आलोचना ‘विवाह अनंत’ : बड़ा हुआ तो क्या हुआ ? July 17, 2024 / July 17, 2024 by निर्मल रानी | Leave a Comment निर्मल रानी मीडिया के माध्यम से पूरे देश ने पिछले दिनों एक ‘अनंत विवाह ‘ के आयोजन का ‘लुत्फ़’ उठाया। उद्योगपति मुकेश अंबानी के नूर-ए-नज़र अनंत अंबानी का अलग अलग आयोजनों के नाम से लंबे समय तक चला यह विवाह समारोह भारतीय इतिहास का अब तक का सबसे ख़र्चीला विवाह बताया जा रहा है। हमारे देश में […] Read more » अनंत विवाह
आलोचना अंध भक्तों की बेरहम मौत, मैं अपनी गोद में उन नासमझों की लाश लिए, काका हाथरसी का शहर “मैं हाथरस हूँ” July 9, 2024 / July 9, 2024 by अनिल अनूप | Leave a Comment –अनिल अनूप हींग की खुशबू और काका हाथरसी की कविताओं से महकता यह शहर अब चिताओं के धुएं में घिरा हुआ है। मेरा नाम हाथरस है। हां, सही सुना आपने, मैं वही हाथरस हूं जो हाल ही में 121 मौतों का चश्मदीद बना। तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन यहां की हवा में अब भी […] Read more » अंध भक्तों की बेरहम मौत
आलोचना कांग्रेस की नैया के खिवैया बने राहुल गांधी के स्क्रिप्ट राईटर्स और सलाहकारों पर वाकई आने लगा है तरस . . . March 11, 2024 / March 11, 2024 by लिमटी खरे | Leave a Comment लिमटी खरे कांग्रेस की नैया के खिवैया बने राहुल गांधी जब भी बोलते हैं तो क्या वे उस बारे में विचार नहीं करते! क्या कारण है कि राहुल गांधी अक्सर विवादों में ही घिरे रहते हैं। देश की सबसे पुरानी और आधी सदी तक देश पर राज करने वाली कांग्रेस पार्टी के स्टार प्रचारक राहुल […] Read more » I am really feeling pity for the script writers and advisors of Rahul Gandhi who became the captain of Congress's boat.
आलोचना राजनीति है आपकी अदाओं से गिरगिट भी शर्मसार … February 1, 2024 / February 1, 2024 by निर्मल रानी | Leave a Comment निर्मल रानी नितीश कुमार बिहार की राजनीति के लिये कितना ही प्रासंगिक क्यों न रहे हों परन्तु उनके राजनैतिक जीवन का हासिल यही है कि उन्हें मीडिया ने ‘पलटी मार’ या ‘पल्टूराम’ का ख़िताब दे डाला है। नौ बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले नितीश कुमार अलग अलग अवसरों पर कभी […] Read more » नितीश कुमार
आलोचना कला-संस्कृति पर्व - त्यौहार वर्त-त्यौहार दिवाली का बदला स्वरूप November 14, 2023 / November 14, 2023 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment दिवाली के शुभ अवसर पर हमारे देश में रोशनी, मिठाईयां, सुख-समृद्धि और सौभाग्य की बात करने की परंपरा है लेकिन विडंबना ये है कि आज के दौर में दिवाली के मायने पूरी तरह बदल गये हैं। दिवाली का बदला स्वरूप अब खुशियों के बजाय प्रदूषण और जाम की चिंता लेकर आता है। दिवाली की सांस्कृतिक परंपराएँ लुप्त […] Read more » Revenge form of Diwali
आलोचना भारत की बाढ़ प्रबंधन योजना का क्या हुआ? July 17, 2023 / July 17, 2023 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment राष्ट्रीय बाढ़ आयोग की प्रमुख सिफ़ारिशें जैसे बाढ़ संभावित क्षेत्रों का वैज्ञानिक मूल्यांकन और फ्लड प्लेन ज़ोनिंग एक्ट का अधिनियमन अभी तक अमल में नहीं आया है। सीडब्ल्यूसी का बाढ़ पूर्वानुमान नेटवर्क देश को पर्याप्त रूप से कवर करने के लिए पर्याप्त नहीं है। इसके अलावा, अधिकांश मौजूदा बाढ़ पूर्वानुमान स्टेशन चालू नहीं हैं। 2006 […] Read more » What happened to India's flood management plan
आलोचना सब जीते तो हारा कौन ? June 5, 2023 / June 5, 2023 by अनुज अग्रवाल | Leave a Comment – अनुज अग्रवाल भाजपा के असंख्य आरोपों, कोशिशों, जाँच एजेंसियों के छापे और चुनावी माहौल के भगवाकरण करने के बाद भी देश से निपटती व सिमटती जा रही कांग्रेस पार्टी ने बड़े आराम से प्रभावशाली बहुमत के साथ हिमाचल प्रदेश के बाद कर्नाटक में न केवल जीत प्राप्त की वरन् सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के […] Read more »
आलोचना दाढ़ी एक रूप अनेक December 28, 2022 / December 28, 2022 by तनवीर जाफरी | Leave a Comment तनवीर जाफ़री पुरुषों की दाढ़ी को लेकर शताब्दियों से तरह तरह के मत व्यक्त किये जाते रहे हैं। बड़े बड़े वैज्ञानिकों से लेकर अनेक आध्यात्मिक गुरुओं,धर्मगुरुओं व राजनेताओं तक को अक्सर ‘दाढ़ी युक्त ‘ देखा गया है। दुनिया के अनेक महान चिंतक,विचारक कवि तथा लेखक आदि भी दाढ़ी युक्त नज़र आते रहे हैं। आमतौर […] Read more »
आलोचना बाबा रामदेव : अपने घर शीशे के और दूसरों के घरों पर पत्थर ? August 21, 2022 / August 21, 2022 by तनवीर जाफरी | Leave a Comment पतंजलि समूह के कर्ता धर्ता बाबा रामदेव देश की एक अनोखी व अभूतपूर्व शख़्सियत हैं। पहले गेरुआ वस्त्र धारण कर योग गुरु के रूप में अपनी पहचान बनाई। फिर योग के बहाने अपने अनुयायियों में आयुर्वेद और स्वदेशी पर प्रवचन देना शुरू किया ,इसी माध्यम से उन्होंने अपने लाखों अनुयायी तैय्यार कर उन्हें भावनात्मक रूप […] Read more »
आलोचना भगवान चित्रगुप्त महाराज को जोकर बताने पर भड़क रहा है कायस्थ समुदाय April 18, 2022 / April 18, 2022 by लिमटी खरे | Leave a Comment लिमटी खरे नमस्ते इंडिया नामक एक ब्रांड के द्वारा अपने विज्ञापन में कायस्थ समुदाय के भगवान चित्रगुप्त को जोकर की संज्ञा दिए जाने पर सर्वोच्च न्यायालय के एक अधिवक्ता के द्वारा नमस्ते इंडिया घी के निर्माता गुरूग्राम के एनआईएफ प्राईवेट लिमिटेड, रोहित सरफेक्टेंट्स प्राईवेट लिमिटेड, मुंबई के फुल सर्किल कम्यूनिकेशन्स, यू ट्यूब ग्रेविएंसेस सेल सहित […] Read more » Kayastha community is furious for calling Lord Chitragupta Maharaj a clown Notice for hurting religious sentiments by Namaste India
आलोचना जोगीरा समझ न पाए पीर…. August 7, 2021 / August 7, 2021 by अर्पण जैन "अविचल" | Leave a Comment डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ सत्ता की सजी हुई बिसात और शतरंज की जमी हुईं मोहरें, दोनों ही रंग राजनीति के वर्चस्व को स्थापित करते हैं। सरयू के पानी की तासीर और राजनीति का केन्द्रीय क़द भारत भारत के वर्तमान और भविष्य को तय करते हैं। आम चुनाव के बाद जब उत्तर प्रदेश के चुनाव आते […] Read more » up election उत्तर प्रदेश चुनाव उत्तर प्रदेश चुनाव २०२२ उत्तर प्रदेश में चुनाव
आलोचना सत्ता की दुर्गति का आधार है सुख सुविधाओं की अति July 12, 2021 / July 12, 2021 by डॉ शंकर सुवन सिंह | Leave a Comment सरकार/सत्ता में चेहरा बदलता हैं चाल और चरित्र नहीं। सारे नेताओं का चाल और चरित्र सत्ता मिलते ही वैसा ही हो जाता है जैसा पूर्ववर्ती सत्ता पक्ष के लोगों का होता है। नेता जब तक सत्ता में नहीं होता तब तक शालीन होता है। शालीनता, मानवता का प्रतीक है। सत्ता मिलते ही नेता अभिनेता हो […] Read more » The basis of the decline of power is excess of amenities. सत्ता की दुर्गति का आधार