डा. राधेश्याम द्विवेदी

Library & Information Officer A.S.I. Agra

शिव अवतार में महायोगी गोरखनाथ

गुरु गोरखनाथ जी ने पूरे भारत का भ्रमण किया और अनेकों ग्रन्थों की रचना की। गोरखनाथ जी का मन्दिर उत्तर प्रदेश के गोरखपुर नगर मे स्थित है। गोरखनाथ के नाम पर इस जिले का नाम गोरखपुर पड़ा है। गुरु गोरखनाथ जी के नाम से ही नेपाल के गोरखाओं ने नाम पाया। नेपाल में एक जिला है गोरखा, का नाम गोरखा भी इन्हीं के नाम से पड़ा। माना जाता है कि गुरु गोरखनाथ सबसे पहले यही दिखे थें। गोरखा जिला में एक गुफा है जहाँ गोरखनाथ का पग चिन्ह है और उनकी एक मूर्ति भी है। यहाँ हर साल वैशाख पूर्णिमा को एक उत्सव मनाया जाता है जिसे रोट महोत्सव कहते है और यहाँ मेला भी लगता है।

बुढ़िया का ताल: ताल भी,एत्माद्खान का मण्डप निवास भी

डा. राधेश्याम द्विवेदी आगरा की भूमि मुगलकालीन राजाओं,बेगमों उच्च पदस्थ लोगों तथा साधु महात्माओं के

दक्षिण कोरिया का बुसन सबसे बड़ा नगर

कोरियाई भाषा यहाँ की आधिकारिक भाषा है जो अल्टिक भाषा परिवार से सम्बन्धित है। कोरियाई लेखन लिपि, हांगुल, का आविष्कार 1446 में राजा सेजोंग के काल में हुआ था जिसका उद्देश्य अपनी प्रजा में शिक्षा का प्रसार करना था। हुन्मिन जिओंगिउम की शाही उद्घोषणा में चीनी वर्णों को एक आम व्यक्ति द्वारा सीखना बहुत कठिन माना जाता था, जिसका शाब्दिक अर्थ है “ध्वनियां जो लोगों को सिखाने के लिए उपयुक्त हैं”। कोरियाई लिपि, चीनी लेखन लिपि से भिन्न है क्योंकि यह ध्वन्यात्मक कोरियाई से भिन्न है। बहुत से मौलिक शब्द कोरियाई में चीनी भाषा से लिए गए और वृद्ध कोरियाई अभी भी हाञ्जा में लिखते हैं, जो चीनी चित्रलिपि और जापानी काञ्जी के समान है, क्योंकि जापानी शासनकाल के दौरान कोरियाई में बोलना और लिखना प्रतिबन्धित था। 2000 में सरकार ने रोमनीकरण प्रणाली लाने का निर्णय लिया। अंग्रेज़ी अधिकान्श प्राथमिक विद्यालयों में द्वितीय भाषा के रूप में पढ़ाई जाती है। इसके अतितिक्त माध्यमिक विद्यालयों में दो वर्षों तक चीनी, जापानी, फ़्रान्सीसी, जर्मन, या स्पेनी भाषाएं भी पढ़ाई जाती हैं।

बोस्टन, संयुक्त राज्य अमेरिका पुराना शहर

बोस्टन की यात्रा के दौरान आप फ्रीडम ट्रेल का भ्रमण कर अमेरिकी इतिहास के बारे में बहुत कुछ जान सकते हैं। इस चार किलोमीटर लंबे भ्रमण के दौरान आप अमेरिकी क्रांति के बारे में जान सकते हैं। इतिहास के पाठ जानने के बीच आपको ऐसी जगह पर कुछ खाने-पीने का मौका भी मिल सकता है जहां 2013 के बोस्टनवासी अक्सर जाते रहते हैं। प्रस्तुत है बोस्टन॒ के स्थानीय दर्शनीय स्थलों और लोकप्रिय ठिकानों की जानकारी।

लोकतंत्र में गरीब को क्या मिलता है ?

भारत में कुल 4120 विधायक और 462 विधान परिषद सदस्य हैं अर्थात कुल 4,582 विधायक। प्रति विधायक वेतन भत्ता मिला कर प्रति माह 2 लाख का खर्च होता है। अर्थात 91 करोड़ 64 लाख रुपया प्रति माह। इस हिसाब से प्रति वर्ष लगभ 1100 करोड़ रूपये। भारत में लोकसभा और राज्यसभा को मिलाकर कुल 776 सांसद हैं। इन सांसदों को वेतन भत्ता मिला कर प्रति माह 5 लाख दिया जाता है। अर्थात कुल सांसदों का वेतन प्रति माह 38 करोड़ 80 लाख है। और हर वर्ष इन सांसदों को 465 करोड़ 60 लाख रुपया वेतन भत्ता में दिया जाता है। अर्थात भारत के विधायकों और सांसदों के पीछे भारत का प्रति वर्ष 15 अरब 65 करोड़ 60 लाख रूपये खर्च होता है। ये तो सिर्फ इनके मूल वेतन भत्ते की बात हुई। इनके आवास, रहने, खाने, यात्रा भत्ता, इलाज, विदेशी सैर सपाटा आदि का का खर्च भी लगभग इतना ही है। अर्थात लगभग 30 अरब रूपये खर्च होता है इन विधायकों और सांसदों पर।

अयोध्या से दक्षिण कोरिया का अटूट पौराणिक सम्बन्ध

कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति किम देई जुंग और पूर्व प्रधानमंत्री हियो जियोंग और जोंग पिल किम कारक वंश से ही संबंध रखते थे। कारक वंश के लोगों ने उस पत्थर को भी सहेज कर रखा है जिसके विषय में यह कहा जाता है कि अयोध्या की राजकुमारी सुरीरत्ना अपनी समुद्र यात्रा के दौरान नाव का संतुलन बनाए रखने के लिए उसे रखकर लाई थी। किमहये शहर में राजकुमारी हौ की प्रतिमा भी है। कोरिया में रहने वाले कारक वंश के लोगों का एक समूह हर साल फरवरी-मार्च के दौरान राजकुमारी सुरीरत्ना की मातृभूमि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने अयोध्या आता है।

सिकंदर लोदी बारादरी पर मरियम उज-जमानी का मकबरा

शाहजहां ने अपनी प्रेमिका मुमताज के लिए ताजमहल बनवाया, तो वहीं शाहजहां के पिता जहांगीर ने अपनी मां की याद में एक भव्य स्मारक बनवाया। नेशनल हाईवे दो पर अकबर टॉम्ब से महज 500 मीटर की दूरी पर यह मथुरा सड़क पर बायीं ओर तथा अकबर का मकबरा, सिकंदरा से पश्चिम की ओर मरियम का मकबरा स्थित है। मरियम उज-जमानी की मृत्यु 1622 में हुई और उसके बेटे जहांगीर ने उनके नाम पर इस महल का निर्माण करवाया था। यह महल अकबर के मकबरे के करीब ज्योति नगर में तंतपुर रोड पर स्थित है। पहले इस महल का निर्माण पर्दे में रहने वाली शाही औरतों के आवास के रूप में किया गया था। इस महल के प्रांगण के चारों ओर कई सारे कमरे बने हुए हैं।

 मेहताब (चाँदनी) बाग आगरा की खासियत

हाल ही में की गई खुदाई से एक विशाल अष्टकोणीय टैंक 25 फव्वारे, एक छोटे से केंद्रीय टैंक और पूर्व में एक बरादरी के साथ सुसज्जित का पता चला। साइट भी काले ताज के मिथक के साथ जुड़ा हुआ है, लेकिन खुदाई के एक उद्यान परिसर के लिए पर्याप्त सबूत उपलब्ध कराई है। नदी के बाँये तट पर ताजमहल के विपरीत दिशा में स्थित बगीचे के परिसर को मेहताब बाग या ‘चाँदनी बाग’ के नाम से जाना जाता है। पहले

सिकन्दर लोदी ने बसाया था सिकन्दरा

अकबर टॉम्ब में रहने वाले ब्लैक बक तकरीबन सवा सौ साल से भी अधिक समय से रह रहे हैं। अकबर टॉम्ब के अंदर का एरिया ब्लैक बक के लिए लम्बे समय से नेचुरल हैबिटेट बना हुआ है। ब्लैक बक के साथ ही साथ बीते समय में यह मॉन्युमेंट लंगूरों की उपस्थिति के लिए भी खासा फेमस रहा है। सिकन्दरा में अकबर के मकबरे के परिसर में घूमने आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों के आकर्षण के केन्द्र दुर्लभ ब्लैक बक (हिरन) के संरक्षण की एक महत्वाकांक्षी योजना तैयार की जा रही है।