धर्म-अध्यात्म ईश्वर का अस्तित्व सत्य सिद्ध है, वह सबका रक्षक एवं पालनकर्ता है July 27, 2020 / July 27, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य ऋषि दयानन्द के सत्यार्थप्रकाश के सातवें समुल्लास में वर्णित वचनों के आधार पर ईश्वर के अस्तित्व विषयक विचारों को हम इस लेख में प्रस्तुतकर रहें। ऐसे विचार संसार के किसी साहित्य में उपलब्ध नहीं होते। सभी मनुष्यों के जीवन में यह अत्यन्त लाभप्रद एवं ज्ञानवर्धक हैं। सब मनुष्यों को इन विचारों […] Read more » he is the protector and follower of all The existence of God is proven true ईश्वर का अस्तित्व सत्य सिद्ध है
धर्म-अध्यात्म आर्य-हिन्दू समाज को चुनौतियों पर विजय पाने के लिये समाज सुधार करने सहित संगठित होना होगा July 18, 2020 / July 18, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य हमें अपने धर्म व संस्कृति की शक्ति व सामर्थ्य का समय समय पर अध्ययन करते रहना चाहिये। हमारे सामने वर्तमान में मुख्य चुनौतियां क्या हैं?, इसका भी हमें ज्ञान होना चाहिये। हमारे धर्म व संस्कृति तथा इसके अनुयायियों के विरुद्ध देश व विश्व स्तर पर कहीं कोई साजिश तो नहीं हो […] Read more » आर्य-हिन्दू समाज
धर्म-अध्यात्म एक अकेला ईश्वर सृष्टि की उत्पत्ति, पालन व प्रलय कैसे कर सकता है? July 12, 2020 / July 12, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य वैदिक धर्मी मानते हैं कि संसार में ईश्वर एक है और वही इस सृष्टि का रचयिता, पालनकर्ता तथा प्रलयकर्ता है। वही ईश्वर असंख्य जीवों के सभी कर्मों का साक्षी होता है तथा उन्हें उनके अनेक जन्म-जन्मान्तरों में सभी कर्मों के सुख व दुःख रूपी फल देता है। एक ईश्वरीय सत्ता के […] Read more » follow and destroy creation? ईश्वर सृष्टि की उत्पत्ति ईश्वर सृष्टि की पालन ईश्वर सृष्टि की प्रलय
धर्म-अध्यात्म पर्व - त्यौहार वर्त-त्यौहार शिवत्व को धारण करने का दिव्य अवसर July 9, 2020 / July 9, 2020 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग –हमारे देश में पर्वांे एवं त्यौहारों की एक समृ़द्ध परम्परा रही है, यहां मनाये जाने वाले पर्व-त्योहार के पीछे कोई न कोई गौरवशाली इतिहास-संस्कृति का संबंध जुड़ा होता है। सभी धर्मों में धार्मिक भावना की दृष्टि से मनाये जाने वाले पर्व हैं जैसे-हिंदुओं में दीपावली नवरात्रि, मुसलमानों में रमजान, ईसाइयों में क्रिसमस आदि। […] Read more » शिवत्व
धर्म-अध्यात्म ऋषि दयानन्द ने मत-मतान्तरों की परीक्षा कर वेदानुकूल सत्य के ग्रहण का सिद्धान्त दिया July 9, 2020 / July 9, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य ऋषि दयानन्द ने अपने ज्ञान व ऊहा से वेदों को सृष्टि के आरम्भ में चार ऋषियों को सर्वव्यापक परमात्मा से प्राप्त सत्य ज्ञान के ग्रन्थ स्वीकार किया था। इस सिद्धान्त व मान्यता की उन्होंने डिण्डिम घोषणा की है। इसके पक्ष में उन्होंने उदाहरणों सहित एवं तर्क युक्त बातें विस्तार से अपने […] Read more » ऋषि दयानन्द
धर्म-अध्यात्म मनुष्य धर्मानुसार तथा सत्य असत्य को विचार कर ही आचरण करें July 8, 2020 / July 8, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य परमात्मा ने मनुष्य को सबसे मूल्यवान् वस्तु उसके शरीर में बुद्धि के रूप में दी है। बुद्धि से हम ज्ञान को प्राप्त कर उसके अनुसार आचरण करते है। जिस मनुष्य की बुद्धि जितनी विकसित व शुद्ध होती है, वह उतना ही अधिक ज्ञानी कहा जाता है। सत्य ज्ञान के अनुरूप आचरण […] Read more » मनुष्य सत्य असत्य को विचार कर आचरण
धर्म-अध्यात्म अद्वितीय महापुरुष योगेश्वर कृष्ण का जीवन प्रेरक एवं अनुकरणीय है July 6, 2020 / July 6, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य का जन्म आत्मा की उन्नति के लिये होता है। आत्मा की उन्नति में गौण रूप से शारीरिक उन्नति भी सम्मिलित है। यदि शरीर पुष्ट और बलवान न हो तो आत्मा की उन्नति नहीं हो सकती। आत्मा के अन्तःकरण में मन, बुद्धि, चित्त एवं अहंकार यह चार अवयव व उपकरण होते […] Read more » योगेश्वर कृष्ण
धर्म-अध्यात्म वर्त-त्यौहार वेदों का स्वाध्याय एवं वैदिक जीवन जीने का पर्व है श्रावणी पर्व July 5, 2020 / July 5, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment आगामी श्रावणी व रक्षाबन्धन पर्व 3 अगस्त पर– -मनमोहन कुमार आर्य श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन देश के आर्य व हिन्दू बन्धु श्रावणी पर्व को मनाते हैं। वैदिक धर्म तथा संस्कृति 1.96 अरब वर्ष पुरानी होने से विगत दो ढाई हजार वर्ष पूर्व उत्पन्न अन्य सब मत-मतान्तरों से प्राचीन हैं। वैदिक धर्म के […] Read more » रक्षाबन्धन पर्व 3 अगस्त वेदों का स्वाध्याय श्रावणी पर्व 3 अगस्त श्रावणी व रक्षाबन्धन पर्व 3 अगस्त
धर्म-अध्यात्म ईश्वर और वेद ही संसार में सच्चे अमृत हैं July 4, 2020 / July 4, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य संसार में तीन सनातन, अनादि, अविनाशी, नित्य व अमर सत्तायें हैं। यह हैं ईश्वर, जीव और प्रकृति। अमृत उसे कहते हैं जिसकी मृत्यु न हो तथा जिसमें दुःख लेशमात्र न हों और आनन्द भरपूर हो। ईश्वर अजन्मा अर्थात् जन्म-मरण धर्म से रहित है। अतः ईश्वर मृत्यु के बन्धन से मुक्त होने […] Read more » वेद
धर्म-अध्यात्म जीवात्मा का जन्म एक बार नहीं अपितु बार-बार होता रहता है July 3, 2020 / July 3, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य व सभी प्राणी इस मृत्यु लोक में जन्म लेते हैं। शैशवावस्था से बाल, किशोर, युवा, सम्पूर्ति तथा वृद्धावस्था को प्राप्त होकर वह मृत्यु को प्राप्त हो जाते हैं। आज का युग विज्ञान का युग है। विज्ञान ने अनेक विषयों पर अनेक गम्भीर प्रश्नों का समाधान किया है। जीवन के सम्बन्ध […] Read more » The person is born not once but again and again जीवात्मा का जन्म
धर्म-अध्यात्म ईश्वर का ध्यान करते हुए साधक को होने वाले कतिपय अनुभव July 2, 2020 / July 2, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य का आत्मा चेतन सत्ता वा पदार्थ है। उसका कर्तव्य ज्ञान प्राप्ति व सद्कर्मों को करना है। ज्ञान ईश्वर व आत्मा संबंधी तथा संसार विषयक दो प्रकार का होता है। ईश्वर भी आत्मा की ही तरह से चेतन पदार्थ है जो सच्चिदानन्दस्वरूप, सर्वज्ञ, निराकार, सर्वव्यापक एवं सर्वान्तर्यामी सत्ता है। ईश्वर व […] Read more » Certain experiences of a seeker while meditating on God ईश्वर का ध्यान
धर्म-अध्यात्म हम ईश्वर के परिवार के अनन्त सदस्यों में से एक सदस्य हैं July 1, 2020 / July 1, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य हम इस संसार में आये तो यहां हमारा प्रथम परिचय अपने माता-पिता से हुआ। हमसे पहले भी हमारे भाई बहिन उत्पन्न हुए थे तथा बाद में भी। हमारे दादा-दादी, नाना-नानी, मामा तथा चाचा आदि के परिवार भी थे। बस इन्हीं कुछ लोगों को हम अपना परिवार मानते हैं। हमें लगता है […] Read more » ईश्वर