डा. राधेश्याम द्विवेदी

Library & Information Officer A.S.I. Agra

केरल सरकार का असंवैधानिक कृत्य घोर निन्दनीय

केन्द्र सरकार के नीति का विरोध करना ना तो राज्य के हित में है और ना ही प्रजातंत्र के। जहां वीफ को मर्यादित ढ़ंग से मनाने की छूट है वहीं भारतीय संविधान द्वारा चुनी हुई भारत सरकार को खुली चुनौती देना असंवैधानिक तथा देश विरोधी भी है।इससे ज्यादा तो देश की बहुत बड़ी आवादी की भावनाओं का सम्मान ना करते हुए खुलेआम एसी अनैतिक हरकत करना भी देश विरोधी की श्रेणी में आता है।

आगरा के ताज कोरिडोर के विहंगम विकास की योजना

कहा यह भी जाता है कि औरंगजेब के भाई दारा ने उसे मरवाने के लिए एक शराबी हाथी से भिड़वा दिया था दारा शिकोह की शादी के बाद शाहजहाँ ने दो हाथियों सुधाकर और सूरत सुंदर के बीच एक मुकाबला करवाया। ये मुगलों के मनोरंजन का पसंदीदा साधन हुआ करता था. अचानक सुधाकर घोड़े पर सवार औरंगज़ेब की तरफ़ अत्यंत क्रोध में दौड़ा. औरंगज़ेब ने सुधाकर के माथे पर भाले से वार किया जिससे वो और क्रोधित हो गया.उसने घोड़े को इतनी ज़ोर से धक्का दिया कि औरंगज़ेब ज़मीन पर आ गिरे. प्रत्यक्षदर्शियों जिसमें उनके भाई शुजा और राजा जय सिंह शामिल थे, ने औरंगज़ेब को बचाने की कोशिश की लेकिन अंतत: दूसरे हाथी श्याम सुंदर ने सुधाकर का ध्यान बंटाया और उसे मुकाबले में दोबारा खीच लिया. इस घटना का ज़िक्र शाहजहाँ के दरबार के कवि अबू तालिब ख़ाँ ने अपनी कविताओं में किया है.इतिहासकार अक़िल ख़ाँ रज़ी अपनी किताब वकीयत-ए-आलमगीरी में लिखते हैं कि इस पूरे मुकाबले के दौरान दारा शिकोह पीछे खड़े रहे और उन्होंने औरंगज़ेब को बचाने की कोई कोशिश नहीं की.

आगरा की वेदना

कल कल करने वाली यमुना के तट पर होते हुए मैं प्यासा हूं। कारण यह है कि यमुना नें प्यास मिटाने की क्षमता खो दी है। पहले मेरी प्यास बुझाने के लिए यमुना काफी थी, लेकिन सरकारी नीतियों ने हत्या कर दी है। मेरी यमुना में पानी के नाम पर मलमूत्र और फैक्ट्रियों के कचरे मात्र है। दिल्ली, हरियाणा से ही मलमूत्र आ रहा है। मेरी यमुना को शुद्ध करने के लिए हजारों करोड़ रुपये जल निगम वाले डकार चुके हैं। सिर्फ बारिश में यमुना कुछ समय के लिए भरी हुई दिखती है। इसके बाद तो सिर्फ नाला ही नजर आती है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी यमुना में गंदगी डाली जा रही है।

मुख्य मंत्री योगी आदित्य नाथ द्वारा यमुना नदी का निरीक्षण

योजना के मुताबिक, नदी में एक प्लेट फॉर्म का निर्माण किया जाएगा। इस पर छह गेट बनाए जाएंगे। इन पर बड़े-बड़े बलून रखे जाएंगे। इनकी मदद से यमुना में दो मीटर तक पानी को रोका जा सकेगा। इससे ताजमहल के साये में काफी मात्रा में पानी एकत्रित रह सकेगा। इस रबर डैम के लिए कोरिया की तकनीक अपनाई जाएगी। वहीं, इसके निर्माण सामग्री को आयात किया जाएगा।

यमुना में जहर रोकिये, जीव पर्यावरण तथा स्मारकों को बचाइये

तीन प्रजातियों के कीड़े का हमला:- ताजमहल पर एक नहीं, बल्कि तीन प्रजातियों के कीड़े हमला कर रहे हैं। यमुना में फास्फोरस बढ़ने के कारण गोल्डी काइरोनोमस, पोडीपोडीलम और ग्लिप्टोटेन पहुंच रहे हैं। एएसआई को बीते साल की सैंपलिंग में ये तीनों कीड़े हरा रंग छोड़ते हुए मिले थे। हर दिन लाखों की तादात में यह हमला किया गया था। काइरोनोमस फैमली के यह कीड़े 35 डिग्री तापमान में प्रजनन शुरू करते हैं और 50 डिग्री तक के तापमान को झेल सकते हैं। काइरोनोमस मादा कीट एक बार में एक हजार तक अंडे देती है। लार्वा और प्यूमा के बाद करीब 28 दिन में पूरा कीड़ा बनता है। हालांकि कीड़े की मियाद महज दो दिन है लेकिन मादा कीट के अंडे यमुना नदी में भीषण गंदगी और फास्फोरस की मौजूदगी से बन रहे हैं। सबसे खतरनाक स्थित ताजमहल के पास है। यहां सीवर का बैक्टीरिया बहुत घातक है। एसएन मेडीकल कॉलेज के डिपार्टमेंट ऑफ माइक्रोबायॉलोजी के हेड डॉ. अंकुर गोयल ने बताया कि सीवर से उत्पन्न होने वाले बैक्टीरिया का नाम ‘इश्चेरियाई कोलाई’ है। यह तमाम बीमारियां फैलाता है। मानक से दस गुना अधिक है।

रिटायरमेंट बेहतर नए जीवन की शुरुआत

प्रायः लोग कहते हैं कि रिटायरमेंट के बाद सक्रिय जीवन का अवसान हो जाता है। मगर किसी महीने की अंतिम तारीख तक तो आप एकदम सक्रिय रहे, लेकिन अगले महीने की पहली ही तारीख को प्रातः उठते ही आप अचानक निष्क्रिय कैसे हो गए? यह वास्तव में हमारी सोच का दोष है। इसके लिए हममें एक पूर्वाग्रह बन गया है। इस स्थिति से उबरना जरूरी है। रिटायर हम नहीं होते, रिटायर होता है हमारा कमजोर मन और उसमें उत्पन्न विचार जो हमें रिटायर कर देते हैं। इस लिए कभी भी अपने को ना तो रिटायर समझना चाहिए और ना ही टायर , अपितु इसे जीवन के एक कड़ी के रुप में अंगीकार करते रहना चाहिए।

शिव अवतार में महायोगी गोरखनाथ

गुरु गोरखनाथ जी ने पूरे भारत का भ्रमण किया और अनेकों ग्रन्थों की रचना की। गोरखनाथ जी का मन्दिर उत्तर प्रदेश के गोरखपुर नगर मे स्थित है। गोरखनाथ के नाम पर इस जिले का नाम गोरखपुर पड़ा है। गुरु गोरखनाथ जी के नाम से ही नेपाल के गोरखाओं ने नाम पाया। नेपाल में एक जिला है गोरखा, का नाम गोरखा भी इन्हीं के नाम से पड़ा। माना जाता है कि गुरु गोरखनाथ सबसे पहले यही दिखे थें। गोरखा जिला में एक गुफा है जहाँ गोरखनाथ का पग चिन्ह है और उनकी एक मूर्ति भी है। यहाँ हर साल वैशाख पूर्णिमा को एक उत्सव मनाया जाता है जिसे रोट महोत्सव कहते है और यहाँ मेला भी लगता है।

बुढ़िया का ताल: ताल भी,एत्माद्खान का मण्डप निवास भी

डा. राधेश्याम द्विवेदी आगरा की भूमि मुगलकालीन राजाओं,बेगमों उच्च पदस्थ लोगों तथा साधु महात्माओं के…

दक्षिण कोरिया का बुसन सबसे बड़ा नगर

कोरियाई भाषा यहाँ की आधिकारिक भाषा है जो अल्टिक भाषा परिवार से सम्बन्धित है। कोरियाई लेखन लिपि, हांगुल, का आविष्कार 1446 में राजा सेजोंग के काल में हुआ था जिसका उद्देश्य अपनी प्रजा में शिक्षा का प्रसार करना था। हुन्मिन जिओंगिउम की शाही उद्घोषणा में चीनी वर्णों को एक आम व्यक्ति द्वारा सीखना बहुत कठिन माना जाता था, जिसका शाब्दिक अर्थ है “ध्वनियां जो लोगों को सिखाने के लिए उपयुक्त हैं”। कोरियाई लिपि, चीनी लेखन लिपि से भिन्न है क्योंकि यह ध्वन्यात्मक कोरियाई से भिन्न है। बहुत से मौलिक शब्द कोरियाई में चीनी भाषा से लिए गए और वृद्ध कोरियाई अभी भी हाञ्जा में लिखते हैं, जो चीनी चित्रलिपि और जापानी काञ्जी के समान है, क्योंकि जापानी शासनकाल के दौरान कोरियाई में बोलना और लिखना प्रतिबन्धित था। 2000 में सरकार ने रोमनीकरण प्रणाली लाने का निर्णय लिया। अंग्रेज़ी अधिकान्श प्राथमिक विद्यालयों में द्वितीय भाषा के रूप में पढ़ाई जाती है। इसके अतितिक्त माध्यमिक विद्यालयों में दो वर्षों तक चीनी, जापानी, फ़्रान्सीसी, जर्मन, या स्पेनी भाषाएं भी पढ़ाई जाती हैं।

बोस्टन, संयुक्त राज्य अमेरिका पुराना शहर

बोस्टन की यात्रा के दौरान आप फ्रीडम ट्रेल का भ्रमण कर अमेरिकी इतिहास के बारे में बहुत कुछ जान सकते हैं। इस चार किलोमीटर लंबे भ्रमण के दौरान आप अमेरिकी क्रांति के बारे में जान सकते हैं। इतिहास के पाठ जानने के बीच आपको ऐसी जगह पर कुछ खाने-पीने का मौका भी मिल सकता है जहां 2013 के बोस्टनवासी अक्सर जाते रहते हैं। प्रस्तुत है बोस्टन॒ के स्थानीय दर्शनीय स्थलों और लोकप्रिय ठिकानों की जानकारी।