धर्म-अध्यात्म सत्य की जन्मतिथि नहीं होती January 5, 2011 / December 18, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment हृदयनारायण दीक्षित सत्य सदा से है, सनातन है, चिरंतन है। गीता भारतीय अनुभूति का सत्यदर्शन है। पिछले सप्ताह (17 दिसम्बर) गीता जयंती के उल्लास थे। जयन्ती का मतलब जन्मतिथि नहीं होता। जयन्ती का जय सत्य की विजय है। तत्वबोध ही आनंदमगन विश्व की गारंटी है लेकिन विश्व तनावग्रस्त है। मनुष्य का वर्तमान ‘भविष्य तनाव’ में […] Read more » Birthdate सत्य
धर्म-अध्यात्म दुख का बोध और योगसिद्धि का आनंद January 5, 2011 / December 18, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment हृदयनारायण दीक्षित दुख और सुख सामान्य संसारी अनुभव हैं लेकिन ‘दुख की संरचना का बोध’ सौभाग्यशाली अनुभूति है। यही बोध कपिल को हुआ था, दुख बोध से ही विश्वविख्यात् सांख्यदर्शन उगा। महात्मा बुध्द का नाम बोधिसत्व से बुद्ध हुआ, दुख संरचना के गहन बोध की बुध्द कथा सारी दुनिया जानती है। ऋषि कणाद का परमाणुवाद […] Read more » Yogsiddhi योगसिद्धि
धर्म-अध्यात्म बीसवी शती में वेदों का प्रकटीकरण? December 26, 2010 / December 18, 2011 by डॉ. मधुसूदन | 8 Comments on बीसवी शती में वेदों का प्रकटीकरण? डॉ. मधुसूदन मेरा एक मित्र भारत जा रहा था। उस के द्वारा मैंने एक ”छंदो दर्शन” नामक पुस्तक, यूं सोच कर, कि कविता के छंदों की पुस्तक होगी, जो भारतीय विद्या भवन ने प्रकाशित की थी, मंगाई। पर मेरे आश्चर्य का पार न रहा, जब मैं ने उसे खोला, तो, वह आधुनिक समय में प्रकट […] Read more » Ved ऋग्वेद वेद
धर्म-अध्यात्म हम कमज़ोर हैं क्या? December 26, 2010 / December 18, 2011 by डॉ. राजेश कपूर | 9 Comments on हम कमज़ोर हैं क्या? डॉ. राजेश कपूर कई बार सच हमारे सामने होता है पर हम उसे देख नहीं पाते. भारत पर इस्लामी आक्रमणों के बारे में कुछ ऐसा ही हुआ है. अपनी स्थापना के चन्द दशकों के भीतर इस्लाम ने सारे अरब, अफ्रीका, आधे यूरोप को जीत लिया. इतिहास में ऐसा जोश और किसी में नज़र नहीं आता. […] Read more » hindu इस्लाम हिंदू
धर्म-अध्यात्म ”वर्णसंकर हिन्दु ही नकार सकता है राम का अस्तित्व” December 26, 2010 / December 18, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on ”वर्णसंकर हिन्दु ही नकार सकता है राम का अस्तित्व” सनातन धर्म हिन्दु समाज के रग-रग में बसे भगवान राम के बारे में शायद ही कोई अभागा व्यक्ति होगा जो नही जानता होगा कि भगवान राम कौन थे? उनकी जन्मस्थली किस जगह पर हैं? जो व्यक्ति सनातन धर्म हिन्दु समाज से नहीं हैं अर्थात जो अन्य देश या धर्मों से जुड़े हैं वही व्यक्ति श्रीराम […] Read more » Shri Ram श्री राम
धर्म-अध्यात्म धार्मिक प्रसारण की साम्प्रदायिक रंगतें December 25, 2010 / December 18, 2011 by जगदीश्वर चतुर्वेदी | 1 Comment on धार्मिक प्रसारण की साम्प्रदायिक रंगतें जगदीश्वर चतुर्वेदी धर्म को जनमाध्यमों के जरिए प्रक्षेपित करने के साथ ही, धर्म अब निजी मसला नहीं रह जाता। यह अंधलोकवाद का अंग बनकर लोकवादी (मासकल्चर) संस्कृति की इकाई के तौर पर भूमिका अदा करने लगता है। जनसमाज में धर्म की शक्ल एक माल की हो जाती है। वह लोगों में बिक्रीयोग्य होता है और […] Read more » Sectarianism साम्प्रदायिकता
धर्म-अध्यात्म आस्था तत्व के बिना तो साहित्य रचना ही असंभव है December 25, 2010 / December 18, 2011 by डॉ. मनोज जैन | Leave a Comment डॉं. मनोज जैन सारांश : भारतीय दर्शन में परमात्मा को समस्त क्लेशों की शान्ति का उपाय स्वीकार किया है, और आस्था तत्व से ऐसा ही प्रतीत होता है कि परमात्म तत्व के प्रति अगाध श्रध्दा। वास्तव में परमात्मा या प्रकृति दौनों ही तत्वों के प्रति आस्था व्यक्ति के तम, रज या सत गुण से प्रभावित […] Read more » Belief आस्था
धर्म-अध्यात्म जिंदा इस्लाम को किया तूने December 22, 2010 / December 18, 2011 by तनवीर जाफरी | 6 Comments on जिंदा इस्लाम को किया तूने तनवीर जाफ़री इस्लामी नववर्ष का पहला महीना अर्थात् मोहर्रम शुरु हो चुका है। माह-ए- मोहर्रम की 10वीं तारीख यानी रोज़-ए-आशूरा गत दिनों पूरे विश्व में शहीद-ए-करबला हज़रत इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए मनाया गया। हालांकि पूरी दुनिया नववर्ष का हर्षोल्लास के साथ स्वागत करती है। परंतु इसे इस्लाम धर्म का दुर्भाग्य ही […] Read more » Islam इस्लाम मुसलमान
धर्म-अध्यात्म क्रिसमस पर विशेष/ चर्च के लिए आत्म-मंथन का समय December 22, 2010 / December 18, 2011 by आर.एल. फ्रांसिस | Leave a Comment आर.एल.फ्रांसिस दो साल पहले उड़ीसा के कंधमाल में हुए दंगों के कारण ईसाइयों एवं कुई आदिवासियों को जान-माल का भारी नुकसान उठाना पड़ा है। हजारो लोग विस्थापित हो गये है जिंदगीं की गाड़ी धीरे धीरे दोबारा रफतार पकड़ रही है। उड़ीसा ही क्यों, मध्य प्रदेश, छतीसगढ़, गुजरात, बिहार, झारखंड, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, उतर प्रदेश, पूर्वी […] Read more » Church इसाई चर्च
धर्म-अध्यात्म श्रीरामचरितमानस का डच भाषा में अनुवाद करने वाले श्री रामदेव कृष्ण से पवन कुमार अरविंद की बातचीत- December 16, 2010 / January 12, 2012 by पवन कुमार अरविन्द | Leave a Comment भारतीय मूल के हालैंड निवासी अध्यापक व प्रसिद्ध नाट्यकर्मी श्री रामदेव कृष्ण ने तुलसीदास की श्रीरामचरितमानस का डच भाषा में अनुवाद किया है। यह गद्य रुप में है। इसका लोकार्पण 14 जनवरी 2011 को सूरीनाम में पहली बार आयोजित होने वाले कुंभ मेले के दौरान वहां के राष्ट्रपति श्री देसी बोतरस द्वारा किया जाएगा। श्री […] Read more » Shree Ramcharitmanas श्रीरामचरितमानस का डच अनुवाद
धर्म-अध्यात्म हिंदू धर्म को अपडेट या पुनर्भाषित किए जाने की आवश्यकता December 16, 2010 / December 18, 2011 by श्रीराम तिवारी | 3 Comments on हिंदू धर्म को अपडेट या पुनर्भाषित किए जाने की आवश्यकता श्रीराम तिवारी विगत ३० सितम्बर २०१० के बाद देश में आसन्न चुनौतियों की सूची में जो विषय अभी तक बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक समाजों के द्वंदात्मक विमर्श का कारण था, वो वरीयता में अब नहीं रहा. मंदिर-मस्जिद विवाद वैसे भी आस्था के दो नामों, दो पूजा पद्धतियों, दो बिरादरियों और दो दुर्घटनाओं की एतिहासिक द्वंदात्मक संघर्ष […] Read more » Hindu Religion हिंदू धर्म
धर्म-अध्यात्म धर्म के नाम पर जाम का दंश झेलता हमारा देश December 11, 2010 / December 19, 2011 by निर्मल रानी | 11 Comments on धर्म के नाम पर जाम का दंश झेलता हमारा देश निर्मल रानी किसी भी मनुष्य के दैनिक जीवन में आम लोगों की दिनचर्या का सुचारू संचालन काफी महत्वपूर्ण होता है। बावजूद इसके कि हमारे देश की लगभग 60 फीसदी आबादी देश के गांव में बसती है तथा शेष जनसंख्या शहरों व कस्बों का हिस्सा हैं। इसके बावजूद गांवों की तुलना में शहरी जीवन कहीं अधिक […] Read more » Religion जाम धर्म