आर्थिकी

मंदिर व भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था : एक चिंतन

भारतीय संस्कृति में पूजा-पाठ, कर्मकांड का चलन हमेशा से ही शीर्ष स्तर पर रहा हैं। पूजन की परम्परा युगों-युगों से चली आ रही हैं। जिसमें पूजन स्थल व मंदिरों का निमार्ण राजा-महाराजाओं के लिए सम्मान की बात होती थी।

रक्षा बजट का सच – हिमांशु शेखर

यूपीए सरकार की ओर से अंतरिम बजट पेश करते हुए वित्त मंत्रालय का काम संभाल रहे प्रणब मुखर्जी ने यह घोषणा किया कि सरकार ने इस साल के रक्षा बजट में…

दादा प्रणब के दावे में दम नहीं

पचीस साल बाद जब एक बार फिर बजट पेश करने प्रणब मुखर्जी संसद जा रहे होंगे तो उनके दिमाग में आने वाले अप्रैल में मतदाताओं की लंबी कतारें जरूर रही होंगी।

अंतरिम बजट की विपक्षी पार्टियों ने की आलोचना

लोकसभा में विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी द्वारा पेश किए गए अंतरिम बजट को सत्ता पक्ष ने आम आदमी का बजट बताया है, जबकि विपक्षी पार्टियों ने इसे जन विरोधी करार दिया।

मुखर्जी ने पेश किया घाटे वाला अंतरिम बजट

प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार की ओर से विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी ने सोमवार को वर्ष 2009-10 का अंतरिम बजट लोकसभा में पेश किया।

महात्मा गांधी का आर्थिक चिन्तन

किसी भी देश की उन्नति और विकास इस बात पर निर्भर होते हैं कि वह देश आर्थिक दृष्टि से कितनी प्रगति कर रहा है तथा औद्योगिक दृष्टि से कितना विकास कर रहा है।