धर्म-अध्यात्म पूरब का सोमनाथ है भोजपुर का भोजेश्वर शिव मंदिर February 13, 2011 / December 15, 2011 by सतीश सिंह | Leave a Comment सतीश सिंह कला और संस्कृति के दृष्टिकोण से मध्यप्रदेश की धरती प्राचीन काल से ही उर्वर रही है। स्थापत्य कला में भी मध्यप्रदेश का स्थान भारत में अव्वल है। स्थापत्य कला का ही एक बेजोड़ नमूना मध्यप्रदेश की राजधानी और झीलों की नगरी भोपाल से तकरीबन 28 किलोमीटर की दूरी पर अवस्थित भोजपुर नामक स्थान […] Read more » Shiv Temple भोजेश्वर शिव मंदिर
धर्म-अध्यात्म ईसाइयत का लबादा और सत्य शोधक समाज February 13, 2011 / December 15, 2011 by नन्दलाल शर्मा | 2 Comments on ईसाइयत का लबादा और सत्य शोधक समाज नन्दलाल शर्मा धर्म भी कमाल की चीज़ है। हर कोई इसे अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करता है। चाहे वो पिछड़ा वर्ग की राजनीति करने को हों या ब्राह्मणवाद और मनुवाद के खिलाफ लोगों को खड़ा करना हों। इसके लिए लोग झूठी कहानियाँ गढ़ते है, तो लम्बे चौड़े वादे भी करते हैं। बस यही कहानी […] Read more » Christian ईसाई सत्यशोधक समाज
धर्म-अध्यात्म आखिर कौन हैं ये सप्तऋषि? February 11, 2011 / December 15, 2011 by सूर्यकांत बाली | 7 Comments on आखिर कौन हैं ये सप्तऋषि? सूर्यकांत बाली इसमें शक नहीं कि सप्तर्षि यानी सात ऋषि (सप्त+ऋषि) हमारे दिल और हमारे दिमाग पर छाए हुए हैं। बचपन में जैसे हम लोगों को चन्द्रमा में नजर आने वाले काले धब्बे को लेकर कई तरह की कहानियां सुनाई जाती हैं, ध्रुव तारे को लेकर कई तरह की बातें बताई जाती हैं, वैसे ही […] Read more » Saptrishi सप्तऋषि
धर्म-अध्यात्म विरोध के बहाने मिशनरी को अपनी जमीन बचाने की चिंता February 9, 2011 / December 15, 2011 by आर.एल. फ्रांसिस | Leave a Comment आर.एल.फ्रांसिस जैसे-जैसे नर्मदा कुंभ का दिन नजदीक आता जा रहा है वैसे ही ईसाई मिशनरी इसके विरोध में खुल कर सामने आने लगे है। उन्हें डर सताने लगा है कि इस कुंभ में शामिल होने वाले गैर ईसाई आदिवासियों और ईसाई आदिवासियों के बीच तनाव फैल सकता है और इसके साथ ही घबराहट में ईसाई […] Read more » Christian ईसाई मिशनरी नर्मदा महाकुंभ
धर्म-अध्यात्म आखिर कब तक होगा धर्मांतरण द्वारा भारत की आत्मा से खिलवाड February 5, 2011 / December 15, 2011 by विनोद बंसल | 3 Comments on आखिर कब तक होगा धर्मांतरण द्वारा भारत की आत्मा से खिलवाड विनोद बंसल भारतीय गणतंत्र की 61वीं वर्षगांठ के ठीक एक दिन पूर्व हमारी सर्वोच्च न्यायालय ने मात्र चार दिन पूर्व स्वयं द्वारा सुनाए गए एक ऐतिहासिक निर्णय में बदलाव कर न सिर्फ अपने ही नियमों को नजरंदाज किया है बल्कि धर्मांतरण के संबंध में एक नई बहस का बीजा-रोपण भी किया है। संभवत यह अभूतपूर्व […] Read more » conversion of religion in India धर्मांतरण धर्मांतरण द्वारा भारत की आत्मा से खिलवाड
धर्म-अध्यात्म धर्म बनाम धर्मनिरपेक्षता February 5, 2011 / December 15, 2011 by विजय सोनी | 7 Comments on धर्म बनाम धर्मनिरपेक्षता विजय सोनी धर्म की परिभाषा या व्याख्या करने का अधिकार या कर्तव्य केवल ऋषि मुनियों का ही है, मैं ये दुस्साहस बिलकुल भी नहीं कर सकता केवल एक सामान्य व्यक्ति की सामान्य सोच से ,मैं तो केवल याद दिलाऊंगा की-इस सत्य को तो विज्ञान भी मानता है की आज हम जिस धरती पर जी रहे […] Read more » secularism धर्म धर्मनिरपेक्षता निरपेक्षता
धर्म-अध्यात्म वस्तानवी साहब और दारूल उल उलूम देवबन्द की परम्पराएं February 5, 2011 / December 15, 2011 by अनिल त्यागी | 1 Comment on वस्तानवी साहब और दारूल उल उलूम देवबन्द की परम्पराएं अनिल त्यागी गुलाम मोहम्मद वस्तानवी के दारूल उल उलूम देवबन्द के मोहतमिम चुने गये तो उनकी तारीफ में ढेरो बयान और बाते आई। मजलिसे शूरा ने जिस यकीन और एतबार से वुस्तानवी साहब की चुनाव किया था उस पर वो खरे नहीं उतर पाये। अब इसे चाहे लोग इस संस्था की अन्दरूनी सियासत का नाम […] Read more » गुलाम मोहम्मद वस्तानवी दारूल उल उलूम देवबन्द
धर्म-अध्यात्म आगे देखने से परहेज February 4, 2011 / December 15, 2011 by विजय कुमार | 1 Comment on आगे देखने से परहेज विजय कुमार भारत में सेक्यूलर नाम की एक प्रजाति है, जिसके लोग अनेक राजनीतिक दलों और सामाजिक, सांस्कृतिक संस्थाओं में पाए जाते हैं। इन लोगों का मत है कि भारत में मुसलमानों की सामाजिक और आर्थिक दुर्दशा के लिए यहां के हिन्दू जिम्मेदार हैं। केन्द्र की सत्ता में बैठी मैडम कांग्रेस ने इसके लिए रंगनाथ […] Read more » आगे देखने से परहेज
धर्म-अध्यात्म समाज धर्म और समाज में तालमेल जरूरी February 1, 2011 / December 15, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment विमल कुमार सिंह पूर्ण मानव समाज, चाहे वह विश्व के किसी भी कोने में रहता हो, किसी न किसी धार्मिक विश्वास या मान्यता से अवश्य जुड़ा रहा है। यद्यपि कुछ लोग ऐसे भी रहे हैं जो धार्मिक विश्वास के सभी रूपों को नकारने में लगे रहे, परंतु इतिहास के पन्ने पलटने पर हमें ज्ञात होता […] Read more » harmony in society धर्म धर्म और समाज में तालमेल समाज में तालमेल
धर्म-अध्यात्म महिला-जगत ईसाई धर्म और नारी मुक्ति February 1, 2011 / December 15, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 6 Comments on ईसाई धर्म और नारी मुक्ति प्रो. कुसुमलता केडिया क्रिश्चिएनिटी की जिन मान्यताओं के विरोध में यूरोपीय नारी मुक्ति आंदोलन वीरतापूर्वक खड़ा हुआ, वे मान्यताएं हिन्दू धर्म, बौध्द धर्म तथा विश्व के सभी धर्मों में कभी थी ही नहीं। यहां तक कि यहूदी धर्म और इस्लाम में भी ये मान्यताएं कभी भी नहीं थीं। भले ही स्त्रियों पर अनेक प्रतिबंध इस्लाम […] Read more » christanity Women's liberation ईसाई धर्म नारी मुक्ति
धर्म-अध्यात्म स्वास्थ्य-योग योगविद्या को हिंदू आस्था का अंग मानने पर झिझक क्यों? January 29, 2011 / December 15, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 3 Comments on योगविद्या को हिंदू आस्था का अंग मानने पर झिझक क्यों? हरिकृष्ण निगम आज जब लगभग डेढ़ करोड़ लोग मात्र अमेरिका में ही योगाभ्यास, ध्यान और प्राणायाम से जुड़े हुए हैं इसकी अंतर्राष्ट्रीय लोकप्रियता एवं स्वास्थ जीवन के संदर्भ में प्रासंगिकता को समझा जा सकता है। यह भारतीय वैकल्पिक चिकित्सा पध्दति की बढ़ती हुई स्वीकृति का भी सूचक है जिसके बीच में आस्था, नस्ल, रंगभेद या […] Read more » hindu beliefs and yoga योगविद्या योगविद्या aur हिंदू आस्था
धर्म-अध्यात्म और अब भारत में भी ‘तालिबानी फरमान January 26, 2011 / December 16, 2011 by तनवीर जाफरी | 2 Comments on और अब भारत में भी ‘तालिबानी फरमान तनवीर जाफ़री ऐसा लगता है कि आजकल इस्लाम को बदनाम करने का ठेका सिर्फ मुसलमानों ने ही ले रखा है। न सिर्फ दुनिया के तमाम मुल्कों से बल्कि भारत से भी अक्सर ऐसे समाचार प्राप्त होते रहते हैं, जिनसे इस्लाम बदनाम होता है और मुसलमानों का सिर नीचा होता है। कभी बेतुके फतवे इस्लामी तौहीन […] Read more » ‘तालिबानी फरमान Talibani farman