कला-संस्कृति पर्व - त्यौहार लेख वर्त-त्यौहार श्रीकृष्ण सच्चे अर्थों में राष्ट्रनायक हैं August 10, 2022 / August 10, 2022 by ललित गर्ग | Leave a Comment श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव-जन्माष्टमी- 19 अगस्त 2022 पर विशेष-ललित गर्ग – भगवान श्रीकृष्ण हमारी संस्कृति के एक अद्भुत एवं विलक्षण राष्ट्रनायक हैं। श्रीकृष्ण का चरित्र एक लोकनायक का चरित्र है। वह द्वारिका के शासक भी है किंतु कभी उन्हंे राजा श्रीकृष्ण के रूप में संबोधित नहीं किया जाता। वह तो ब्रजनंदन है। समाज एवं राष्ट्र व्यवस्था […] Read more » Birth anniversary of Shri Krishna - Janmashtami Shri Krishna is a national hero in true sense श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव-जन्माष्टमी श्रीकृष्ण राष्ट्रनायक
कला-संस्कृति पर्व - त्यौहार लेख वर्त-त्यौहार सामाजिक समरसता को बढ़ावा देता है रक्षाबंधन का त्यौहार August 8, 2022 / August 8, 2022 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment 11 अगस्त 2022 को रक्षाबंधन के पावन पर्व पर विशेष आलेख भारत में वैसे तो पूरे वर्ष भर ही कई प्रकार के धार्मिक, आध्यात्मिक, सामाजिक त्यौहार मनाए जाते हैं परंतु रक्षाबंधन का त्यौहार विशेष महत्व का त्यौहार माना जाता है। भारतीय सनातन हिंदू धर्म संस्कृति के अनुसार रक्षाबन्धन का त्योहार श्रावण मास की पूर्णिमा को […] Read more » 11 अगस्त 2022 को रक्षाबंधन The festival of Rakshabandhan promotes social harmony
कला-संस्कृति पर्व - त्यौहार लेख वर्त-त्यौहार भाई-बहन के अटूट रिश्ते के क्या है मायने ? August 8, 2022 / August 8, 2022 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment राखी के त्योहार का मतलब केवल बहन की दूसरों से रक्षा करना ही नहीं होता है बल्कि उसके अधिकारो और सपनों की रक्षा करना भी भाई का कर्तव्य होता है, लेकिन क्या सही मायनों में बहन की रक्षा हो पाती है। आज के समय में राखी के दायित्वों की रक्षा करना बेहद आवश्यक हो गया […] Read more » rakshabandhan What is the meaning of unbroken brother-sister relationship?
कला-संस्कृति वर्त-त्यौहार गुरु समान परम पवित्र भगवा ध्वज July 11, 2022 / July 11, 2022 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment 13 जुलाई 2022 गुरु पूर्णिमा भारतीय सनातन हिंदू संस्कृति में आस्था रखने वाले व्यक्तियों के लिए उनके जीवन में गुरु का स्थान सबसे ऊंचा माना गया है। परम पूज्य गुरुदेव जीवन में आने वाले विभिन्न संकटों से न केवल उबारते हैं बल्कि इस जीवन को जीने की कला भी सिखाते हैं ताकि इस जीवन को […] Read more » 13 July 2022 Guru Purnima 13 जुलाई 2022 गुरु पूर्णिमा The Most Holy Saffron Flag Like Guru
कला-संस्कृति लेख ऋषि दयानन्द वेदज्ञान देकर सब मनुष्यों को परमात्मा से मिलाना चाहते थे June 17, 2022 / June 17, 2022 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्यमहाभारत के बाद ऋषि दयानन्द ने भारत ही नहीं अपितु विश्व के इतिहास में वह कार्य किया है जो संसार में अन्य किसी महापुरुष ने नहीं किया। अन्य महापुरुषों ने कौन सा कार्य नहीं किया जो ऋषि ने किया? इसका उत्तर है कि ऋषि दयानन्द ने अपने कठोर तप व पुरुषार्थ से सृष्टि […] Read more » Sage Dayanand wanted to unite all human beings with God by giving Veda knowledge.
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म ईश्वर में निहित वेदों का ज्ञान आदि सृष्टि में ईश्वर से ऋषियों को मिला May 31, 2022 / May 31, 2022 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्यवेद ज्ञान को कहते हैं। वेद इस सृष्टि के आदि काल में प्राप्त ज्ञान हैं। यह संहिता रूप में है जो आज भी उपलब्ध हैं। अनुमान है कि चार वेदों के हिन्दी भाष्य प्रायः सभी सक्रिय आर्य समाज के सदस्यों के पास उपलब्ध हैं। प्रश्न है कि वेदों के ज्ञान को किसने कब […] Read more » The sages got the knowledge of the Vedas contained in God etc. from God in the creation.
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म संस्कृत वांग्मय का ह्रास May 29, 2022 / May 29, 2022 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -आचार्य चतुरसेन गुप्त जी की पुस्तक से--मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून।आर्यसमाज के विद्वान कीर्तिशेष आचार्य चतुरसेन गुप्त जी ने कई वर्ष पूर्व एक पुस्तक ‘महान् आर्य हिन्दू-जति विनाश के मार्ग पर’ पर लिखी थी। इस पुस्तक का एक संस्करण 17 वर्ष पूर्व सम्वत् 2062 (सनू् 2005) में श्री घूडमल प्रहलादकुमार आर्य धर्मार्थ ट्रस्ट, हिण्डोन सिटी से […] Read more » decline of sanskrit language संस्कृत वांग्मय का ह्रास
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म ईश्वर हमारा सबसे अधिक हितैषी एवं जन्म-जन्मान्तर का साथी है May 24, 2022 / May 24, 2022 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्यहम इस बने बनाये संसार में रहते हैं। हमें मित्रों, हितैशियों, सहयोगियों व सुख-दुःख बांटने वालें सज्जन व संस्कारित मनुष्यों की आवश्यकता पड़ती है। हमारे परिवार के लोग हमारे सहयोगी रहते हैं। कुछ यदा-कदा विरोधी भी हो सकते हैं व हो जाते हैं। हमारे माता-पिता, पत्नी एवं बच्चे प्रायः सहयोगी रहते ही हैं। […] Read more » God is our most benevolent and life-long companion ईश्वर हमारा सबसे अधिक हितैषी एवं जन्म-जन्मान्तर का साथी है
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म वेदों का आविर्भाव कब, कैसे व क्यों हुआ? May 20, 2022 / May 20, 2022 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून।संसार में जितने भी पदार्थ है उनकी उत्पत्ति होती है और उत्पत्ति में कुछ मूल कारण व पदार्थ होते हैं जो अनुत्पन्न वा नित्य होते हैं। इन मूल पदार्थों की उत्पत्ति नहीं होती, वह सदा से विद्यमान रहते हैं। उदाहरण के लिए देखें कि हम चाय पीते हैं तो यह पानी, दुग्ध, […] Read more » when how and why did the Vedas appear?
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म पर्व - त्यौहार लेख पूर्णिमा पर क्यों सुनी जाती है सत्यनारायण व्रत कथा…? May 15, 2022 / May 15, 2022 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment आमतौर पर देखा जाता है किसी शुभ काम से पहले या मनोकामनाएं पूरी होने पर सत्यनारायण व्रत की कथा सुनने का विधान है। सनातन धर्म से जुड़ा शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जिसने श्रीसत्यनारायण कथा का नाम न सुना हो। इस कथा को सुनने का फल हजारों सालों तक किए गये यज्ञ के बराबर […] Read more » Why is Satyanarayan Vrat Katha heard on Purnima? सत्यनारायण व्रत कथा
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म ईश्वरोपासना अर्थात् सन्ध्या क्यों करें? May 15, 2022 / May 15, 2022 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्यसन्ध्या भली भांति ईश्वर का ध्यान करने को कहते हैं। यही ईश्वर की पूजा कहलाती है। इससे भिन्न प्रकार से यदि ईश्वर की पूजा आदि करते हैं तो जो लाभ ईश्वर के सत्यस्वरूप का ध्यान व चिन्तन करने से मिलता है, वह अन्य प्रकार से या तो मिलता नहीं या बहुत कम मिलता […] Read more » Ishwaropasana i.e. Sandhya? ईश्वरोपासना सन्ध्या क्यों करें
कला-संस्कृति लेख कुटुम्बप्रबोधन: भारतीयता का मूल हैं हमारे परिवार May 15, 2022 / May 15, 2022 by संजय द्विवेदी | Leave a Comment विश्व परिवार दिवस(15 मई) पर विशेष प्रो.संजय द्विवेदीभारत में ऐसा क्या है जो उसे खास बनाता है? वह कौन सी बात है जिसने सदियों से उसे दुनिया की नजरों में आदर का पात्र बनाया और मूल्यों को सहेजकर रखने के लिए उसे सराहा। निश्चय ही हमारी परिवार व्यवस्था वह मूल तत्व है, जिसने भारत को […] Read more » The root of Indianness is our family कुटुम्बप्रबोधन भारतीयता का मूल हैं हमारे परिवार विश्व परिवार दिवस15 मई पर विशेष