रमेश कुमार दुबे

लेखक पर्यावरण एवं कृषि विषयों पर कई पत्र-पत्रिकाओं में स्‍वतंत्र लेखन कार्य कर रहे हैं।

ऊर्जा संकट और उसका उपाय

पाषाण युग से लेकर आज तक मनुष्य निरंतर प्रगति के पथ पर चल रहा है। इस यात्रा में ऊर्जा को हम प्रगति की सीढी क़हें तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। जैसे-जैसे मनुष्य प्रगति की सीढियां चढता गया…

खाली होती थाली

हमारे संविधान के अनुच्छेद 21 में जीवन रक्षा को एक बुनियादी अधिकार माना गया है; लेकिन सभी नागरिकों को भरपेट भोजन हासिल न हो तो इस अधिकार का क्या महत्व रह जाता है।

बुंदेलखंड: अकाल को निमंत्रण

पिछले पांच वर्षों से वर्षा में अत्यधिक कमी के कारण समूचा बुंदेलखंड अकाल की चपेट में है। नदी, तालाब, नलकूप सभी सूख चुके हैं। भुखमरी से मौतें हो रही हैं। लोग खेत-खलिहान…