धर्म-अध्यात्म सर्व प्राचीन वैदिक धर्म का आधार ईश्वर और उसका ज्ञान वेद June 11, 2021 / June 11, 2021 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्यसंसार में अनेक मत-मतान्तर प्रचलित हैं जो अपने आप को धर्म बताते हैं। क्या वह सब धर्म हैं? यह मत-मतान्तर इसलिये धर्म नहीं हो सकते क्योंकि धर्म श्रेष्ठ गुण, कर्म व स्वभाव को धारण करने को कहते हैं। मनुष्य का कर्तव्य है कि श्रेष्ठ व अनिन्दित गुण, कर्म व स्वभावों को जाने व […] Read more » The basis of all ancient Vedic religion is God and his knowledge Vedas वेद
धर्म-अध्यात्म विश्व को वेदों से मिला आत्मा की अमरता व पुनर्जन्म का सिद्धान्त June 7, 2021 / June 7, 2021 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्यमनुष्य जीवन का उद्देश्य ज्ञान की प्राप्ति कर सत्य व असत्य को जानना, असत्य को छोड़ना, सत्य को स्वीकार करना व उसे अपने आचरण में लाना है। सबसे पहला कार्य जो मनुष्य को करना है वह स्वयं को व इस संसार को अधिक सूक्ष्मता से न सही, सार रूप में जानना तो है […] Read more » principle of immortality and rebirth principle of immortality and rebirth of the soul The world got the principle of immortality and rebirth of the soul from the Vedas आत्मा की अमरता व पुनर्जन्म
धर्म-अध्यात्म जीवात्मा के भीतर व बाहर व्यापक परमात्मा को जानना हमारा मुख्य कर्तव्य June 6, 2021 / June 6, 2021 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्यसंसार में अनेक आश्चर्य हैं। कोई ताजमहल को आश्चर्य कहता है तो कोई लोगों को मरते हुए देख कर भी विचलित न होने और यह समझने कि वह कभी नहीं मरेगा, इस प्रकार के विचारों को आश्चर्य मानते हैं। हमें इनसे भी बड़ा आश्चर्य यह प्रतीत होता है कि मनुष्य स्वयं को यथार्थ […] Read more »
धर्म-अध्यात्म वैदिक साहित्य के प्रमुख प्राचीन ग्रन्थ विशुद्ध-मनुस्मृति का महत्व May 31, 2021 / May 31, 2021 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्यसमस्त वैदिक साहित्य में मनुस्मृति का गौरवपूर्ण स्थान है। मनुस्मृति के विषय में महर्षि दयानन्द जी ने अपने सत्यार्थप्रकाश ग्रन्थ में कहा है कि यह मनुस्मृति सृष्टि की आदि मे उत्पन्न हुई है। मनुस्मृति से अधिकांश वैदिक मान्यताओं का प्रकाश होता है। प्राचीन काल में विद्यमान मनुस्मृति वेदानुकूल ग्रन्थ था जो समाज के […] Read more » Importance of Vishuddha-Manusmriti the main ancient text of Vedic literature मनुस्मृति का महत्व
धर्म-अध्यात्म ईश्वर का सत्यस्वरूप हमें ऋषि दयानन्द के ग्रन्थों से प्राप्त होता है May 30, 2021 / May 31, 2021 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्यसंसार में ईश्वर की सत्ता में विश्वास रखने वाले और न रखने वाले दोनों प्रकार के मनुष्य निवास करते हैं। किसी कवि ने तो यहां तक कह दिया है कि ‘खुदा के बन्दों को देखकर खुदा से मुनकिर हुई है दुनिया, कि जिसके बन्दे ऐसे हैं वह कोई अच्छा खुदा नहीं।’ आज के […] Read more » The true form of God is derived from the texts of the sage Dayanand.
धर्म-अध्यात्म विश्व के लिए वेदज्ञान की उपेक्षा अहितकर एवं हानिकारक May 30, 2021 / May 31, 2021 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्यमनुष्य जीवन को संसार के वेदेतर सभी मत अद्यावधि प्रायः समझ नहीं सके हैं। यही कारण है कि यह जानते हुए कि सत्य एक है, संसार में आज के आधुनिक व उन्नत युग में भी एक नहीं अपितु सैकड़ो व सहस्राधिक मत-मतान्तर प्रचलित हैं जिनकी कुछ बातें सत्य व कुछ असत्य एवं अज्ञान […] Read more » Neglect of Vedas is harmful and harmful for the world वेदज्ञान की उपेक्षा
धर्म-अध्यात्म मनुस्मृति में किये गये प्रक्षेपों से होने वाली हानियां May 27, 2021 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्यआर्यजगत् की प्रसिद्ध वैदिक साहित्य के शोध एवं प्रकाशन की संस्था ‘आर्ष साहित्य प्रचार ट्रस्ट, दिल्ली’ द्वारा इतिहास में प्रथमवार दिनांक 26 दिसम्बर, 1981 को प्रक्षेपों से रहित ‘‘विशुद्ध-मनुस्मृति” का भव्य प्रकाशन किया गया था। इस अत्यन्त महत्वपूर्ण ग्रन्थ के व्याख्याता, समीक्षक तथा सम्पादक आर्यसमाज के सुप्रसिद्ध विद्वान कीर्तिशेष पं. राजवीर शास्त्री जी […] Read more » Losses due to projections made in Manusmriti मनुस्मृति
धर्म-अध्यात्म क्या संसार ऋषि दयानन्द के वैदिक सिद्धान्तों को समझ सका? May 27, 2021 / May 27, 2021 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्यमहर्षि दयानन्द (1825-1883) ने देश व समाज सहित विश्व की सर्वांगीण उन्नति का धार्मिक व सामाजिक कार्य किया है। क्या हमारे देश और संसार के लोग उनके कार्यों को यथार्थ रूप में जानते व समझते हैं? क्या उनके कार्यों से मनुष्यों को होने वाले लाभों की वास्तविक स्थिति का ज्ञान विश्व व देश […] Read more » ऋषि दयानन्द के वैदिक सिद्धान्त
धर्म-अध्यात्म निमाड़ की माटी के संत शिरोमणि सिंगाजी महाराज May 25, 2021 / May 25, 2021 by आत्माराम यादव पीव | Leave a Comment आत्माराम यादव पीव माता मानो हमारी तम एक बात, खजूरी अपण छोडी देवा।माता घट को धोबी हमको मूठ मार,माता यह दुख सयो नी जाय।बेटा अनधन लक्ष्मी का काई लई जावां, बेटा कां जाई न देवां रयवास।।माता हरसूद जिला गॉव भैसावा, माता पिपल्या म देवां रहवास।कहे जन सिंगा सुणो भाई साधो, असो राखों ते शरण लगाय।।बालक […] Read more » संत शिरोमणि सिंगाजी महाराज
धर्म-अध्यात्म मनुष्य जीवन की उन्नति के सरल वैदिक साधन May 25, 2021 / May 25, 2021 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्यसंसार में अनेक प्रकार के प्राणी हैं जिनमें से एक मनुष्य है। मनुष्य उसे कहते हैं जिसमें मनन करने का गुण व सामथ्र्य है। मनन करना सत्य व असत्य के विवेक वा निर्णय करने के लिए होता है। मनुष्य के पास अन्य प्राणियों की तुलना में उनसे कहीं अधिक विकसित बुद्धि तत्व व […] Read more » सरल वैदिक साधन
धर्म-अध्यात्म देश में जन्मना जातिव्यवस्था का आरम्भ 185 वर्ष ईसा पूर्व हुआ May 22, 2021 / May 22, 2021 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment स्वाध्याय से मनुष्य को अनेक लाभ– -मनमोहन कुमार आर्य स्वाध्याय करना वैदिक धर्मियों के जीवन का अनिवार्य कार्य, आचरण एवं व्यवहार है। स्वाध्याय से प्रत्यक्ष लाभ ज्ञान की वृद्धि के रूप में सामने आता है। मनुष्य को सद्ग्रन्थों का ही स्वाध्याय करना चाहिये। ऐसा करने से ही मनुष्य के सद्ज्ञान में वृद्धि होती है। […] Read more » The birth of caste system in the country started in the year 185 BC देश में जन्मना जातिव्यवस्था का आरम्भ 185 वर्ष ईसा पूर्व हुआ
धर्म-अध्यात्म अग्निहोत्र यज्ञ एवं इससे वर्तमान में होने वाले रोगमुक्ति आदि अनेक लाभ May 18, 2021 / May 18, 2021 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्यअग्निहोत्र यज्ञ से होने वाले लाभों में अनागत रोगों से बचाव, प्राप्त रोगों का दूर होना, वायु-जल की शुद्धि, ओषधि-पत्र-पुष्प-फल-कन्दमूल आदि की पुष्टि, स्वास्थ्य, दीर्घायुष्य, बल, इन्द्रिय-सामर्थ्य, पाप-मेाचन, शत्रु-पराजय, तेज, यश, सदविचार, सत्कर्मों में प्रेरणा, गृह-रक्षा, भद्र-भाव, कल्याण, सच्चारित्र्य, सर्वविध सुख आदि लाभ प्राप्त होते हैं। वन्ध्यात्व-निवारण, पुत्र-प्राप्ति, वृष्टि, बुद्धिवृद्धि, मोक्ष आदि फलों […] Read more » Agnihotra Yagna and many benefits of the disease अग्निहोत्र यज्ञ