मीडिया लेख भरोसे एवं भारत की आवाज थे विरल पत्रकार मार्क टुली January 27, 2026 / January 27, 2026 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग- भारत की समकालीन इतिहास-यात्रा में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जो केवल घटनाओं का वृत्तांत नहीं लिखते, बल्कि समय की चेतना में घुल-मिलकर स्वयं इतिहास का हिस्सा बन जाते हैं। सर विलियम मार्क टुली, जिन्हें दुनिया भर में स्नेह और सम्मान से ‘मार्क टुली’ कहा गया, ऐसे ही विरल पत्रकार थे। उनका निधन […] Read more » a rare journalist Mark Tully was the voice of trust and India. मार्क टुली
लेख गणतंत्र का गौरव और राष्ट्र निर्माण की चुनौतियाँ January 26, 2026 / January 27, 2026 by ब्रह्मानंद राजपूत | Leave a Comment 77 वें गणतंत्र दिवस Read more » 77 वें गणतंत्र दिवस
लेख राष्ट्रीय संकट के समय राजपथ से संघ ने दिया एकजुटता का संदेश January 25, 2026 / January 27, 2026 by लोकेन्द्र सिंह राजपूत | Leave a Comment आज भी हम 1962 के भारत-चीन युद्ध को भूल नहीं पाते हैं। चीन ने भारत के विश्वास का कत्ल किया था। ‘हिन्दी-चीनी, भाई-भाई’ के हमारे नारे को धुंए में Read more » Republic Day parade and the RSS गणतंत्र दिवस की परेड और आरएसएस
लेख भारतीय संविधान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता January 25, 2026 / January 27, 2026 by विवेक रंजन श्रीवास्तव | Leave a Comment 26 जनवरी गणतंत्र दिवस विवेक रंजन श्रीवास्तव भारतीय संविधान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का संबंध लोकतंत्र की आत्मा से जुड़ा हुआ है। यह केवल एक कानूनी प्रावधान नहीं बल्कि नागरिक‑जीवन, राजनीतिक विमर्श और सामाजिक परिवर्तन का मूल प्रेरक सिद्धांत है। भारतीय संविधान की प्रस्तावना “विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, आस्था और उपासना की स्वतंत्रता” देने का संकल्प व्यक्त करती है जो अभिव्यक्ति […] Read more » 26 जनवरी गणतंत्र दिवस अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
लेख संवैधानिक मूल्य : गणतंत्र की आत्मा और नागरिक दायित्व January 25, 2026 / January 27, 2026 by बाबूलाल नागा | Leave a Comment 26 जनवरी गणतंत्र दिवस बाबूलाल नागा भारतीय संविधान केवल शासन चलाने का दस्तावेज नहीं, बल्कि एक जीवंत दर्शन है जो देश की आत्मा, उसकी चेतना और दिशा—तीनों को परिभाषित करता है। संविधान की उद्देशिका में निहित स्वतंत्रता, समता, समानता, बंधुता, संप्रभुता, समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र जैसे मूल्य पूरे संविधान की वैचारिक रीढ़ हैं। ये मूल्य “हम भारत के लोग” द्वारा स्वयं को दी गई वह सामूहिक प्रतिबद्धता हैं जो प्रत्येक नागरिक को अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी निरंतर स्मरण कराती है। संविधान का सच्चा सम्मान केवल औपचारिक आयोजनों से नहीं, बल्कि इन मूल्यों को अपने व्यवहार और सार्वजनिक जीवन में उतारने से होता है। भारत 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस की 77वीं वर्षगांठ मना रहा है। 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा द्वारा भारतीय संविधान को अंगीकार किया गया और 26 जनवरी 1950 को इसे देश की शासन व्यवस्था के रूप में लागू किया गया। यह वही ऐतिहासिक क्षण था, जब भारत औपनिवेशिक शासन की छाया से बाहर निकलकर एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप […] Read more » 26 जनवरी गणतंत्र दिवस
लेख गणतंत्र के सामने चुनौतियाँ : हमारा दायित्व January 25, 2026 / January 27, 2026 by शम्भू शरण सत्यार्थी | Leave a Comment शम्भू शरण सत्यार्थी गणतंत्र केवल शासन-प्रणाली का नाम नहीं है, यह एक जीवित चेतना है जो नागरिकों के आचरण, सोच और साहस से जीवित रहती है। 26 जनवरी 1950 को भारत ने स्वयं को गणराज्य घोषित करते हुए यह संकल्प लिया था कि सत्ता किसी व्यक्ति, वंश या वर्ग की बपौती नहीं होगी, बल्कि जनता […] Read more » गणतंत्र के सामने चुनौतियाँ
लेख ज्ञान-परंपरा से लौटती प्राचीन भारतीय गणतंत्र की गरिमा January 25, 2026 / January 27, 2026 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment संदर्भः गणतंत्र दिवस 26 जनवरी पर विशेष आलेख-प्रमोद भार्गवदुनिया के गणतंत्रों में भारत प्राचीन गणतंत्रों में से एक है। यहां के मथुरा, पद्मावती और त्रिपुरी जैसे अनेक हिंदू राष्ट्र दो से तीन हजार साल पहले तक केंद्रीय सत्ता से अनुशासित लोकतांत्रिक गणराज्य थे। केंद्रीय मुद्रा का भी इनमें चलन था। लेकिन भक्ति, अतिरिक्त उदारता, सहिश्णुता, […] Read more » गणतंत्र दिवस 26 जनवरी
लेख शिक्षा रोजगार का टिकट नहीं, जीवन का दर्शन बने January 24, 2026 / January 24, 2026 by ललित गर्ग | Leave a Comment विश्व शिक्षा दिवस कोरा उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन का अवसर है, यह सोचने का क्षण कि शिक्षा क्या है, किसके लिए है और किस दिशा में समाज को ले जा रही है। Read more » विश्व शिक्षा दिवस
लेख भारत में गणतंत्र की ढाई हजार वर्ष पुरानी परंपरा January 24, 2026 / January 27, 2026 by संदीप सृजन | Leave a Comment संदीप सृजन आधुनिक भारत ने 26 जनवरी 1950 को गणतंत्र व्यवस्था को स्वीकार कर अपने नीति नियम का लिखित कानून संविधान के रूप में लागू किया लेकिन भारत को दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक माना जाता है, और इसका राजनीतिक इतिहास भी उतना ही समृद्धता और विविधता लिए हुए है। भारत में गणतंत्र की अवधारणा ढाई हजार वर्ष […] Read more » भारत में गणतंत्र भारत में गणतंत्र की ढाई हजार वर्ष पुरानी परंपरा
लेख हजार स्वर्ण मंदिरों का शहर है कांचीपुरम January 24, 2026 / January 27, 2026 by लोकेन्द्र सिंह राजपूत | Leave a Comment – डॉ. लोकेन्द्र सिंह हिन्दू आस्था का प्रमुख केंद्र है तमिलनाडु का कांचीपुरम। हिन्दू वाङ्ग्मय में मोक्षदायिनी सप्तपुरियों का वर्णन आता है, उनमें कांचीपुरम भी शामिल है। अर्थात् कांची मोक्ष की भूमि है। ज्ञान-वैराग्य की भूमि है। संभवत: यही कारण है कि कांची को दक्षिण भारत की काशी भी कहते हैं। यह सप्तपुरियां भगवान शिव और विष्णु में बराबर-बराबर […] Read more » कांचीपुरम
लेख राष्ट्रीय मतदाता दिवस: लोकतंत्र की शक्ति और मताधिकार का महत्व January 24, 2026 / January 27, 2026 by ब्रह्मानंद राजपूत | Leave a Comment (‘राष्ट्रीय मतदाता दिवस’, 25 जनवरी 2026 पर विशेष आलेख) भारत में राष्ट्रीय मतदाता दिवस प्रत्येक वर्ष 25 जनवरी को मनाया जाता है। यह दिवस देश के हर नागरिक के लिए अत्यंत अहम है। यह दिन देशवासियों के लिये केवल एक औपचारिक दिन नहीं, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा को स्मरण करने का अवसर है। इस दिन […] Read more » राष्ट्रीय मतदाता दिवस राष्ट्रीय मतदाता दिवस 25 जनवरी
महिला-जगत लेख सम्मान, सुरक्षा और समानता का सवाल January 23, 2026 / January 23, 2026 by बाबूलाल नागा | Leave a Comment भारत में विकास और समानता की चर्चा तब तक अधूरी मानी जाती है जब तक उसमें बालिकाओं की स्थिति का ईमानदार मूल्यांकन न हो। 23 जनवरी को मनाया जाने वाला राष्ट्रीय बालिका दिवस इसी मूल्यांकन Read more » राष्ट्रीय बालिका दिवस