धर्म-अध्यात्म समाज “गाय और मनुष्य का माता और पुत्र-पुत्री का सम्बन्ध” May 26, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, मनुष्य और गाय दोनों चेतन शरीरधारी प्राणी हैं। दोनों ही शाकाहारी भी हैं परन्तु दोनों के भोजन में भिन्नता है। मनुष्य गोदुग्ध, फल व अन्न आदि का सेवन करता है तो गाय माता घास व तृण आदि वनस्पतियों का सेवन करती है। यदि गाय को अन्न दिया जाये तो वह उसका […] Read more » Featured ऋषि दयानन्द गाय और मनुष्य गोमांसाहारियों दूध परमात्मा बैलगाड़ी माता और पुत्र-पुत्री वेदों में ईश्वर
धर्म-अध्यात्म सच्ची स्तुति करने वालों को ईश्वर असंख्य ऐश्वर्य एवं अतुल विज्ञान देता है May 23, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य ईश्वर ने समस्त चराचर जगत को बनाया है। वही इसका पालन कर रहा है और वही इस ब्रह्माण्ड की अवधि पूर्ण होने पर इसकी प्रलय करता है। हमारे भीतर ज्ञान प्राप्ति की जो क्षमतायें हैं उसका अधिक से अधिक प्रयोग करके भी हम इस ब्रह्माण्ड की विशालता व इसके स्वरूप को पूर्णता […] Read more » Featured अनादि अनुत्पन्न अमर अल्पज्ञ अल्पशक्तिमान अविनाशी आत्मा अतिसूक्ष्म एकदेशी कर्मेन्द्रिय जन्म-मरण धर्मा ज्ञानेन्द्रिय महर्षि दयानन्द ससीम
धर्म-अध्यात्म वैदिक धर्म और आर्यसमाज को समर्पित आचार्य चन्द्रशेखर शास्त्री’ May 22, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य आचार्य चन्द्रशेखर शास्त्री जी के व्यक्तित्व व कृतित्व से समूचा आर्यजगत एवं विद्वतजन परिचित हैं।आप बहुप्रतिभाशाली व्यक्तित्व के धनी वैदिक विद्वान हैं। बचपन में ही आपने पाणिनी अष्टाध्यायी व धातुपाठ पुस्तकों को कण्ठ कर लिया था। आपकी शिक्षा दीक्षा वैदिक गरुकुल, आमसेना (उड़ीसा) में हुई है। आपने एम.ए. संस्कृत की परीक्षा र्वाधिक […] Read more » Featured अमेरिका आचार्य चन्द्रशेखर शास्त्री ईश्वर ऋषि दयानन्द और आर्यसमाज कनाडा नेपाल मॉरीशस यूरोप वेद
धर्म-अध्यात्म ईश्वर ने हमें क्या-क्या दिया है? May 22, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य ईश्वर है या नहीं? यदि है तो उसने हमें क्या-क्या दिया है? यह प्रश्न पर स्वाभाविक रूप से मनुष्य के मन में विचार आ सकते हैं। प्रथम प्रश्न पर विचार करें तो हमें अपनी व अन्य मनुष्य की शक्तियों पर विचार करना पड़ता है। मैं मनुष्य हूं परन्तु मेरी शक्तियां सीमित हैं। […] Read more » Featured आकाश ईश्वर ने उत्तर चन्द्र ऋषिकृत ग्रन्थों जल ज्ञान दिया है? पर्वत पृथिवी मनुष्य व अन्य प्राणियों सहित अग्नि वन वनस्पतियों वायु शब्द सद्प्रेरणा समुद्र सुख व शान्ति हमें क्या-क्या
धर्म-अध्यात्म “ईश्वर, वेद, आर्यसमाज और ऋषि भक्त पं. सत्यपाल पथिक – एक समर्पित प्रेरणादायक जीवन एवं उनके कुछ कार्य” May 21, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, पं. सत्यपाल पथिक जी आर्यजगत की दिव्य एवं महान विभूति हैं। आपने सारा जीवन आर्यसमाज की सेवा में लगाया है। आपने ईश्वर, वेद, ऋषि दयानन्द, आर्यसमाज और आर्य महापुरुषों के जीवन पर सहस्रों प्रभावशाली गीतों वा भजनों की रचना की है। आपके गीत व भजन न केवल आर्यसमाज के भजनोपदेशक […] Read more » Featured आर्य धर्मार्थ न्यास आर्यसमाज ईश्वर ऋषि दयानन्द पं. सत्यपाल पथिक वेद हिण्डोन सिटी
धर्म-अध्यात्म “नास्तिक, ईश्वर के सत्यस्वरूप से अनभिज्ञ, मिथ्या कर्मकाण्ड व उपासना करने वाले मनुष्यों का परलोक वा भविष्य असुखद” May 19, 2018 / May 19, 2018 by मनमोहन आर्य | 1 Comment on “नास्तिक, ईश्वर के सत्यस्वरूप से अनभिज्ञ, मिथ्या कर्मकाण्ड व उपासना करने वाले मनुष्यों का परलोक वा भविष्य असुखद” मनमोहन कुमार आर्य, हम आंखों से जितना व जैसा संसार देखते हैं वह सब और जो नहीं देख पाते वह सब भी सच्चिदानन्द, सर्वज्ञ, सर्वव्यापक और सर्वशक्तिमान परमेश्वर की रचना है। उसी परमात्मा ने सृष्टि के आरम्भ में चार ऋषियों को उत्पन्न कर उनके द्वारा ईश्वर, जीवात्मा और सृष्टि का यथार्थ व सत्य ज्ञान […] Read more » Featured अत्यन्त सूक्ष्म अनादि अनुत्पन्न अल्प शक्ति वाला अल्पज्ञ अविनाशी ईश्वर ऋषि दयानन्द एकदेशी
चिंतन समाज प्रदूषण कम करने में सबकी सहभागिता जरूरी May 18, 2018 by गंगानन्द झा | Leave a Comment प्रदूषण कम करने में सबकी सहभागिता जरूरी हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दुनिया के 15 सबसे प्रदूषित शहरों की लिस्ट जारी की है। जिसमें एक दो नहीं बल्कि 14 शहर भारत के हैं। प्रदूषित शहरों की इस लिस्ट में उत्तर प्रदेश का शहर कानपुर जहां पहले स्थान पर है, वहीं राजधानी दिल्ली के […] Read more » Featured प्रदूषण प्रदूषण कम करने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बीजिंग और नीदरलैंड विश्व स्वास्थ्य संगठन सबकी सहभागिता जरूरी सिंगापुर
धर्म-अध्यात्म समाज गणि राजेन्द्र विजय: आदिवासियों के मसीहा संतपुरुष May 17, 2018 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग – भारत की भूमि संतों एवं मनीषियों की भूमि रही है। उनका व्यक्तित्व एवं उनकी आध्यात्मिक यात्रा जन-जन के लिये सदा ही आकर्षण, प्रेरणा एवं जिज्ञासा का केन्द्र रही है। इन महापुरुषों ने धर्म के क्षेत्र में अनेक क्रांतिकारी स्वर बुलंद किए। ऐसे ही विलक्षण एवं अलौकिक संतों में एक नाम है गणि […] Read more » Featured आदिवासी समाज आध्यात्मिक कवांट गणि राजेन्द्र विजयजी नक्सलवाद बलद बोडेली माओवाद रंगपुर संस्कारों
धर्म-अध्यात्म “वेदों का आविर्भाव कब, कैसे व क्यों हुआ?” May 8, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment “वेदों का आविर्भाव कब, कैसे व क्यों हुआ?” -मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। संसार में जितने भी पदार्थ है उनकी उत्पत्ति होती है और उत्पत्ति में कुछ मूल कारण व पदार्थ होते हैं जो अनुत्पन्न वा नित्य होते हैं। इन मूल पदार्थों की उत्पत्ति नहीं होती, वह सदा से विद्यमान रहते हैं। उदाहरण के लिए […] Read more » Featured अथर्ववेद ईश्वर ऋग्वेद ऋषि दयानन्द बुद्धि मन यजुर्वेद वेदों सामवेद
धर्म-अध्यात्म मनुष्य और पश्वादियों में जीवात्मा एक जैसा वा समान समान है’ May 4, 2018 by मनमोहन आर्य | 1 Comment on मनुष्य और पश्वादियों में जीवात्मा एक जैसा वा समान समान है’ मनमोहन कुमार आर्य हम संसार में मनुष्यों सहित अनेक पशु, पक्षी व अन्य अनेक प्राणी योनियों को देखते हैं। सभी मनुष्यों व जीवित प्राणियों में एक अनादि, अमर, अल्पज्ञ, सूक्ष्म व ससीम चेतन जीवात्मा होता है। इन सभी प्राणी योनियों में जो जीवात्मायें हैं वह एक जैसी हैं। अनेक मनुष्यों को मनुष्य और अन्य सभी […] Read more » Featured ऋषि दयानन्द धर्मराज अर्थात् परमेश्वर मनुष्य वीर्य
धर्म-अध्यात्म “ऋषि दयानन्द का ‘स्वमन्तव्यामन्तव्यप्रकाश’ गागर में सागर” May 3, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment “ऋषि दयानन्द का ‘स्वमन्तव्यामन्तव्यप्रकाश’ गागर में सागर” -मनमोहन कुमार आर्य, ऋषि दयानन्द का सत्यार्थप्रकाश ग्रन्थ संसार में सुविख्यात ग्रन्थ है। इस ग्रन्थ में ऋषि दयानन्द ने संसार में विद्यमान पदार्थों के सत्य स्वरूप का प्रकाश किया है। यह ग्रन्थ चौदह समुल्लासों में है। प्रथम दस समुल्लास ग्रन्थ पूर्वाद्ध कहलाते हैं और बाद के चार समुल्लास […] Read more » Featured अर्थ-अनर्थ आचार्य आर्य-दस्यु आर्यावर्त्त व आर्य उपाध्याय काम गुरु तीर्थ देव-असुर-राक्षस-पिशाच देवपूजा न्यायकारी पुराण पुरुषार्थ प्रारब्ध से बड़ा पुरोहित प्रजा बन्ध मनुष्य मुक्ति मुक्ति के साधन यज्ञ राजा वर्णाश्रम शिक्षा शिष्टाचार शिष्य सकर्तृक संस्कार
धर्म-अध्यात्म आर्यत्व का धारण मनुष्य को श्रेष्ठ व सफल मनुष्य बनाता है” May 2, 2018 by मनमोहन आर्य | 1 Comment on आर्यत्व का धारण मनुष्य को श्रेष्ठ व सफल मनुष्य बनाता है” मनमोहन कुमार आर्य हम अपने पूर्व जन्मों के अच्छे कर्मों के कारण इस जन्म में मनुष्य योनि में उत्पन्न हुए हैं। दो मनुष्यों व इनकी आत्माओं के कर्म समान नहीं होते। अतः सभी मनुष्यों के परिवेश व इनकी सामाजिक परिस्थितियां भिन्न भिन्न देखने को मिलती हैं। वैदिक कर्म-फल सिद्धान्त के अनुसार मनुष्य योनि में जो […] Read more » Featured अत्याचार आत्मा तम्बाकू का सेवन धूम्रपान प्रति अन्याय बुद्धि व आत्मबल भ्रष्टाचार मछली मन मस्तिष्क शरीर शोषण