धर्म-अध्यात्म भगवान बुद्ध और आर्य परम्परा -एक सत्यान्वेषण March 27, 2016 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment “सचं नेरसी अन्तान्म कन्सो उपहतो यथा एस पत्तो सि निब्बानं सारम्भो न विज्ज्ती “(धम्मपद गा.१३४) टूटे हुए कांसे के थाल को पीटने पर भी आवाज नहीं करता ,वैसे ही यदि तुमने स्वयम को निशब्द कर लिया तो ऐसा समझो कि तुम निर्वाण पा गये ,क्योंकि प्रतिक्रिया तुम्हारे लिए जाती रही . ये पंक्तियाँ उन भगवान […] Read more » Featured
धर्म-अध्यात्म ईश्वर, वेद और विज्ञान March 27, 2016 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य आज का युग विज्ञान का युग है। विज्ञान विशिष्ट ज्ञान को कहते हैं। विज्ञान ज्ञान की वह विधा है जिसमें हम सृष्टि में कार्यरत व विद्यमान नियमों को जानकर व उनका उपयेाग करके अपनी आवश्यकता के नाना प्रकार के पदार्थों का निर्माण करते हैं। विज्ञान के नियमों की बात करें तो पदार्थों […] Read more »
चिंतन धर्म-अध्यात्म क्या हमारा पहले एक व अनेक बार मोक्ष हुआ है? March 25, 2016 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य योनि मोक्ष का द्वार है। मोक्ष दुःखों से सर्वथा निवृत्ति और जन्म-मरण के बन्धन से मुक्ति को कहते हैं। मनुष्य व अन्य प्राणियों की आत्माओं का जन्म उनके पूर्व मुनष्य जन्मों के शुभ व अशुभ कर्मों के फलों के भोग के लिए होता है। ऐसी शास्त्रीय मान्यता है कि जब मनुष्य […] Read more » मोक्ष
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म होली और उसके पूर्व महाभारतकालीन स्वरुप पर विचार March 24, 2016 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य भारत और भारत से इतर देशों में जहां भारतीय मूल के लोग रहते हैं, प्रत्येक वर्ष फाल्गुन माह की पूर्णिमा के दिन रंगों का पर्व होली हर्षोल्लास पूर्वक मनाया जाता है। होली के अगले दिन लोग नाना रंगों को एक दूसरे के चेहरे पर लगाते हैं, मिठाई व पकवानों का वितरण आदि […] Read more » the mahabharatkalin swaroop of holi होली होली का महाभारतकालीन स्वरुप
धर्म-अध्यात्म मैं महानतम पुरुष ईश्वर को जानता हूं March 18, 2016 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य यदि किसी मनुष्य ने ईश्वर या सृष्टि आदि विषयों को जानना है तो उसे इन विषयों के जानकार विद्वान व ज्ञानी पुरुषों की शरण लेनी होगी। किसी एक ज्ञानी पुरुष को प्राप्त होकर हम उससे, जितना वह ईश्वर वा सृष्टि केबारे मे जानता है, ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं। अब यदि हम […] Read more » महानतम पुरुष ईश्वर
धर्म-अध्यात्म त्रिनेत्र गणेश मन्दिर March 16, 2016 by ललित गर्ग | Leave a Comment आस्था और चमत्कार का अद्भुत संगम है ललित गर्ग हमारे देश में भगवान श्री गणेश के मन्दिरों की समृद्ध शृंखला में रणथंभौर दुर्ग के भीतर भव्य त्रिनेत्र गणेश मन्दिर का महत्व न केवल राजस्थानवासियों के लिये हैं बल्कि सम्पूर्ण देश में यह मन्दिर चर्चित एवं लोकप्रिय है। सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय से 13 किलोमीटर दूर […] Read more » Featured ganesh mandir त्रिनेत्र गणेश मन्दिर रणथम्भौर स्थित त्रिनेत्र गणेशजी
धर्म-अध्यात्म जन्म-मरण के दु:खों से मुक्ति के विवेक व वैराग्य आदि चार साधन March 14, 2016 by मनमोहन आर्य | 2 Comments on जन्म-मरण के दु:खों से मुक्ति के विवेक व वैराग्य आदि चार साधन मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य के जीवन का मुख्य उद्देश्य सभी प्रकार के दुःखों से मुक्ति व मोक्ष की प्राप्ति है। मुक्ति व मोक्ष एक प्रकार की जीवात्मा को पूर्ण स्वतन्त्रता है जिसमें शुभ व अशुभ कर्मों के फलों का भोग नहीं होता। यह स्वतन्त्रता वा मुक्ति हमें अपने मिथ्या व अशुभ कर्मों के फलों के […] Read more » चार साधन जन्म-मरण दु:खों से मुक्ति विवेक वैराग्य
धर्म-अध्यात्म महर्षि दयानन्द प्रथम धार्मिक महापुरुष March 1, 2016 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment ऋषि जन्मोत्सव (3 मार्च) एवं बोधोत्सव (7 मार्च) पर ‘सभी धार्मिक मान्यताओं को सत्य की कसौटी पर कस कर उसका प्रचार करने वाले महर्षि दयानन्द प्रथम धार्मिक महापुरुष’ मनमोहन कुमार आर्य देश और संसार में प्रतिदिन लाखों लोग जन्म लेते हैं और अपनी आयु भोग कर काल के गाल में समा जाते हैं। सृष्टि […] Read more » महर्षि दयानन्द महर्षि दयानन्द प्रथम धार्मिक महापुरुष’
धर्म-अध्यात्म शख्सियत आध्यात्मिक सत्पुरुष गुरु समर्थ रामदास March 1, 2016 by अशोक “प्रवृद्ध” | Leave a Comment अशोक “प्रवृद्ध” मुखमण्डलपर दाढ़ी, मस्तकपर जटाएँ,भालप्रदेश पर चन्दन का टीका,कंधेपर भिक्षा के लिए झोली तथा एक हाथ में जपमाला व कमण्डलु और दूसरे हाथ में योगदण्ड (कुबड़ी) लिए व पैरोंमें लकड़ी कीपादुकाएँ धारण किये भक्ति, ज्ञान व वैराग्य से ओत-प्रोत व्यक्तित्व के स्वामी समर्थ रामदास भारत के ऐसे सन्त हैं, जिनकी महाराष्ट्र तथा सम्पूर्ण […] Read more » Featured आध्यात्मिक सत्पुरुष आध्यात्मिक सत्पुरुष गुरु समर्थ रामदास गुरु समर्थ रामदास
धर्म-अध्यात्म स्वामी स्वतन्त्रानन्द महर्षि दयानन्द के एक प्रमुख योग्यतम शिष्य February 29, 2016 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य स्वामी स्वतन्त्रानन्द जी महाराज आर्यसमाज के अनूठे संन्यासी थे। आपने अमृतसर के निकट सन् 1937 में दयानन्द मठ दीनानगर की स्थापना की और वेदों का दिगदिगन्त प्रचार कर स्वयं को इतिहास में अमर कर दिया। आपके बाद आपके प्रमुख शिष्य स्वामी सर्वानन्द सरस्वती इसी मठ के संचालक व प्रेरक रहे। आपके जीवन […] Read more » महर्षि दयानन्द के एक प्रमुख योग्यतम शिष्य स्वामी स्वतन्त्रानन्द
धर्म-अध्यात्म वैदिक धर्म के प्रति सच्ची श्रद्धा रखने वाले अन्य मतों के अनुयायी February 29, 2016 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य महर्षि दयानन्द पौराणिक माता-पिता की सन्तान थे जिन्होंने सत्य की खोज की और जो सत्य उन्हें प्राप्त हुआ उसे अपनाकर उन्होंने अपनी पूर्व मिथ्या आस्थाओं व सिद्धान्तों का त्याग किया। सत्य ही एकमात्र मनुष्य जाति की उन्नति का कारण होता है, अतः उन्होंने सत्य को न केवल अपने जीवन में स्थान दिया […] Read more » वैदिक धर्म के प्रति सच्ची श्रद्धा रखने वाले अन्य मतों के अनुयायी
धर्म-अध्यात्म मनुष्य व उसके कुछ प्रमुख कर्तव्य February 27, 2016 / February 29, 2016 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य किसे कहते हैं? इसका उत्तर है कि मननशील व्यक्ति को मनुष्य कहते हैं। मननशाल क्यों होना है, इसलिये कि हम सत्य को जान सके। सत्य को जानकर हम इस निष्कर्ष पर पहुंचते हैं कि हमें जो दुःख प्राप्त होता है वह दूसरों के हमारे प्रति अनुचित व्यवहार के कारण ही प्रायः […] Read more » मनुष्य व उसके कुछ प्रमुख कर्तव्य