डा. राधेश्याम द्विवेदी

Library & Information Officer A.S.I. Agra

पर्यावरण में युद्ध स्तरीय सुधार की जरुरत

– पर्यावरण की अवहेलना के गंभीर दुष्परिणाम समूचे विश्व में परिलक्षित हो रहे हैं। अब सरकार जितने भी नियम-कानून लागू करें उसके साथ साथ जनता की जागरूकता से ही पर्यावरण की रक्षा संभव हो सकेगी। इसके लिए कुछ अत्यंत सामान्य बातों को जीवन में दृढ़ता-पूर्वक अपनाना आवश्यक है। जैसे -प्रत्येक व्यक्ति प्रति वर्ष यादगार अवसरों (जन्मदिन, विवाह की वर्षगांठ) पर अपने घर, मंदिर या ऐसे स्थल पर फलदार अथवा औषधीय पौधा-रोपण करे, जहाँ उसकी देखभाल हो सके। उपहार में भी सबको पौधो दें। शिक्षा संस्थानों व कार्यालयों में विद्यार्थी, शिक्षक, अधिकारी और कर्मचारीगण राष्ट्रीय पर्व तथा महत्त्वपूर्ण तिथियों पर पौधों रोपे।

उत्तर प्रदेश की उच्च मेडिकल शिक्षा

हर साल देश भर में 55,000 डॉक्टर अपना एमबीबीएस और 25,000 पोस्ट ग्रेजुएशन पूरा करते है। विकास की इस दर के साथ, वर्ष 2020 तक 1.3 बिलियन आबादी के लिए भारत में प्रति 1250 लोगों पर एक डॉक्टर (एलोपैथिक) होना चाहिए और और 2022 तक प्रति 1075 लोगों पर एक डॉक्टर होना चाहिए (जनसंख्यारू 1.36 बिलियन)। दूसरे विशेषज्ञ का कहना है कि, “हालांकि, समिति को सूचित किया गया है। एक रात में डॉक्टर नहीं बनाया जा सकता है और यदि हम अगले पांच सालों तक हर साल 100 मेडिकल कॉलेज जोड़ते हैं तभी वर्ष 2029 तक देश में डॉक्टरों की संख्या पर्याप्त होगी।“

हिन्दू मामलों में माननीय सुप्रीम कोर्ट की रुचि अपेक्षाकृत ज्यादा

डा. राधेश्याम द्विवेदी वैसे तो न्यायपालिका लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण स्तम्भ है। इसे पूरे देश

केरल सरकार का असंवैधानिक कृत्य घोर निन्दनीय

केन्द्र सरकार के नीति का विरोध करना ना तो राज्य के हित में है और ना ही प्रजातंत्र के। जहां वीफ को मर्यादित ढ़ंग से मनाने की छूट है वहीं भारतीय संविधान द्वारा चुनी हुई भारत सरकार को खुली चुनौती देना असंवैधानिक तथा देश विरोधी भी है।इससे ज्यादा तो देश की बहुत बड़ी आवादी की भावनाओं का सम्मान ना करते हुए खुलेआम एसी अनैतिक हरकत करना भी देश विरोधी की श्रेणी में आता है।

आगरा के ताज कोरिडोर के विहंगम विकास की योजना

कहा यह भी जाता है कि औरंगजेब के भाई दारा ने उसे मरवाने के लिए एक शराबी हाथी से भिड़वा दिया था दारा शिकोह की शादी के बाद शाहजहाँ ने दो हाथियों सुधाकर और सूरत सुंदर के बीच एक मुकाबला करवाया। ये मुगलों के मनोरंजन का पसंदीदा साधन हुआ करता था. अचानक सुधाकर घोड़े पर सवार औरंगज़ेब की तरफ़ अत्यंत क्रोध में दौड़ा. औरंगज़ेब ने सुधाकर के माथे पर भाले से वार किया जिससे वो और क्रोधित हो गया.उसने घोड़े को इतनी ज़ोर से धक्का दिया कि औरंगज़ेब ज़मीन पर आ गिरे. प्रत्यक्षदर्शियों जिसमें उनके भाई शुजा और राजा जय सिंह शामिल थे, ने औरंगज़ेब को बचाने की कोशिश की लेकिन अंतत: दूसरे हाथी श्याम सुंदर ने सुधाकर का ध्यान बंटाया और उसे मुकाबले में दोबारा खीच लिया. इस घटना का ज़िक्र शाहजहाँ के दरबार के कवि अबू तालिब ख़ाँ ने अपनी कविताओं में किया है.इतिहासकार अक़िल ख़ाँ रज़ी अपनी किताब वकीयत-ए-आलमगीरी में लिखते हैं कि इस पूरे मुकाबले के दौरान दारा शिकोह पीछे खड़े रहे और उन्होंने औरंगज़ेब को बचाने की कोई कोशिश नहीं की.

आगरा की वेदना

कल कल करने वाली यमुना के तट पर होते हुए मैं प्यासा हूं। कारण यह है कि यमुना नें प्यास मिटाने की क्षमता खो दी है। पहले मेरी प्यास बुझाने के लिए यमुना काफी थी, लेकिन सरकारी नीतियों ने हत्या कर दी है। मेरी यमुना में पानी के नाम पर मलमूत्र और फैक्ट्रियों के कचरे मात्र है। दिल्ली, हरियाणा से ही मलमूत्र आ रहा है। मेरी यमुना को शुद्ध करने के लिए हजारों करोड़ रुपये जल निगम वाले डकार चुके हैं। सिर्फ बारिश में यमुना कुछ समय के लिए भरी हुई दिखती है। इसके बाद तो सिर्फ नाला ही नजर आती है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी यमुना में गंदगी डाली जा रही है।

मुख्य मंत्री योगी आदित्य नाथ द्वारा यमुना नदी का निरीक्षण

योजना के मुताबिक, नदी में एक प्लेट फॉर्म का निर्माण किया जाएगा। इस पर छह गेट बनाए जाएंगे। इन पर बड़े-बड़े बलून रखे जाएंगे। इनकी मदद से यमुना में दो मीटर तक पानी को रोका जा सकेगा। इससे ताजमहल के साये में काफी मात्रा में पानी एकत्रित रह सकेगा। इस रबर डैम के लिए कोरिया की तकनीक अपनाई जाएगी। वहीं, इसके निर्माण सामग्री को आयात किया जाएगा।

यमुना में जहर रोकिये, जीव पर्यावरण तथा स्मारकों को बचाइये

तीन प्रजातियों के कीड़े का हमला:- ताजमहल पर एक नहीं, बल्कि तीन प्रजातियों के कीड़े हमला कर रहे हैं। यमुना में फास्फोरस बढ़ने के कारण गोल्डी काइरोनोमस, पोडीपोडीलम और ग्लिप्टोटेन पहुंच रहे हैं। एएसआई को बीते साल की सैंपलिंग में ये तीनों कीड़े हरा रंग छोड़ते हुए मिले थे। हर दिन लाखों की तादात में यह हमला किया गया था। काइरोनोमस फैमली के यह कीड़े 35 डिग्री तापमान में प्रजनन शुरू करते हैं और 50 डिग्री तक के तापमान को झेल सकते हैं। काइरोनोमस मादा कीट एक बार में एक हजार तक अंडे देती है। लार्वा और प्यूमा के बाद करीब 28 दिन में पूरा कीड़ा बनता है। हालांकि कीड़े की मियाद महज दो दिन है लेकिन मादा कीट के अंडे यमुना नदी में भीषण गंदगी और फास्फोरस की मौजूदगी से बन रहे हैं। सबसे खतरनाक स्थित ताजमहल के पास है। यहां सीवर का बैक्टीरिया बहुत घातक है। एसएन मेडीकल कॉलेज के डिपार्टमेंट ऑफ माइक्रोबायॉलोजी के हेड डॉ. अंकुर गोयल ने बताया कि सीवर से उत्पन्न होने वाले बैक्टीरिया का नाम ‘इश्चेरियाई कोलाई’ है। यह तमाम बीमारियां फैलाता है। मानक से दस गुना अधिक है।

रिटायरमेंट बेहतर नए जीवन की शुरुआत

प्रायः लोग कहते हैं कि रिटायरमेंट के बाद सक्रिय जीवन का अवसान हो जाता है। मगर किसी महीने की अंतिम तारीख तक तो आप एकदम सक्रिय रहे, लेकिन अगले महीने की पहली ही तारीख को प्रातः उठते ही आप अचानक निष्क्रिय कैसे हो गए? यह वास्तव में हमारी सोच का दोष है। इसके लिए हममें एक पूर्वाग्रह बन गया है। इस स्थिति से उबरना जरूरी है। रिटायर हम नहीं होते, रिटायर होता है हमारा कमजोर मन और उसमें उत्पन्न विचार जो हमें रिटायर कर देते हैं। इस लिए कभी भी अपने को ना तो रिटायर समझना चाहिए और ना ही टायर , अपितु इसे जीवन के एक कड़ी के रुप में अंगीकार करते रहना चाहिए।