समाज बाल विवाह का संक्रमण जारी है January 5, 2013 | Leave a Comment सुप्रिया साहू छह साल की पारूल (बदला हुआ नाम) के लिए खुशी का ठिकाना नहीं था। क्योंकि उसका घर और वह दुल्हन की तरह सजी थी। लाल कपड़े में इठलाती पारूल सभी मेहमानों की आकर्षण का केंद्र थी। अतिथियों के आवभगत में उसके माता-पिता काफी व्यस्त थे लेकिन पारूल को सिर्फ इतना पता था कि […] Read more »
पर्यावरण जलछाजन क्षेत्र में सामुदायिक सहभागिता का परिणाम October 6, 2012 | Leave a Comment शैलेन्द्र सिन्हा परंपरागत रूप से नदियों, पहाड़ों, झरनों एवं जोरिया से पानी पीकर वर्षों से मनुष्य अपना जीवन यापन करता आ रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर केन्द्र सरकार द्वारा पूरे भारत के गांवों में जलछाजन योजना के तहत सामुदायिक सहभागिता से जल को पीने लायक व कृषि उपयोग हेतु हरियाली नामक योजना चलायी गई है। […] Read more » जलछाजन
पर्यावरण हिमालय की दुर्दशा से पर्यावरण संकट में September 21, 2012 | Leave a Comment दिनेश पंत इस वर्ष देश में उम्मीद से कम और अनियमित वर्षा ने ग्लोबल वार्मिंग के बढ़ते खतरे की चिंता को बढ़ा दिया है। विकास और उन्नति के नाम पर औद्योगिकीकरण ने पर्यावरण को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया है। निवेश के बढ़ते अवसर ने गांव को भी तरक्की के नक्षे पर मजबूती से उकेरा है। […] Read more » हिमालय
विविधा योजनाओं की घोषणा नहीं क्रियान्वयन चाहिए September 18, 2012 | Leave a Comment राम कुमार आजादी के बाद से अबतक देश में कितनी योजनाएं बनी हैं इसका हिसाब-किताब रखना बहुत मुश्किल है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन, मनरेगा, स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना, इंदिरा आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना मिड डे मील, विकलांग पेंशन योजना, वृद्धावस्था पेंशन योजना, विधवा पेंशन योजना, फसल बीमा योजना, […] Read more »
समाज यहां आज भी लोग गुफाओं में रहते हैं August 30, 2012 | 1 Comment on यहां आज भी लोग गुफाओं में रहते हैं आशुतोष शर्मा देश के महानगरों से लेकर छोटे शहरों तक फैले मॉल, गांवों गांवों तक पहुंची मल्टीनेशनल कंपनियों के कोल्ड ड्रिक्स की बोतलें और महंगे मोबाईल फोन रखने वाले ग्रामीणों को देखकर ऐसा लगता है कि रोटी, कपड़ा और मकान अब लोगों की बुनियादी आवश्यकता नहीं रह गई है, बल्कि यह सब गुजरे जमाने की […] Read more »
प्रवक्ता न्यूज़ मीडिया हमने धर्म को माना लेकिन जाना नहीं- आरिफ बेग August 28, 2012 / August 28, 2012 | 1 Comment on हमने धर्म को माना लेकिन जाना नहीं- आरिफ बेग एमसीयू में ‘ईद और राष्ट्रीय सद्भाभावना’ विषय पर व्याख्यान भोपाल,25 अगस्त। पूर्व केंद्रीय मंत्री आरिफ बेग का कहना है कि हमने अपने ईश्वर, पैगंबर और भगवान को माना है लेकिन उनकी नहीं मानी है,इसलिए समाज में इतनी समस्याएं पैदा हो रही हैं। वे माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में जनसंचार विभाग के साप्ताहिक आयोजन […] Read more »
पर्यावरण संकट में है उत्तराखंड के वन्य प्राणियों का अस्तित्व August 19, 2012 / August 20, 2012 | Leave a Comment दिनेश पंत प्रकृति का कहर एक बार फिर उत्तराखंड पर टूटा है। बादल फटने की घटना ने राज्य को भारी क्षति पहुंचाई है। राज्य के कई हिस्सों में भारी तबाही हुई है। जिसमें कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। प्राकृतिक तबाही का असर केवल आम जनजीवन पर ही नहीं पड़ता है बल्कि जीव जंतु […] Read more » वन्य प्राणी
विविधा शिक्षा के ढांचा में सुधार की आवश्यकता August 19, 2012 / August 20, 2012 | Leave a Comment योगेश कुमार कुलदीप पिछले दिनों केंद्रीय सलाहाकार परिषद की उपसमिति की बैठक में विभिन्न राज्यों के शिक्षा मंत्रियों ने केंद्र से ठोस शिक्षा नीति तैयार करने का आग्रह किया। इस दौरान छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री ने निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा अधिनियम के तहत स्कूलों में बच्चों के स्तर को मापने के लिए कारगर नीति अपनाने […] Read more » शिक्षा
प्रवक्ता न्यूज़ मीडिया 12 अगस्त को भोपाल में देश भर के न्यू मीडिया संचारकों का लगेगा जमघट August 10, 2012 / August 11, 2012 | Leave a Comment न्यू मीडिया को लेकर भोपाल में तैयार होगा भविष्य का रोडमैप भोपाल। 12 अगस्त को भोपाल में देशभर के न्यू मीडिया संचारकों का जमावड़ा हो रहा है। मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद और स्पंदन संस्था के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय मीडिया चौपाल का आयोजन हो रहा है। इस चौपाल का थीम है ‘विकास की बात […] Read more » राष्ट्रीय मीडिया चौपाल
प्रवक्ता न्यूज़ नरेंद्र मोदी के समर्थन में संजय पासवान ने की ‘भाजपा मित्र मंडल’ का गठन July 12, 2012 / July 12, 2012 | 1 Comment on नरेंद्र मोदी के समर्थन में संजय पासवान ने की ‘भाजपा मित्र मंडल’ का गठन नई दिल्ली, एनडीए सरकार में कभी केन्द्रीय मंत्री रहे संजय पासवान, आजकल नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुँचाने के अभियान में लगे हैं। इसी दिशा में इनहोंने ‘भाजपा मित्र मंडल’ का गठन किया है। ‘भाजपा मित्र मंडल’ के गठन पर बोलते हुए उन्होंने कहा की यह एक ऐसा सामाजिक संगठन है जो देश […] Read more » Bhajpa Mitra Mandal BJP Friends Circle Narendra Modi Sanjay Paswan नरेंद्र मोदी भाजपा मित्र मंडल संजय पासवान
राजनीति कश्मीर के वार्ताकार बनवाएंगे एक और पाकिस्तान / नरेंद्र सहगल June 15, 2012 / June 28, 2012 | 4 Comments on कश्मीर के वार्ताकार बनवाएंगे एक और पाकिस्तान / नरेंद्र सहगल नरेन्द्र सहगल जम्मू-कश्मीर को भारतीय संविधान के दायरे से बाहर करने (1952) तुष्टीकरण की प्रतीक और अलगाववाद की जनक अस्थाई धारा 370 को विशेष कहने, भारतीय सुरक्षा बलों की वफादारी पर प्रश्नचिन्ह लगाने, पाकिस्तान को कश्मीर मुद्दे पर एक पक्ष बनाने, पाक अधिकृत कश्मीर को पाक प्रशासित मानने और प्रदेश के 80 प्रतिशत देशभक्त नागरिकों […] Read more » जम्मू-कश्मीर वार्ताकार
राजनीति न प्रगति न जनवाद, निपट अवसरवाद / के विक्रम राव May 29, 2012 / June 28, 2012 | 1 Comment on न प्रगति न जनवाद, निपट अवसरवाद / के विक्रम राव के विक्रम राव वैचारिक आवाजाही निर्मल-प्रवाह जैसी हो तो बौद्धिक विकास ही कहलाएगी। वरना सोच में कोई भी बदलाव अमूमन मौकापरस्ती का पर्याय बन जाता है। आज के कथित प्रगतिवादी इसी दोयम दर्जे में आते हैं। वे सब आत्ममुग्ध होकर भूल जाते हैं कि हर परिवर्तन प्रगति नहीं होता, हालांकि हर प्रगति परिवर्तन होती है। […] Read more » ओम थानवी के. विक्रम राव जनसत्ता भारत नीति प्रतिष्ठान वैचारिक अश्पृश्यता