धर्म-अध्यात्म ‘दिल्ली के पूर्व पुलिस डिपूटी कमिश्नर ऋषिभक्त श्री ज्ञानेन्द्र अवाना का गुरुकुल पौंधा का भ्रमण एवं ब्रह्मचारियों को सम्बोधन’ September 18, 2018 by मनमोहन आर्य | 1 Comment on ‘दिल्ली के पूर्व पुलिस डिपूटी कमिश्नर ऋषिभक्त श्री ज्ञानेन्द्र अवाना का गुरुकुल पौंधा का भ्रमण एवं ब्रह्मचारियों को सम्बोधन’ मनमोहन कुमार आर्य, कल हमारी ऋषिभक्त श्री ज्ञानेन्द्र अवाना जी से देहरादून के प्रसिद्ध गुरुकुल में भेंट हुई। श्री ज्ञानेन्द्र जी दिल्ली पुलिस विभाग में डिपूटी कमिश्नर रहे हैं। वह 1 अगस्त, 2018 को वह सेवानिवृत हुए। कल फेसबुक पर उनका मैसेज मिला की वह देहरादून में हैं और मिलना चाहते हैं। सायं चार बजे […] Read more » आचार्य धनंजय डाॅ. धनंजय बायोमेट्रिक महर्षि दयानन्द सत्यार्थप्रकाश
धर्म-अध्यात्म ‘ईश्वर की उपासना से लाभ’ September 17, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, मनुष्य को ईश्वर की उपासना करनी चाहिये अथवा नहीं? जो मनुष्य वैदिक परम्पराओं से दूर हैं और पढ़े-लिखे नास्तिकों के सम्पर्क में रहते हंै वह तो वैदिक विद्वानों के न तो तर्कों को सुनते हैं और न ही उनमें सत्यासत्य की परीक्षा करने की योग्यता होती है। जो सज्जन मनुष्य होता है, […] Read more » ‘ईश्वर की उपासना से लाभ’ अनुत्पन्न अमर ऋषि दयानन्द जीवात्मा अनादि नित्य महर्षि दयानन्द
धर्म-अध्यात्म ‘मनुष्यादि समस्त प्राणि ईश्वर का अपना परिवार’ September 17, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, हम संसार में मनुष्य व पशु-पक्षी आदि अनेकानेक जीव-जन्तुओं को देखते हैं। इन सब प्राणियों में मनुष्यों की ही भांति एक-एक जीव अर्थात् चेतन सत्ता विद्यमान है। मनुष्य की गणना की अपनी सीमायें हैं। एक सीमा तक तो मनुष्य गणना कर सकते हैं परन्तु उसके बाद गणना तो हो सकती है परन्तु […] Read more » एकदेशी करूणा दया प्रेम मनुष्य अल्पज्ञ सुख-दुख स्नेह
धर्म-अध्यात्म ‘सत्यार्थ प्रकाश के प्रचार में शिथिलतायें दूर होनी चाहियें’ September 14, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य, महर्षि दयानन्द ने सत्यार्थप्रकाश एक ऐसा ग्रन्थ रचा है जो ‘भूतो न भविष्यति’ कथन को सार्थक सिद्ध करता है। ऋषि दयानन्द ने आर्यसमाज की स्थापना की थी जिसका उद्देश्य वेदों का प्रचार व प्रसार करना था। सत्यार्थप्रकाश वेदों के प्रचार व प्रसार का सबसे अधिक सशक्त माध्यम है। सत्यार्थप्रकाश का प्रचार और […] Read more » ईश्वर ऋग्वेदादिभाष्य ऋषि दयानन्द जीवात्मा सत्यार्थप्रकाश
धर्म-अध्यात्म “स्वस्थ, सुखी व दीर्घ जीवन का आधार सन्ध्योपासना व इसके मन्त्रों का अर्थ सहित चिन्तन” September 13, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, मनुष्य जीवन परमात्मा से हम सबको अपनी आत्मा की उन्नति के लिये मिला है। आत्मा की उन्नति का साधन सत्य ज्ञान की प्राप्ति सहित उसके अनुरूप आचरण करना है। ईश्वर के ध्यान, उपासना उपासना चिन्तन, उपासना को सन्ध्या कहा जाता है। सन्ध्या का अर्थ है ईश्वर का भली भांति ध्यान करना है। […] Read more » ऐश्वर्य दीघार्युऋषि दयानन्द बल यश सुख स्वस्थ शरीर
धर्म-अध्यात्म “मोक्ष प्राप्ति तक मनुष्य जन्म-मरण के बन्धन से मुक्त नहीं हो सकता” September 12, 2018 by मनमोहन आर्य | 4 Comments on “मोक्ष प्राप्ति तक मनुष्य जन्म-मरण के बन्धन से मुक्त नहीं हो सकता” मनमोहन कुमार आर्य, हम मनुष्य हैं और हमारा जन्म हुआ है। श्रीमद्भगवद्-गीता का प्रसिद्ध वचन है ‘जातस्य हि ध्रुवो मृत्यु धु्रवं जन्म मृतस्य च’ अर्थात् जिसका जन्म हुआ है उसकी मृत्यु निश्चित है और जिसकी मृत्यु होती है उसका पुनर्जन्म भी निश्चित है। इस सत्य वेदोक्त सिद्धान्त के अनुसार हम सब की भी भविष्य में […] Read more » ईश्वर मनुष्य महर्षि दयानन्द सत्यार्थप्रकाश
धर्म-अध्यात्म “प्राचीन भारत सकारण अध्यात्म प्रधान देश था” September 11, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, आज हम जिस युग में जीवन व्यतीत कर रहे हैं वह आधुनिक युग कहा जाता है। महाभारत काल से पूर्व का प्राचीन भारत अपने समय में तो आधुनिक ही कहा जाता रहा होगा परन्तु उस समय के विद्वानों व मनीषियों ने आध्यात्म और भौतिकवाद में से अध्यात्म का चयन किया था। यह […] Read more » अज्ञान-अशिक्षा अभाव अवैदिक मूर्तिपूजा अशिक्षा ऊंच-नीच ऋषि दयानन्द कुपोषण धनी-निर्धन बेरोजगारी भेदभाव मत-मतान्तर
धर्म-अध्यात्म “श्रीकृष्ण के चरित्र को दूषित करने वाली भागवत पुराण की मिथ्या बातों को न मानें : आचार्य हरिशंकर अग्निहोत्री” September 10, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, आर्यसमाज हिण्डोन सिटी में रविवार 2 सितम्बर, 2018 को श्री कृष्ण-जन्माष्टमी पर्व हर्षोल्लास से मनाया गया। इस अवसर पर प्रातः चार दम्पत्तियों को यजुर्वेद पारायण यज्ञ के समापन दिवस पर यज्ञ का यजमान बनाया गया। इन यजमान दम्पत्तियों के पुंसवन संस्कार भी सम्पन्न किये गये। यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद यज्ञ प्रार्थना […] Read more » आचार्य हरिशंकर भागवत पुराण महर्षि दयानन्द जी श्रीकृष्ण
धर्म-अध्यात्म “भौतिकवाद से हमारी मानवीय संवेदनायें घटती हैं जिन्हें आध्यात्मिकता से सन्तुलित कर जीवन को सुखी बना सकते हैं” September 10, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, भौतिकवाद आध्यात्मवाद का विलोम शब्द है। पृथिवी, अग्नि, जल, वायु और आकाश को भौतिक पदार्थ कहते हैं। इसमें ईश्वर व जीवात्मा सम्मिलित नहीं हैं। यह दोनों पदार्थ भौतिक न होकर चेतन वा आत्मतत्व हैं जो ज्ञान व कर्म गुणों वाले होते हैं। भौतिक पदार्थ ज्ञान व सम्वेदनाशून्य होते हैं। इनकी अधिक संगति […] Read more » “भौतिकवाद अनादि अविनाशी से सन्तुलित आध्यात्मिकता आनन्द-स्वरूप मानवीय संवेदनायें सर्वज्ञ सर्वव्यापक सर्वशक्तिमान
धर्म-अध्यात्म ‘जीवात्मा विषयक कुछ रहस्यों पर विचार’ September 5, 2018 by मनमोहन सिंह | 1 Comment on ‘जीवात्मा विषयक कुछ रहस्यों पर विचार’ मनमोहन कुमार आर्य, मैं कौन हूं और मेरा परिचय क्या है? यह प्रश्न सभी को अपने आप से पूछना चाहिये और इसका युक्तिसंगत व सन्तोषजनक उत्तर जानने का प्रयत्न करना चाहिये। यदि आप इसका उत्तर नहीं जानते तो आपको इसकी खोज करनी चाहिये। विद्वानो से आत्मा विषयक ज्ञान प्राप्त करना चाहिये। सत्यार्थप्रकाश व उपनिषद, दर्शन […] Read more » ‘जीवात्मा विषयक कुछ रहस्यों पर विचार’ Featured अवतार ईश्वर-पुत्र ईश्वर ईश्वरोपासना ऋषि दयानन्द दान दीन-दुखियों परोपकार महापुरुष यज्ञ सत्यार्थप्रकाश संदेशवाहक स्वामी दयानन्द
धर्म-अध्यात्म समाज कृष्ण जन्माष्टमी की देश में मची धूम September 3, 2018 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा- राधेश्याम द्विवेदी श्रीकृष्ण भक्ति में रासलीला एक लोकप्रिय साधन डा. राधेश्याम द्विवेदी श्रीकृष्ण भारत की पुण्य भूमि में अवतरित हुये थे। वे भगवान विष्णु के 8वें अवतार और हिन्दू धर्म के ईष्ट ईश्वर हैं। कन्हैया, श्याम, केशव, द्वारकेश या द्वारकाधीश, वासुदेव आदि नामों से भी उनको जाना जाता हैं। वह निष्काम कर्मयोगी, एक आदर्श […] Read more » Featured कन्हैया करुणा केशव गोपियों जन्माष्टमी ज्ञान त्याग द्वारकेश या द्वारकाधीश धर्म निम्बार्क प्रेम बल्लभ मटकी फोड़ना माखन चुराना राधाबल्लभ वासुदेव श्याम श्रीकृष्ण साहस हरिदासी
धर्म-अध्यात्म समाज संसार के मार्गदर्शक हैं श्रीकृष्ण September 3, 2018 by अरविंद जयतिलक | Leave a Comment अरविंद जयतिलक श्रीकृष्ण साक्षात परब्रह्म और ईश्वर हैं। संसार के समस्त पदार्थों के बीज उन्हीं में निहित है। वे नित्यों के नित्य और जगत के सूत्रधार हैं। शास्त्रों में उन्हें साक्षात ईश्वर कहा गया है। कुरुक्षेत्र में उन्होंने मोहग्रस्त अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया। कर्म का वह महामंत्र प्रदान किया जो मानव जाति के […] Read more » Featured जीवन त्याग ज्ञान दार्शनिक और राजनीतिक धार्मिक प्रेम और समर्पण भक्ति और कर्म राजनीति श्रीकृष्ण सामाजिक साहित्य और कला