लेख समाज स्किल्स और विशेषज्ञता के साथ अच्छा इंसान बनना सिखाता है ‘शिक्षक’ September 4, 2024 / September 4, 2024 by डॉ. पवन सिंह मलिक | Leave a Comment […] Read more » 'Teacher' teaches to become a good person with skills and expertise
लेख गुरू कुम्हार शिष्य कुंभ है ! September 4, 2024 / September 4, 2024 by सुनील कुमार महला | Leave a Comment सभी जानते हैं कि 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। शिक्षक का मतलब है-” विद्या या ज्ञान देने वाला।” या दूसरे शब्दों में कहें तो शिक्षा देने वाले को शिक्षक कहते हैं। सर्वप्रथम यही कहना चाहूंगा कि -“अज्ञान तिमिरान्धस्य ज्ञानाञ्जन शलाकया । चक्षुरुन्मीलितं येन तस्मै श्री गुरवे नम:।”यानी कि ज्ञान […] Read more » अज्ञान तिमिरान्धस्य ज्ञानाञ्जन शलाकया । चक्षुरुन्मीलितं येन तस्मै श्री गुरवे नम:
लेख समाज भारतीयता के अनुरूप शिक्षा से ही नया भारत संभव September 4, 2024 / September 4, 2024 by ललित गर्ग | Leave a Comment शिक्षक दिवस- 5 सितम्बर 2024 पर विशेष– ललित गर्ग-शिक्षक उस माली के समान है, जो एक बगीचे को अलग अलग रूप-रंग के फूलों से सजाता है। जो छात्रों को संकटों में भी मुस्कुराकर चलने के लिए प्रेरित करता है। आज शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र-निर्माण एवं शिक्षा को हर घर तक पहुंचाने के लिए तमाम […] Read more » New India is possible only through education according to Indianness
राजनीति लेख शिक्षा ज्ञान परम्परा पर आधारित हो September 4, 2024 / September 4, 2024 by डॉ. सौरभ मालवीय | Leave a Comment -डॉ. सौरभ मालवीय शिक्षा को लेकर समय-समय पर अनेक प्रश्न उठते रहते हैं जैसे कि शिक्षा पद्धति कैसी होने चाहिए? पाठ्यक्रम कैसा होना चाहिए? विद्यार्थियों को पढ़ाने का तरीका कैसा होना चाहिए? वास्तव में स्वतंत्रता से पूर्व देश में अंग्रेजी शासन था। अंग्रेजों ने अपनी सुविधा एवं आवश्यकता के अनुसार शिक्षा पद्धति लागू की। […] Read more » Education should be based on knowledge tradition
धर्म-अध्यात्म लेख मेरे मानस के राम : अध्याय 38 September 3, 2024 / September 4, 2024 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment कुंभकर्ण का वध कुंभकर्ण ने अपने भाई विभीषण को अपने आगे से सम्मान पूर्वक शब्दों के माध्यम से हटा दिया। कुंभकर्ण जानता था कि इस महाविनाशकारी युद्ध में उसके सहित सारी राक्षस सेना मारी जाएगी। अंत में रावण भी मारा जाएगा। ऐसे में विभीषण को सुरक्षित रहना चाहिए। अतः अच्छा यही होगा कि मैं उन […] Read more »
धर्म-अध्यात्म लेख मेरे मानस के राम : अध्याय 37 September 2, 2024 / September 4, 2024 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment कुंभकर्ण रावण संवाद रामचंद्र जी यद्यपि बहुत ही सौम्य प्रकृति के व्यक्ति थे, पर उनके भीतर आज सात्विक क्रोध अर्थात मन्यु अपने चरम पर था। वीरों का क्रोध भी सात्विक होता है। जिसमें नृशंसता , क्रूरता , निर्दयता और अत्याचार की भावना दूर-दूर तक भी नहीं होती। उन्हें क्रोध भी लोक के उपकार के लिए […] Read more »
मीडिया लेख शख्सियत समाज श्री उमेश उपाध्याय : मौत आई भी तो इतने चुपके से …. September 2, 2024 / September 4, 2024 by मयंक चतुर्वेदी | Leave a Comment डॉ. मयंक चतुर्वेदी अब हमारे बीच हैं, आदरणीय भाईसाहब उमेश उपाध्याय जी की स्मृतियां….वे कल तक, नहीं-नहीं…आज सुबह तक हमारे ही साथ थे, चहचहा रहे थे, अपने ज्ञान के महासागर में से चुन-चुन कर मोती दे रहे थे, जिन्हें पन्ना-माणिक्य चाहिए थे, वे उन्हें भी निराश नहीं करते…अपनी बिंदास हंसमुख शैली और तमाम ज्ञान धाराओं […] Read more » श्री उमेश उपाध्याय
धर्म-अध्यात्म लेख मेरे मानस के राम : अध्याय 36 September 1, 2024 / September 4, 2024 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment रावण चरित् और रामायण अभी तक वानर दल का कोई भी सेनापति या योद्धा लंकाधिपति रावण के बल की थाह नहीं कर पाया था। जिस रावण की उपस्थिति में हनुमान जी ने लंका में आग लगा दी थी , आज उसी रावण को उनका वानर दल टस से मस नहीं कर पा रहा था। इससे […] Read more »
धर्म-अध्यात्म प्रवक्ता न्यूज़ लेख मेरे मानस के राम : अध्याय 35 August 31, 2024 / September 4, 2024 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment युद्ध क्षेत्र के लिए रावण का प्रस्थान रावण अपनी मूर्खता और अहंकार के कारण दिन प्रतिदिन अपने अनेक साथियों को खोता जा रहा था। उसके अनेक वीर योद्धा स्वर्ग सिधार चुके थे। यद्यपि ऊपरी तौर पर वह अभी भी घमंड के वशीभूत होकर पराजित होने का नाम नहीं ले रहा था। पर भीतर ही भीतर […] Read more »
धर्म-अध्यात्म पर्व - त्यौहार लेख मेरे मानस के राम : अध्याय 34 August 30, 2024 / August 29, 2024 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment रावण के अनेक वीरों का अंत मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम और लक्ष्मण जी के स्वस्थ होने से वानर दल में खुशी की लहर दौड़ गई। अब उन्हें यह विश्वास हो गया कि अगले दिन होने वाले युद्ध में उनकी विजय निश्चित है। रावण के गुप्तचरों ने उसे जाकर बता दिया कि राम और लक्ष्मण दोनों […] Read more » Ram of my mind: Chapter 34
धर्म-अध्यात्म लेख मेरे मानस के राम : अध्याय 33 August 29, 2024 / August 29, 2024 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment राम लखन को शरबंध से बांधना वाल्मीकि कृत रामायण से हमें पता चलता है कि मेघनाद ने अगले दिन क्रोध में भरकर सर्प के समान भीषण बाणों से राम और लक्ष्मण को युद्ध में बींध डाला । कपटी योद्धा इंद्रजित ने चालाकी से अपने आप को सभी सैनिकों की दृष्टि से ओझल रखते हुए राम […] Read more » मेरे मानस के राम : अध्याय 33
धर्म-अध्यात्म लेख वर्त-त्यौहार आत्मा के उन्नयन एवं उत्कर्ष महापर्व-पर्युषण August 29, 2024 / August 29, 2024 by देवेन्द्र कुमार | Leave a Comment पर्युषण महापर्व ( 31 अगस्त से 7 सितम्बर 2024) पर प्रकाशनार्थ-देवेन्द्र ब्रह्मचारी –जैनों का सर्वाधिक महत्वपूर्ण पर्व है पयुर्षण पर्व। यह पर्व ग्रंथियों को खोलने की सीख देता है। इस आध्यात्मिक पर्व के दौरान कोशिश यह की जाती है कि जैन कहलाने वाला हर व्यक्ति अपने जीवन को इतना मांज ले कि वर्ष भर की जो […] Read more » पर्युषण महापर्व