महत्वपूर्ण लेख लेख समाज साहित्य देश का वास्तविक गद्दार कौन? गांधी-नेहरू या सावरकर, भाग-8 April 7, 2016 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment जब शास्त्रीजी ने सावरकरजी को देना आरंभ किया था मानधन हमने पूर्व के आलेखों में स्पष्ट किया था कि वीर सावरकर और नेताजी सुभाषचंद्र बोस के आदर्श वीर शिवाजी थे। यही कारण था कि उनके लिए राष्ट्र सर्वप्रथम था। उन दिनों लुई फिशर भारत की यात्रा पर आये थे। देश के विभाजन की संभावनाएं बड़ी […] Read more » गांधी देश नेहरू सावरकर
लेख साहित्य शिकार करने का जन्मसिद्ध अधिकार April 5, 2016 by आरिफा एविस | Leave a Comment एक बार जंगल राज्य में राजा का चुनाव होना था. अजी चुनाव क्या… बस खाना-पूर्ति तो करनी थी ताकि जंगल लोकतंत्र का भी ख्याल रखा जा सके. भला वर्षों पुरानी इस प्राचीन प्रथा को नया जंगल निजाम कैसे बदल सकता है? जंगल के राजा के चुनाव में कोई जीते या हारे … राजा तो नागनाथ […] Read more » Featured जन्मसिद्ध अधिकार शिकार
लेख शख्सियत साहित्य ‘सेल्यूलॉयड मैन’ पीके नायर को याद करते हुए April 5, 2016 / April 5, 2016 by मनोज कुमार | Leave a Comment मनोज कुमार 50 साल पहले लगभग-लगभग 32-35 साल का एक युवा बनाना तो फिल्में था लेकिन उसकी रूचि सिनेमा के इतिहास को संजोने की हुई. एक बड़े सपने को लेकर छोटी सी कोशिश करने वाले परमेश कृष्णनन नायर ने अपने हौसले से एक ऐसे संग्रहालय गढ़ दिया जिसे आज हम नेशनल फिल्म आर्काइव ऑफ इंडिया […] Read more » ‘सेल्यूलॉयड मैन’ Featured pk nair remembering saluloid man पीके नायर
मीडिया लेख विधि-कानून विविधा साहित्य तब सम्पादक की जरूरत ही क्यों है ? April 2, 2016 by मनोज कुमार | Leave a Comment मनोज कुमार इस समय की पत्रकारिता को सम्पादक की कतई जरूरत नहीं है। यह सवाल कठिन है लेकिन मुश्किल नहीं। कठिन इसलिए कि बिना सम्पादक के प्रकाशनों का महत्व क्या और मुश्किल इसलिए नहीं क्योंकि आज जवाबदार सम्पादक की जरूरत ही नहीं बची है। सबकुछ लेखक पर टाल दो और खुद को बचा ले जाओ। […] Read more » Featured need of editor तब सम्पादक की जरूरत ही क्यों है
महत्वपूर्ण लेख लेख समाज साहित्य देश का वास्तविक गद्दार कौन? गांधी-नेहरू या सावरकर, भाग-6 April 2, 2016 by राकेश कुमार आर्य | 2 Comments on देश का वास्तविक गद्दार कौन? गांधी-नेहरू या सावरकर, भाग-6 जब सुभाष के मार्गदर्शक बने वीर सावरकर जब क्रांतिवीर सावरकर ने 26 फरवरी 1966 को अपना नाशवान शरीर त्यागा तो उस समय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपनी भावना व्यक्त करते हुए कहा था-‘‘सावरकर जी की मृत्यु से विद्यमान भारत के एक महान व्यक्ति को हमने खो दिया।’’ बात स्पष्ट है कि इंदिराजी की दृष्टि में […] Read more » who is the real traitor of India गांधी देश का वास्तविक गद्दार नेहरू सावरकर हिंदुओं का सैनिकीकरण
मनोरंजन लेख सिनेमा रोमांस से डूबा करिअर! April 2, 2016 / April 2, 2016 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment कंगना रानाउत ने कुछ समय पहले एक और धमाका किया था। अपने संघर्ष के दिनों के अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने कहा था कि किसी हीरो से रोमांटिक रिश्तो जोड़ने में किसी हीरोइन की पसंद या नापसंद को तरजीह नहीं दी जाती। कुछ को करिअर की खातिर समझौता करना पड़ता है तो कुछ भावनात्मक […] Read more » #bollywood in hindi #film article in hindi actor Shahrukh Khan Dilip Kumar Dilip Kumar's career Featured Film Industry films Heroine Kamini Kaushal Kangana Ranaut Marital relationship relationship Shahrukh and Priyanka प्रियंका चोपड़ा रोमांस से डूबा करिअर! शाहरुख खान
महत्वपूर्ण लेख लेख समाज साहित्य देश का वास्तविक गद्दार कौन? भाग-5 April 2, 2016 by राकेश कुमार आर्य | 1 Comment on देश का वास्तविक गद्दार कौन? भाग-5 बात दिसंबर 1929 की है। यही वह वर्ष और महीना था जब कांग्रेस भारत की स्वतंत्रता के लिए अपनी पुरानी मांग ‘अधिशासी अधिराज्य’ अर्थात डोमिनियन स्टेटस-को छोडक़र पूर्ण स्वराज्य की मांग करने वाली थी, और इसी माह के अंत में कांग्रेस ने लाहौर में अपनी बैठक में पूर्ण स्वाधीनता का संकल्प प्रस्ताव पारित कर दिया। […] Read more » who is the real traitor of India गद्दार देश का गद्दार देश का वास्तविक गद्दार कौन
लेख समाज साहित्य देश का वास्तविक गद्दार कौन? भाग-4 March 31, 2016 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment गांधी जी अपने स्वभाव से ही हिंदू विरोधी थे। इसे आप ऐसे भी कह सकते हैं कि बापू देश का विभाजन कराने के लिए आतुर शक्तियों या व्यक्तियों के सामने इतने झुक गये थे कि वह ‘हिंदू विरोधी’ हो गये थे। इन्दुलाल याज्ञिक ने अपनी पुस्तक ‘गांधीजी’ (पृष्ठ 195) पर लिखा है-‘‘हम पुराने जेल खाने […] Read more » Featured देश का वास्तविक गद्दार कौन
राजनीति लेख समाज साहित्य देश का वास्तविक गद्दार कौन? गांधी-नेहरू या सावरकर, भाग-3 March 30, 2016 / March 30, 2016 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment गांधीजी आजीवन अहिंसा की बात करते रहे। कांग्रेस ने भी इसे अपनाने की घोषणाएं की और स्वतंत्रता के पश्चात यह भी प्रचारित किया कि देश को आजादी केवल गांधीजी की अहिंसा के कारण ही मिली है। इस पर 1961 ई. में वीर सावरकर जी ने एक लेख लिखा-‘क्या स्वराज्य का श्रेय केवल कांग्रेस को ही […] Read more » Featured who is the real traitor of India गांधी देश का वास्तविक गद्दार कौन नेहरू सावरकर
महत्वपूर्ण लेख राजनीति लेख समाज देश का वास्तविक गद्दार कौन? गांधी-नेहरू या सावरकर March 28, 2016 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment भाग-2 देश की राष्ट्रभाषा हिंदी के साथ कांग्रेस की दोगली और राष्ट्रद्रोही मानसिकता प्रारंभ से ही रही। वह यह निर्णय नही कर पाई कि इस देश की राष्ट्रभाषा और राजभाषा हिंदी ही रहेगी और उसे धीरे-धीरे संस्कृतनिष्ठ बनाकर देश की अन्य भाषाओं के उन शब्दों का संस्कृत मूल खोजकर भी उसमें डाला जाएगा जो थोड़े […] Read more » Featured traitor of country India गद्दार गांधी देश नेहरू सावरकर
लेख साहित्य कोशल का बौद्ध कालीन नगरक निगम इतिहास एवं पुरातात्विक प्रमाण March 28, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा.राधेश्याम द्विवेदी परिचय एवं अवस्थिति:- नगरक निगम,नगर बाजार,नगर खास, कपिल नगर एवं औरंगाबाद नगर आदि विविध नामों से पुकारा जाने वाला यह ग्राम पंचायत बस्ती जिले व मण्डल की दूसरी सबसे बड़ी ग्राम पंचायत है। जिले व मण्डल की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत इसी तहसील तथा पुराने राज्य क्षेत्र का अंश गनेशपुर है। नगर खास […] Read more » Featured इतिहास कोशल का बौद्ध कालीन नगरक निगम पुरातात्विक प्रमाण बौद्ध कालीन नगरक निगम
लेख नर सेवा नारायण सेवा March 25, 2016 by विजय कुमार | Leave a Comment आज शेरगढ़ में न कोई दुकान खुली थी और न स्कूल। चूंकि आज ‘निरंजन बाबा’ के अस्थिकलश को भूसमाधि दी जाने वाली थी। पूरा गांव वहीं एकत्र था। सबको लग रहा था कि ‘बाबा’ नहीं, उनका कोई सगा-सम्बन्धी ही चला गया है। सचमुच ‘बाबा’ का व्यक्तित्व था ही ऐसा। निरंजन बाबा के पिताजी उस इलाके […] Read more » नर सेवा नारायण सेवा