सिनेमा अर्पिता-आयुष विवाह में निहित संदेश December 5, 2014 / December 5, 2014 by निर्मल रानी | Leave a Comment निर्मल रानी पिछले दिनों देश के टीवी चैनल व समाचार पत्र व पत्रिकाएं फिल्म अभिनेता सलमान खान की बहन अर्पिता के विवाह संबंधी समाचारों से पटे पड़े थे। मीडिया द्वारा इस विवाह से संबंधित जिन पहलुओं पर खासतौर पर विस्तार से रोशनी डाली जा रही थी उनमें विवाह आयोजन पर होने वाले भारी-भरकम खर्च,विवाह संबंधी […] Read more » arpita aayush marriage अर्पिता-आयुष विवाह
खेल जगत मौत से हारा खिलाड़ी November 30, 2014 by रवि कुमार छवि | Leave a Comment आस्ट्रेलिया के बल्लेबाज फिल ह्यूज़ की शेफील्ड शील्ड के एक मैच के दौरान बाउंसर लगने से मौत हो गई। फिल ह्यूज़ के निधन से आस्ट्रेलिया क्रिकेट समेत पूरे क्रिकेट में मातम छा गया। और एक नई बहस को जन्म दे दिया कि क्या आधुनिक क्रिकेट सुरक्षित है। फिल ह्यूज़ को आस्ट्रेलिया और भारत के बीच […] Read more » death of Fill Huze फिल ह्यूज़
चुटकुले बुद्धु नहीं है गुज्जु October 19, 2014 by डॉ. मधुसूदन | 19 Comments on बुद्धु नहीं है गुज्जु डॉ. मधुसूदन (दो गुज्जु चुटकुले ) जो आज कल सुनाए जा रहे हैं। अंत तक पढें। चुटकुला एक गुज्जु बाप: बेटा देख, तेरे लिए, लडकी ढूंढी है। तुम्हें उससे विवाह करना होगा। बेटा: नहीं, मैं अपनी पसंद की लडकी से विवाह करूँगा। बाप: पर बेटा, सोच। यह लडकी बिल गेट्स की इकलौती पुत्री है। बेटा: […] Read more » बुद्धु नहीं है गुज्जु
सिनेमा मानवीयता और राष्ट्रीयता मूल्यों को भ्रमित करती भारद्वाज की ‘हैदर’ October 10, 2014 / October 10, 2014 by रोहित श्रीवास्तव | 2 Comments on मानवीयता और राष्ट्रीयता मूल्यों को भ्रमित करती भारद्वाज की ‘हैदर’ भारतीय फिल्म जगत एक ऐसा रंगमंच है जहां हर शुक्रवार एक नई फिल्म एक नई पठकथा और एक नई कहानी के साथ देश के कोने-कोने मे विभिन्न सिनेमाघरों मे उतरती है। प्रतिस्पर्धा के इस दौर मे हर एक अभिनेता/अभिनेत्री, निर्देशक और निर्माता दर्शको की थाली मे कुछ ऐसा परोसने की कोशिश करते हैं जो लोगो […] Read more » हैदर
खेल जगत यदि बच्चों को जमाने के साथ चलना है तो खेलना जरुरी है। October 8, 2014 by श्रीराम तिवारी | Leave a Comment अभी-अभी दक्षिण कोरिया में सम्पन्न हुए एशियाई खेलों में भारत के जिन बहादुर खिलाडियों ने मैडल हासिल किये हैं और देश का नाम रोशन किया है ,उन्हें लख -लख बधाई ! पदक तालिका में चीन के प्रथम स्थान पर होने और लगभग पौने चार सौ पदकों का विशाल स्कोर होने के समक्ष – भारत के […] Read more » यदि बच्चों को जमाने के साथ चलना है तो खेलना जरुरी है
खेल जगत टेनिस की नई त्रिमूर्ति September 10, 2014 by रवि कुमार छवि | Leave a Comment साल के चौथे और आखिरी ग्रैंड स्लैम का सफर थम गया लेकिन इसकी चर्चाएं शायद कुछ दिन और चले । इसका सबसे कारण है साल 2005 के बाद किसी भी शीर्ष खिलाड़ी का किसी भी ग्रैंड स्लैम के फाइनल में ना पहुंच पाना। पिछले एक दशक में पहला मौका था जब टेनिस की दुनिया के […] Read more » टेनिस की नई त्रिमूर्ति
टेलिविज़न बदल गया विलेन July 15, 2014 by रवि कुमार छवि | Leave a Comment -रवि कुमार छवि- हिंदी फिल्मों में नायक से ज्यादा खलनायक के किरदार को लोकप्रियता मिलती है जिसका कारण है लोग जल्दी ही नकारात्मक किरदारों के प्रति खीचें चले आ जाते हैं। 1970 और 1980 के दशक में प्राण, प्रेम चोपड़ा, अमजद खान, अमरीश पुरी, अनुपम खेर और ऐसे ही ना जाने कितने ही सरीखे अभिनेताओं […] Read more » अनुपम खेर अमजद खान अमरीश पुरी प्राण प्रेम चोपड़ा बदल गया विलेन
टेलिविज़न बॉलीवुड की दादी July 15, 2014 by रवि कुमार छवि | Leave a Comment -रवि कुमार छवि- विख्यात फिल्म, रंगमंच कलाकार और नृत्यांगना जोहरा सहगल के निधन से भारतीय सिनेमा को बड़ी क्षति पहुंची जिसकी लंबे समय तक भरपाई नहीं हो पाएगी.. जोहरा सहगल ने अपने लंबे करियर में हिन्दी के अलावा अंग्रेजी फिल्मों में भी काम किया था. वो भारतीय सिनेमा की सबसे बुजुर्ग अभिनेत्री थी लेकिन उम्र […] Read more » जोहरा सहगल बॉलीवुड की दादी
साक्षात्कार सिनेमा फिल्मकार मुजफ्फर अली से मनीष कुमार जैसल की बातचीत April 13, 2014 / April 13, 2014 by मनीष जैसल | Leave a Comment हिन्दी फिल्म जगत में मुजफ्फर अली एक लब्ध-प्रतिष्ठित व्यक्तित्व हैं. एक संवेदनशील और सरोकारी फिल्म निर्देशक के रूप में उन्होने तीन दशक से ज्यादा का वक्त भारतीय सिनेमा को दिया है. साथ ही अपनी विशिष्ट पहचान भी अर्जित की है. सन १९४४ में लखनऊ के एक राजसी परिवार में जन्मे मुजफ्फर की तालीम और तरबियत […] Read more »
सिनेमा सलमान खान की क्यों नहीं हुई जय हो ? February 1, 2014 / February 1, 2014 by दीपक कुमार | Leave a Comment -दीपक कुमार- 24 जनवरी को जब फिल्म ’जय हो’ रिलीज हुई तो सबके मन में एक ही सवाल था कि यह फिल्म कितनी कमाई करेगी? सबकी नजरें इस बात पर थी कि यह फिल्म ’कृष’ ,’ चेन्नई एक्सप्रेस’, ‘धूम 3’ को कमाई में पीछे छोड़ती है कि नहीं । मेरे जैसे तमाम लोग इस […] Read more » jai ho movie Salman Khan सलमान खान की क्यों नहीं हुई जय हो ?
मनोरंजन जब कला बन जाए कारोबार! January 12, 2014 / January 12, 2014 by तारकेश कुमार ओझा | Leave a Comment -तारकेश कुमार ओझा- किसी जमाने में जब कला का आज की तरह बाजारीकरण नहीं हो पाया था, तब किसी कलाकार या गायक से अपनी कला के अनायास और सहज प्रदर्शन की उम्मीद नहीं की जा सकती थी। शायद यही वजह है कि उस दौर में किसी गायक से गाने की फरमाइश करने पर अक्सर […] Read more » comedy show जब कला बन जाए कारोबार!
खेल जगत खेल संस्थाओं पर हो खिलाड़ियों नियन्त्रण : सुप्रीम कोर्ट का आदेश कितना प्रासंगिक? December 6, 2013 by डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश' | Leave a Comment डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’ भारत की न्यायपालिका पर अनेक बार खुद शीर्ष अदालत के प्रमुख जज ही भ्रष्ट होने का आरोप लगा चुके हैं। इसके उपरान्त भी लोगों को अभी भी न्यायपालिका में ही उम्मीद की किरण नजर आती है। यह अलग बात है कि न्यायपालिका की ओर से भी न्याय को कसौटी पर कसने […] Read more »