वीरेंदर परिहार

स्वतंत्र वेब लेखक व ब्लॉगर

धर्म बनाम राष्ट्रधर्म

दुर्भाग्य का विषय यह कि स्वतंत्र भारत में मुस्लिम लाॅ में व्यक्ति की गरिमा और मानव अधिकारों के हित में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। शहबानों प्रकरण में देश की शीर्ष अदालत यह कह चुकी है कि मुस्लिम समुदाय में निजी कानूनों में सुधार होना चाहिए।

सर्जिकल स्ट्राइक, सरकार और सेना

अब जैसा कि सभी को पता है कि सेना स्वतः इस सर्जिकल स्ट्राइक की सी.डी. सरकार को सौंप चुकी है, पर वह स्वतः इसे प्रगट किए जाने के पक्ष मंे नहीं है, क्यांेकि इससे क्षत्रु को हमारी रणनीति और विषेषताओं का पता चल जाएगा। वेसे भी जहाॅ तक राष्ट्र की सुरक्शा का प्रष्न है, वहाॅ बहुत चीजें प्रगट नहीं की जाती है। जहाॅ तक सियासी फायदे के लिए सर्जिकल स्ट्राइक करने का सवाल है तो संजय निरूपम से यह पूछा जा सकता है कि क्या 1971 में बांग्ला देश का मुक्ति संग्राम उस समय की इंदिरा सरकार द्वारा सियासी फायदे के लिए किया गया था?

हिन्दू-मुस्लिम एकता की दिशा में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच

वीरेन्द्र सिंह परिहार भारतीय मुसलमानों को छद्म धर्म निरपेक्षतावादियों के साथ अलगाववादी एवं अराष्ट्रीय तत्वों…