स्वास्थ्य-योग ऐलोपैथ पर आयुर्वेद के गंभीर दुष्प्रभाव July 22, 2020 / July 22, 2020 by मृदुल चंद्र श्रीवास्तव | 3 Comments on ऐलोपैथ पर आयुर्वेद के गंभीर दुष्प्रभाव पतंजलि द्वारा कोरोना के ईलाज सम्बन्धी आयुर्वेद दवा पर खूब घमासान मचा,अब वास्तव में तथ्य क्या हैं और भ्रम क्या है ?आम लोगो ने, खास कर गरीब मध्यम वर्ग को इस दवा से बेहद उम्मीद थी,क्योंकि पतंजलि का दावा उपचार की 100% गारेंटी ले रहा था, यह बात स्वाभाविक रूप से वास्तविकता से परे है, […] Read more » Serious side effects of Ayurveda on Allopaths आयुर्वेद
स्वास्थ्य-योग कोरोना महामारी में तकनीक का कवच July 22, 2020 / July 22, 2020 by योगेश कुमार गोयल | Leave a Comment – योगेश कुमार गोयल कोरोना संक्रमण पर नजर रखने और इसकी चेन तोड़ने के लिए पूरी दुनिया प्रयासरत है। आधुनिक तकनीकों पर आधारित कुछ एप इस जंग में कारगर हथियार साबित हो रहे हैं। जिस प्रकार कोरोना संक्रमण का पता लगाने के लिए भारत में आरोग्य सेतु एप को इस्तेमाल हो रहा है, उसी […] Read more » tracing corona with the help of technique कोरोना महामारी
स्वास्थ्य-योग इस बरसात के मौसम में सीजनल फ्लू और बैक्टीरिया से दूर रहने के लिए अपने पीने के पानी का खास ध्यान रखें July 11, 2020 / July 11, 2020 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment कोविड19 में घातक बीमारियों से बचने के लिए अपने स्वास्थ्य की रक्षा करना सबसे अधिक महत्वपूर्ण है डॉ.महेश गुप्ता, सीएमडी, केंट आरओ सिस्टम्स लिमिटेडकोरोनावायरस (कोविड-19) महामारी के इस बेहद चुनौतीपूर्ण दौर में हम लगातार मुश्किलों का सामना कर रहे हैं और ऐसे में पीने के स्वच्छ पानी तक पहुंच और भी अधिक महत्वपूर्ण हो गई […] Read more » take special care of your drinking water to stay away from seasonal flu and bacteria.
विविधा स्वास्थ्य-योग झोलाछाप डॉक्टर और कमीशनखोरी का धंधा July 8, 2020 / July 8, 2020 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment प्रियंका सौरभ कोरोना काल में पूरी दुनिया में डॉक्टर भगवान् के रूप में लोगों को नज़र आये है और ऐसा हो भी क्यों न?अपनी जान को दांव पर लगाकर दूसरों को निस्वार्थ भाव से जिंदगी उपहार देने वाले भगवान ही तो है। मगर सरकारी आँकड़ों के अनुसार भारत के 1.3 बिलियन लोगों के लिये देश […] Read more » commissioning business of doctors Haggling doctor झोलाछाप डॉक्टर देश भर में झोलाछाप डॉक्टरों के कारण मरीजों की जान सासत में
स्वास्थ्य-योग कोरोना से करवट बदलती चिकित्सा June 29, 2020 / June 29, 2020 by ललित गर्ग | Leave a Comment – ललित गर्ग-कोरोना महामारी ने भारतीय चिकित्सा क्षेत्र की खामियों की पोल खोल दी है। भले केन्द्र सरकार की जागरूकता एवं जिजीविषा ने जनजीवन में आशा का संचार किया हो, लेकिन इस महाव्याधि से लड़ने में चिकित्सा सुविधा नाकाफी रही है। राजधानी दिल्ली सहित महानगरों, नगरों एवं गांवों में चिकित्सा की चरमराई स्थितियों ने निराश […] Read more » Corona to Girdle Changing Therapy कोरोना से करवट बदलती चिकित्सा
विश्ववार्ता स्वास्थ्य-योग गूगल-एपल मिलकर तोड़ेंगी संक्रमण की चेन! June 27, 2020 / June 27, 2020 by योगेश कुमार गोयल | 1 Comment on गूगल-एपल मिलकर तोड़ेंगी संक्रमण की चेन! कोरोना – योगेश कुमार गोयल पिछले कुछ महीनों से विभिन्न देशों द्वारा कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए अपने-अपने स्तर पर अलग-अलग तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। कई देशों ने लॉकडाउन को एक कारगर हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया तो कईयों ने इसके लिए आधुनिक तकनीक का भी उपयोग किया […] Read more » Google-Apple together will break the chain of infection! कोरोना गूगल-एपल
लेख स्वास्थ्य-योग आयुर्वेद की अग्नि परीक्षा और कोरोनिल June 26, 2020 / June 26, 2020 by डॉ.रामकिशोर उपाध्याय | 3 Comments on आयुर्वेद की अग्नि परीक्षा और कोरोनिल कोरोनिल का विरोध स्वास्थ्य क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की महत्वाकांक्षा पर फार्मास्यूटिकल कम्पनियों की लॉबी का प्रथम आक्रमण के रूप में देखा जा रहा है | स्वास्थ्य क्षेत्र में हमारी स्थिति पहले से ही दयनीय है | धनवान, राजनीतिक, सेलिब्रिटी व उच्च-पदाभिषिक्त अधिकारी गण विदेश में उपचार कराना ही हितकर समझते हैं और यथासंभव कराते […] Read more » आयुष्मान योजना पतंजलि की कथित कोरोना दवा ‘कोरोनिल’ भारतीय चिकित्सा पद्धति
स्वास्थ्य-योग कोरोना के चलते मरीजों पर दोहरी मार June 21, 2020 / June 21, 2020 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment प्रियंका सौरभ आज देश में एक तरफ कोरोना का भय है तो दूसरी तरफ अस्पतालों में इलाज के लिए सात-आठ लाख रुपये एडवांस में जमा कराने का दवाब लोगों को डर के साये में जीने के लिए मजबूर का रहा है। ऐसे में आखिर लोग जाएं तो जाएं कहां। जीवन को बचाने की जद्दोजहद में […] Read more » कोरोना कोरोना के चलते मरीजों पर दोहरी मार मरीजों पर दोहरी मार
स्वास्थ्य-योग मानसिक अवसाद – मनस्थिति या रोग June 21, 2020 / June 21, 2020 by मनोज यादव | Leave a Comment हाल के दिनों में बहुचर्चित सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या ने पुनः इस मुद्दे को एक बार फिर से आंदोलित किया है। उनके जीवन के अंतिम दिनों की रिपोर्टों के अनुसार यह तथ्य उजागर हुएं हैं कि वो इन दिनों लंबे समय से मानसिक अवसाद से ग्रस्त थे और मनोचिकित्सक से अपना इलाज करा रहे […] Read more » Mental depression मानसिक अवसाद
स्वास्थ्य-योग योग अपनाएं, रोग भगाएं June 21, 2020 / June 21, 2020 by योगेश कुमार गोयल | Leave a Comment अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) पर विशेष – योगेश कुमार गोयल कोरोना महामारी की छाया इस बार योग दिवस पर भी देखने को मिलेगी। कोरोना के कारण योग दिवस पर इस बार कोई बड़ा आयोजन नहीं होगा और इसकी थीम रखी गई है ‘घर पर योग, परिवार के साथ योग’। आयुष मंत्रालय के मुताबिक […] Read more » Adopt yoga अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून योग अपनाएं
स्वास्थ्य-योग योग मनुष्य को संयम और मानसिक शान्ति प्रदान करता है June 21, 2020 / June 21, 2020 by ब्रह्मानंद राजपूत | Leave a Comment (‘‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’’ 21 जून 2020 पर विशेष) हर साल अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को मनाया जाता है। इस साल पूरे विश्व में षष्ठम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा। भारत देश में योग दिवस का एक अपना ही अलग महत्त्व है। योग भारतीय प्राचीन संस्कृति की परम्पराओं को समाहित करता है। भारत देश में योग का प्राचीन समय से ही अहम स्थान है। पतंजली योग दर्शन में कहा गया है कि- योगश्चित्तवृत्त निरोधः अर्थात् चित्त की वृत्तियों का निरोध ही योग है। दूसरे शब्दों में कहा जाए तो ह्रदय की प्रकृति का संरक्षण ही योग है। जो मनुष्य को समरसता की और ले जाता है। योग मनुष्य की समता और ममता को मजबूती प्रदान करता है। यह एक प्रकार का शारारिक व्यायाम ही नहीं है बल्कि जीवात्मा का परमात्मा से पूर्णतया मिलन है। योग शरीर को तो स्वस्थ्य रखता है ही इसके साथ-साथ मन और दिमाग को भी एकाग्र रखने में अपना योगदान देता है। योग मनुष्य में नये-नये सकारात्मक विचारों की उत्पत्ति करता है। जो कि मनुष्य को गलत प्रवृति में जाने से रोकते हैं। योग मन और दिमाग की अशुद्धता को बाहर निकालकर फेंक देता है। साथ-साथ योग से मनुष्य के अन्दर की नकारात्मकता खत्म होती है। योग व्यक्तिगत चेतना को मजबूती प्रदान करता है। योग मानसिक नियंत्रण का भी माध्यम है। हिन्दू धर्म, बौध्द धर्म और जैन धर्म में योग को आध्यात्मिक दृष्टि से देखा जाता है। योग मन और दिमाग को तो एकाग्र रखता है ही साथ ही साथ योग हमारी आत्मा को भी शुध्द करता है। योग मनुष्य को अनेक बीमारियों से बचाता है और योग से हम कई बीमारियों का इलाज भी कर सकते हैं। असल में कहा जाते तो योग जीवन जीने का माध्यम है। श्रीमद्भागवत गीता में कई प्रकार के योगों का उल्लेख किया गया है। भगवद गीता का पूरा छठा अध्याय योग को समर्पित है। इस मे योग के तीन प्रमुख प्रकारों के बारे में बताया गया है। इसमें प्रमुख रूप से कर्म योग, भक्ति योग और ज्ञान योग का उल्लेख किया गया है। कर्म योग- कार्य करने का योग है। इसमें व्यक्ति अपने स्थिति के उचित और कर्तव्यों के अनुसार कर्मों का श्रद्धापूर्वक निर्वाह करता है। भक्ति योग- भक्ति का योग। भगवान् के प्रति भक्ति । इसे भावनात्मक आचरण वाले लोगों को सुझाया जाता है। और ज्ञान योग- ज्ञान का योग अर्थात ज्ञान अर्जित करने का योग। भगवत गीता के छठे अध्याय में बताये गए सभी योग जीवन का आधार हैं। इनके बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। भगवद्गीता में योग के बारे में बताया गया है कि – सिद्दध्यसिद्दध्यो समोभूत्वा समत्वंयोग उच्चते। अर्थात् दुःख-सुख, लाभ-अलाभ, शत्रु-मित्र, शीत और उष्ण आदि द्वन्दों में सर्वत्र समभाव रखना योग है। दुसरे शब्दों में कहा जाए तो योग मनुष्य को सुख-दुःख, लाभ-अलाभ, शत्रु-मित्र, शीत और उष्ण आदि परिस्थितिओं में सामान आचरण की शक्ति प्रदान करता है। भगवान् श्रीकृष्ण ने गीता में एक स्थल पर कहा है ‘योगः कर्मसु कौशलम’ अर्थात योग से कर्मो में कुशलता आती हैं। वास्तव में जो मनुष्य योग करता है उसका शरीर, मन और दिमाग तरोताजा रहता है। और मनुष्य प्रत्येक काम मन लगाकर करता है। 27 सितंबर 2014 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र में अपने पहले संबोधन में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की जोरदार पैरवी की थी। इस प्रस्ताव में उन्होंने 21 जून को ‘‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’’ के रूप में मान्यता दिए जाने की बात कही थी। मोदी की इस पहल का 177 देशों ने समर्थन किया। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 69वें सत्र में इस आशय के प्रस्ताव को लगभग सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया। और 11 दिसम्बर 2014 को को संयुक्त राष्ट्र में 193 सदस्यों द्वारा 21 जून को ‘‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’’ को मनाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली। प्रधानमंत्री मोदी के इस प्रस्ताव को 90 दिन के अंदर पूर्ण बहुमत से पारित किया गया, जो संयुक्त राष्ट्र संघ में किसी दिवस प्रस्ताव के लिए सबसे कम समय है। पहला अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2015 को मनाया गया और पूरे विश्व में धूमधाम से मनाया गया। इस दिन करोड़ों लोगों ने विश्व में योग किया जो कि एक रिकॉर्ड था। योग दिवस में ‘सूर्य नमस्कार’ व ‘ओम’ उच्चारण का कुछ मुस्लिम संगठन विरोध करते रहे हैं। असल में कहा जाए तो ‘ओम’ शब्द योग के साथ जुड़ा हुआ है। इसे विवाद में तब्दील करना दुर्भागयपूर्ण है। लेकिन इसे हर किसी पर थोपा भी नहीं जा सकता। इसलिए योग करते समय लोगों को ‘ओम’ उच्चारण को अपनी धार्मिक मान्यता की आजादी के अनुसार प्रयोग करना चाहिए। अगर किसी का धर्म ओम उच्चारण की आजादी नहीं देता तो उन्हें बिना ओम जाप के योग करना चाहिए। लेकिन योग को किसी एक धर्म से जोडकर विवाद पैदा नहीं करना चाहिए। आज के समय में योग को भारत के जन-जन तक योग को पहुँचाने में योग गुरु बाबा रामदेव, आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर सहित अनेकों ऐसे महापुरुषों का अहम् योगदान है। इनके योग के क्षेत्र में योगदान की वजह से ही आज भारत के घर-घर में प्रतिदिन योग होता है। भगवद्गीता के अनुसार – तस्माद्दयोगाययुज्यस्व योगः कर्मसु कौशलम। अर्थात् कर्त्व्य कर्म बन्धक न हो, इसलिए निष्काम भावना से अनुप्रेरित होकर कर्त्तव्य करने का कौशल योग है। योग को सभी लोगों को सकारात्मक भाव से लेना चाहिए। कोई भी धर्म-सम्प्रदाय योग की मनाही नहीं करता। इसलिए लोगों को योग को विवाद में नहीं घसीटना चाहिए। योग बुध्दि कुशग्र बनाता है और संयम बरतने की शक्ति देता है। योग की जितनी धार्मिक मान्यता है। उतना ही योग स्वस्थ्य शरीर के लिए जरूरी है। योग से शरीर तो स्वस्थ्य रहता है ही साथ ही साथ योग चिंता के भाव को कम करता है। और मनोबल भी मजबूत करता है। योग मानसिक शान्ति प्रदान करता है और जीवन के प्रति उत्साह और ऊर्जा का संचार करता है। योग मनुष्य में सकारात्मकता तो बढाता है ही, साथ ही साथ शरीर की प्रतिरोधक क्षमता भी बढाता है। इसलिए लोगों को इस तनाव भरे जीवन से मुक्ति पाने के लिए योग करना चाहिए। और दूसरे लोगों को भी प्रेरित करना चाहिए। जिससे कि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके। – ब्रह्मानंद राजपूत Read more » International Yoga Diwas अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस योगश्चित्तवृत्त निरोधः
स्वास्थ्य-योग योगः कर्मसु कौशलम् June 21, 2020 / June 21, 2020 by अरविंद जयतिलक | Leave a Comment अरविंद जयतिलक आज योग दिवस है। इस दिवस को समूचा विश्व तन्मयता से मना रहा है। चूंकि योग के विज्ञान की उत्पत्ति भारत में ही हुई और हम गर्व से कह सकते हैं कि योग भारत की ही देन है। भारतीय ग्रंथों में योग परंपरा का विस्तृत उल्लेख है। योग विद्या में भगवान शिव को […] Read more » international yoga day yoga diwas Yoga: Karmasu Kaushalam