कला-संस्कृति गणेश वंदना August 27, 2025 / August 28, 2025 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment वक्रतुण्ड महाकाय,तेज तुम्हारा अनुपम छाय।सूर्यकोटि सम प्रभु दाता,विघ्न हरन जग के त्राता॥ गणपति बाप्पा मोरया,विघ्न विनाशक मोरया।सर्वकार्य सिद्धि कराओ,करुणा धारा बरसाओ॥ जहाँ तुम्हारा नाम लिया जाए,वहाँ न संकट पास आए।भक्ति-दीप हम जलाएँ,मन मंदिर में तुम्हें समाएँ॥ ज्ञान-विवेक का दीप जलाओ,भक्तों को सुख-शांति दिलाओ।मंगल-कथा सदा सुनाएँ,सिद्धि विनायक घर बसाएँ॥ गणपति बाप्पा मोरया,विघ्न विनाशक मोरया।सर्वकार्य सिद्धि कराओ,करुणा […] Read more »
कला-संस्कृति गणेश हैं विघ्नहर्ता-मंगलकर्ता एवं जीवंत राष्ट्रीयता के प्रतीक August 27, 2025 / August 28, 2025 by ललित गर्ग | Leave a Comment गणेश चतुर्थी- 27 अगस्त, 2025 पर विशेष-ललित गर्ग- भारतीय संस्कृति और धर्मजगत में गणेशजी का स्थान अद्वितीय है। वे विघ्नहर्ता, बुद्धिदाता, मंगलकर्ता और उन्नत राष्ट्र-निर्माता हैं। वे न केवल भारतीय संस्कृति एवं जीवनशैली के कण-कण में व्याप्त है बल्कि विदेशों में भी घर-कारों-कार्यालयों एवं उत्पाद केन्द्रों में विद्यमान हैं। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत […] Read more » गणेश चतुर्थी
कला-संस्कृति भक्ति, संस्कृति और सामाजिकता का संगम : श्रीकृष्ण जन्माष्टमी August 23, 2025 / August 23, 2025 by डा. शिवानी कटारा | Leave a Comment जन्माष्टमी, जिसे श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के रूप में भी जाना जाता है, भारतीय धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है। भगवान श्रीकृष्ण का व्यक्तित्व धर्म, नीति, प्रेम, करुणा और कूटनीति का अद्वितीय संगम प्रस्तुत करता है, और उनका जन्मोत्सव सनातन संस्कृति के इन मूल्यों को पीढ़ी-दर-पीढ़ी संचारित करता आया है।श्रीमद्भागवत, महाभारत और विष्णु […] Read more »
कला-संस्कृति आत्मउन्नयन एवं जीवन-जागृति का पर्व है पर्युषण August 19, 2025 / August 23, 2025 by ललित गर्ग | Leave a Comment पर्युषण महापर्व- 20-27 अगस्त, 2025-ललित गर्ग- जैन धर्म में पर्युषण महापर्व का अपना विशेष महत्व है। यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि आत्मा की गहराइयों तक जाने का, आत्मनिरीक्षण करने का और आत्मशुद्धि का अनूठा पर्व है। जैन संस्कृति ने सदियों से इस पर्व को आत्मकल्याण, साधना और तपस्या का महान माध्यम बनाया है। […] Read more » Paryushan is a festival of self-improvement and life-awakening आत्मउन्नयन एवं जीवन-जागृति का पर्व पर्युषण
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म श्रीकृष्ण हैं शाश्वत एवं प्रभावी सृष्टि संचालक August 16, 2025 / August 16, 2025 by ललित गर्ग | Leave a Comment श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव-जन्माष्टमी- 16 अगस्त 2025 पर विशेष-ललित गर्ग – भगवान श्रीकृष्ण भारतीय संस्कृति के ऐसे अद्वितीय महापुरुष हैं, जिनके व्यक्तित्व में आध्यात्मिक ऊँचाई, लोकनायकत्व, व्यावहारिक बुद्धिमत्ता और कुशल प्रबंधन का अद्भुत संगम दिखाई देता है। वे केवल एक धार्मिक देवता नहीं, बल्कि सृष्टि के महाप्रबंधक, समय के श्रेष्ठ रणनीतिकार और जीवन के महान शिक्षक-संचालक […] Read more » श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव-जन्माष्टमी
कला-संस्कृति उडुपी का श्री कृष्ण मंदिर : जहाँ फर्श पर भक्त ग्रहण करते हैं प्रसाद August 15, 2025 / August 15, 2025 by कुमार कृष्णन | Leave a Comment कुमार कृष्णन उडुपी को दक्षिण भारत का मथुरा कहा जाता है। यहां का कृष्ण मंदिर दक्षिण भारत के सबसे प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों में से एक है। यह मंदिर अपने आप में भक्ति के साथ आश्चर्य को समेटे हुए हैं। भगवान श्री कृष्ण का यह मंदिर आस्था का केन्द्र है। यहां मनोकामना पूरी होने पर भक्त […] Read more » Sri Krishna Temple of Udupi: Where devotees take prasad on the floor उडुपी का श्री कृष्ण मंदिर
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म लोक जागरण का महापर्व है श्री कृष्ण जन्माष्टमी August 12, 2025 / August 12, 2025 by डा. विनोद बब्बर | Leave a Comment डा. विनोद बब्बर जागरण अर्थात चेतना जीवंतता की पहली शर्त है। यूं तो सभी जीवों में चेतना होती है लेकिन जागृत चेतना केवल मनुष्य में ही संभव है। जागृत चेतना का अभिप्राय अपने परिवेश की हलचल के प्रति सजग रहते हुए अपने परिवार, समाज और राष्ट्र के गौरव को सुरक्षित रखने का चिंतन के अतिरिक्त […] Read more » Shri Krishna Janmashtami is a great festival of public awakening श्री कृष्ण जन्माष्टमी
कला-संस्कृति रक्षाबंधन के बदलते मायने: परंपरा से आधुनिकता तक August 8, 2025 / August 8, 2025 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment रक्षाबंधन का धागा सिर्फ कलाई पर नहीं, दिल पर बंधता है। यह एक वादा है—साथ निभाने का, सुरक्षा का, और बिना कहे समझ लेने का। बहन की राखी में वो मासूम दुआ होती है जो शब्दों में नहीं कही जाती, और भाई की आंखों में वो संकल्प होता है जो हर चुनौती से लड़ने का […] Read more » रक्षाबंधन
कला-संस्कृति वर्त-त्यौहार एक भाव है राखी, हर भाई-बहन को बांधती है स्नेह की डोर से August 8, 2025 / August 8, 2025 by राजेश जैन | Leave a Comment राजेश जैन रक्षाबंधन हर साल आता है पर हर साल कुछ नया दे जाता है- नई यादें, वादे और भरोसे। यह त्योहार हमें याद दिलाता है कि रिश्तों की असली मिठास महंगे उपहार में नहीं बल्कि उस धागे में होती है जो प्रेम, विश्वास और अपनेपन से बुना होता है। इसलिए भले ही राखी का धागा है बहुत हल्का […] Read more » रक्षाबंधन
कला-संस्कृति वर्त-त्यौहार रक्षाबंधन और सनातन संस्कृति August 7, 2025 / August 7, 2025 by डा. शिवानी कटारा | Leave a Comment डॉ शिवानी कटारा सनातन संस्कृति में ‘रक्षा’ और ‘बंधन’ दोनों ही अत्यंत महत्वपूर्ण अवधारणाएं हैं। ‘रक्षा’ का अर्थ केवल शारीरिक सुरक्षा नहीं, बल्कि भावनात्मक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रक्षा भी है। वहीं ‘बंधन’ किसी को बाधित करने वाला नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास और मर्यादा से जुड़ा आत्मिक संबंध है। रक्षाबंधन का मूल बहुत प्राचीन है । […] Read more » Rakshabandhan and Sanatan culture रक्षाबंधन
कला-संस्कृति रक्षाबंधनः नारी रक्षा का संकल्प, एक सामाजिक चेतना August 6, 2025 / August 6, 2025 by ललित गर्ग | Leave a Comment – ललित गर्ग –भारत की सांस्कृतिक परंपराओं और त्योहारों की भूमि पर रक्षाबंधन एक ऐसा पर्व है जो केवल भाई-बहन के रिश्ते तक सीमित नहीं, बल्कि संपूर्ण समाज में आत्मीयता, कर्तव्यबोध, और नैतिक मूल्यों के पुनर्संवेदन का पर्व है। यह पर्व नारी अस्मिता, समानता, सुरक्षा और प्रेम की भावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है। राखी का […] Read more » Rakshabandhan: The pledge to protect women रक्षाबंधनः
कला-संस्कृति वर्त-त्यौहार राष्ट्र रक्षाबंधन अनुष्ठान पर्व August 4, 2025 / August 4, 2025 by डा. विनोद बब्बर | Leave a Comment डा. विनोद बब्बर संस्कृति और पर्व एक दूसरे के उसी तरह से पूरक है जैसे नदी और जल। रक्त और मज्जा। शरीर और आत्मा। संस्कृति जीवन दर्शन, कला, साहित्य, अध्यात्म और संस्कारों जैसे असंख्य रंग-बिरंगे पुष्पों का वह गुलदस्ता है जिसकी सुगंध हजारों वर्षों से निरंतर प्रवाहमान है। पर्व समय-समय पर उस सुगंध की छटा […] Read more » Rakshabandhan national festival