कहानी राजनीति लघुकथा : गदहा मारे कुछ न दोष / आर. सिंह June 6, 2012 / June 6, 2012 by आर. सिंह | 4 Comments on लघुकथा : गदहा मारे कुछ न दोष / आर. सिंह भ्रष्टाचार के मामले में प्रधान मंत्री का नाम आने पर जिस तरह से लोग उनके बचाव में खड़े हो गए हैं, यह देखकर मुझे बचपन में सुनी हुई एक कहानी याद आ रही है. कहानी भारत वर्ष के किसी कोने की है. बहुत पहले की बात है. भारत में एक गाँव था.जाहिर है कि गाँव […] Read more » डॉ. मनमोहन सिंह
कहानी टिटलागढ की एक रात May 28, 2012 / May 28, 2012 by विजय कुमार सप्पाती | 1 Comment on टिटलागढ की एक रात बात कई साल पुरानी है .जब मेरी नयी नयी नौकरी नागपुर में लगी थी .मैं एक सेल्समेन था और मुझे बहुत टूर करना पड़ता था. मार्च महीने के दिन थे . दोपहर का वक़्त था और तेज गर्मी से मेरा बुरा हाल था . बुरा हो इन इलेक्ट्रिसिटी डिपार्टमेंट वालो का , कम्बक्तो ने उस […] Read more » story by Vijay Kumar sappati टिटलागढ की एक रात
कहानी कहानी : प्रवालगढ़ । लेखक : आर. सिंह May 4, 2012 by आर. सिंह | 8 Comments on कहानी : प्रवालगढ़ । लेखक : आर. सिंह मियामी से चालीस किलोमीटर दक्षिण एक छोटा सा शहर है, . अटलांटिक महासागर के किनारे बसा हुआ यह शहर मियामी से की द्वीप जाने के रास्ते में आता है. की द्वीप जाते हुए बरबस ही ध्यान खींच जाता है, जब निगाह पड़ती है प्रवालगढ़ लिखे हुए नामपट्ट(साइन बोर्ड) पर. .पत्थरों से बने अहाते के दीवार […] Read more »
कहानी कहानी / कौशल्या April 16, 2012 by आर. सिंह | Leave a Comment आर. सिंह कभी कभी अचानक कुछ ऐसा घटित हो जाता है जिसका पहले से आभास भी नहीं रहता. मेरे साथ भी पिछले दिनों कुछ ऐसा ही गुजरा.आज मै सोचता हूँ कि वह क्या था सत्य था या मात्र स्वप्न? एक लम्बे अरसे के बाद मैं इस इलाकें में आया था.वर्षों बीत गए जब मैं पिछली […] Read more »
कहानी कहानी – शौक March 21, 2012 / March 21, 2012 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो शाम का वक्त था, सूरज अपनी दिन भर की मेहनत करके घर वापसी की ओर लोट रहा था। ठीक उसी तरह जैसे कोई दिहाडी मजदूर शाम होते ही अपने घर की राह पकडने की ओर आतुर रहता है। कोई 70-72 साल का एक बुजुर्ग अपनी एक टूटी सी साईकिल पर अपने भविष्य की धरोहर, एक […] Read more » stories Story कहानी कहानी - शौक
कहानी कहानी ; एक मुट्ठी खुशी March 9, 2012 / March 12, 2012 by राजकुमार सोनी | Leave a Comment – राजकुमार सोनी मिस्टर और मिसेज रायजादा बगीचे में बैठे हैं। जब से सरकारी नौकरी में आए थे लोग मिस्टर रायजादा के नाम से ही उनको पहचानते हैं। बगीचे में बहुत सारे बच्चे खेल रहे हैं और हम दोनों इन्हीं में अपने बच्चों का बचपन याद करके हंस रहेथे। ये हम दोनों की ही आदत […] Read more » stories Story एक मुट्ठी खुशी कहानी
कहानी कहानी ; मैं जिंदा हूं March 7, 2012 / March 7, 2012 by राजकुमार सोनी | Leave a Comment – राजकुमार सोनी बचपनसे शायद जब मैं 7-8 साल की रही हूंगी तब से ही अछूत थी। मुझे छूने सेलोगों में वायरस फैल जाता था। वायरस भी कोई साधारण नहीं बहुत भयानक था।इसलिए लोग मुझसे ज्यादा बात नहीं करते थे। वैसे तो हम दो बहनें और एक भाईथा। भाई हम दोनों बहनों के बीच में […] Read more » stories Story कहानी मैं जिंदा हूं
कहानी एक कदम जिंदगी की ओर March 6, 2012 / March 6, 2012 by राजकुमार सोनी | Leave a Comment राजकुमार सोनी बहुत दिनों से मेरी कलम शांत थी कोई विषय नहीं मिल रहा था मन बैचेन हुआ तो ऐसे ही गार्डन की ओर चल पड़ी। आज शनिवार था और बच्चों की स्कूल की छुट्टी थी। इसलिए आज उनकी टीचर सुबह ही आने वाली थी। तब तक मैंने सोचा दोनों बच्चों के लिए उनकी पसंद […] Read more » कहानी-एक कदम जिंदगी की ओर
कहानी हीरा मंडी March 5, 2012 by राजकुमार सोनी | Leave a Comment राजकुमार सोनी आज बाजार में बहुत चहल-पहल है, गाना बजाना रास्ते भर औरतें सज-संवरकर खड़ी थीं और क्यों न हों, आज पूरा बाजार ग्राहकों से भरा पड़ा था। कजरी बाई का कोठा सबसे ज्यादा गुलजार था, क्योंकि उस बाजार की दो हुस्न परियां उसके कोठे की शान थीं- शानो और मलिका। इस बाजार में बड़े-बड़े […] Read more » हीरा मंडी
कहानी तूफान March 2, 2012 / March 2, 2012 by आर. सिंह | Leave a Comment आर सिंह दो दिनों से लगातार घोषणा हो रही थी कि लॉस एंजेलस में भयंकर तूफ़ान आने की संभावना है.बार बार चेतावनियाँ भी दी जा रही थी.यह भी बताया जा रहा था कि इस तूफ़ान में वायु की गति प्रति घंटे सत्तर मील से अधिक हो सकती है.रश्मि विधिवत अपने नित्य के कार्यों में लगी […] Read more » story by R.Singh
कहानी कहानी/ कैकेई का अंतर्द्वंद्व February 7, 2012 / February 9, 2012 by आर. सिंह | Leave a Comment आर. सिंह आज कैकेई बहुत प्रसन्न थी.महाराज दशरथ ने उसे अपने साथ युद्ध में जाने की अनुमति दे दी थी. कैकेई भी अजीब नारी थी.कैकेय नरेश की वह लाडली शैशवाश्था से अस्त्र शस्त्रों से खेलने की अभ्यस्त हो गयी थी. ऐसे भी राजा की लाडली सुपुत्री होने के कारण उसे .गृह कार्य सीखने की कोई […] Read more » kaikaye ramayan कैकेई का अंतर्द्वंद्व
कहानी कैकेई का अंतर्द्वंद्व February 7, 2012 / February 7, 2012 by आर. सिंह | 2 Comments on कैकेई का अंतर्द्वंद्व आज कैकेई बहुत प्रसन्न थी।महाराज दशरथ ने उसे अपने साथ युद्ध में जाने की अनुमति दे दी थी। कैकेई भीअजीब नारी थी।कैकेय नरेश की वह लाडली शैशवस्था से अस्त्र शस्त्रों से खेलने की अभ्यस्त हो गयी थी। ऐसे भी राजा की लाडली सुपुत्री होने के कारण उसे ।गृह कार्य सीखने की कोई आवश्यकता थी नहीं।राजकुमारियाँ […] Read more » ramayan story of kaikaiye कैकेई का अंतर्द्वंद्व शैशवस्था