धर्म-अध्यात्म वेदों का पुनरुद्धार ऋषि दयानन्द की विश्व को अनोखी महत्वपूर्ण देन April 18, 2019 / April 18, 2019 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य ऋषि दयानन्द के नाम से विश्व का समस्त धार्मिक एवं सामाजिक जगत परिचित है। ऋषि दयानन्द ने सृष्टि के आरम्भ में ईश्वर प्रदत्त वेद ज्ञान जो महाभारत के बाद विलुप्त हो गया था, उसका पुनरुद्वार किया है। पांच हजार वर्ष पूर्व हुए महाभारत के बाद के इतिहास पर दृष्टि डालें तो […] Read more »
धर्म-अध्यात्म “ऋषि दयानन्द जयन्ती वेद, धर्म एवं संस्कृति का पुनरुद्धार दिवस” March 6, 2019 / March 6, 2019 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य ऋषि दयानन्द का जन्म फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की दशमी सम्वत १८८१ विक्रमी (12-2-1825) को हुआ था। यह वह समय था जब सारा देश ही नहीं अपितु विश्व भी वेद व उसकी सत्य शिक्षाओं को भूल चुका था। ऋषि दयानन्द एक कट्टर पौराणिक पिता व परिवार में जन्में थे। उनके पिता […] Read more »
धर्म-अध्यात्म शिवरात्रि और ऋषि-दयानन्द-बोधोत्सव ईश्वरोपासना के रहस्य को जानने का पर्व March 5, 2019 / March 5, 2019 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य, शिवरात्रि एक पौराणिक पर्व है। फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को यह पर्व मनाया जाता है। इस पर्व में शिवपुराण की कथा सुनते हैं और उपवास रखकर मन्दिरों में शिव की पिण्डी पर जल आदि चढ़ाकर वा जलसे उस मूर्ति को स्नान कराने सहित वहां बेल-पत्र, फूल व फल […] Read more »
धर्म-अध्यात्म “आर्यसमाज वैदिक धर्म प्रचारक एवं समाज सुधारक संस्था है” March 3, 2019 / March 3, 2019 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment ओ३म् –मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। आर्यसमाज ऋषि दयानन्द द्वारा चैत्र शुक्ल पंचमी तदनुसार 10 अप्रैल, 1875 को मुम्बई में स्थापित एक धार्मिक, सामाजिक, राष्ट्रवादी एवं वैदिक राजधर्म की प्रचारक संस्था व आन्दोलन है। ऋषि दयानन्द को आर्यसमाज की स्थापना इसलिए करनी पड़ी क्योंकि उनके समय में सृष्टि के आदिकाल में ईश्वर से प्रादुर्भूत सत्य […] Read more » Aryasamaj Establishment of Aryasamaj आर्यसमाज
धर्म-अध्यात्म मनुष्य और जीवात्मा February 11, 2019 / February 11, 2019 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य, मनुष्य दो पैर वाले प्राणी के जीवित शरीर को कहते हैं जिसके पास बुद्धि है, दो हाथ हैं, जो सोच-विचार कर सत्य व असत्य का निर्णय कर सकता है और जो ज्ञान व विज्ञान की उन्नति कर अपने जीवन को दुःखों से निवृत्त कर सुखों से युक्त कर सकता है। इसी […] Read more » जीवात्मा मनुष्य मनुष्य और जीवात्मा
धर्म-अध्यात्म ऋषि दयानन्द व उनके अनुयायी अनेक विद्वानों ने वेदभाष्य का अविस्मरणीय कार्य किया February 11, 2019 / February 11, 2019 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य ऋषि दयानन्द गृह त्याग कर देश भर के हिन्दू तीर्थ स्थानों पर गये। वहां उन्होंने विद्वानों व साधुओं से सम्पर्क कर अपनी शंकाओं का समाधान करने का प्रयास किया और उनसे ज्ञान प्राप्त करने का प्रयत्न किया। वह अनेक योगियों के भी सम्पर्क में आये और योग में कृतकार्य हुए। गुरु […] Read more » ऋषि दयानन्द
धर्म-अध्यात्म क्या आप ईश्वर को जानते हैं? February 11, 2019 / February 11, 2019 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य, प्रत्येक मनुष्य को यह ज्ञात होना चाहिये कि जिस संसार में हम रहते हैं, यह जड़ जगत अस्तित्व में कैसे आया है? इसका उत्तर ढूंढते हैं तो ज्ञात होता है कि यह सृष्टि मनुष्यों के द्वारा निर्मित नहीं है। मनुष्य इसे बना नहीं सकते। यदि बना भी सकते होते तो यह सृष्टि […] Read more »
धर्म-अध्यात्म शिवरात्रि मूलशंकर के लिये मोक्षदायिनी बोधरात्रि बनी February 11, 2019 / February 11, 2019 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य सनातन धर्म सृष्टि के आरम्भ से प्रवृत्त धर्म है। इसका आधार वेद और वैदिक शिक्षायें हैं जो ईश्वर प्रदत्त होने से पूर्णतः सत्य पर आधारित हैं। वेद संसार में सबसे पुराने ग्रन्थ हैं इस कारण इन्हें पुराण भी कहा जाता है। वास्तविक पुराण वेद ही हैं। वेद में किंचित मानवीय इतिहास नहीं […] Read more »
धर्म-अध्यात्म होली एक धार्मिक अनुष्ठान एवं आमोद-प्रमोद का पर्व है February 8, 2019 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment नवसस्येष्टि आर्य पर्व होली पर– –मनमोहन कुमार आर्य आर्यावर्त उत्सवों व पर्वों का देश है। पर्व का अपना महत्व होता है। होली भी दीपावली, दशहरा, श्रावणी आदि की ही तरह एक सामाजिक एवं धार्मिक पर्व है। यह पर्व फाल्गुन मास की पूर्णिमा को हर्षोल्लास से मनाया जाता है। इसे मनाने की प्रासंगिकता व महत्व अन्य […] Read more »
धर्म-अध्यात्म “कोई सन्तान ईश्वर और अपनी माता-पिता के ऋण से उऋण नहीं हो सकतीं” February 5, 2019 / February 5, 2019 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment ओ –मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। हमारे जीवन पर हमारे अतिरिक्त किसी अन्य का कोई अधिकार है या नहीं? इस प्रश्न का उत्तर हमें यह लगता है कि ईश्वर और हमारे माता-पिता का हमारे जीवन पर अनेक प्रकार से अधिकार है। इन्हीं के द्वारा हमें यह बहुमूल्य मनुष्य जीवन मिला है। हमें जीवन देने व […] Read more »
धर्म-अध्यात्म वेद तथा वेदानुकूल ग्रन्थों पर आधारित धर्म ही सनातन धर्म है February 2, 2019 / February 2, 2019 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य धर्म मनुष्यों वा स्त्री-पुरुषों द्वारा उन सद्गुणों के धारण व आचरण करने को कहते हैं जो सत्य पर आधारित हों, अज्ञान व अन्धविश्वास से सर्वथा रहित हो तथा जिनके आचरण से मनुष्य का इहलोक व परलोक दोनों सुधरता हो। ऐसा ही धर्म सृष्टि के आरम्भ काल से आर्यावर्त में प्रचलित रहा है […] Read more »
धर्म-अध्यात्म पिछले पांच हजार वर्षों में दयानन्द के समान ऋषि नहीं हुआ” January 31, 2019 / January 31, 2019 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य महाभारत का युद्ध पांच हजार वर्ष से कुछ वर्ष पहले हुआ था। महाभारत युद्ध के बाद भारत ज्ञान विज्ञान के क्षेत्र सहित देश की अखण्डता व स्थिरताकी दृष्टि से पतन को प्राप्त होता रहा। महाभारत काल के कुछ ही समय बाद देश से ऋषि परम्परा समाप्त हो गई। ऋषि परम्परा का […] Read more » Maharshi Dayanand swami dayanand दयानन्द