धर्म-अध्यात्म हम श्रेष्ठ वैदिक धर्म एवं संस्कृति के अनुयायी होने से भाग्यशाली हैं November 25, 2020 / November 25, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य हमारा जन्म भारत में हुआ है। भारत ही वह देश है जो धर्म एवं संस्कृति के सृजन का केन्द्र वा उत्पत्ति स्थान है। सृष्टि के आरम्भ में वेदों का आविर्भाव इसी प्राचीन देश आर्यावर्त के तिब्बत में परमात्मा से हुआ था। समस्त वेद ही धर्म का मूल एवं आधार है। वेद […] Read more » वैदिक धर्म एवं संस्कृति
धर्म-अध्यात्म सम्मान हेतु कृतज्ञता ज्ञापन November 24, 2020 / November 24, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य हम वैदिक विचारधारा के प्रचारार्थ जो लेख आदि लिखते हैं उसे अनेक पाठक एवं मित्र पसन्द करते हैं। कुछ लोग समय समय पर फोन आदि कर अपनी शुभकामनायें एवं आशीर्वाद हमें प्रदान करते रहते हैं। इससे हमें कार्य करने का उत्साह उत्पन्न होता है। हिमाचल प्रदेश के पौण्टा साहब स्थान के […] Read more » Gratitude for respect सम्मान हेतु कृतज्ञता ज्ञापन
धर्म-अध्यात्म वैदिक धर्म सत्य सिद्धान्तों से युक्त तथा अन्धविश्वासों से मुक्त है November 23, 2020 / November 23, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्यवैदिक धर्म ही मनुष्य का सत्य व यथार्थ धर्म है। इसका कारण वैदिक धर्म का ईश्वरीय ज्ञान वेदों पर आधारित होना है। वेदों को हमारे ऋषि मुनियों ने सब सत्य विद्याओं का पुस्तक बताया है। वेद सब सत्य विद्याओं की पुस्तक इसलिये है कि वेदों का प्रादुर्भाव सृष्टिकर्ता ईश्वर से हुआ है। संसार […] Read more »
धर्म-अध्यात्म वेदों के प्रकाश से ही संसार को ईश्वर सहित धर्म आदि का ज्ञान हुआ है November 22, 2020 / November 22, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य संसार में किस सत्ता से ज्ञान उत्पन्न व प्राप्त हुआ है? इस विषय का विचार करने पर ज्ञात होता है कि ज्ञान का प्रकाश ज्ञानस्वरूप, सर्वज्ञ, सर्वव्यापक, सर्वशक्तिमान तथा सृष्टिकर्ता परमात्मा से सृष्टि के आरम्भ में हुआ है। परमात्मा ही ने अपनी सर्वज्ञता, सर्वव्यापकता तथा सर्वशक्तिमान स्वरूप से असंख्य चेतन जीवात्माओं […] Read more » वेदों के प्रकाश
धर्म-अध्यात्म यह सृष्टि ईश्वर ने जीवों के सुख तथा मोक्ष के लिये बनाई है November 19, 2020 / November 19, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य एक अदृश्य सत्ता से यह जगत बना है। उसी सत्ता ने हम जीवात्माओं के शरीर भी बनायें हैं और इस सृष्टि को देखने व भोग करने में सहायक हमें दो आंखे प्रदान की हैं। इस सृष्टि को देखकर विचारशील मनुष्यों के मन, मस्तिष्क तथा बुद्धि में इस सृष्टि के कर्ता वा […] Read more » happiness and salvation of creatures सुख तथा मोक्ष
धर्म-अध्यात्म ऋषि दयानन्द के तप, त्याग व भावनाओं को ध्यान में रखकर हमें वेदभाष्य सहित उनके सभी ग्रन्थों का स्वाध्याय करना चाहिये November 17, 2020 / November 17, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्यऋषि दयानन्द संसार के महापुरुषों में अन्यतम थे। उन्होंने जो कार्य किया वह अन्य महापुरुषों ने नहीं किया। उन्होंने ही हमें ईश्वर के सत्यस्वरूप से परिचित कराया है। उनसे पूर्व ईश्वर का सत्यस्वरूप वेद, उपनिषद आदि ग्रन्थों में उपलब्ध था परन्तु देश के न केवल सामान्य जन अपितु विद्वानों को भी उसका ज्ञान […] Read more » ऋषि दयानन्द
धर्म-अध्यात्म पर्व - त्यौहार लेख कायस्थ समाज आज मना रहा है अपने कुल देवता भगवान चित्रगुप्त जी की जयंती November 16, 2020 / November 16, 2020 by संजय सक्सेना | 1 Comment on कायस्थ समाज आज मना रहा है अपने कुल देवता भगवान चित्रगुप्त जी की जयंती […] Read more » कायस्थ समाज भगवान चित्रगुप्त जी की जयंती
धर्म-अध्यात्म प्राचीन वैदिक पर्व दीपावली एवं ऋषि दयानन्द का महाप्रस्थान दिवस November 13, 2020 / November 13, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment स्वभाव से मनुष्य सुख प्राप्ति का इच्छुक रहता है। वह नहीं चाहता कि उसके जीवन में कभी किसी भी प्रकार का दुःख आये। सुख प्राप्ति के लिये सद्कर्म व धर्म के कार्य करने होेते हैं। अतः सत्कर्मों से युक्त प्राचीन वेदों पर आधारित वैदिक धर्म का पालन करते हुए मनुष्य अपने जीवन में सुखों […] Read more » Ancient Vedic festival Deepawali and Mahaprasthan Divas of Rishi Dayanand ऋषि दयानन्द का महाप्रस्थान दिवस
धर्म-अध्यात्म अवैदिक मत-मतान्तरों से सर्वथा सत्य वेदों की महत्ता कम नहीं होती November 8, 2020 / November 8, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्यसंसार में ज्ञान व अज्ञान तथा सत्य व असत्य दो सर्वथा भिन्न बातें हैं। ज्ञान अज्ञान का विरोधी तथा सत्य असत्य का विरोधी व विपरीत ज्ञान होता है। सत्य वह होता है जो असत्य नहीं होता। ज्ञान ही किसी पदार्थ के वास्तविक स्वरूप का बोध कराता है। ज्ञान के विपरीत बातें तिरस्कार करने […] Read more » वेदों की महत्ता
धर्म-अध्यात्म यज्ञ करने से मनुष्य को सुख प्राप्ति सहित कामनाओं की पूर्ति होती है November 3, 2020 / November 3, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य यज्ञ वेदों से प्राप्त हुआ एक शब्द है। इसका अर्थ होता है श्रेष्ठ व उत्तम कर्म। श्रेष्ठ कर्म वह होता है जिससे किसी को किसी प्रकार की हानि न हो अपितु दूसरों व स्वयं को भी अनेक लाभ हो। यज्ञ से जैसा लाभ होता है वैसा अन्य किसी कार्य से नहीं […] Read more » Yajna fulfills wishes including happiness for man यज्ञ
धर्म-अध्यात्म सत्गुणों तथा ईश्वर भक्ति से युक्त मानव का निर्माण वेदज्ञान से ही सम्भव November 2, 2020 / November 2, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य अल्पज्ञ प्राणी होता है। इसका कारण जीवात्मा का एकदेशी, ससीम, अणु परिमाण, इच्छा व द्वेष आदि से युक्त होना होता है। मनुष्य सर्वज्ञ व सर्वज्ञान युक्त कभी नहीं बन सकता। सर्वज्ञता से युक्त संसार में एक ही सत्ता है और वह है सर्वव्यापक, सर्वशक्तिमान, सच्चिदानन्दस्वरूप परमात्मा। परमात्मा ही सृष्टि में […] Read more » The creation of a human being with virtues and devotion is possible only through Vedic knowledge सत्गुणों तथा ईश्वर भक्ति से युक्त मानव का निर्माण
धर्म-अध्यात्म मनुष्य को परमात्मा से श्रेष्ठ बुद्धि प्रदान करने की प्रार्थना करनी चाहिये October 31, 2020 / October 31, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्यमनुष्य के जीवन में सुख व दुःख की दो अवस्थायें होती हैं। सभी को सुख प्रिय तथा दुःख अप्रिय होता है। मुख्यतः हम जीवन भर वही कार्य करते हैं जिससे हमें सुखों की प्राप्ति तथा दुःखों की निवृत्ति होती हैं। जो प्रत्यक्ष दुःख होते हैं उनके निवारण के लिये तो सभी प्रयत्न करते […] Read more » परमात्मा से श्रेष्ठ बुद्धि