कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म थोड़ा तुम थोड़ा मैं फागुन हो जाऊँ March 8, 2023 / March 6, 2023 by प्रभुनाथ शुक्ल | Leave a Comment प्रभुनाथ शुक्ल खेतों में फसलों की रंगत बदल गई है। सरसों के पीले फूल खत्म हो गए हैं और वह फलियों से गदाराई है। मटर और जौ की बालियां सुनहली पड़ने लगी हैं। जवान ठंड अब बुढ़ी हो गई है। हल्की पछुवा की गलन गुनगुनी […] Read more » thoda tum thoda main phaagun ho jaoon
धर्म-अध्यात्म जीवात्मा के उत्कृष्टता की परम अवस्था “अवधू” या “अवधूत” March 6, 2023 / March 6, 2023 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डॉ. राधे श्याम द्विवेदीभारतीय साहित्य में यह ‘अवधू’ शब्द कई संप्रदायों के सिद्ध आचार्यों के अर्थ में व्यवहुत हुआ है। साधारणत: जागातिक द्वंद्वों से अतीत, मान- अपमान-विवर्जित, पहुँचे हुए योगी को अवधूत कहा जाता है। यह शब्द मुख्यतया तांत्रिकों, सहज यानियों और योगियों का है। सहजयान और वज्रयान नामक बौद्ध तांत्रिक मतों में ‘अवधूती वृत्ति’ […] Read more » "Avadhu" or "Avadhuta" the ultimate state of excellence of the soul
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म श्रेष्ठ गुण, कर्म, स्वभाव से युक्त जीवनः मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम March 2, 2023 / March 2, 2023 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment रामनवमी पर्व 30 मार्च पर– –मनमोहन कुमार आर्य चैत्र शुक्ल नवमी आर्यों व हिन्दुओं का ही नहीं अपितु संसारस्थ सभी विवेकशील लोगों के लिए आदर्श मर्यादा पुरुषोत्तम श्री रामचन्द्र जी का जन्म दिवस पर्व है। इस पर्व को श्री रामचन्द्र जी के भक्त अपनी अपनी तरह से सर्वत्र मनाते हैं। हम वैदिक धर्मी आर्य […] Read more » nature: Maryada Purushottam Shri Ram ramnavami मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम रामनवमी पर्व 30 मार्च
धर्म-अध्यात्म हैदराबाद सत्याग्रह में आर्यसमाज, देहरादून का योगदान March 2, 2023 / March 2, 2023 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य देश की आजादी से पूर्व हैदराबाद एक मुस्लिम रियासत थी। वहां हिन्दुओं के बड़ी जनसंख्या में होने पर भी उनके धार्मिक अधिकारों को प्रायः छीन लिया गया था। वहां हिन्दू मन्दिरों में लाउडस्पीकर लगाकर अपने धार्मिक आयोजन नहीं कर सकते थे। जलूस आदि नहीं निकाल सकते थे। वैदिक धर्म प्रचारकों पर […] Read more » Contribution of Aryasamaj Dehradun in Hyderabad Satyagraha
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म वेदों का महत्व एवं उनका अध्ययन-अध्यापन मानवमात्र का कर्तव्य February 6, 2023 / February 6, 2023 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य वेदों का नाम प्रायः सभी लोगों ने सुना होता है परन्तु आर्य व हिन्दू भी वेदों के बारे में अनेक तथ्यों को नहीं जानते। हमारा सौभाग्य है कि हम ऋषि दयानन्द जी से परिचित हैं। उनके आर्यसमाज आन्दोलन के एक सदस्य भी हैं और हमने ऋषि दयानन्द के जीवन एवं कार्यों […] Read more » वेदों का महत्व
धर्म-अध्यात्म जीवात्मा का सृष्टिकाल में जन्म-पुनर्जन्म होना सत्य सिद्धान्त है January 27, 2023 / January 27, 2023 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य हम प्रतिदिन मनुष्य व पशुओं आदि को जन्म लेते हुए देखते हैं। यदि हम इन प्राणियों के जन्मों पर विचार करें तो अनेक प्रश्न उत्पन्न होते हैं जिनके उत्तर हमें साधारणतः नहीं मिलते। मनुष्य व उसके बच्चे का जो शरीर एवं उसमें चेतन जीवात्मा होता है, वह माता के शरीर में […] Read more » Birth-rebirth of the soul in the time of creation is the true principle
धर्म-अध्यात्म ऋषि दयानन्द ने ईश्वरोपासना और अग्निहोत्र का सर्वाधिक प्रचार किया January 18, 2023 / January 18, 2023 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य ऋषि दयानन्द के प्रादुर्भाव के समय देश विदेश के लोग ईश्वर की सच्ची उपासना के ज्ञान व विधि से अपरिचित थे। यदि कुछ परिचित थे तो वह योगी व कुछ विद्वान धार्मिकजन ही रहे हो सकते हैं। वह लोग उपासना व अग्निहोत्र यज्ञों का प्रचार न कर उसे अपने तक ही […] Read more » ईश्वरोपासना और अग्निहोत्र
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म लेख हिन्दू धर्म और संस्कृति के रक्षक एक महान योद्धा गुरु गोविन्द सिंह January 4, 2023 / January 4, 2023 by ललित गर्ग | Leave a Comment गुरु गोविन्द सिंह जयन्ती- 5 जनवरी 2023 – ललित गर्ग- भारत की रत्नगर्भा माटी में जन्मे संतपुरुषों, गुरुओं एवं महामनीषियों की शृृंखला में एक महापुरुष हैं गुरु गोविन्द सिंह। जिनकी दुनिया के महान् तपस्वी, महान् कवि, महान् योद्धा, महान् संत सिपाही साहिब आदि स्वरूपों में पहचान होती है। दुनिया में देश व धर्म की रक्षार्थ […] Read more » गुरु गोविन्द सिंह जयन्ती- 5 जनवरी 2023
धर्म-अध्यात्म लेख ऋषि दयानन्द क्या चाहते थे? January 3, 2023 / January 3, 2023 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य ऋषि दयानन्द महाभारत के बाद विगत लगभग पांच हजार वर्षों में वेदों के मंत्रों के सत्य अर्थों को जानने वाले व उनके आर्ष व्याकरणानुसार सत्य, यथार्थ तथा व्यवहारिक अर्थ करने वाले ऋषि हुए हैं। महाभारत के बाद ऐसा कोई विद्वान नहीं हुआ है जिसने वेदों के सत्य, यथार्थ तथा महर्षि यास्क […] Read more » What did Rishi Dayanand want?
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म लेख वेदों का स्वाध्याय सभी मनुष्यों का मुख्य कर्तव्य एवं परमधर्म January 2, 2023 / January 2, 2023 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य मनुष्यों के अनेक कर्तव्यों में से एक कर्तव्य वेदों के सत्यस्वरूप को जानना व उनका नियमित स्वाध्याय करना है। वेदों का स्वाध्याय मनुष्य का कर्तव्य इसलिये है कि वेद संसार का सबसे पुराना व प्रथम ज्ञान है। यह वेदज्ञान मनुष्यों द्वारा अपने पुरुषार्थ से अर्जित ज्ञान नहीं है अपितु सृष्टि के […] Read more » Self-study of Vedas is the main duty and supreme religion of all human beings.
धर्म-अध्यात्म शख्सियत समाज साक्षात्कार महान दानी, सेवा भावी एवं संस्था शिल्पी बावा गुरमुख सिंह December 7, 2022 / December 7, 2022 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य देहरादून का प्रसिद्ध वैदिक साधन आश्रम तपोवन, नालापानी रोड, देहरादून जब तक रहेगा, इसके संस्थापक बावा गुरमुख सिंह जी और उनके प्रेरक महात्मा आनन्द स्वामी जी के नाम को अमर रखेगा। बावा गुरमुख सिंह जी का जन्म अमृतसर में एक सिख परिवार में पिता प्रद्युम्न सिंह जी के यहां हुआ था। […] Read more » a great donor Bawa Gurmukh Singh service provider and organization architect शिल्पी बावा गुरमुख सिंह
धर्म-अध्यात्म क्या हम मनुष्य हैं? December 5, 2022 / December 5, 2022 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य हम मनुष्य कहलाते हैं परन्तु क्या हम वात्सव में मनुष्य हैं? हम मनुष्य क्यों कहलाते हैं? इस प्रश्न का उत्तर है कि हमारे पास मन व बुद्धि है जिससे हम विचार कर किसी वस्तु या पदार्थ आदि के सत्य व असत्य होने का निर्णय करते हैं। यदि मनुष्य किसी बात को […] Read more » क्या हम मनुष्य हैं?