डॉ. स्वदेश सिंह

लखनऊ विश्वविद्यालय और जेएनयू में छात्र राजनीति में सक्रिय रहे और पीएचडी की पढ़ाई पूरी की। भारतीय जन संचार संस्थान से पत्रकारिता की पढ़ाई के बाद देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया। वर्तमान में दिल्ली विश्वविद्यालय के सत्यवती कॉलेज में राजनीति शास्त्र के प्राध्यापक हैं और विभिन्न राष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं में नियमित लिखते रहते हैं ।

कोविंद अगर गुमनाम हैं, तो जिम्मेदार कौन है?

अब हम सब जान चुके हैं कि रामनाथ कोविंद बिहार के राज्यपाल हैं। दो बार के राज्यसभा सांसद रह चुके कोविंद पहले उच्चतम न्यायालय में वकालत करते थे और पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के सहयोगी रह चुके हैं। वह पहले आईआईएम कोलकाता के बोर्ड के सदस्य रह चुके हैं और संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। आजकल वो अखिल भारतीय कोली समाज के अध्यक्ष भी हैं, जिसके अपने सरोकार होते हैं जो मीडिया-सोशल मीडिया के लोगों को ज्यादातर नहीं दिखते या वो देखना नहीं चाहते। यहां सवाल यह उठता है कि इतना सक्रिय राजनीतिक और सामाजिक जीवन होने के बावजूद वो हमें दिखाई क्यों नहीं दिए या ऐसे कहें कि हमारी मीडिया ने उन्हें क्यों नहीं दिखाया?

मायावती के कमजोर होने से दूसरी पार्टियों को इसलिए परेशान होना चाहिए

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव परिणाम इतने अप्रत्याशित होंगे, किसी ने सोचा नहीं था. हालांकि, ज्यादातर