कहानी किसकी जीत किसकी हार? January 7, 2012 / January 7, 2012 by राम कृष्ण | 1 Comment on किसकी जीत किसकी हार? रामकृष्ण प्रदेश लोक संगठन (ज़ेड) के उपाध्यक्ष सुदामा पांडे के संबंध में यह जगज़ाहिर था कि उनका सम्पूर्ण परिवार ही नेताओं का है. प्रदेश के आधे से अधिक नेता या तो उनके संबंधी थे, या चेले. स्वयं घर में बड़ा लड़का रमेश देश के एक बहुत बड़े नेता का राजनीतिक सचिव था, छोटा पुत्र अविनाश […] Read more » story by Ram krishna किसकी जीत किसकी हार?
कहानी कहानी : वह विदेशी लड़की December 9, 2011 / December 9, 2011 by आर. सिंह | 2 Comments on कहानी : वह विदेशी लड़की आर. सिंह वह अचानक ही यहाँ मिल गयी थी. मैं अपने मित्र के साथ छुट्टियाँ बिताने सियाटल आया हुआ था मेरा मित्र सपत्निक यहाँ रहता था . मुझे अमेरिका आये हुए अधिक दिन नहीं हुए थे. पर मैं अमेरिका आने का प्रयत्न तो बहुत दिनों से कर रहा था.मेरा अमेरिका आने का स्वप्न तो और […] Read more » foreign girl विदेशी लड़की
कहानी आर. सिंह की कहानी / वर्दी November 17, 2011 / November 28, 2011 by आर. सिंह | 3 Comments on आर. सिंह की कहानी / वर्दी ये घोड़ों के टापों की आवाज ? ये हलचल सी और उसके साथ उठती हुई भयानक चीखें? ये गिरती हुई इमारत और उड़ती हुई धूल? ये सब आप क्या कह रहे हैं? मेरी समझ में तो कुछ भी नही आ रहा है? शाम का धुंधलका अभी पूरी तरह फैला नहीं था, पर पता नहीं आसमान […] Read more » story vardi
कहानी आखिर समस्या कहाँ हैं ? November 16, 2011 / November 28, 2011 by राजीव गुप्ता | 2 Comments on आखिर समस्या कहाँ हैं ? राजीव गुप्ता आज ऑफिस जाना कैंसिल….कितनी अच्छी बारिश हो रही है ….है न गीत ? नारायण ने अपनी पत्नी कम दोस्त ज्यादा , अर्धांग्नी गीत से बरामदे में लगे झूले पर झूलते हुए चाय की चुस्की के साथ पूछा ( सभी पात्र और नाम काल्पनिक हैं ) ! सही कह रहे हो….चलो आज मै भी छुट्टी मार लेती हूँ …. पता नहीं क्यों आज […] Read more » Where is the Problem? समस्या कहाँ हैं
कहानी लघुकथा / पुण्य October 27, 2011 / December 5, 2011 by अर्पित बंसल | Leave a Comment अर्पित बंसल दिन भर के अथक परिश्रम व बाबुओं की आवाज पर भागदौड करने के बाद जैसे ही ननकू ने अपनी साइकिल उठाई पीछे से आती एक आवाज ने उसके कदम रोक दिये ! “अरे ननकू जरा रुकना”, कार्यालय के सबसे बड़े अधिकारी वर्मा जी उसे अपनी मृदु आवाज मे रुकने का इशारा कर रहे […] Read more » fable लघुकथा
कहानी एक लोक कथा : आश्रय—पथ; पाथेय—दुःख October 14, 2011 / December 5, 2011 by गंगानन्द झा | Leave a Comment गंगानन्द झा बहुत दिन हुए, दूर के एक देश से होकर कुछ वीर सैनिक अपने अपने घोडों पर सवार होकर चले जा रहे थे । उनकी राह एक घने जंगल से होकर थी, जहाँ उलझी लताएँ काफी घनी और मजबूत हुआ करती थी ; ये इस राह पर भटक गए लोगों की मांसपेशियों को चीर-चीर […] Read more » lok katha एक लोक कथा
कहानी लाल और काली रात October 6, 2011 / December 5, 2011 by गंगानन्द झा | Leave a Comment गंगानन्द झा (सैयद अलावल, सतरहवी शताब्दी के बंगाल का महान कवि, की कविता,जिसकी नाव पुर्तगाली लुटेरो और तूफान का सामना करती हुई अराकान पँहुची थी।) लाल और काली रात ; लाल और काली रात में एक हरी नाव हिलती, डोलती, तूफान में फॅंसी,चकित,डरी हुई अरकान के तट की ओर बढ़ रही थी। लेकिन तूफान आया […] Read more » black night काली रात
कहानी तीन कहानियाँ है जो भारत के भविष्य की नयी इबारत लिखेंगी September 22, 2011 / December 6, 2011 by पूजा शुक्ला | 2 Comments on तीन कहानियाँ है जो भारत के भविष्य की नयी इबारत लिखेंगी इस इबारत की पहली कहानी धृतराष्ट्र के ’कृष्ण’ घिर गए है, जनता पार्टी नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने २१ सितम्बर २०११ को सुप्रीम कोर्ट में एक पत्र दिखाया जो २५ मार्च, २०११ को प्रणब दा के वित्त मंत्रालय ने प्रधानमंत्री कार्यालय को लिखा था . उसमे लिखा था कि अगर पूर्व वित्तमंत्री चाहते तो, २क्र स्पेक्ट्रम […] Read more » Future of India
कहानी वह कहानी लेखक बनना चाहता था. September 22, 2011 / December 6, 2011 by आर. सिंह | Leave a Comment देव को बचपन से हीं पुस्तकें पढने का बहुत शौक था.अब तो उसे यह भी याद नहीं है कि कौन कौन सी पुस्तकें पढी उसने उन दिनों.आज वह सोचता है कि न जाने कब और कैसे चाट पडी उन पुस्तकों की. पुस्तकों की चाट ने उसके जीवन में नाटकीयता का समावेश भी कर दिया.अनजाने में […] Read more » R Singh आर सिंह कहानी कहानी लेखक
कहानी कहानी/ चकाचौंध से परे August 11, 2011 / December 7, 2011 by आर. सिंह | Leave a Comment आर. सिंह “चा ऽ चा ऽ”.यह आवाज कानों में पडते हीं मैं थोडा ठीठका.फिर सोचा यह आवाज यहाँ कहाँ से आ सकती है?यह तो मेरे गाँव,मेरे इलाके की आवाज थी और मैं तो गुजर रहा था,कोलकाता में चौरंगी से. आवाज फिर कानों में टकराई,”चा ऽ चा ऽ”. वही खींची हुई आवाज.”हम आप हीं को पुकार […] Read more » Story चकाचौंध से परे
कहानी कहानी/ डॉ. (मिस) मारग्रेट July 26, 2011 / December 8, 2011 by आर. सिंह | Leave a Comment आर. सिंह इस कहानी के तीन मुख्य पात्र हैं.डा.(मिस) मारग्रेट,श्रीमती शीला सिंह और गौतम सिंह.श्रीमती शीला सिंह गौतम सिंह की पत्नी नहीं थी.वह गौतम सिंह की साली थी,यानि उनके पत्नी की छोटी बहन.शीला सिंह का विवाह जनार्दन सिंह के साथ हुआ था,जो मेडिकल कालेज का अंतिम वर्ष का छात्र था.गौतम सिंह उसी शहर में रहता […] Read more »
कहानी कहानी / प्रश्नचिह्न(?) July 12, 2011 / December 9, 2011 by आर. सिंह | 2 Comments on कहानी / प्रश्नचिह्न(?) आर. सिंह मार्क्स ने कहा था, “चर्च का पुजारी जानता है कि ईश्वर नहीं है, और अगर है भी तो चर्च में तो कभी नहीं आयेगा.” मोहन ने यह पढा था और यह बात घर कर गयी थी उसके दिल में. वह था भी कुछ असाधारण सा.बचपन से ही अत्यंत तीव्र बुद्धि वाला होते हुए […] Read more » God ईश्वर