धर्म-अध्यात्म जीवात्मा के बन्धन और मोक्ष पर ऋषि दयानन्द के तर्क व युक्तिसंगत विचार April 11, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य संसार में हम एक सामान्य नियम देखते हैं कि यहां अच्छे काम करने वाले को सम्मानित किया जाता है और बुरे काम करने वालों को दण्डित किया जाता है। मनुष्य जीवन में आत्मा यदि अच्छे काम करती है तो परमात्मा की ओर से उसको उसके अच्छे कर्मों के फल के रूप में […] Read more » Featured आकर्षण इच्छा उत्साह क्रिया गति गन्धग्रहण दर्शन द्वेष निश्चय पराक्रम प्रेम प्रेरणा बल भीषण विभाग विभाजक विवेचन श्रवण संयोग...!! संयोजक संसार स्पर्शन स्मरण स्वादन
धर्म-अध्यात्म गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-88 April 11, 2018 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment राकेश कुमार आर्य  गीता का सत्रहवां अध्याय अन्त में श्रीकृष्णजी तामसिक यज्ञ पर आते हैं। वे कहने लगे हैं कि जो यज्ञ विधिहीन है, जिसमें अन्नदान नहीं किया जाता, जिसमें मंत्र का विधिवत और सम्यक पाठ भी नहीं होता और ना ही कोई दक्षिणा दी जाती है, वह तामस यज्ञ कहलाता है। इस प्रकार […] Read more » Featured आत्मसंयम गुरूओं तामसिक यज्ञ देवताओं ब्राह्मणों मौन यज्ञ श्रीकृष्णजी साम्यता
धर्म-अध्यात्म गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-87 April 11, 2018 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment राकेश कुमार आर्य   गीता का सत्रहवां अध्याय श्रीकृष्ण जी कह रहे हैं कि संसार में कई लोग ऐसे भी होते हैं जो कि दम्भी और अहंकारी होते हैं। ऐसे लोग अन्धश्रद्घा वाले होते हैं और शारीरिक कष्ट उठाने को ही मान लेते हैं कि इसी प्रकार भगवान की प्राप्ति हो जाएगी। यद्यपि ऐसे […] Read more » Featured अर्जुन ऐषणाओं यज्ञ वैभव-ऐश्वर्य शरीर श्रीकृष्णजी
धर्म-अध्यात्म ईश्वर की प्राप्ति के कुछ सरल साधन April 10, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य ईश्वर क्या है? ईश्वर एक सच्चिदानन्दस्वरूप, सर्वज्ञ, सर्वव्यापक, सर्वशक्तिमान और निराकार सत्ता है जिसने इस सृष्टि को बनाकर धारण किया हुआ है। वह ईश्वर अनादि, सनातन व अविनाशी जीवात्माओं को अनादि काल से उनके जन्म-जन्मान्तर के कर्मों के अनुसार सुख व दुःख रूपी फल देने के लिए इस सृष्टि का निर्माण व […] Read more » Featured अज्ञानी ईश्वर ऋग्वेदादिभाष्यभूमिका ज्ञान धर्म मनुष्यों विज्ञान विद्वानों
चिंतन सड़क दुर्घटनाओं पर क़ाबू पाने की चुनौती April 10, 2018 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment भारत डोगरा भारत में सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ते आंकड़े एक भयानक सच्चाई की तरफ इशारा करते हैं। इसमें जान और माल दोनों की क्षति उठानी पड़ती है। सदी के पहले 15 वर्षों के दौरान विश्व स्तर पर इसमें कोई उल्लेखनीय वृद्धि नहीं हुई थी। लेकिन रोज़-ब-रोज़ आधुनिक तकनीक वाली मशीनों के ईजाद ने सड़कों पर जहाँ गाड़ियों की संख्या को […] Read more » Featured आकड़ें ड्राइवरों दुर्घटना भ्रष्टाचार मोबाइल फोन? मौत लाइसेंस सड़क
धर्म-अध्यात्म पूजा क्या, किसकी, कैसे व क्यों करें? April 9, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य जानता है कि वह अपूर्ण हैं। उसे अपने कार्यों को पूरा करने में दूसरे मनुष्यों की सहायता लेनी पड़ती है। कुछ काम ऐसे भी होते हैं, जहां मनुष्यों की सहायता से काम नहीं चलता क्योंकि मनुष्य वह कार्य नहीं कर सकते जिसकी हमें अपेक्षा होती है। ऐसा देखा गया है कि […] Read more » Featured अजन्मा अजर अनन्त अनादि अनुपम अभय अमर आचार्य दयालु निराकार निर्विकार न्यायकारी परिवार व समाज पिता मनुष्य माता सर्वज्ञ सर्वव्यापक सर्वशक्तिमान सर्वाधार सर्वान्तर्यामी सर्वेश्वर सृष्टिकर्ता
धर्म-अध्यात्म महर्षि दयानन्द का जीवनोत्थान करने वाला एक महत्वपूर्ण ग्रन्थ व्यवहारभानुः April 7, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य महर्षि दयानन्द जी समग्र क्रान्ति के प्रणेता थे। वह अद्वितीय समाज सुधारक हुए हैं जिनका प्रभाव न केवल भारत में ही हुआ अपितु संसार के सभी मत-पन्थों व उनके धर्म के ग्रन्थों पर भी हुआ। एक उदाहरण यह है कि ‘रामचरितमानस’ में एक वाक्य मिलता था ‘ढोल गंवार शूद्र पशु नारी, ये […] Read more » Featured व्यवहारभानुः
धर्म-अध्यात्म “हमारा यह जन्म हमारे पूर्वजन्म का पुनर्जन्म है और मृत्यु के बाद हमारा पुनर्जन्म अवश्य होगा” April 4, 2018 by मनमोहन आर्य | 1 Comment on “हमारा यह जन्म हमारे पूर्वजन्म का पुनर्जन्म है और मृत्यु के बाद हमारा पुनर्जन्म अवश्य होगा” मनमोहन कुमार आर्य हम मनुष्य हैं और लगभग 7 दशक पूर्व हमारा जन्म हुआ था। प्रश्न है कि जन्म से पूर्व हमारा अस्तित्व था या नहीं? यदि नहीं था तो फिर यह अभाव से भाव अर्थात् अस्तित्व न होने से हुआ कैसे? विज्ञान का सिद्धान्त है कि किसी भी पदार्थ का रूपान्तर तो किया जा […] Read more » featuerd जन्म जन्मान्तरों पुनर्जन्म मनुष्य शरीर संस्कार
धर्म-अध्यात्म वेद और तर्क पूर्ण सत्य मान्यताओं से युक्त आचरण ही मनुष्य धर्म April 3, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य का धर्म क्या है? इसका उत्तर है कि अपने पूरे जीवन में सत्य ज्ञान की खोज करना व तर्क व युक्ति से सिद्ध ज्ञान व कर्मों का ही आचरण करना मनुष्य का सच्चा धर्म है। संसार में प्रचलित मत-मतान्तरों व धर्मों में यह धर्म कौन सा है? इसका उत्तर है कि […] Read more » Featured Vedas and logic Vedas and logic are the conduct of man's religion with complete true beliefs वेद वेद और तर्क पूर्ण सत्य मान्यता
धर्म-अध्यात्म मखौड़ा धाम उपेक्षित , 84 कोसी परिक्रमा एक अप्रैल से शुरू April 2, 2018 / April 2, 2018 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा. राधेश्याम द्विवेदी उन दिनों देवता व अप्सराएं पृथ्वी लोक में आते-जाते रहते थे। बस्ती मण्डल में हिमालय का जंगल दूर-दूर तक फैला हुआ करता था। जहां ऋषियों व मुनियों के आश्रम हुआ करते थे। आबादी बहुत ही कम थी। आश्रमों के आस-पास सभी हिंसक पशु-पक्षी हिंसक वृत्ति और वैर-भाव भूलकर एक साथ रहते थे। परम […] Read more » feaured अयोध्या की 84 कोसी ऋषियों परिक्रमा बस्ती मण्डल मखौड़ा धाम मनोरमा नदी मुनियों श्रद्धालुओं
धर्म-अध्यात्म ईश्वर सभी जीवों के कर्मों का साक्षी और उन कर्मों का फल प्रदाता है April 2, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य क्या आप ईश्वर व उसके बनाये हुए इस संसार को जानते हैं? इसका उत्तर वह बन्धु जिन्होंने वेद व ऋषियों के शास्त्र पढ़े, जाने व कुछ समझे हैं, हां में देते हैं। कोई भी रचना तभी अस्तित्व में आती है कि जब कोई ज्ञानी मनुष्य उसकी रचना करता है। क्या कोई पेंटिंग […] Read more » feaured ईश्वर ब्रह्माण्ड मनुस्मृति वेद व ऋषियों संसार
धर्म-अध्यात्म ईश्वर के अनेक नाम क्यों? March 31, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य ईश्वर एक है परन्तु उसके नाम अनेक हैं। इसका कारण क्या है? वेदों के विद्वान तो इस रहस्य को जानते हैं परन्तु सामान्य मनुष्य इसे नहीं जानता। मत-मतान्तरों के अधिकांश व अनेक विद्वान भी इस विषय पर यथार्थ ज्ञान नहीं रखते। इस कारण उनके भक्तों व अनुयायियों में भी भ्रम वा […] Read more » God ईश्वर