कला-संस्कृति गणगौर: अखंड सौभाग्य का पर्व March 23, 2023 / March 23, 2023 by ललित गर्ग | Leave a Comment बेला गर्ग गणगौर का त्यौहार सदियों पुराना हैं। हर युग में कुंआरी कन्याओं एवं नवविवाहिताओं का अपितु संपूर्ण मानवीय संवेदनाओं का गहरा संबंध इस पर्व से जुड़ा रहा है। यद्यपि इसे सांस्कृतिक उत्सव के रूप में मान्यता प्राप्त है किन्तु जीवन मूल्यों की सुरक्षा एवं वैवाहिक जीवन की सुदृढ़ता में यह एक सार्थक प्रेरणा भी […] Read more » गणगौर
कला-संस्कृति लेख नव सम्वत् पर संस्कृति का सादर वन्दन करें March 23, 2023 / March 23, 2023 by डॉ. सौरभ मालवीय | Leave a Comment -डॉ. सौरभ मालवीय नवरात्र हवन के झोंके, सुरभित करते जनमन को। है शक्तिपूत भारत, अब कुचलो आतंकी फन को॥ नव सम्वत् पर संस्कृति का, सादर वन्दन करते हैं। हो अमित ख्याति भारत की, हम अभिनन्दन करते हैं॥ 22 मार्च से विक्रम सम्वत् 2080 का प्रारम्भ गया है। विक्रम सम्वत् को नव संवत्सर भी कहा जाता है। संवत्सर पांच प्रकार के होते हैं, जिनमें […] Read more » नव सम्वत्
कला-संस्कृति पर्व - त्यौहार उज्जैन से उपजी हिंदू कालगणना का वैश्विक महत्व March 23, 2023 / March 23, 2023 by प्रवीण गुगनानी | Leave a Comment नववर्ष प्रतिपदा या हिंदू नववर्ष के विषय में बात करते समय हमें इसकी वैज्ञानिकता का पूर्ण आभास होना चाहिए। हमारी सनातनी कालगणना आज समूचे विश्व को हमें आदर देने को विवश करती है। उज्जैन में महाकाल की मूर्ति या विग्रह केवल धार्मिक चिन्ह नहीं अपितु समय की वैज्ञानिक गणना का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। महाकाल […] Read more » नववर्ष प्रतिपदा
कला-संस्कृति लेख विश्व की पहली यूनिवर्सिटी – तक्षशिला विश्वविद्यालय March 12, 2023 / March 12, 2023 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment तक्षशिला विश्वविद्यालय को विश्व का प्रथम विश्वविद्यालय कहा जाता है । इसकी स्थापना 700 ईसा पूर्व अर्थात आज से लगभग 3000 वर्ष पूर्व हुई थी । वर्तमान में तक्षशिला पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के रावलपिंडी जनपद में एक तहसील है । यह रावलपिंडी से उत्तर पश्चिम 35 किलोमीटर दूर अवस्थित है और पाकिस्तान के प्रमुख […] Read more » Takshashila University World's first university - Takshashila University
कला-संस्कृति लेख रुद्रांश हनुमानजी द्वारा रुद्रांश सूर्य देव को निगलना March 12, 2023 / March 12, 2023 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डॉ. राधे श्याम द्विवेदीपृथ्वी से 28 लाख गुना भगवान सूर्य देव का आकार है। क्या पता श्याम मानव जैसे कोई तथाकथित वैज्ञानिक ,यूपी के स्वामी प्रसाद मौर्या जैसा दलित समाजवादी पार्टी का एमएलसी और बिहार के शिक्षा मंत्री सेकुलर चंद्रशेखर से लेकर ना जाने कोई नास्तिक ,वामी कामी ,या गैर राष्ट्रवादी नेता भगवान सूर्य और […] Read more » Rudransh swallowing of Sun God by Rudransh Hanumanji
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म थोड़ा तुम थोड़ा मैं फागुन हो जाऊँ March 8, 2023 / March 6, 2023 by प्रभुनाथ शुक्ल | Leave a Comment प्रभुनाथ शुक्ल खेतों में फसलों की रंगत बदल गई है। सरसों के पीले फूल खत्म हो गए हैं और वह फलियों से गदाराई है। मटर और जौ की बालियां सुनहली पड़ने लगी हैं। जवान ठंड अब बुढ़ी हो गई है। हल्की पछुवा की गलन गुनगुनी […] Read more » thoda tum thoda main phaagun ho jaoon
कला-संस्कृति कटुता भुलाकर गले मिलते हैं लोग होली पर March 7, 2023 / March 7, 2023 by ब्रह्मानंद राजपूत | Leave a Comment होली पर्व भारत में धूमधाम और हर्षोल्लास से मनाया जाने वाला प्राचीन पर्व है। होली पर्व हिन्दू पंचांग के अनुसार फाल्गुन महीने के शुक्ल पक्ष के अंतिम दिन पूर्णिमा को मनाया जाता है। होली पर्व भारत में परंपरागत रूप से दो दिन मनाया जाता है। पहले दिन फाल्गुन मास की पूर्णिमा को पूजा की होली […] Read more » people hug on Holi
कला-संस्कृति पं. लेखराम जी अपने यशः शरीर से आज भी जीवित हैं March 7, 2023 / March 7, 2023 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य पं. लेखराम जी वैदिक धर्म एवं संस्कृति सहित ऋषि दयानन्द के अनन्य भक्त थे। उन्होंने अपने जीवन में जो कार्य किये उनके कारण वह आज भी अपने यशः शरीर से जीवित हैं। पं. लेखराम जी ने वैदिक धर्म का परिचय पाकर उसे पूरी तरह से अंगीकार किया था। वह अजमेर में […] Read more » Pt. Lekhram ji is still alive with his famous body
कला-संस्कृति ढपली भी गाने लगी, अब तो बदले राग। फीके -फीके रंग है, सूना-सूना फाग। March 7, 2023 / March 7, 2023 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment ढपली भी गाने लगी, अब तो बदले राग। फीके -फीके रंग है, सूना-सूना फाग। ढपली भी गाने लगी, अब तो बदले राग।।पहले की होली और आज की होली में अंतर आ गया है, कुछ साल पहले होली के पर्व को लेकर लोगों को उमंग रहता था, आपस में प्रेम था। किसी के भी प्रति द्वेष […] Read more »
कला-संस्कृति कान्हा मारे पिचकारी गालन पर March 6, 2023 / March 6, 2023 by आत्माराम यादव पीव | Leave a Comment आत्माराम यादव फागुन चैत महीने में मदनोत्सव मनाने की प्रथा रही है जो आदिकाल से एक सार्वजनिक उत्सव के रूप में मनाया जाता रहा है । इस उत्सव का दूसरा प्रचलित नाम होली भी है। प्राचीन ग्रंथो में उल्लेख मिलता है कि भगवान श्रीहरि के भक्त प्रहलाद को उसके पिता हिरणाकष्यप मारना चाहते थे किन्तु जब सभी उपाय असफल […] Read more » कान्हा मारे पिचकारी गालन पर
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म श्रेष्ठ गुण, कर्म, स्वभाव से युक्त जीवनः मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम March 2, 2023 / March 2, 2023 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment रामनवमी पर्व 30 मार्च पर– –मनमोहन कुमार आर्य चैत्र शुक्ल नवमी आर्यों व हिन्दुओं का ही नहीं अपितु संसारस्थ सभी विवेकशील लोगों के लिए आदर्श मर्यादा पुरुषोत्तम श्री रामचन्द्र जी का जन्म दिवस पर्व है। इस पर्व को श्री रामचन्द्र जी के भक्त अपनी अपनी तरह से सर्वत्र मनाते हैं। हम वैदिक धर्मी आर्य […] Read more » nature: Maryada Purushottam Shri Ram ramnavami मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम रामनवमी पर्व 30 मार्च
कला-संस्कृति राजनीति होली है नफरत को प्यार में बदलने का रंग-पर्व March 1, 2023 / March 1, 2023 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग –बदलती युग-सोच एवं जीवनशैली से होली त्यौहार के रंग भले ही फीके पड़े हैं या मेरे-तेरे की भावना, भागदौड़, स्वार्थ एवं संकीर्णता से होली की परम्परा में धुंधलका आया है। परिस्थितियों के थपेड़ों ने होली की खुशी को प्रभावित भी किया है, फिर भी जिन्दगी जब मस्ती एवं खुशी को स्वयं में समेटकर […] Read more » होली