धर्म-अध्यात्म

कनिष्क कश्यप:आईए देखें पहले अंडा या पहले मुर्गी ?

यहीं गांठ हैं, यहीं उलझन हैं जो आपको
सुलझानी हैं। देखो उस सवाल को……जिसने अपना होना कैसे बनाये रखा। एक ऐसा सवाल जो बार बार
आपको एक अद्रिश्य सता को मानने को विवश करता है। एक ऐसा सवाल जो बड़े बड़े विद्वानों ने,
मनुस्य की सोच और बुद्धि को सीमित करने का रूपक बनाया और आज भी बनाया जाता है।

पहले अंडा आया या पहले मुर्गी?
पहले पेड़ या पहले बीज़? जैसे हज़ारों सवाल आप बना सकतें हैं!

सेक्स चर्चा (भाग -3)

हम जीवन के मूल तत्व ‘ काम ‘ अर्थात ‘सेक्स’ के ऊपर विभिन्न विचारकों और अपने विचार को आपके समक्ष रखेंगे . काम का जीवन में क्या उपयोगिता है ? सेक्स जिसे हमने बेहद जटिल ,रहस्यमयी ,घृणात्मक बना रखा है उसकी बात करने से हमें घबराहट क्यों होती है ? क्यों हमारा मन सेक्स में चौबीस घंटे लिप्त रहने के बाद भी उससे बचने का दिखावा करता है

पंथ निरपेक्षता बनाम धर्म निरपेक्षता को लेकर छिडी बहस के सही संदर्भ

किसी एक शब्द की गलत व्याख्या या उसका गलत अनुवाद किस प्रकार पूरे परिदृश्य को

कर्मों के कारण है पुनर्जन्म : श्रीमद भगवद् गीता

पुनर्जन्म या REINCARNIATION एक ऐसा शब्द है जिससे लोग REBIRTH के नाम से जानते है हिन्दू धर्म के लोग पुनर्जन्म मतलब जनम,मृत्यु,और पुनः जनम के चक्र में विश्वास करते है अध्यात्मिक कानून के आधार पर पुनर्जन्म का तात्पर्य है” आत्माओ की पुर्नस्थापना” ,संस्कृत में पुनः शब्द का अर्थ होता है ‘अगला समय’ या ‘फिर से’ और जनम का अर्थ होता है

अध्यात्म का असल मतलब

अध्यात्म रोचक शब्द है। सामान्यतया भक्ति या ईश्वर विषयक चर्चा को अध्यात्म कहा जाता है। पूजा पाठ करने वाले ‘आध्यात्मिक’ कहे जाते हैं। भारत के लोक जीवन में यह शब्द मुद्रा से भी ज्यादा तेज रफ्तार चलताऊ है लेकिन प्रगतिशील विद्वानों के बीच उबाऊ है और घिसा पटा है। घिसा इसलिए कि पुराना है, पिटा इसलिए कि इसका रूप आस्थावादी है।