विनम्रता एवं गर्व का […] Read more » Bhajpa अध्यक्षीय भाषण नितिन गडकरी भाजपा
राजनीति नितिन गडकरी के रूप में देश की राजनीति संघ को समझेगी – डॉ. सूर्य प्रकाश अग्रवाल February 18, 2010 / December 24, 2011 | Leave a Comment भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर 52 वर्षीय नितिन गडकरी ने 19 दिसम्बर 2009 को पदार्पण किया। देश के तेजी से बदलते राजनीतिक वातावरण में नितिन गडकरी को युवा विचारों का द्योतक समझा जा रहा है जिससे बुढ़ाते नेताओं के द्वारा चलाते लोकतंत्र में नए रक्त का संचार होने की आशा की […] Read more » bjp नितिन गडकरी भाजपा रा्. स्व. संघ
विविधा ऐतिहासिक विवादों का स्रोत : वैचारिक कुटिलता से कैसे जूझें?-हरिकृष्ण निगम February 18, 2010 / December 24, 2011 | 1 Comment on ऐतिहासिक विवादों का स्रोत : वैचारिक कुटिलता से कैसे जूझें?-हरिकृष्ण निगम अभी अधिक दिन नहीं हुए जब सर्वोच्च न्यायालय ने दिल्ली विश्वविद्यालय को आदेश दिया था कि वह विशेषज्ञों की एक समिति का गठन कर इस बात की जांच करे कि द्वितीय वर्ष स्नातक के लिए इतिहास की पाठयपुस्तक के एक अध्याय में हिन्दुओं के आराध्य हनुमान के लिए अपशब्द क्यों प्रयुक्त किए गए और उन्हें […] Read more » Delhi University दिल्ली विश्वविद्यालय वामपंथी इतिहासकार
राजनीति राजनीतिक जाल में उलझता तेलंगाना- रुचि सिंह February 17, 2010 / December 24, 2011 | Leave a Comment पदों का लालच, वोट बैंक, बंदूकों बूटों की जोर पर तेलंगाना के आंदोलन को दबा देने का अपना अलग इतिहास रहा है। सैकड़ों छात्रों को गोलियों के निशाने पर लेकर कांग्रेस ने 1969 के जबरदस्त आंदोलन की धार को मोड़ दिया। केन्द्र ने झुकने का नाटक किया है या अपनी चाणक्य नीति के तहत वह […] Read more » Telangana तेलंगाना
राजनीति चुनाव आयोग के साठ साल February 17, 2010 / December 24, 2011 | Leave a Comment चुनाव आयोग ने इस साल 61वें गणतंत्र दिवस के एक दिन पहले अपना हीरक जयंती मनाया। इन साठ सालों में इसने अपनी संरचना और स्वतंत्रता के दृष्टिकोण से बहुत उतार-चढ़ाव देखे। इन वर्षों में इसके कार्य उल्लेखनीय रहे जैसे मतदाताओं की संख्या को बढ़ाना, मतदान प्रक्रिया में तकनीक इत्यादि का प्रयोग करना। लेकिन इसे अपनी […] Read more » Election Commision चुनाव आयोग
धर्म-अध्यात्म अवसरवादिता और दुराग्रह -हरिकृष्ण निगम February 17, 2010 / December 24, 2011 | 1 Comment on अवसरवादिता और दुराग्रह -हरिकृष्ण निगम नई दिल्ली से प्रकाशित एक प्रतिष्ठित सप्ताहिक ‘इंडिया टुडे’ ने हाल के अंक में कुछ दिनों पहले दिवंगत हुए पुराने कांग्रेसी नेता और मुस्लिम विचारक डा. रफीक जकारिया को उद्धृत करते हुए मोटे अक्षरों में लिखा कि इतिहास में कोई ऐसा साक्ष्य नहीं है कि जो सिद्ध कर सके कि किसी मुस्लिम ने कोई हिन्दू […] Read more » hindu Muslim हिंदू-मुस्लिम
राजनीति राहुल का गुब्बारा तो मीडिया ने फुलाया है… February 16, 2010 / December 25, 2011 | 8 Comments on राहुल का गुब्बारा तो मीडिया ने फुलाया है… प्रवक्ता पर पंकजजी का लिखा ‘खिसियायें नहीं सीखें राहुल गांधी से’ और संजयजी का ‘सडक पर उतरा शहजादा’ लेख पढा। लेखक ने वास्तविकता को नजरअंदाज किया है। मीडिया के झांसे में आकर राहुल गांधी की राजनीति से प्रभावित हो जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। यहां हम लेखक की आंखें खोलने के लिए सिर्फ कुछ ही तथ्यों को प्रस्तुत […] Read more » Rahul Gandhi कांग्रेस राहुल गांधी
विविधा सेकुलरियाए बौद्धिकदां क्या नहीं जानते-पूरब में उगता है सूरज, पश्चिम में लय होता February 16, 2010 / December 25, 2011 | Leave a Comment ‘बारामासा’, नवभारत टाइम्स और सरिता प्रेमियों समेत तमाम नेटवर्गीय सेकुलर बौद्धिकों का भारत विरोधी राग तीव्र हो गया है। भारत विरोधी इसलिए क्योंकि जिसे यह हिंदू धर्म की सीमाओं में कैद करने का दुस्साहस कर रहे हैं वह संस्कृति और संस्कार ही भारत को व्याख्यायित करते हैं। इनका उत्तर दिया जाना ही समय का वास्तविक […] Read more » Nav bharat times नवभारत टाइम्स हिंदू
विविधा कहाँ हैं वे निष्पक्ष, निर्भीक विचारक?-हरिकृष्ण निगम February 16, 2010 / December 25, 2011 | Leave a Comment सारी दुनियां में भारत अकेला देश है जहाँ आज अंग्रेजी लेखन से जुड़े कुछ ऐसे विचारक हैं जिनकी हीनता-ग्रंथि इतनी स्पष्ट और मुखर है कि वे किसी न किसी रूप में बराबर कहते हैं कि देश का अतीत उनके मन में गर्व या विस्मय नहीं बल्कि वितृष्णा पैदा करता है। देश के भूतकाल के प्रति […] Read more » Harikrishn Nigam निष्पक्ष