लेख विधि-कानून जब जज ही कानून के घेरे में होंतो भरोसे की दीवारें हिलती हैं April 21, 2025 / April 21, 2025 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment अशोक कुमार झा देश की न्याय व्यवस्था पर लोगों का विश्वास बहुत गहरा होता है। जब सारे दरवाजे बंद हो जाते हैं, तब इंसान न्यायपालिका की ओर देखता है, एक अंतिम उम्मीद के साथ लेकिन जब उसी संस्था पर सवाल खड़े होने लगेंगे तो सोचिए, आम आदमी का भरोसा कहां जाकर टिकेगा? हाल ही में कुछ जजों के […] Read more » उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़
लेख मनुष्य और प्रकृति का रिश्ता है शाश्वत ! April 21, 2025 / April 21, 2025 by सुनील कुमार महला | Leave a Comment हाल ही में जम्मू-कश्मीर में बादल फट जाने से बहुत तबाही मची।सच तो यह है कि प्रकृति समय-समय पर मानव को अपना प्रकोप दिखा रही है और कहीं न कहीं मानव को आगाह कर रही है कि अभी भी यदि हमने अपने पर्यावरण और प्रकृति पर ध्यान नहीं दिया तो आने वाले समय में हमें […] Read more » The relationship between man and nature is eternal मनुष्य और प्रकृति
लेख मानव सभ्यता को बचाने के लिये पृथ्वी संरक्षण जरूरी April 21, 2025 / April 21, 2025 by ललित गर्ग | Leave a Comment विश्व पृथ्वी दिवस -22 अप्रैल 2025-ललित गर्ग- प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से निपटने और जैव विविधता संकट को रोकने के लिए कार्रवाई का एक क्रांतिकारी आह्वान है पृथ्वी दिवस जो पूरे विश्व में 22 अप्रैल को मनाया जाता है। पृथ्वी या सृष्टि के संरक्षण और स्थिरता के लिए जागरूकता पैदा करना इसलिये आवश्यक […] Read more » पृथ्वी संरक्षण विश्व पृथ्वी दिवस -22 अप्रैल
लेख महाकाव्य और खयाली इतिहास अध्याय – 15 April 20, 2025 / April 22, 2025 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment इतिहास का विकृतिकरण और नेहरू (डिस्कवरी ऑफ इंडिया की डिस्कवरी) डॉ राकेश कुमार आर्य महाकाव्य रामायण और महाभारत के साथ-साथ पुराणों के बारे में लिखते हुए नेहरू जी ने अपना मत प्रकट किया है। वे लिखते हैं कि- “इनमें सच्ची घटनाएं और गढ़े हुए किस्से इस तरह एक दूसरे में मिल गए हैं कि दोनों […] Read more » इतिहास का विकृतिकरण और नेहरू महाकाव्य और खयाली इतिहास
लेख तब था धरती पर अंधकार अध्याय – 14 April 19, 2025 / April 22, 2025 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment इतिहास का विकृतिकरण और नेहरू (डिस्कवरी ऑफ इंडिया की डिस्कवरी ) डॉ राकेश कुमार आर्य नेहरू जी द डिस्कवरी ऑफ इंडिया अर्थात हिंदुस्तान की कहानी नामक अपनी पुस्तक के पृष्ठ 101 पर मैक्स मूलर के इस कथन को भारत के संदर्भ में बड़े गर्व के साथ लिखते हैं कि- “अगर हम सारी दुनिया की खोज […] Read more » इतिहास का विकृतिकरण इतिहास का विकृतिकरण और नेहरू
आर्थिकी लेख अमेरिका के टैरिफ का चीन पर प्रभाव April 17, 2025 / April 17, 2025 by शिवानंद मिश्रा | Leave a Comment शिवानंद मिश्रा चीन की पूरी अर्थव्यवस्था और जीडीपी एक्सपोर्ट आधारित है. चीन दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जिसकी जीडीपी का 65% एक्सपोर्ट से आता है. इतना बड़ा एक्सपोर्ट दुनिया में कोई भी देश नहीं करता जितना बड़ा एक्सपोर्ट चीन करता है. अमेरिका चीन के लिए सबसे बड़ा बाजार था. अमेरिका के किसी भी मॉल में […] Read more » Impact of US tariffs on China अमेरिका के टैरिफ
लेख ‘काफिर’ शब्द की गलत व्याख्या व उपयोग किसी भी समाज की एकता के लिए खतरनाक April 16, 2025 / April 16, 2025 by गौतम चौधरी | Leave a Comment गौतम चौधरी शब्दों में रिश्तों को प्रभावित करने बेहतर क्षमता होती है। यही नहीं, शब्दों में लोगों की धारणा को बदलने और लोगों को एक साथ लाने या उन्हें अलग करने की भी अपार क्षमता होती है। आज हम एक ऐसे शब्द पर चर्चा करने वाले हैं जिसकी न केवल गलत तरीके से व्याख्या की जाती […] Read more » काफिर
लेख सही नहीं धर्म राष्ट्र एवं संप्रदाय को व्यापार से जोड़ना April 16, 2025 / April 16, 2025 by डॉ घनश्याम बादल | Leave a Comment डॉ घनश्याम बादल बाबा रामदेव एक बार फिर चर्चा में हैं । वैसे वे ऐसे बाबा हैं जिन्हें चर्चा में रहने के ‘फन’ में उस्तादी हासिल है । कभी साइकिल के करियर पर लकड़ी की संदूकची रखकर चूरण और दवाइयां बेचने वाला हरियाणा का दुबला पतला यदुवंशी दाढ़ीधारी रामदेव नाम का साधु जैसा व्यक्ति किस […] Read more » धर्म राष्ट्र एवं संप्रदाय को व्यापार से जोड़ना
लेख समाज वफ़ा के लिए तड़पते मर्द और बेवफ़ाई पर चुप समाज, आखिर क्यों ? April 16, 2025 / April 16, 2025 by पारसमणि अग्रवाल | Leave a Comment वफ़ा के लिए तड़पते मर्द पारसमणि अग्रवाल जब भी कोई रिश्ता टूटता है, समाज बिना सुने, बिना समझे और बिना परखे सीधे लड़के को कठघरे में खड़ा कर देता है। लड़की रोती है, वो मासूम है। लड़का चुप है – वो गुनहगार है। लड़की रिश्ता तोड़े – स्वतंत्रता की मिसाल। लड़का रिश्ता छोड़े – बेवफा। […] Read more » Men yearn for loyalty and society remains silent on infidelity वफ़ा के लिए तड़पते मर्द
लेख मनुष्य के दुश्मन नहीं, हितकारी हैं समस्त पशु-पक्षी ! April 14, 2025 / April 16, 2025 by सुनील कुमार महला | Leave a Comment सुनील कुमार महला सोशल नेटवर्किंग साइट्स के फायदे भी बहुत हैं। हाल ही में फेसबुक पर राजस्थान के एक स्थानीय यू-ट्यूब रील्स कलाकार(कामेडियन) की एक फेसबुक पोस्ट देखी। पोस्ट ने इस लेखक को बहुत अधिक प्रभावित किया। दरअसल, यह पोस्ट भीषण गर्मी में रेगिस्तान में पशुओं को पानी पिलाने के संदर्भ में थी। राजस्थान में […] Read more » हितकारी हैं समस्त पशु- पक्षी
लेख बेहाल वृद्धों के लिये आयोग बनना एक सराहनीय कदम April 14, 2025 / April 16, 2025 by ललित गर्ग | Leave a Comment – ललित गर्ग –केरल भारत का पहला राज्य बन गया है जिसने वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयोग स्थापित करने के लिए एक कानून पारित किया है। यह एक सराहनीय एवं स्वागत योग्य पहल होने के बावजूद एक बड़ा सवाल भी खड़ा करती है कि आखिर भारत के बुजुर्ग इतने उपेक्षित एवं प्रताड़ित क्यों है? केरल […] Read more » Formation of a commission for distressed elderly is a laudable step वृद्धों के लिये आयोग
लेख प्राइवेट सिस्टम का खेल: आम आदमी की जेब पर हमला April 11, 2025 / April 11, 2025 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment भारत में शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी अधिकार आज निजी संस्थानों के लिए मुनाफे का जरिया बन चुके हैं। प्राइवेट स्कूल सुविधाओं की आड़ में अभिभावकों से मनमाने शुल्क वसूलते हैं—ड्रेस, किताबें, यूनिफॉर्म, कोचिंग—सब कुछ महँगा और अनिवार्य बना दिया गया है। वहीं, प्राइवेट हॉस्पिटल डर और भ्रम का माहौल बनाकर मरीजों से मोटी रकम […] Read more » The game of the private system: Attack on the common man's pocket प्राइवेट सिस्टम का खेल