जन-जागरण ज्योतिष धर्म-अध्यात्म मनोरंजन जाने और समझें चातुर्मास क्या है, इस वर्ष 2020 में कब होगा आरम्भ चातुर्मास ?? July 1, 2020 / July 1, 2020 by पंडित दयानंद शास्त्री | Leave a Comment क्यों होते हैं चातुर्मास्य में विवाह निषेध ?? हमारी सनातन संस्कृति में व्रत, भक्ति और शुभ कर्म के 4 महीने को’चातुर्मास’ कहा गया है। ध्यान और साधना करने वाले लोगों के लिए ये 4 माह महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरान शारीरिक और मानसिक स्थिति तो सही होती ही है, साथ ही वातावरण भी अच्छा रहता […] Read more » इस वर्ष 2020 में कब होगा आरम्भ चातुर्मास चातुर्मास जाने और समझें चातुर्मास क्या है
धर्म-अध्यात्म स्वस्थ मन सभी भौतिक एवं आध्यात्मिक उन्नतियों का आधार है July 1, 2020 / July 1, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य सामान्य मनुष्य आज तक अपनी आत्मा के अन्तःकरण में विद्यमान एवं कार्यरत मन, बुद्धि, चित्त एवं अहंकार उपकरणों को यथावत् रूप में नहीं जान पाया है। मनुष्य को मनुष्य उसमें मन नाम का एक करण होने के कारण कहते हैं जो संकल्प विकल्प व चिन्तन-मनन करता है। मनुष्य का मन आत्मा […] Read more » स्वस्थ मन
धर्म-अध्यात्म आत्मा एक अनादि द्रव्य है जिसकी सिद्धि उसके गुणों से होती हैं July 1, 2020 / July 1, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य संसार में अनश्वर एवं नश्वर अनेक पदार्थ हैं जिनकी सिद्धि उनके निजी गुणों से होती है। वह गुण सदा उन पदार्थों में रहते हैं, उनसे कभी पृथक नहीं होते। अग्नि में जलाने का गुण है। वायु में स्पर्श का गुण है, जल में रस है जिसे हमारी रसना व जिह्वा अनुभव […] Read more » The soul is a eternal substance that is attained by its qualities " आत्मा
धर्म-अध्यात्म सर्वज्ञ ईश्वर से ही सर्गारम्भ में चार ऋषियों को चार वेद मिले थे July 1, 2020 / July 1, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य हमारा यह संसार स्वतः नहीं बना अपितु एक पूर्ण ज्ञानवान सर्वज्ञ सत्ता ईश्वर के द्वारा बना है। ईश्वर सच्चिदानन्दस्वरूप, सर्वशक्तिमान, न्यायकारी, सर्वव्यापक, सर्वातिसूक्ष्म, एकरस, अखण्ड, सृष्टि का उत्पत्तिकर्ता, पालनकर्ता तथा प्रलयकर्ता है। जो काम परमात्मा ने किये हैं व करता है, वह काम किसी मनुष्य के वश की बात नहीं है। […] Read more » वेद
धर्म-अध्यात्म सूर्य समान प्रकाशवान तथा अंधकार से रहित ईश्वर को हम जानें July 1, 2020 / July 1, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य ईश्वर है या नहीं? इस प्रश्न का उत्तर ‘ईश्वर है’ शब्दों से मिलता है। ईश्वर होने के अनेक प्रमाण हैं। वेद सहित हमारे सभी ऋषि आप्त पुरुष अर्थात् सत्य ज्ञान से युक्त थे। सबने वेदाध्ययन एवं अपनी ऊहापोह शक्ति से ईश्वर को जाना तथा उसका साक्षात्कार किया था। यजुर्वेद 31.18 मन्त्र […] Read more » सूर्य
धर्म-अध्यात्म पापों में वृद्धि का कारण ईश्वर द्वारा जीवों को प्राप्त स्वतन्त्रता का दुरुपयोग June 18, 2020 / June 18, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य संसार में मनुष्य पाप व पुण्य दोनों करते हैं। पुण्य कर्म सच्चे धार्मिक ज्ञानी व विवेकवान लोग अधिक करते हैं तथा पाप कर्म छद्म धार्मिक, अज्ञानी, व्यस्नी, स्वार्थी, मूर्ख व ईश्वर के सत्यस्वरूप से अनभिज्ञ लोग अधिक करते हैं। इसका एक कारण यह है कि अज्ञानी लोगों को कोई भी बहका […] Read more » ईश्वर
धर्म-अध्यात्म शख्सियत अध्यात्मक्रांति के सूत्रधार थे आचार्य महाप्रज्ञ June 18, 2020 / June 18, 2020 by ललित गर्ग | Leave a Comment आचार्य महाप्रज्ञ जन्मशताब्दी पर विशेष -ः ललित गर्ग:- सदियों से भारत वर्ष की यह पावन धरा में संबुद्ध महापुरुषों ने, साधु-संतों ने समाधि के स्वाद को चखा और उस अमृत रस को समस्त संसार में बांटा। कहीं बुद्ध बोधि वृक्ष तले बैठकर करुणा का उजियारा बांट रहे थे, तो कहीं महावीर अहिंसा का पाठ पढ़ा रहे थे। यही […] Read more » अध्यात्मक्रांति के सूत्रधार आचार्य महाप्रज्ञ
धर्म-अध्यात्म जन्म-मृत्यु का चक्र आत्मा की मुक्ति व अनन्तकाल तक चलेगा June 17, 2020 / June 17, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य विज्ञान एवं दर्शन का नियम है कि अभाव से भाव पदार्थ उत्पन्न नहीं होता और भाव पदार्थों का अभाव नहीं होता। इसी आधार पर ईश्वर, जीवात्मा और इस सृष्टि का उपादान कारण त्रिगुणात्मक प्रकृति भाव पदार्थ सिद्ध होते हैं जो सदा से हैं तथा जिनका अभाव कभी नहीं होगा। यदि इस […] Read more » जन्म-मृत्यु का चक्र
धर्म-अध्यात्म हमें अपनी आत्मा व इसके स्वरूप को जानने का प्रयत्न करना चाहिये June 16, 2020 / June 16, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य हम मनुष्य हैं। हमारे पास मनन, चिन्तन, विचार, ध्यान व सत्यासत्य का निर्णय करने के बुद्धि है। इन साधनों से हम स्वयं अर्थात् अपनी आत्मा को भी जान सकते हैं। हम एक चेतन सत्ता है। हमारा निवास हमारे शरीर के भीतर है। हमारा शरीर हम नहीं है। शरीर तो पांच भूतों […] Read more » आत्मा
धर्म-अध्यात्म पाप कर्मों का त्याग तथा वेद धर्माचरण ही जन्म-जन्मान्तरों में सुख व उन्नति का आधार है June 15, 2020 / June 15, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य को यह जन्म उसके पूर्वजन्मों के पाप–पुण्यरूपी कर्मों के आधार पर मिला है। वह इस जन्म में जो पाप व पुण्य कर्म करेगा, उससे उसका भावी जन्म निर्धारित होगा। जिस प्रकार फल पकने के बाद वृक्ष से अलग होता है, इसी प्रकार हम भी ज्ञान प्राप्ति और शुभ कर्मों को […] Read more » वेद धर्माचरण
धर्म-अध्यात्म ईश्वर की उपासना मनुष्य का प्रमुख आवश्यक कर्तव्य क्यों हैं? June 11, 2020 / June 11, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य के अनेक कर्तव्य होते हैं। जो मनुष्य अपने सभी आवश्यक कर्तव्यों का पालन करता है वह समाज में प्रतिष्ठित एवं प्रशंसित होता है। जो नहीं करता वह निन्दा का पात्र बनता है। मनुष्य का प्रथम कर्तव्य स्वयं को तथा परमात्मा को जानना होता है। हम स्वयं को व परमात्मा को […] Read more » ईश्वर की उपासना
धर्म-अध्यात्म मुक्ति में आत्मा को जन्म-मरण से अवकाश एवं अलौकिक सुखों की प्राप्ति June 10, 2020 / June 10, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य दुःख से घबराता है तथा सुख की प्राप्ति के लिये ही कर्मों में प्रवृत्त होता है। वह जो भी कर्म करता है उसके पीछे उसकी सुख प्राप्ति की इच्छा व भावना निहित होती है। मनुष्यों को दुःख प्राप्त न हो तथा अपनी क्षमता के अनुरूप सुख प्राप्त हो, इसके लिये […] Read more » मुक्ति