संचित भारत की गुलामी से वंचित भारत को कब मिलेगी आज़ादी

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इक़बाल हिंदुस्तानी राष्ट्रीय पर्वों पर रस्म अदायगी नहीं गहन चिंतन होना चाहिये! ऐसा क्या हुआ कि 15 अगस्त 1947 को जो सपना इस देश के लोगों ने मिलकर देखा था कि जब गोरे अंग्रेज़ इस देश से चले जायेंगे तो हम सब मिलकर एक आदर्श भारत बनायेंगे । उसको बिखरने में कुछ ही साल लगे।… Read more »

जहाँ स्वतंत्रता दिवस का मायने बदल जाता है !

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राजीव पाठक आज 15 अगस्त है.लालकिला फिर से सजा है …..दिल्ली में पतंगे उड़ रही हैं …देश भर में जस्न है …प्रधानमंत्री लालकिला से भारत के बुलंदी के कसीदे पढ़ें हैं …..लेकिन एक और भारत है जो कहीं कराह रहा होगा..दुबका होगा….डरा और सहमा भी होगा….क्यों कि 15 अगस्त उसके लिए मुसीबत लेकर आता है… Read more »

हम आजादी की कुर्बानिया क्यो भूल गये

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शादाब जफर ‘‘शादाब’’ आजाद भारत के हर नागरिक के लिये 15 अगस्त का दिन खुशी का दिन होने के साथ साथ आत्मंथन करने का भी है। देश के ज्यादातर मुसलमान आज ये सोचते है कि आजादी के लिये हमारे बुर्जुगो ने जो कुरबानिया दी आखिर उन सब का सिला हमे क्या मिला। गुलामी कि जंजीरे… Read more »

…यूं तय हो गयी थी 15 अगस्त की तारीख

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14 व 15 अगस्त 1947 की मध्यरात्रि समय 12 बजे वह घड़ी थी जिसने भारत को युगांतरकारी परिवर्तन की ओर बढ़ा दिया था। पुराने से नये में प्रवेश करा दिया था। यही वो क्षण थे, जिसके लिए हमने सैकड़ों वर्ष तक संघर्ष किया था। आज वह संघर्ष अपने लक्ष्य पर पहुंच गया था। किंतु यह… Read more »

स्वतंत्रता के सच्चे सबक!

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स्वतंत्रता दिवस विशेष  -राजेश कश्यप हम गौरवमयी स्वतंत्रता के साढ़े छह दशक पार कर चुके हैं। आज हम जिस आजादी का सुख भोग रहे हैं, वह शहीदे-आजम सरदार भगत सिंह, चन्द्र शेखर आजाद, लाला लाजपतराय, खुदीराम बोस, उधम सिंह, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, बाल गंगाधर तिलक, राजगुरू, सुखदेव जैसे असंख्य जाने-अनजाने देशभक्त शूरवीरों,… Read more »

स्वतंत्रता की 65वीं वर्षगांठ

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भारत के साथ सबसे बड़ा दुर्भाग्य यह है कि इसका इतिहास जो आज विद्यालयों में पढ़ाया जा रहा है वह इसका वास्तविक इतिहास नही है। यह इतिहास विदेशियों के द्वारा हम पर लादा गया एक जबर्दस्ती का सौदा है और उन विदेशी लेखकों व शासकों के द्वारा लिखा अथवा लिखवाया गया है जो बलात हम… Read more »

कैसे कहूं ‘मेरा भारत’ “महान” !

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मेरा भारत महान…… ! हर ट्रक के पीछे लिखने का जारी हुआ फरमान, एक ट्रक ड्राईवर ने फरमान निभाते हुआ लिखा अपने ट्रक के पीछे, छोटे अक्षर में पहले, “ सौ में नब्बे बेईमान” और बड़े बड़े अक्षर में लिखा, उसके ही नीचे, “ मेरा भारत महान.” । पुलीस ने जब ये देखा, तो ड्राईवर… Read more »

आजादी की लड़ार्इ का अंतिम अध्याय

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राजनाथ शर्मा 9 अगस्त पर विशेष 09 अगस्त 1947 भारतीय स्वतत्रता आन्दोलन का अद्वितीय दिन था जिसे इतिहास के पन्नों में अगस्त क्रान्ति के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि यह आन्दोलन अंगे्रेजों द्वारा हिन्दुस्तानियों पर किये गये जुल्म व अत्याचार पर तीब्र प्रहार था यह आन्दोलन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी द्वारा अंगे्रेजो भारत छोड़ो… Read more »

जब गोमांतक सेना ने उतारा पुर्तगाली झंडा और फहराया तिरंगा

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प्रवीण गुगनानी 2 अगस्त दादरा नागर हवेली के भारत में विलय दिवस पर विशेष भारत को जिस स्वरुप और जिन भौगोलिक सीमाओं को वर्तमान में हम देख पा रहे है वह स्वतन्त्रता प्राप्ति के बहुत बहुत बाद तक चले संघर्ष और एकीकरण के अनथक चले अभियान का परिणाम है. स्वतन्त्रता प्राप्ति के बाद भी बहुत… Read more »

इसलिए महान है सनातन संस्कृति

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गुलशन गुप्ता  भारत के ह्रदय में भरा सागर से भी गहरा ‘दया और प्रेम का गागर’ वह पूँजी है, जिसका संग्रह किसी के पास नहीं है | न प्राचीन से प्राचीन किसी दूसरी सभ्यता के पास और न आधुनिकता के कारखाने में लिपटी आज की तथाकथित सभ्यता के पास | जहाँ तक्षशिला-नालंदा जैसे विश्वविद्यालय, द्रोण-चाणक्य… Read more »