पर्यावरण लेख फरवरी की गर्मी : फूड चेन और सेहत पर खतरा February 18, 2026 / February 18, 2026 by पुनीत उपाध्याय | Leave a Comment पुनीत उपाध्याय फरवरी को सर्दी का महीना माना जाता है लेकिन तापमान को लेकर अप्रत्याशित बदलाव देखने को मिलने लगा है। तपिश गर्मी का अहसास कराने लगी है। देश की राजधानी दिल्ली की बात करें तो 16 फरवरी को साल का सबसे गर्म दिन रहा। सुबह की ठंड कम हो रही है और कोहरा मुश्किल से […] Read more » फरवरी की गर्मी
पर्यावरण लेख बड़े खतरे का संकेत हैं अरावली की दरारें February 17, 2026 / February 17, 2026 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment संदर्भ- अरावली की पहाड़ियों में दरारों से बड़ा मरुस्थलीकरण का खतराप्रमोद भार्गव अरावली पहाड़ियों में उत्खनन से बढ़ रहे खतरे का संकेत पर्यावरण के संरक्षक यू हीं नहीं दे रहे थे ? अब इन अनुमानों का सत्य इस पर्वतमाला में पड़ी 12 दरारों से सामने आ गया है। इस कारण अरावली पर्वत श्रृंखलाएं न […] Read more » Aravalli cracks are a sign of great danger अरावली की दरारें
पर्यावरण लेख भविष्य के जलवायु समझौतों के लिए मार्गदर्शक दस्तावेज: क्योटो प्रोटोकॉल February 16, 2026 / February 16, 2026 by सुनील कुमार महला | Leave a Comment -सुनील कुमार महला पर्यावरणीय दृष्टि से 16 फरवरी का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि 16 फरवरी 2005 को क्योटो प्रोटोकॉल आधिकारिक रूप से लागू हुआ था, जो जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए विश्व का पहला कानूनी रूप से बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय समझौता था। इसे 1997 में जापान के क्योटो शहर में अपनाया गया […] Read more » क्योटो प्रोटोकॉल
पर्यावरण भविष्य की तकनीक पर दांव, आज की कटौती गायब, कार्बन रिमूवल पर ऑक्सफोर्ड की सख़्त चेतावनी February 5, 2026 / February 5, 2026 by निशान्त | Leave a Comment दुनिया जब रिकॉर्ड तोड़ गर्मी का सामना कर रही है, उसी वक्त एक अहम सवाल तेज़ी से उभर रहा है। क्या हम भविष्य की तकनीकों के भरोसे आज की एमिशन कटौती को टाल सकते हैं। Read more » कार्बन रिमूवल
पर्यावरण लेख सेब से खेजड़ी तक: विकास बनाम पर्यावरण की एक जैसी लड़ाई February 5, 2026 / February 5, 2026 by अमरपाल सिंह वर्मा | Leave a Comment सेब से खेजड़ी तक: विकास बनाम पर्यावरण की एक जैसी लड़ाई Read more » विकास बनाम पर्यावरण सेब से खेजड़ी तक
पर्यावरण लेख प्लास्टिक का बढता उपयोग भयावह February 1, 2026 / February 2, 2026 by डॉ वीरेन्द्र भाटी मंगल | Leave a Comment प्लास्टिक का बढता उपयोग भयावह Read more » प्लास्टिक का बढता उपयोग भयावह
खान-पान पर्यावरण आर्द्रभूमियाँ-प्रकृति का कवच और मानव अस्तित्व की कुंजी February 1, 2026 / February 2, 2026 by सुनील कुमार महला | Leave a Comment आर्द्रभूमियाँ Read more » आर्द्रभूमियाँ आर्द्रभूमियाँ-प्रकृति का कवच
पर्यावरण राजनीति बर्फ़ और गर्मी के बीच मुक़ाबला तय: जलवायु संकट के साये में 2026 विंटर ओलंपिक January 21, 2026 / January 21, 2026 by निशान्त | Leave a Comment फ़रवरी 2026 में जब इटली के मिलान और कॉर्टीना द’आम्पेज़ो में विंटर ओलंपिक की शुरुआत होगी, तब खेल सिर्फ एथलीटों के बीच नहीं होगा। मुकाबला होगा बर्फ और बढ़ती गर्मी के बीच। ताज़ा वैज्ञानिक विश्लेषण साफ़ संकेत देता है कि जलवायु परिवर्तन अब विंटर ओलंपिक जैसी प्रतिष्ठित वैश्विक प्रतियोगिताओं की बुनियाद को भी चुनौती देने […] Read more » 2026 Winter Olympics in the shadow of climate crisis जलवायु संकट के साये में 2026 विंटर ओलंपिक
आलोचना पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण के बहाने जनता को सज़ा, वाहन निर्माताओं को इनाम January 2, 2026 / January 2, 2026 by ओंकारेश्वर पांडेय | Leave a Comment दशकों पहले एक कार की औसत आयु 20-25 साल होती थी। आज तकनीक के विकास के साथ इसे लंबा होना चाहिए था लेकिन इसे घटाकर 10-15 साल कर दिया गया है। इसे तकनीकी जगत में 'Planned Obsolescence' (नियोजित अप्रचलन) कहा जाता है। यह कंपनियों के लिए मुनाफा बढ़ाने का तरीका है। Read more » BS-VI का अनिवार्य प्रवेश प्रदूषण नियंत्रण
पर्यावरण लेख बढता जल संकट: भविष्य की बड़ी चेतावनी December 31, 2025 / December 31, 2025 by डॉ वीरेन्द्र भाटी मंगल | Leave a Comment भारत जैसे देश में, जहां एक ओर गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र जैसी महान नदियां हैं, वहीं दूसरी ओर करोड़ों लोग पीने के पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। भूजल स्तर लगातार गिरता जा रहा है। अनेक शहरों में टैंकरों पर निर्भरता बढ़ गई है। Read more » Growing water crisis बढता जल संकट
पर्यावरण राजनीति विधि-कानून अरावली पर सरकार की मंशा आखिर क्या थी? December 30, 2025 / December 30, 2025 by निरंजन परिहार | Leave a Comment विशेषज्ञों का कहना था कि सरकार और सुप्रीम कोर्ट के इस कदम से 100 मीटर से कम ऊंचाई वाली महत्वपूर्ण पहाड़ियां संरक्षण से बाहर हो सकती थीं, जिससे खनन और पर्यावरणीय क्षरण बढ़ सकता था। पर्यावरण प्रेमियों और आन्दोलनकारियों ने इसे आरंभ से ही अरावली के अस्तित्व के लिए खतरा बताया Read more » government's intention regarding Aravali What was the government's intention regarding Aravali
पर्यावरण लेख अरावली: जनता के दबाव में झुकी सरकार, लेकिन लड़ाई अभी बाकी है December 29, 2025 / December 29, 2025 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment अरावली वही क्षेत्र मानी जाएगी जिसकी ऊंचाई आसपास की जमीन से कम से कम 100 मीटर अधिक हो। इस फैसले के बाद यह डर पैदा हुआ कि अरावली का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा कानूनी संरक्षण से बाहर हो जाएगा। ऐसा होने पर वहां खनन और रियल-एस्टेट जैसी गतिविधियां करने, अरावली की हत्या करने के लिए रास्ता खुल जाएगा। Read more » अरावली